Monday, July 13, 2026
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कर सहायक भर्ती में सामने आया बड़ा घोटाला

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  • 443 रखने थे, 139 ही पास हुए, गुपचुप नियम बदल 304 फेल अभ्यर्थियों को दे दी नियुक्ति
  • वर्ष 2011 में दी गई थी नियुक्तियां, अब सूचना के अधिकार के तहत हुआ खुलासा

जयपुर । वर्ष 2011 में वाणिज्यिक कर विभाग द्वारा 443 पदों पर की गई कर सहायक की भर्ती में बड़ा घोटाला सामने आया है। विभाग ने 304 ऐसे अभ्यर्थियों को भी नियुक्ति दे दी, जिन्हें खुद विभाग ने प्रथम चरण की परीक्षा में फेल घोषित किया था। बावजूद इसके उन्हें दूसरे चरण की परीक्षा में शामिल किया गया। फिर उन्हें बकायदा नियुक्ति भी दे दी गई। यह बड़ा खुलासा जयपुर से हासिल सूचना के अधिकार के तहत ली गई जानकारियों में हुआ है।

विभाग ने बजट 2009 की घोषणा में 554 कर सहायकों की भर्ती निकाली थी। इनमें 20 फीसदी यानी 111 पद विभाग के मंत्रालयिक कर्मचारियों के लिए आवंटित किए गए, जबकि बाकी 443 पद अभ्यर्थियों से भरे जाने थे। नियम यह रखा गया कि प्रथम चरण में होने वाले दो पेपर में 200 में से न्यूनतम (40 फीसदी) 80 अंक हासिल करने पर ही उसे दूसरे चरण में होने वाली कंप्यूटर पात्रता परीक्षा में शामिल किया जाना था।

यहां रोचक यह रहा कि पहले चरण की परीक्षा में महज 139 अभ्यर्थी ही ऐसे थे, जो न्यूनतम 80 अंक हासिल कर पाए। शेष सभी फेल हो गए और उनका औसत प्राप्तांक भी महज 15 फीसदी ही रहा। विभाग के सामने संकट यह था कि 443 की तुलना में तीन गुणा यानी 1329 अभ्यर्थियों को दूसरे चरण के लिए बुलाना था।

ऐसे में विभाग ने गुपचुप यह रास्ता निकाला कि न्यूनतम अंकों की सीमा समाप्त कर फेल अभ्यर्थियों में से ही कुल 1190 अभ्यर्थियों का चयन कर लिया। फिर 1329 को दूसरे चरण के लिए बुलाया गया और अंत में 443 को नियुक्ति दे दी गई।
443 के तीन गुना 1329 की द्वितीय चरण में परीक्षा लेनी थी, लेकिन पास 139 ही हुए।

जो पूरी प्रक्रिया पर उठा रही सवाल

पहला नियम
पहले चरण की परीक्षा में 139 अभ्यर्थी ही पास हुए। फिर एकाएक नियमों में संशोधन कर फेल अभ्यर्थियों में से ही 1190 अभ्यर्थी और चयनित कर 1329 को बुलाया गया। इनमें 506 अभ्यर्थी पास हुए। फिर इन्हीं में से 443 को नियुक्ति दे दी गई। 

दूसरा नियम
विभाग ने आरपीएससी के जवाब का इंतजार किए बिना ही नियम बदल डाले। हालांकि रोचक यह भी है कि अभ्यर्थियों ने इस मामले में आरपीएससी से आरटीआई के तहत सूचना मांगी तो अफसरों ने ऐसे किसी पत्र की जानकारी होने से ही साफ इंकार किया।

गड़बड़ है तो जांच होगी
मामला बहुत पुराना हैं। फाइल देखने के बाद ही कुछ बता पाऊंगा। गड़बड़ है तो जांच हो जाएगी।
-आलोक गुप्ता, आयुक्त, वाणिज्यिक कर विभाग, जयपुर

नैफेड ने 15 हजार क्विंटल घटिया मूंग पकड़ी

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बीकानेर । नैफेड ने 15 हजार क्विंटल घटिया मूंग पकड़ कर सरकार को 8.42 करोड़ रुपए के नुकसान से तो बचा लिया। लेकिन इस गड़बड़ी से दो महीने में हुई 23 हजार 816 क्विंटल मूंग की खरीद सवालों के घेरे में गई है। इसी प्रकार घटिया क्वालिटी की मूंगफली के भी मामले सामने आए हैं। नैफेड ने दोनों जिंसों की खरीद की जांच के लिए केन्द्रीय कृषि मंत्रालय को पत्र लिखा है।

जिले में इन दिनों 10 केन्द्रों पर समर्थन मूल्य पर मूंगफली तथा इन्हीं में से तीन केन्द्र बीकानेर, नोखा और लूणकरणसर में मूंग की खरीद चल रही है। बीकानेर में 12 बीघा मंडी में नैफेड ने पिछले दिनों घटिया क्वालिटी का मूंग पकड़ा था।

दो ट्रकों में 1049 बोरी मूंग था, जिसमें 669 बोरी नोन फेयर एवरेज क्वालिटी का था। समर्थन मूल्य 5575 रुपए प्रति क्विंटल के हिसाब से इसकी कीमत 8 करोड़ 41 लाख 93 हजार 650 रु. बनती है।

केंद्र से काली पड़ी मूंग-उड़द-मूंगफली की खरीद की अनुमति मांगी
सहकारिता मंत्री अजय सिंह किलक ने गुरुवार को नई दिल्ली में केन्द्रीय कृषि मंत्री राधा मोहन सिंह, केन्द्रीय कृषि राज्य मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत एवं केन्द्रीय खाद्य आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामलात राज्य मंत्री सीआर चौधरी से मुलाकात की।उन्हें राज्य में चल रही समर्थन मूल्य पर खरीद के संबंध में मांग पत्र सौंपा।

राज्य में कई क्षेत्रों में मूंग, उड़द एवं मूंगफली की फसल पकने के समय बारिश हो गई थी जिससे उसके रंग में बदलाव गया था, नैफेड के मापदंडों के अनुसार ऐसे किसानों से इनकी खरीद नहीं हो पा रही थी।

आईआईटी एडमिशन में यूपी को पछाड़ नंबर-1 बना राजस्थान

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आईआईटी ने इनफार्मेशन ब्रोशर से पहले जारी की साल 2016 की रिपोर्ट

कोटा। साल 2014 के बाद राजस्थान ने 2016 में फिर से आईआईटी की सबसे अधिक सीटों पर कब्जा जमाया है। पिछले साल यूपी आगे निकल गया था।

इस साल आईआईटी के एडमिशन में यूपी को पटखनी देते हुए राजस्थान के स्टूडेंट्स एडमिशन और क्वालीफाई करने के आंकड़े में काफी आगे है। आईआईटी ने साल 2016 की जेईई एडवांस की रिपोर्ट जारी की है।

पिछले साल आईआईटी गुवाहटी ने एडवांस का एग्जाम कंडक्ट करवाया था। राजस्थान पहले, यूपी दूसरे, महाराष्ट्र तीसरे, तेलंगाना चौथे और आंध्रप्रदेश पांचवें स्थान पर रहा। मध्यप्रदेश के स्टूडेंट्स आईआईटी ड्रीम को पूरा करने में छठे नंबर पर रहे हैं।

आईआईटी में दाखिले की सक्सेस रेट में हर साल की तरह इस बार भी सीबीएसई के स्टूडेंट्स पहले नंबर पर रहे हैं। इसके बाद तेलंगाना बोर्ड और तीसरे नंबर पर राजस्थान बोर्ड है। चौथे नंबर पर आंध्रप्रदेश का बोर्ड रहा है। आईआईटी यह रिपोर्ट एडमिशन प्रक्रिया पूरी होने और डेटा कलेक्शन के बाद जारी करता है।

सफलता में कोटा का अहम योगदान
आईआईटीएंट्रेंस में राजस्थान के बच्चों की सक्सेस के पीछे सबसे बड़ा फैक्टर कोटा का स्टडी पैटर्न रहा है। अब आंकड़े भी इस बात का प्रमाण दे रहे हैं। राजस्थान से कुल सलेक्शन में से 90 प्रतिशत स्टूडेंट्स कोटा से जुड़े होते हैं।

कोटा के कॉम्पटीशन, टेस्ट सीरिज, पढ़ाई के पैटर्न के कारण यहां की सक्सेस रेट साउथ से आगे हो गई है। राजस्थान का सीधा मुकाबला तेलंगाना और आंध्रप्रदेश के साथ होता है। साल 2014 में आंध्र तेलंगाना एक ही राज्य में होने के बावजूद राजस्थान ने इस रेस में उनको पीछे छोड़ दिया था।

छग से 117 गुजरात से 205 का एडमिशन
नक्सल प्रभावित राज्य छत्तीसगढ़ से एडवांस के लिए 2209 स्टूडेंट्स का रजिस्ट्रेशन हुआ था। इसमें से 453 क्वालीफाइड हुए और 117 स्टूडेंट्स ने आईआईटी में एडमिशन लिया। इसी प्रकार गुजरात से 6295 स्टूडेंट्स रजिस्टर्ड हुए। 1035 ने क्वालीफाई किया और 205 को आईआईटी में एडमिशन मिल पाया।

विदेश से एमबीबीएस के लिए भी नीट जरूरी
विदेश से मेडिकल शिक्षा ग्रहण करने के लिए भी अब नीट देना अनिवार्य होगा। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय अगले साल से इसे अनिवार्य करने जा रहा है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद केंद्र सरकार ने एमबीबीएस में एडमिशन के लिए चिकित्सा शिक्षा नियम में संशोधन किया था।

इसी प्रकार यदि कोई विदेशी नागरिक भारत में आकर एमबीबीएस करना चाहता है तो उसको भी नीट देना होगा। यदि कोई छात्र बिना नीट दिए ही विदेशी से एमबीबीएस कर डिग्री लेता है तो वह भारत में प्रैक्टिस नहीं कर पाएगा।

विदेशों से डिग्री लेने के बाद देश में होने वाले स्क्रीनिंग टेस्ट में 80 प्रतिशत स्टूडेंट्स फेल हो जाते हैं। एक्सपर्ट शैलेंद्र माहेश्वरी ने बताया कि इस निर्णय के लागू होने के बाद एमबीबीएस के लिए सभी की पात्रता एक जैसी हो जाएगी।

किसानों के हित में चना और मसूर पर लगाई 30% इंपोर्ट ड्यूटी

नई दिल्‍ली । गुरुवार को फाइनेंस मिनिस्‍ट्री की ओर से दिए गए बयान में कहा गया, आने वाले रबी सीजन में चना और मसूर की दाल का बंपर उत्पादन होने का अनुमान है। ऐसे में अगर दाल का सस्ता इंपोर्ट किया गया तो किसानों के हित प्रभावित होंगे।

इन सभी कारकों को नजर में रखते हुए और किसानों के हितों की रक्षा करने के चना और मसूर की कीमतों पर नियंत्रण बढ़ाने के लिए सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। सरकार की ओर से इन दोनों दलहनों पर 30 फीसदी इंपोर्ट ड्यूटी बढ़ाने का फैसला लिया गया है। इसके बाद अब विदेश से सस्ती दालें नहीं आ पाएंगे, जिससे देश के किसानों को फायदा होगा। अब तक ये दलहन बगैर ड्यूटी के इंपोर्ट हो रहे थे।
 
 गुरुवार को फाइनेंस मिनिस्‍ट्री की ओर से दिए गए बयान में कहा गया, आने वाले रबी सीजन में चना और मसूर की दाल का बंपर उत्पादन होने का अनुमान है। ऐसे में अगर दाल का सस्ता इंपोर्ट किया गया तो किसानों के हित प्रभावित होंगे। इन सभी कारकों को नजर में रखते हुए और किसानों के हितों की रक्षा करने के लिए यह फैसला लिया गया है।

गेहूं पर भी इंपोर्ट ड्यूटी बढ़ाने पर विचार
इसके अलावा सरकार गेहूं पर भी इंपोर्ट ड्यूटी बढ़ाने पर विचार कर रही है। इस समय गेहूं इंपोर्ट पर 20 फीसदी है। इसका मकसद रबी फसल के चालू मौसम में बुवाई को प्रोत्साहन देना और घरेलू कीमतों को समर्थन प्रदान करना है।
 
पिछले महीने बढ़ा था ड्यूटी
पिछले महीने ही सरकार ने गेहूं पर इंपोर्ट ड्यूटी को दोगुना करके 20 फीसदी किया था। इसका मकसद गेहूं के सस्ते आयात को कम करना और रबी मौसम में बुवाई के लिए किसानों को बेहतर कीमत मिलने का संकेत देना था। इसे बढ़ाने की अहम वजह निजी क्षेत्र के कारोबारियों द्वारा अप्रैल के बाद 10 फीसदी की इंपोर्ट चार्ज रेट पर 10 लाख टन गेहूं का आयात करना भी था।

ग्लोबल मार्किट में तेजी से सोने में फिर उछाल, जानिए क्या रहे दाम

नई दिल्ली/कोटा । गुरुवार के कारोबार में दिल्ली सर्राफा बाजार में सोने में मामूली उछाल देखने को मिला। मजबूत वैश्विक संकेतों और स्थानीय ज्वैलर्स की ओर से बुलियन मार्केट में छिटपुट खरीदारी के कारण सोना 10 रुपए चढ़कर 29,700 रुपए प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ है। वहीं चांदी में भी इजाफा देखने को मिला है।

गुरुवार के कारोबार में चांदी 1.5 रुपए सुधरकर 38,280 रुपए प्रतिकिलोग्राम के स्तर पर आ गई। इस इजाफे की प्रमुख वजह औद्योगिक इकाइयों और सिक्का निर्माताओं की ओर से तेज उठान रही। व्यापारियों का कहना है कि मजबूत वैश्विक संकेतों को बीच जहां डॉलर फिलहाल स्थिर है, सोना दो हफ्तों के उच्चतम स्तर पर बना हुआ है।

वहीं कमजोर स्टॉक्स के कारण सोने की कीमतों में बढ़त देखने को मिली है। वहीं इसके अलावा, घरेलू बाजार में स्थानीय जौहरियों की ओर से की गई खरीदारी के कारण भी सोने की कीमतों को समर्थन मिला है। वैश्विक स्तर पर सिंगापुर में सोना बीते दिन 0.16 फीसद के उछाल के साथ 1,267.10 डॉलर प्रति औंस के स्तर पर बंद हुआ।

वहीं राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में 99.9 फीसद और 99.5 फीसद शुद्धता वाला सोना 10 रुपए बढ़कर क्रमश: 29,700 और 29,550 के स्तर पर बंद हुआ है। हालांकि गिन्नी के भाव 24,500 रुपए प्रति पीस (8 ग्राम) पर बरकरार रहे हैं। वहीं सोने की ही तरह चांदी भी 105 रुपए सुधरकर 38,280 रुपए प्रति 10 ग्राम के स्तर पर आ गई है।

कोटा सर्राफा 
चांदी 38300 रुपये प्रति किलो। 
सोना केटबरी 29700 रुपये प्रति दस ग्राम, सोना 34640 रुपये प्रति तोला। 
सोना शुद्ध 29850 रुपये प्रति दस ग्राम, सोना 34820 रुपये प्रति तोला। 

विराट-अनुष्का का दिल्ली में रिसेप्शन शुरू, दोनों ट्रेडिशनल आउटफिट में

नई दिल्ली। टीम इंडिया के कप्तान विराट कोहली का पहला वेडिंग रिसेप्शन ताज डिप्लोमैटिक एन्क्लेव के दरबार हॉल में  शुरू हो चुका है।  इसमें करीब 1000 के गेस्ट आने की उम्मीद है। ऐसा कहा जा रहा है कि डिनर में नॉर्थ इंडियन डिशेस रहेंगी।

बता दें कि विराट-अनुष्का बुधवार को नरेंद्र मोदी से मिले थे। उन्हें भी इनवाइट किया गया है। दोनों ने 11 दिसंबर को इटली में शादी की थी।

दिल्ली के बाद मुंबई में होगा रिसेप्शन

– दूसरा रिसेप्शन 26 दिसंबर को मुंबई में होगा। इसमें बॉलीवुड और क्रिकेट वर्ल्ड की कई हस्तियों के पहुंचने की उम्मीद है।
– मुंबई में होने वाले रिसेप्शन में सचिन तेंडुलकर, युवराज सिंह, हरभजन सिंह, रोहित शर्मा, महेंद्र सिंह धोनी शामिल हो सकते हैं। बॉलीवुड से आदित्य चोपड़ा, रानी मुखर्जी, अमिताभ बच्चन, शाहरुख खान, अामिर खान और सलमान खान का नाम है।

बुधवार को मोदी से मिले थे विराट-अनुष्का
– दोनों ने नरेंद्र मोदी को भी इनवाइट किया है। वे बुधवार को पीएम से मिलने पहुंचे थे। उन्हें अपने रिसेप्शन का इनविटेशन दिया। इस दौरान विराट के साथ उनके बड़े भाई विकास कोहली भी मौजूद थे।
विराट के साथ साउथ अफ्रीका जाएंगी अनुष्का

– अनुष्का विराट के साथ ही साउथ अफ्रीका जाएंगी। वहां विराट साउथ अफ्रीका के खिलाफ होने वाले दौरे की तैयारी में टीम इंडिया के साथ जुटेंगे। अनुष्का न्यू ईयर का सेलिब्रेशन विराट के साथ साउथ अफ्रीका में ही करेंगी। अनुष्का जनवरी के पहले हफ्ते में भारत लौटेंगी। इसके बाद वे एक फिल्म के लिए मुंबई में शाहरुख खान के साथ शूटिंग शुरू करेंगी।

– विराट दो महीने के लिए साउथ अफ्रीका में रहेंगे। वहां टीम इंडिया को तीन टेस्ट, छह वन डे और तीन टी20 खेलने हैं।

– दोनों के स्पोक्सपर्सन ने बताया, ”साउथ अफ्रीका से लाैटने के बाद अनुष्का अपकमिंग फिल्म ‘सुई-धागा’ की तैयारी में जुटेंगी। यह फिल्म फरवरी 2018 में रिलीज होगी। इसमें अनुष्का के साथ वरुण धवन नजर आएंगे। अनुष्का 9 फरवरी को रिलीज होने जा रही फिल्म ‘परी’ की मार्केटिंग और प्रमोशन की भी तैयारी में जुटेंगी।”
नए घर में शिफ्ट होंगे विराट-अनुष्का

– विराट और अनुष्का इसी महीने वर्ली में सी-फेसिंग फ्लैट में शिफ्ट हो जाएंगे। यह फ्लैट 35th फ्लोर पर है। विराट ने बीते साल ओंकार-1973 बिल्डिंग में लग्जरी अपार्टमेंट बुक किया था। यह 7,171 स्क्वेयर फीट में फैला है। बुकिंग के वक्त इसकी कीमत 34 करोड़ रुपए थी। बताया जाता है कि इस फ्लैट में 5 बेडरूम हैं।

शेयर बाजार में मामूली गिरावट, सेंसेक्स 33,756 पर बंद

मुंबई। शेयर बाजार में गुरुवार का कारोबार सामान्य रहा। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का सेंसेक्स 21 अंकों की मामूली गिरावट के साथ 33,756 पर बंद के स्तर पर बंद हुआ। निफ्टी भी 3 अंकों की बेहद मामूली गिरावट के साथ 10,440 के स्तर पर बंद हुआ।

सुबह कारोबार की शुरुआत सेंसेक्स में 48 अंकों की बढ़ोतरी के साथ हुई थी। सेंसेक्स 33,826 पर खुला था। वहीं, निफ्टी ने भी दिन की शुरुआत 25 अंकों की बढ़त के साथ 10,469 पर की।

बुधवार को भी शेयर बाजार में मामूली गिरावट का दौर देखा गया था। इससे पहले गुजरात और हिमाचल प्रदेश विधानसभा चुनाव में बीजेपी की जीत के चलते सोमवार और मंगलवार को बाजार में तेजी का दौर दिखा था। इस तेजी के बीच ही सेंसेक्स ने रेकॉर्ड स्तर की उछाल हासिल की थी।

शहीदों के बच्चों को निःशुल्क कोचिंग देगा इनर्जी संस्थान

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सामाजिक सरोकार : अनुभवी कोचिंग शिक्षक ने सैनिक परिवारों का किया सम्मान

अरविन्द , कोटा। शिक्षा नगरी में ‘इनर्जी’ कोचिंग संस्थान ने गुरूवार को चौथे स्थापना दिवस समारोह पर दिवंगत शहीदों के बच्चों के नाम ‘निःशुल्क क्लासरूम कोचिंग योजना’ लांच की। संस्थापक निदेशक निशान्त पोरवाल ने कहा कि शिक्षा नगरी में सेना तथा सैन्य सेवाओं से जुडे़ दिवंगत जांबाज सैनिकों के बच्चों को जेईई-मेन तथा जेईई-एडवांस्ड की क्लासरूम कोचिंग जीरो ट्यूशन फीस पर दी जाएगी। उन्हें शैक्षणिक सत्र में स्टडी मेटेरियल व रजिस्टर आदि सामग्री भी निशुल्क उपलब्ध कराई जाएगी।

पोरवाल ने बताया कि गत 12 वर्षों में उन्होंने कोटा में इंटीग्रेटेड क्लासरूम कोचिंग देते हुए 10 हजार से अधिक विद्यार्थियों को विभिन्न आईआईटी संस्थानों में एडमिशन दिलाया। जेईई-एडवांस्ड,2017 में संस्थान के 40 विद्यार्थियों में से 32 को विभिन्न आईआईटी में दाखिला मिला। 2016 में 82 प्रतिशत छात्रों को सफलता मिली। संस्थान के स्थापना दिवस पर शहर में सेना से जुडे़ अधिकारियों एवं परिजनों का माल्यार्पण कर स्वागत किया गया

उन्होंने बताया कि दिवंगत सैनिकों के बच्चों को पूरे वर्ष अच्छे विद्यार्थियों के साथ निःशुल्क क्लासरूम कोचिंग दी जाएगी ताकि वे अपने माता-पिता का सपना पूरा कर सकें। गुरूवार को बेटी वान्या के जन्मदिन पर उन्होंने सामाजिक सरोकार के तहत यह योजना लांच की, जिसका अभिभावकों एवं विद्यार्थियों ने तालियों की गूंज से स्वागत किया।

निर्धन बच्चों को स्टडी मेटेरियल मुफ्त
रोड़ नंबर-2 स्थित इनर्जी कोचिंग संस्थान द्वारा सामाजिक सरोकार के तहत निर्धन विद्यार्थियों को जेईई-मेन तथा एडवांस्ड की तैयारी करने के लिए फिजिक्स, केमिस्ट्री व मैथ्स का स्टडी मैटेरियल तथा रजिस्टर आदि निःशुल्क दिए जाएंगे। निदेशक निशांत पोरवाल माता स्व.श्रीमती मनोरमा गुप्ता की स्मृति में निर्धन विद्यार्थियों को दो वर्ष से निःशुल्क रजिस्टर वितरित करते हैं। प्रत्येक रजिस्टर में एमआरपी के स्थान पर ‘स्टडी हार्ड’ अंकित है।

कारगिल में एक शहीद से मिली प्रेरणा
अनुभवी शिक्षक निशान्त पोरवाल ने बताया कि कानपुर में क्लास-12वीं में एक दोस्त के सैनिक पिता कारगिल युद्ध में शहीद हो गए थे, जिससे समूचा परिवार हिल उठा। कुछ माह बाद मां भी चल बसीं। जिससे सैन्य परिवार पर मुसीबतों का पहाड़ टूट पड़ा।

लेकिन उनके पुत्र ने हिम्मत नहीं हारी, पैसे उधार लेकर पढ़ाई जारी रखी और गाजियाबाद से बीटेक किया। आज वह यूएस में एचसीएल कंपनी में उच्च पद पर है। उसने हौसले से परिवार को संभाला। उससे प्रेरित होकर निशांत ने तय किया कि शिक्षक होकर वह ऐसी पहल करेंगे, जिससे किसी शहीद के परिवार को संबल मिले। इसी भावना से यह योजना प्रारंभ की।

कोटा कृषि विवि ने शुरू किया पीजी वाइल्ड लाइफ साइंस कोर्स

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कोटा । मुकुंदरा हिल्स टाइगर रिजर्व में आने वाले बाघों की देखभाल के लिए अब बाहर से वाइल्ड लाइफ एक्सपर्ट बुलाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। हाड़ौती में भी वन्यजीव विशेषज्ञ तैयार हो सकेंगे। इसके लिए कोटा कृषि विवि ने स्नातकोत्तर स्तर पर वाइल्ड लाइफ साइंस पाठ्यक्रम शुरू करने का फैसला लिया है। कृषि विवि के प्रबंध मंडल (बोम) ने हाड़ौती में कृषि एवं वन्य शिक्षा के विकास के लिए कई बड़े फैसले लिए हैं।

बुधवार को बोम की छठी बैठक में जुलाई 2018 से स्नातकोत्तर स्तर पर वाइल्ड लाइफ सांइस पाठ्यक्रम शुरू करने का फैसला लिया गया है। पाठ्यक्रम की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए पहले साल सिर्फ 5 सीटों पर दाखिला दिया जाएगा।

इसमें से राज्य सरकार के कोटे की 4 सीटें गेट एग्जाम के जरिए और केंद्र सरकार के कोटे की एक सीट आईसीएआर एग्जाम के जरिए भरी जाएगी। इसके बाद हर साल करीब दोगुनी सीटें बढ़ाई जाएंगी।

कुलपति डॉ. जी.एल. केसवा ने बताया कि वाइल्ड लाइफ साइंस की पढ़ाई फिलहाल उद्यानिकी वानिकी महाविद्यालय झालावाड़ में कराई जाएगी।

4 सेमेस्टर के इस पाठ्यक्रम में 3 सेमेस्टर छात्रों को फील्ड वर्क के साथ वन्यजीव विज्ञान की पढ़ाई कराई जाएगी, वहीं आखिरी सेमेस्टर में शोध कार्य करवाया जाएगा। हॉस्टल, फूडिंग और ट्यूशन फीस समेत एक सेमेस्टर में करीब 10 हजार रुपए खर्च आएगा।

3 नए पाठ्यक्रम शुरू
कुलपति ने बताया कि मुकुंदरा के विकास के साथ ही कोटा कृषि विवि इस क्षेत्र में फोरेस्ट्री एजुकेशन को बढ़ावा देने के लिए तीन नए पीजी कोर्स एग्रो फोरेस्ट्री, फोरेस्ट बायोलॉजी एण्ड ट्री इंप्रूवमेंट साइंस और फोरेस्ट प्रोडक्शन एण्ड यूटिलाइजेशन भी अगले साल से शुरू करने की तैयारी में जुटा है।

बोम की बैठक में चारों नए पाठ्यक्रमों के बोर्ड ऑफ स्टडीज के गठन को भी मंजूरी दे दी गई। बोम ने कॅरियर एडवांसमेंट स्कीम में शिक्षकों के प्रमोशन को भी मंजूरी दी गई। बैठक में विधायक हीरालाल नागर, प्रियंका गोस्वामी, डॉ. रामगोप मीणा, डॉ. विजय सिंह, डॉ. प्रताप सिंह, डॉ. एल.के. दशोरा, डॉ. एस.के. जैन, डॉ. विधि शर्मा, डॉ. के.एन. ओझा और कुलसचिव सिराराम मीना मौजूद रहे।

क्रेडिट लिंक्‍ड सब्सिडी स्‍कीम बंद, छोटे कारोबारियों को नुकसान

नई दिल्‍ली।   नोटबंदी और जीएसटी के बाद छोटे कारोबारियों को केंद्र सरकार ने एक और झटका दिया है। सरकार ने छोटे कारोबारियों को दी जाने वाली क्रेडिट लिंक्‍ड कैपिटल सब्सिडी स्‍कीम बंद कर दी है। बताया जा रहा है कि सरकार पर बैंकों की लगभग 1300 करोड़ रुपए की देनदारी है, इसलिए इस स्‍कीम को बंद किया गया है।

हालांकि, सरकार कह रही है कि स्‍कीम का रिव्‍यू किया जा रहा है और इसे शुरू किया जाएगा। इससे उलट, सरकार पिछले नौ महीने से इस स्‍कीम के लिए कोई एप्‍लीकेशन तक नहीं ले रही है।

 क्‍या थी स्‍कीम?
– केंद्र सरकार के मिनिस्‍ट्री ऑफ माइक्रो, स्‍मॉल एंड मीडियम एंटरप्राइजेज (एमएसएमई) ने 2000-01 में क्रेडिट लिंक्‍ड कैपिटल सब्सिडी स्‍कीम फॉर टेक्‍नोलॉजी अपग्रेडेशन शुरू की थी।
– इस स्‍कीम के तहत एमएसएमई को 1 करोड़ रुपए तक का लोन लेने पर 15 फीसदी (15 लाख रुपए) की सब्सिडी दी जाती थी।
– यह लोन उन करोबारियों को दिया जाता था जो अपने कारोबार को बढ़ाने के लिए टेक्‍नोलॉजी को अपग्रेड करते थे।
– इस स्‍कीम का फायदा पहले से आईडेंटिफाई 51 प्रोडक्‍ट्स और सब-सेक्‍टर्स को दिया जा रहा था।
 
क्‍यों बंद हुई स्‍कीम?
मिनिस्‍ट्री ऑफ एमएसएमई के एक वरिष्‍ठ अधिकारी ने बताया कि दरअसल पिछले कई सालों से बैंकों को सब्सिडी का पैसा नहीं दिया जा रहा था। बैंकों का मिनिस्‍ट्री ऑफ एमएसएमई पर करीब 1300 करोड़ रुपए बकाया हो चुका है।

ऐसे में, जब पूरी मिनिस्‍ट्री का बजट ही 3 से 4000 करोड़ रुपए के बीच होता है तो मिनिस्‍ट्री इतना पैसा कहां से दे, इस वजह से इस स्‍कीम को बंद करने का फैसला लिया गया। उन्‍होंने कहा कि स्‍कीम दोबारा शुरू होने की उम्मीद कम ही है।
 
FISME स्‍कीम शुरू होने की उम्‍मीद
फेडरेशन ऑफ इंडियन माइक्रो, स्‍मॉल एंड मीडियम एंटरप्राइजेज (फिस्मे) के जनरल सेक्रेट्री अनिल भारद्वाज ने  बताया कि इस बारे में मिनिस्‍ट्री में बात हुई है। अधिकारियों ने कहा है कि स्‍कीम को दोबारा चालू किया जाएगा। उन्‍होंने उम्‍मीद जताई कि स्‍कीम जल्‍द ही शुरू हो जाएगी।
 
क्‍या होता था फायदा?
– छोटे कारोबारियों के लिए यह स्‍कीम बेहद फायदेमंद थी। जो कारोबारी अपने प्रोडक्‍ट्स या सर्विस को अपग्रेड करने के लिए टेक्‍नोलॉजी पर इन्‍वेस्‍टमेंट करता था। वह अगर लोन लेता था तो उसे 15 फीसदी तक सब्सिडी मिल जाती थी।

– मिनिस्‍ट्री ऑफ एमएसएमई के एनुअल रिपोर्ट 2016-17 के मुताबिक, क्रेडिट लिंक्‍ड कैपिटल सब्सिडी स्‍कीम के तहत 2014 से 2016 (31 दिसंबर 2016 तक) के दौरान 15 हजार 684 कारोबारियों को 987.72 करोड़ रुपए की सब्सिडी रिलीज की गई।