Monday, July 13, 2026
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लोकसभा में जीएसटी मुआवजा उपकर बिल पेश

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नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने आज लोकसभा में एक विधेयक पेश किया जो उस अध्यादेश की जगह लेगा जिसमें वस्तु एवं और सेवा कर (जीएसटी) के तहत विभिन्न मोटर वाहनों पर टैक्स की दरें अधिकतम 25 फीसद तक बढ़ी थीं। केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली ने जीएसटी (राज्यों को मुआवजा) संशोधन विधेयक, 2017 को आज पेश किया।

मिड साइज से लेकर हाइब्रिड वेरिएंट तक की लग्जरी कारों पर जीएसटी सेस की बढ़ोतरी को एक से 25 फीसद तक बढ़ाए जाने की अनुमति देने वाले अध्यादेश को सितंबर में जारी किया गया था।

यह नया बिल इसी ऑर्डिनेंस की जगह लेगा। विधेयक के विवरण और कारणों का विस्तार से उल्लेख करते हुए जेटली ने कहा कि 5 अगस्त को जीएसटी परिषद की बैठक में कर की दर में अधिकतम 10 फीसद तक के इजाफे की सिफारिश की गई थी।

टैक्स रेट को 15 फीसद से बढ़ाकर 25 फीसद कर दिया गया। इस संदर्भ में जीएसटी (राज्यों को मुआवजे) अधिनियम, 2017 में संशोधन करके 9 सितंबर को प्रस्तावित जीएसटी काउंसिल की बैठक से पहले तुरंत अधिकतम दरों में वृद्धि की जानी थी ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि ऐसे मोटर यानों के लिए प्रतिकर उपकर हेतु अधिकतम दर में राहत उपलब्ध हों।

जैसा कि संसद सत्र में नहीं थी, इसलिए इस असाधारण जरूरत को ध्यान में रखते हुए राष्ट्रपति ने 2 सितंबर 2017 को वस्तु एवं सेवा कर (राज्यों को प्रतिकर) संशोधन अध्यादेश 2017 को प्रख्यापित किया था। अब इस अध्यादेश के स्थान पर विधेयक पेश किया गया है।

TCS को मि‍ला 2.25 अरब डॉलर का कॉन्ट्रैक्ट

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नई दि‍ल्‍ली। भारत की नामी आईटी एक्‍सपोर्टर कंपनी टाटा कंसल्‍टेंसी सर्वि‍सेज (TCS) को टेलि‍वि‍जन रेटिंग कंपनी नि‍लसेन (Nielsen) से 2.25 अरब डॉलर का कांट्रैक्‍ट मि‍ला है। नि‍लसेन के साथ इसी साल अक्‍टूबर में पार्टनरशि‍प को लेकर समझौता हुआ था। दोनों कंपनि‍यों के बीच 2008 में 1.2 अरब डॉलर का 10 साल का समझौता हुआ था, जि‍से वर्ष 2013 में बढ़ाकर 2.5 अरब डॉलर कर दि‍या गया था।
 
पांच सालों के और बढ़ा दी मि‍याद
नए करार के तहत समझौते की मि‍याद को पांच सालों के लि‍ए और बढ़ा दि‍या गया है, जि‍ससे इसकी अवधि‍ 31 दि‍संबर 2025 हो गई है। टीवी रेटिंग कंपनी नि‍लसन ने अमेरि‍की सेक्‍युरि‍टीज को दी गई जानकारी में बताया है कि‍ इस समझौते में कंपनी को एक-एक साल के रीन्‍युअल के तीन वि‍कल्‍प दि‍ए गए हैं।  
 
इसमें कहा गया है कि‍ नि‍लसन समझौते की अवधि‍ के दौरान टीसीएस से 2.25 अरब डॉलर की सेवाएं खरीदेगी। इसमें 2017 से लेकर 2024 तक कम से कम 32 करोड़ डॉलर हर साल, 2021 से लेकर 2024 तक हर साल 18.6 करोड़ डॉलर और 2025 में 13.95 करोड़ डॉलर की सेवाओं की खरीद शामि‍ल है। रि‍पोर्ट में कहा गया है कि‍ मुंबई की यह कंपनी (TCS) नि‍लसेन को वि‍श्‍व स्‍तर पर आईटी सेवाएं मुहैया कराएगी।

BSE का मार्केट कैप पहली बार 150 लाख करोड़ पार, कमाई 44.65 लाख करोड़

नई दिल्ली। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का कुल मार्केट कैप शुक्रवार को रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गया। बीएसई पर लिस्टेड कुल कंपनियों का मार्केट कैप पहली बार 150 लाख करोड़ रुपए के पार हो गया। बैंक, ऑटो, आईटी और कैपिटल गुड्स सेक्टर के शेयरों में जोरदार तेजी से शुक्रवार को बीएसई का मार्केट कैप 150.89 लाख करोड़ रुपए पर पहुंच गया।

इस साल 44.65 लाख करोड़ बढ़ा मार्केट कैप
– साल 2017 में अभी तक बीएसई पर लिस्टेड कुल कंपनियों का मार्केट कैप 44.65 लाख करोड़ रुपए बढ़ा है। यानी इस साल निवेशकों ने मार्केट से 44.65 लाख करोड़ रुपए की कमाई की है।
– 30 दिसंबर 2016 को बीएसई मार्केट कैप 106.23 लाख करोड़ रुपए था।
– इस साल बाजार में तेजी से बीएसई के मार्केट कैप में 42 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है।

29 स्टॉक्स का मार्केट कैप 1 लाख करोड़ से ज्यादा
– फिलहाल, बीएसई पर लिस्टेड 29 स्टॉक्स का मार्केट कैप 1 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा है।
– मार्केट में जारी मौजूदा तेजी से सेंसेक्स में अब तक 27 फीसदी की बढ़त दर्ज की गई है। सेंसेक्स में उछाल से इस लिस्ट में अल्ट्राटेक सीमेंट, वेदांता, भारत पेट्रोलिमय कॉरपोरेशन (बीपीसीएल), एशियन पेंट्स, पावरग्रिड और बजाज फाइनेंस शामिल हुआ है।

मार्केट कैप गेन में इन कंपनियों का एक चौथाई योगदान
– इस साल बीएसई के मार्केट कैप बढ़ोतरी में इन कंपनियों का एक चौथाई योगदान है। 
– इन कंपनियों में रिलायंस इंडस्ट्रीज, एचडीएफसी बैंक, मारुति सुजुकी, एचयूएल, एसबीआई, भारती एयरटेल, एचडीएफसी, कोटक महिंद्रा बैंक, बजाज फाइनेंस और वेदांता शामिल हैं। यानी कुल मार्केट कैप में इन कंपनियों का योगदान 10.54 लाख करोड़ रुपए रहा।

बिटकॉइन में बड़ी गिरावट, जानिए कितना लगा चूना

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रेकॉर्ड स्तर से 30% फिसल 14,000 डॉलर के स्तर से नीचे आया

तोक्यो। पिछले कुछ समय से लगातार उछाल हासिल कर रही क्रिप्टोकरंसी बिटकॉइन में बड़ी गिरावट आई है। शुक्रवार को बिट्सटैंप एक्सचेंज में यह 20 हजार डॉलर (12.80 लाख रुपये) के रेकॉर्ड स्तर से 30 फीसदी गिरकर 14 हजार डॉलर (8.96 लाख रुपये) के नीचे आ गया यानी प्रति बिटकॉइन करीब 4 लाख रुपये की गिरावट आई है। इससे पहले बुधवार को इसमें 15 फीसदी की गिरावट आई थी।

बिटकॉइन जोकि साल के शुरुआत में करीब 1 हजार डॉलर (64 हजार रुपये) के स्तर पर था, विशाल सीएमई ग्रुप द्वारा बिटकॉइन मूल्य इंडेक्स लॉन्च करने के बाद रविवार को 19, 666 डॉलर के उच्च स्तर पर पहुंच गया था। इसके बाद से यह करीब एक तिहाई वैल्यू खो चुका है।

सिडनी में ASR वेल्थ अडवाइजर्स के इक्विटीज और डेरिवेटिव्स अडवाइजर शेन शनल ने कहा, ‘यह ध्यान में रखते हुए कि इस साल बिटकॉइन बहुत ऊपर गया है, हमेशा एक करेक्शन की संभावना होती है।’

उन्होंने कहा, ‘बड़ी मात्रा में पूंजी बिटकॉइन से इसके विकल्पों में आ रही है। आपने Verge और Ripple जैसी कंपनियों को देखा है कि पिछले सप्ताह इनमें 400 फीसदी की वृद्धि हुई है।’ बिटकॉइन की सफलता ने क्रिप्टोकरंसी में जान फूंक दी है और इसने अपने प्रतिद्वंद्वियों को भी फायदा पहुंचाया है, जोकि बिटकॉइन का विकल्प देते हैं।

बिटकॉइन तेज उतार-चढ़ाव के लिए जाना जाता है। नवंबर में यह चार दिनों के भीतर 30 फीसदी गिरा था और 7,888 डॉलर के स्तर से 5,555 डॉलर तक आ गया था। सितंबर में इसमें 40 फीसदी की गिरावट आई थी। तोक्यो में मोनेक्स सिक्यॉरिटीज के मुख्य रणनीतिकार तकाशी हिरोकी कहते हैं, ‘बिटकॉइन में निवेश जुआ खेने जैसा है, इसलिए इसका मूवमेंट तर्कसंगत पैटर्न को फॉलो नहीं करता है।’

सेंसेक्स 162 अंक उछला, निफ्टी में भी तेजी

मुंबई। वीकंड और क्रिसमस की छुट्टी से पहले शेयर बाजार बढ़त के साथ बंद हुआ है। शुक्रवार को कारोबार बंद होने तक सेंसेक्स 184.02 अंकों की बढ़त के साथ 33,940.30 के स्तर पर बंद हुआ।

निफ्टी भी 45 अंकों की उछाल के साथ 10,486 के स्तर पर बंद हुआ। हालांकि 1 पैसे की मामूली गिरावट के साथ रुपया 64.05 के स्तर पर बंद हुआ है।

इससे पहले सुबह कारोबार की शुरुआत भी मामूली उछाल के साथ हुई। सेंसेक्स 36.73 अंकी की तेजी के साथ 33793 पर खुला, जबकि निफ्टी ने 18.30 अंकों की वृद्धि के साथ 10458 से शुरुआत की।

गौरतलब है कि गुजरात और हिमाचल में सोमवार को बीजेपी की जीत के बाद दो दिनों तक बाजार में तेजी रही, लेकिन गुरुवार के बाद से कारोबार सामान्य चल रहा है।

स्टार्टअप : राजस्थान सरकार के साथ एचडीएफसी बैंक ने की भागीदारी

कोटा। एचडीएफ सी बैंक ने आज राजस्थान सरकार के साथ भागीदारी करने और राज्य में स्टार्टअप्स को प्रोत्साहन देने की घोषणा की। इस समझौता पत्र (एमओयू) के तहत, एचडीएफ सी बैंक राज्य सरकार के साथ भागीदारी में स्टार्ट-अप्स के चालू खाते, क्रेडिट काड्र्स तथा अन्य समाधान एचडीएफसी बैंक के स्मार्टअप कार्यक्रम के तहत उपलब्ध करवाएगा।

इसके अतिरिक्त बैंक न केवल राजस्थान में स्टार्टअप्स की पेशकशों का मूल्यांकन ही करेगा अपितु उन्हें अपने समाधान एवं तकनीक प्रदर्शित करने का अवसर भी प्रदान करेगा। 

योजना भवन में आयोजित समारोह में इस एमओयू पर मुख्य सचिव आईटी एण्ड कम्यूनिकेशन राजस्थान सरकार अखिल अरोड़ा और एचडीएफसी की हेड ब्रांच बैंकिंग, राजकीय व्यापार एवं ई-कॉमर्स स्मिता भगत ने हस्ताक्षर किए।

इस अवसर पर एचडीएफ सी बैंक के जोनल हेड सत्येन मोदी तथा बैंक के अन्य अधिकारी भी उपस्थित थे। सरकार के साथ यह भागीदारी एचडीएफ सी बैंक के लम्बे प्रयासों के बाद हुई है।

इससे एक ऐसा पारिस्थितिकी तंत्र कायम हो सकेगा जो कि नवाचार की भावनाओं और पूरे देश में स्टार्टअप के क्षेत्र को पोषण प्रदान करने वाला हो।

इस अवसर पर एचडीएफसी की हेड ब्रांच बैंकिंग, राजकीय व्यापार एवं ई-कॉमर्स स्मिता भगत ने ‘‘कहा राजस्थान सरकार द्वारा स्टार्टअप्स को प्रोत्साहित करने के प्रयासों में भागीदारी से राज्य में रोजगार सृजन होंगे।

उन्होंने कहा कि स्टार्ट-अप्स की कामयाबी के लिए एक ऐसे पारिस्थितिकी तंत्र की आवश्यकता होती है जो पूरी उद्यमिता यात्रा के दौरान जहां आवश्यक हो शुरू से अंत तक प्रासंगिक भागीदार उसमें शामिल हो सकें और कम्पनी के विकास का समाधान खोज सकें।

हमें विश्वास है कि स्मार्ट अप कार्यक्रम के अंर्तगत हम जो अनुकूलित समाधान उपलब्ध करवा रहे हैं वह राज्य में नवाचार के पोषक होंगे। इस एमओयू का पहला कदम राज्य में उद्यमिता को प्रोत्साहित करना एवं रोजगार सृजन प्रमुख ध्येय है।‘‘

शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 77 अंक सुधरा, निफ़्टी भी चमका

मुंबई। एशियाई बाजारों से मिले सकात्मक रुख के चलते प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स और निफ्टी शुक्रवार को बढ़त के साथ खुले। बंबई शेयर बाजार का 30 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक शुरुआती कारोबार में 77.49 अंक यानी 0.22 प्रतिशत बढ़कर 33,833.77 अंक पर पहुंच गया। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी भी शुरुआती दौर में 23.40 अंक यानी 0.22 प्रतिशत बढ़कर 10,463.70 अंक पर खुला।

इस दौरान सभी क्षेत्रों के सूचकांक में बढ़त देखने को मिली। यह बढ़त 0.85 प्रतिशत तक रही।एलएंडटी, भारती एयरटेल, टाटा मोटर्स, ओएनजीसी, एमएंडएम और अडाणी पोर्ट्स के शेयर 0.97 प्रतिशत तक बढ़े।

पिछले दो कारोबारी सत्र में सेंसेक्स में 80 अंक की गिरावट देखी गई थी।\ शेयर कारोबारियों ने कहा कि सकरात्मक अमेरिकी आर्थिक आंकड़ों के मद्देनजर वॉल स्ट्रीट में कल बढ़त देखने को मिली थी। जिसके बाद एशियाई बाजारों में भी आज मजबूत रुख देखा गया।

एशियाई बाजारों में हांग कांग का हेंग सेंग सूचकांक शुरुआती कारोबार में 0.30 प्रतिशत और शंघाई कंपोजिट सूचकांक 0.05 प्रतिशत चढ़ा। हालांकि, जापान का निक्केई सूचकांक 0.03 प्रतिशत गिरा।

कंपोजिशन स्कीम की पहली रिटर्न भरने की आखिरी डेट 24 दिसंबर

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  • नई दिल्ली। अगर आपके बिजनेस का टर्नओवर 20 लाख से 1.50 करोड़ रुपए सालाना है और आपने कंपोजिशन स्कीम का फायदा उठाया है तो जाइए अलर्ट। स्कीम के तहत पहला रिटर्न फाइल करने की लास्ट डेट 24 दिसंबरहै। ऐसे में आपके पास 3 दिन का समय बचा है। इस केटेगरी के कारोबारियों को जीएसटीआर-4 रिटर्न फाइल करना है।
     
     यहां से डाउनलोड कर सकते हैं जीएसटीआर-4
     कारोबारी और ट्रेडर्स इस लिंक https://www.gst.gov.in/download/returns पर क्लिक करके जीएसटीआर-4 रिटर्न फॉर्म और ऑफलाइन टूल डाउनलोड कर सकते हैं। ये एक तरह की जिप फाइल है जिसमें रिटर्न फॉर्मेट से लेकर इन्वॉयस की ऐक्सल शीट भी है।
     
    पोर्टल पर रिटर्न और बिल बनाने का है ऑफलाइन टूल
    जीएसटी के पोर्टल पर जीएसटी सॉफ्टवेयर टूल है जिसे कारोबारी अपने कंप्यूटर पर डाउनलोड कर सकते हैं। ये सॉफ्टवेयर टूल एक्सल फॉरमेट और जावा स्क्रिप्ट में है। इस एक्सल फॉरमेट पर आप अपने बिल बना सकते हैं। बिल की जानकारी एक्सेल शीट में सेव करके इसे ही जीएसटी के पोर्टल पर रिटर्न के साथ अपलोड कर सकते हैं।
     
     जीएसटीआर-4 में देनी होगी ये जानकारी
  • जीएसटीआर-4 में सप्लायर को आउटवर्ड सप्लाई की डिटेल भरनी है।
  • पिछले फाइनेंशियल ईयर का टर्नओवर
  • जीएसटीआर-4 सभी कारोबारियों को अपने डीलर को इन्पुट क्रेडिट पास करने पहला स्टेप है।
  •  जीएसटीआर-4 सभी रजिस्टर्ड कारोबारियों को भरना है।
  • जीएसटीआर-4 वैसे ज्यादातर सभी कारोबारियों को भरना है। लेकिन ये रिटर्न ई-कॉमर्स ऑपरेटर्स, इन्पुट सर्विस डिस्ट्रीब्युटर, कंपोजिशन स्कीम के तहत रजिस्टर्ड डीलर्स, नॉन रेजिडंट डीलर्स और टैक्स डिडक्टर्स को जीएसटीआर-4 फाइल नहीं करना है।
     ऑफलाइन टूल की जिप फाइल में मिलेंगी ये डिटेल्स
  • जीएसटी ऑफलाइन टूल
  •  सेक्शन वाइज सीएसवी फाइल्स
  • जीएसटीआर-4 ऐक्सल वर्कबुक टेम्पलेट
  • यूजर मैनुअल
  • टैक्सपेयर्स के सवालों के जवाब भी इसमें हैं।
  •  टैक्सपेयर्स को जीएसटी ऑफलाइन टूल पर डबल क्लिक कर अपने कंप्यूटर सिस्टम पर डाउनलोड करना होगा। 

राहुल की नई टीम में गहलोत समेत राजस्थान के 6 नेताओं को जगह

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नई दिल्ली। कांग्रेस अध्यक्ष बनने के बाद राहुल गांधी शुक्रवार को पहली बार कांग्रेस कांग्रेस वर्किंग कमेटी (CWC) की मीटिंग की अध्यक्षता करेंगे। इसमें गुजरात विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के मजबूत प्रदर्शन के बाद भविष्य में पार्टी पर होने वाले असर, 2जी पर कोर्ट के आए फैसले सहित अन्य राजनीतिक मुद्दों पर चर्चा हो सकती है।

वहीं माना जा रहा है कि राहुल की टीम में राजस्थान के 6 नेताओं को जगह मिल सकती है। पूर्व सीएम अशोक गहलोत, पूर्व केंद्रीय मंत्री भंवर जितेंद्र सिंह और सीपी जोशी जैसे दिग्गज नेताओं को कोर टीम में जगह मिल सकती है।

राहुल की नई टीम की सुगबुगाहट
– राहुल गांधी के कांग्रेस अध्यक्ष बनने के बाद से उनकी नई टीम बनाने की सुगबुगाहट शुरू हो गई है। राहुल की टीम में टीम राजस्थान की अहम भूमिका होगी।

– माना जा रहा है कि गहलोत, जितेंद्र और जोशी के अनुभव का फायदा पार्टी राष्ट्रीय स्तर पर ले सकती है, जिससे आने वाले दिनों में देश के दूसरे राज्यों में कांग्रेस की सरकार बनाने में आसानी हो सके।

गुजरात चुनाव में गहलोत का साथ, कई राज्यों में जोशी का प्रभार और प्रदेश के युवा नेताओं का एक्टिव होना इसी कयास को बल दे रहा है।

इन नेताओं को मिल सकती है नई जिम्मेदारी
सीपी जोशी: पूर्व केंद्रीय मंत्री सीपी जोशी के पास पहले से ही कई राज्यों का प्रभार है। वे पार्टी के भीतर राष्ट्रीय स्तर पर और मजबूत होंगे। इसका कारण यह है कि वह राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन से ललित मोदी को बाहर करने में कामयाब रहे। जोशी को इसका फायदा कांग्रेस में भी मिलेगा। जोशी भी राहुल गांधी के करीबी में माने जाते हैं। ऐसे में उनकी जिम्मेदारी और बढ़ सकती है।

ज्योति मिर्धा: महिला के तौर पर राजस्थान से नागौर की पूर्व सांसद ज्योति मिर्धा को शामिल किया जा सकता है। यह काफी तेज तरार मानी जाती है। पार्टी के भीतर इनके नाम की चर्चा तेजी से चल रही है। जबकि मोहन प्रकाश, जुबेर खान, हरीश चौधरी पहले से ही राष्ट्रीय स्तर पर काम कर रहे हैं। राहुल गांधी की टीम में पहले की तरह कार्य करते रहेंगे।

अशोक गहलोत: गहलोत को जिस तरह से गुजरात में बीजेपी के खिलाफ आक्रामक रणनीति बनाने में कामयाबी मिली, उससे वे कांग्रेस के भीतर नए चाणक्य के तौर पर उभरकर सामने आए हैं। गहलोत ने पंजाब विधानसभा चुनाव में भी टिकट बांटने में अहम भूमिका निभाई थी। गुजरात चुनाव के बाद गहलोत राहुल गांधी के और करीब गए हैं।

भंवर जितेंद्र सिंह: पूर्व केंद्रीय मंत्री भंवर जितेंद्र सिंह भी राहुल के करीबी माने जाते हैं। अभी तक उनके पास अहम जिम्मेदारी नहीं थी। हिमाचल प्रदेश विधानसभा के चुनाव में टिकट बांटने की कमान सौंपी गई थी। जितेंद्र सिंह के ससुर और हिमाचल के रहने वाले विजेंद्र सिंह और राजीव गांधी के बीच दोस्ती दून स्कूल से ही थी। भंवर को पार्टी में महासचिव बनाकर कुछ राज्यों की कमान दी जा सकती है।

बजट में इनकम टैक्स छूट की सीमा 3 लाख करने पर विचार

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नई दिल्ली। एक फरवरी, 2018 को पेश होने वाले आम बजट में टैक्सपेयर्स के लिए इनकम टैक्स छूट की सीमा 3 लाख रुपये तक बढ़ सकती है। 60 साल से ज्यादा और 80 साल से कम के सीनियर सिटीजन के लिए टैक्स छूट सीमा 3.50 लाख रुपये और 80 साल और उससे अधिक उम्र के सुपर सीनियर सिटीजन के लिए छूट 5.50 लाख रुपये या इससे ज्यादा हो सकती है।

लोकसभा चुनाव से पहले यह मोदी सरकार का आखिरी पूर्ण बजट होगा। इनकम टैक्स की छूट सीमा बढ़ाने को लेकर तीन प्रस्तावों पर विचार किया जा रहा है। ये तीन प्रस्ताव वित्त मंत्रालय के अधिकारियों ने इकनॉमिस्ट और टैक्स एक्सपर्ट के साथ बातचीत करके बनाए हैं।

इस पर अंतिम फैसला पीएमओ के साथ मीटिंग के बाद किया जाएगा। अभी टैक्सपेयर्स को 2.50 लाख रुपये तक की इनकम पर टैक्स छूट मिलती है। सीनियर सिटीजन के लिए 3 लाख रुपये और सुपर सीनियर सिटीजन के लिए इनकम टैक्स छूट 5 लाख रुपये है। इसका मतलब है कि इतनी सालाना आमदनी होने पर कोई इनकम टैक्स नहीं बनता।

इनकम टैक्स छूट सीमा के तीन प्रस्ताव
वित्त मंत्रालय के सूत्रों के अनुसार, पहले प्रस्ताव में टैक्सपेयर्स के लिए छूट की सीमा 2.75 लाख रुपये से 3 लाख रुपये करने, सीनियर सिटीजन के लिए 3.30 लाख से 3.50 लाख और सुपर सीनियर सिटीजन के लिए 5.50 लाख रुपये करने का प्रस्ताव है। दूसरे प्रपोजल में इनकम टैक्स छूट की सीमा बढ़ाकर 3 लाख रुपये करने की बात है।

सीनियर सिटीजन की इनकम टैक्स छूट को 4 लाख रुपये और सुपर सीनियर सिटीजन के लिए 6 लाख रुपये करने का प्रस्ताव इसमें है। तीसरे प्रपोजल में टैक्सपेयर्स के लिए इनकम टैक्स छूट सीमा 2.80 लाख रुपये करने की बात है, जबकि सीनियर सिटीजन और सुपर सीनियर सिटीजन के लिए छूट की सीमा में 30,000 रुपये की बढ़ोतरी करने की बात कही गई है।

छूट 50,000 रुपये बढ़ाने पर सहमति
वित्त मंत्रालय के सूत्रों ने बताया कि इनकम टैक्स छूट में 50,000 रुपये की बढ़ोतरी करने पर सहमति है। इसके दो कारण हैं। एक तो 2019 में लोकसभा में चुनाव हैं। उससे पहले वोटरों को लुभाने के लिए सरकार ऐसा कर सकती है।

दूसरा कारण है कि फरवरी 2019 में सरकार को अंतरिम बजट पेश करना होगा। यह कुछ महीनों के लिए होगा। तब टैक्स स्लैब में बदलाव मुनासिब नहीं होगा। इसमें सिर्फ अनुदान की बातें होंगी। चुनाव के बाद जो नई सरकार आएगी, वही पूर्ण बजट पेश करेगी।

सिन्हा कमेटी ने दिया था 5 लाख छूट का प्रस्ताव
यूपीए सरकार के समय पूर्व वित्त मंत्री यशवंत सिन्हा के नेतृत्व वाली कमेटी ने अपनी रिपोर्ट में टैक्स छूट की सीमा बढ़ाकर 5 लाख रुपये करने का सुझाव दिया था। तब बीजेपी ने इसका समर्थन किया था।

पार्टी के नेताओं ने कहा था कि अगर बीजेपी सत्ता में आई तो वह टैक्स छूट सीमा में खासी बढ़ोतरी करेगी। टैक्स एक्सपर्ट और इकनॉमिस्ट डॉ. सुशील अग्रवाल का कहना है कि अगर बढ़ती महंगाई की बात करें तो इनकम टैक्स छूट में अच्छी बढ़ोतरी होनी चाहिए।