Monday, July 13, 2026
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चारा घोटाला पर आज आएगा CBI कोर्ट का फैसला

पटना/रांची। बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद से जुड़े चारा घोटाला में शनिवार को रांची की सीबीआई स्पेशल कोर्ट फैसला देगी। सुनवाई के दौरान लालू समेत सभी 22 आरोपियों को कोर्ट में मौजूद रहने का आदेश दिया गया है। सुबह लालू प्रसाद और उनके बेटे तेजस्वी कोर्ट पहुंचे, लेकिन फैसला दोपहर 3 बजे आने पर वह हाजिरी लगाकर गेस्ट हाउस लौट गए।

बता दें कि 900 करोड़ के चारा घोटाले में यह 33वां और लालू से जुड़ा दूसरा फैसला होगा। लालू पर चारा घोटाले के 7 केस दर्ज हैं। एक केस में उन्हें 6 साल की सजा हो चुकी है। लालू के खिलाफ 5 अन्य केस में सुनवाई जारी है।

फैसले से पहले लालू ने क्या कहा?
– रांची के रेलवे गेस्ट हाउस में लालू ने मीडिया से कहा, ”मुझे ज्यूडिशियरी सिस्टम पर पूरा भरोसा है। सभी को इंसाफ मिल रहा है, हमें भी मिलेगा। मैं पिछड़ी जाति से हूं, मुझे भी इंसाफ मिलेगा। एक ही मुर्गी को 9 बार हलाल किया जा रहा है। वकीलों में सभी जरूरी सबूत कोर्ट को दिए हैं, जो बरी होने के लिए काफी हैं।”

– वहीं, शुक्रवार शाम रांची एयरपोर्ट पर लालू ने कहा था, ”अगर मैंने किसी से पैसा लिया तो सीबीआई सबूत दे। आखिर किस बात की मुझे सजा दिलाना चाहते हैं। 20 साल से मुझे परेशान किया जा रहा है। ज्यूडीशियरी सिस्टम पर पूरा भरोसा है। टू जी की तरह इसमें भी फैसला आएगा। बीजेपी और सीबीआई मुझे और परिवार को परेशान कर रही है।”
CBI ने 100 से ज्यादा गवाहों के बयान दर्ज कराए

-केस की सुनवाई सीबीआई कोर्ट में 1996 से चल रही है। सीबीआई ने 100 से ज्यादा गवाहों का बयान दर्ज कराया है। कई दस्तावेज भी अदालत में चिह्नित कराए हैं। आरोपियों की ओर से भी बचाव में गवाह पेश किए गए। दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद फैसले की तारीख तय की गई।

चारा घोटाले में कौन-कौन आरोपी?
– लालू प्रसाद और डॉ. जगन्नाथ मिश्र के अलावा अन्य आरोपियों में बिहार के पूर्व मंत्री विद्यासागर निषाद, जगदीश शर्मा, आरके राणा, ध्रुव भगत, फूलचंद सिंह, महेश प्रसाद, बेक जूलियस, एसी चौधरी, डॉ कृष्ण कुमार प्रसाद, सुधीर भट्टाचार्य, त्रिपुरारी मोहन प्रसाद, संजय अग्रवाल, ज्योति झा, गोपीनाथ दास, सुनील गांधी, सरस्वती चंद्र, साधना सिंह, राजाराम जोशी और सुशील कुमार शामिल हैं।

आरजेडी सुप्रीमो पर पद के दुरुपयोग का आरोप
– तब बिहार के सीएम और वित्त मंत्री लालू प्रसाद पर आरोप है कि उन्होंने पद का दुरुपयोग करते हुए मामले की इंक्वायरी के लिए आई फाइल को 5 जुलाई 1994 से 1 फरवरी 96 तक अटकाए रखा। फिर 2 फरवरी 1996 को जांच का आदेश दिया, तब तक चारा घोटाले का मामला सामने आ चुका था।

– आरजेडी सुप्रीमो लालू यादव के खिलाफ चारा घोटाले से जुड़े 7 मामले हैं। एक में फैसला आ चुका है। शनिवार को देवघर जिले के दूसरे केस में फैसला आना है। पांच में सुनवाई जारी है।

कैसे हुआ था चारा घोटाला?
– चारा घोटाले में 900 करोड़ रुपए के हेरफेर का आरोप है। इस दौरान देवघर ट्रैजरी (कोषागार) से अवैध तरीके से 1991 से 1994 के बीच 6 फर्जी आवंटन पत्र से 89,04,413 रुपए निकाले गए। जबकि बिहार सरकार की ओर से दवा और चारा की खरीदारी के लिए सिर्फ 4 लाख 7 हजार रुपए ही पास किए गए थे।

– चाईबासा कोषागार से गलत तरीके से पैसा निकालने के मामले में लालू यादव को सजा सुनाई जा चुकी है। 1997 में वह पहली बार जेल गए थे। उन्हें मुख्यमंत्री की कुर्सी गंवानी पड़ी थी। फिलहाल वो जमानत पर हैं

लालू की बेटी मीसा और दामाद के खिलाफ चार्जशीट दाखिल

नई दिल्ली/पटना। ईडी (इन्फोर्समेंट डायरेक्टोरेट) ने शनिवार को लालू यादव की बेटी मीसा भारती, उनके पति शैलेष से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में चार्जशीट फाइल की। अब दिल्ली के पटियाला हाउस कोर्ट में इस केस की सुनवाई शुरू होगी। बता दें कि 8000 करोड़ के मनी लॉन्ड्रिंग केस में ईडी ने मीसा और शैलेष से पूछताछ की थी।

सितंबर में जांच एजेंसी ने दिल्ली के बिजवासन इलाके में स्थित मीसा के फार्महाउस को सील किया था। मीसा-शैलेष की फर्म ने इसे 8 साल पहले में 1.2 करोड़ में खरीदा था।

8 जुलाई को ईडी ने मारे थे छापे
– मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में ही ईडी ने मीसा-शैलेष के दिल्ली स्थित 3 ठिकानों पर 8 जुलाई को छापे मारे थे। अफसरों ने शैलेष से करीब 8 घंटे पूछताछ की थी। ईडी के अफसर शैलेष को पूछताछ के लिए अपने साथ भी ले गए थे।
– इसके बाद दिल्ली के पॉश इलाके में मेसर्स मिशेल पैकर्स एंड प्रिंटर्स प्राइवेट लिमिटेड के नाम से रजिस्टर्ड फार्महाउस को सील किया गया। आरोप है कि मीसा-शैलेष इस फर्म के डायरेक्टर हैं।

जैन ब्रदर्स के ठिकानों पर भी चलाया था सर्च ऑपरेशन
– ईडी ने मीसा भारती के जिन ठिकानों पर छापा मारा था, उनमें दिल्ली के इंदिरा गांधी एयरपोर्ट के पास बिजवासन फार्महाउस, सैनिक फार्म और घिटोरनी के ठिकाने शामिल थे। ये छापे मनी लॉन्ड्रिंग केस में मारे गए थे।

अस्पताल में इलाज कराना होगा सस्‍ता, दवाओं पर मुनाफाखोरी रुकेगी

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नई दिल्‍ली। आने वाले समय में आपके लिए हॉस्पिटल में इलाज करना सस्‍ता हो सकता है। केंद्र सरकार दवाओं और इलाज में काम आने वाले दूसरे आइटम पर होने वाली मुनाफाखोरी को रोकने के तौर तरीकों पर विचार कर रही है।

बीमा इंडस्‍ट्री और दवाओं की कीमतें तय करने वाले नियामक नेशनल फार्मा प्राइसिंग अथॉरिटी (एनपीपीए) के बीच इसके लिए जरूरी मकैनिज्‍म बनाने पर सहमति बन सकती है।  इससे बीमा कंपनियों के हेल्‍थ इन्‍श्‍योरेंस क्‍लेम के मद में होने वाले खर्च की बचत होगी और आम मरीजों को भी इसका फायदा मिलेगा।
 
जनरल इन्‍श्‍योरेंस काउंसिल ने वित्‍त मंत्रालय को लिखा है पत्र
निजी क्षेत्र की साधारण बीमा कंपनियों के हितों का प्रतिनिधित्‍व करने वाले संगठन जनरल इन्‍श्‍योरेंस काउंसिल के सेक्रेटरी जनरल एम चंद्रशेखरन ने वित्‍त मंत्रालय को पत्र लिख कर एनपीपीए के साथ उनकी मीटिंग कराने को कहा है।

चंद्रशेखरन का कहना है कि हम एनपीपीए के साथ्‍ा मिल कर ऐसा मकैनिज्‍म तैयार कर सकते हैं जिससे हाल में हुई मैक्‍स जैसी घटनाओं पर रोक लग सकें। यहां पर मैक्‍स ने सीरिंज की कीमत 500 फीसदी तक ज्‍यादा वसूली थी।
 
बीमा कंपनियां एनपीपीए से शेयर कर सकती हैं दवाओं का बिल
चंद्रशेखरन का कहना है कि हाल में एनपीपीए ने स्‍टेंट और दूसरी दवाओं की कीमतों को कैप करने का कदम उठाया है, लेकिन अब भी ऐसी बहुत सी दवाएं और आइटम हैं जिस पर अस्‍पताल बहुत ज्‍यादा कीमत वसूलते हैं। बीमा कंपनियों के पास क्‍लेम सेटेलमेंट में दवाओं के बिल आते हैं।

ऐसे में एनपीपीए इन दवाओं के बिल देख पता कर सकता है कि अस्‍पताल ने दवाओं की जो कीमत वसूली है वह सही या नहीं। इसके अलावा जेनरिक और ब्रांडेड जेनरिक का मसला भी है। कई मामलों में पाया गया है कि हॉस्पिटल के अंदर चलने वाले मेडिकल स्‍टोर से मरीज को महंगी दवाएं मिलती है, जबकि उसके सस्‍ते जेनिरिक विकल्‍प मौजूद होते हैं।
 
सस्‍ता हो सकता है हेल्‍थ इन्‍श्‍योरेंस
एम चंद्रशेखरन का कहना है कि 2018 में हमारा अहम एजेंडा है कि हम लोगों को सस्‍ता हेल्‍थ इन्‍श्‍योरेंस कवर मुहैया कराएं। इसके लिए जरूरी है कि बीमा कंपनियों की हेल्‍थ इन्‍श्‍योरेंस क्‍लेम के मद में आने वाली लागत कम हो। खास कर दवाओं की कीमतों और दूसरे आइटम पर हम एनपीपीए के साथ मिल कर काम करना चाहते हैं।

इसके बाद अगला स्‍टेप मेडिकल प्रोसीजर पर आने वाले खर्च को कंट्रोल करना होगा। इसके लिए हम अस्‍पतालों के साथ बातचीत शुरू करेंगे। हालांकि हेल्‍थ सेक्‍टर में कोई रेग्‍युलेटर न होना एक बड़ी बाधा है, जिसकी वजह से मेडिकल प्रोसीजर की प्राइसिंग तार्किक बनाने में दिक्‍कत आ रही है।

Jio ने लॉन्‍च किया हैप्पी न्यू ईयर ऑफर, दो नए प्‍लान जारी

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नई दिल्‍ली। रिलायंस Jio ने हैप्‍पी न्‍यू ईयर ऑफर 2018 के तहत दो नए प्‍लान लाॅन्‍च किए हैं। कंपनी का दावा है कि इसमें ग्राहकों को ज्‍यादा डेटा मिलेगा। इनमें से एक प्‍लान 199 रुपए और दूसरा प्‍लान 299 रुपए है। दोनों प्‍लान मंथली हैं और प्राइम मेंबर्स के लिए हैं। इन प्‍लान को लेने वालों को जियो के सभी एप इस्‍तेमाल करने की सुविधा मिलेगी।
 
199 रुपए के प्‍लान में 28 दिनों तक मिलेगा 1.2 जीबी डाटा
कंपनी की तरफ से जारी जानकारी के अनुसार प्‍लान 199 रुपए में मिलेगा। इसमें 28 दिनों तक अनलिमिटेड कॉल और SMS के अलावा रोज 1.2 जीबी 4G डाटा मिलेगा। इसकी लिमिट खत्‍म होने के बाद भी ग्राहकों को डाटा मिलता रहेगा लेकिन उसकी स्‍पीड कम हो जाएगी।
 
 ज्‍यादा डेट के लिए 299 रुपए का प्‍लान
कंपनी ने महीने में ज्‍यादा डेटा खर्च करने वालों के लिए प्‍लान 299 लॉन्‍च किया है। इसमें 28 दिनों तक रोज 2 जीबी 4G डाटा मिलेगा। इसके अलावा अनलिमिटेड कॉल और SMS की सुविधा मिलेगी। इस प्‍लान में भी अगर 2 जीबी डाटा की लिमिट खत्‍म हो जाती है तो कम स्‍पीड में ग्राहक को डाटा मिलता रहेगा।

प्रोफेशनल फोटोग्राफी के गुर सिखाएगा आईएसटीडी

कोटा। शहर के युवाओं को इंडियन सोसाइटी फॉर ट्रेनिंग एंड डवलपमेंट कोटा चैप्टर अपने दसवें स्थापना दिवस पर दो दिन युवाओं को प्रोफेशनल फोटोग्राफी की ट्रेनिंग देगा। सोसाइटी का स्थापना दिवस 6 जनवरी को है। इस उपलक्ष्य में 15 दिवसीय प्रशिक्षण एवं विकास कार्यक्रमों की शृंखला का आगाज 29 30 दिसंबर को पूरे देश मेें आईएसटीडी की पहले फोटोग्राफी वर्कशॉप से होगा।

कोटा चैप्टर की अध्यक्ष अनीता चौहान ने पत्रकार वार्ता में बताया कि सोसाइटी के स्थापना दिवस पर 5 6 जनवरी को सर्टिफाइड ट्रेनर प्रोग्राम होगा। जिसके लिए मुंबई से ग्रे सेल्स के संस्थापक मेहुल कुवाडिया, प्रोफेसर वाईके भूषण, आईबीएस बिजनेस स्कूल के कैंपस हैड एवं आईआईटी दिल्ली के प्रोफेसर डीके बैंक्वेट आएंगे।

सर्टिफाइड ट्रेनर प्रोग्राम में ट्रेंड ट्रेनर कार्यशाला में नए प्रशिक्षकों या लंबे समय तक प्रशिक्षण देने वाले लोगों के लिए बनाई गई है। युवाओं को प्रशिक्षण देने में यह फोटोग्राफी की समझ और आत्मविश्वास बढ़ाएगा।

इस कार्यशाला में मानव संसाधन विकास प्रबंधक, इन कंपनी ट्रेनर्स, सेल्स, टेक्निकल, फंक्शनल या फ्री लांसर ट्रेनर, शिक्षक प्रोफेसर आदि शामिल रहेंगे। सोसाइटी का स्थापना दिवस होटल सूर्या रॉयल में मनाया जाएगा।

कोटा चैप्टर की अध्यक्ष अनीता चौहान पत्रकार वार्ता को सम्बोधित करते हुए।

कोटा चैप्टर के पदाधिकारियों ने पत्रकारों को बताया कि दो दिवसीय फोटोग्राफी वर्कशॉप का उद्देश्य क्रिएटिव फोटाेग्राफी सिखाना है। ट्रेनिंग में कैमरे की तकनीकी, एंगल, लाइट और फ्रेम आदि की बारीकी सिखाई जाएगी।

ताकि शौकिया फोटोग्राफर प्रोफेशनल फोटोग्राफी के गुरु सीखकर इस फील्ड में अपना कैरिअर बना सकें।

ट्रेनिंग देहरादून के डॉ. अविनाश चंद्र जोशी देंगे। इस दौरान सर्टिफाइड ट्रेनर प्रोग्राम के पोस्टर का विमोचन किया गया। इस मौके पर केएम टंडन, श्रीराम रेयन्स के मुख्य कार्यकारी वाइस प्रेसिडेंट वीके जेटली, नवीन अग्रवाल, पीके शर्मा, कैलाश भार्गव, कपिल शर्मा, राजीव प्रताप वरुण शृंगी आदि मौजूद रहे।

पद्मावती के बाद ‘टाइगर जिंदा है’ पर बवाल

1 माह बाद दोबारा गोल्ड सिनेमा में तोड़फोड़, 2 जने गिरफ्तार

कोटा/जयपुर। एरोड्रम सर्किल स्थित आकाश मॉल के गोल्ड सिनेमा में शुक्रवार को एक बार फिर तोड़फोड़ हो गई। इसी सिनेमा हॉल में पिछले माह 14 नवंबर को फिल्म पद्मावती का ट्रेलर दिखाने के बाद जमकर तोड़फोड़ हुई थी। तब से सिनेमा हॉल बंद था। पांच दिन पहले ही फिर से शुरू हुआ और गुरुवार को सलमान खान स्टारर फिल्म alt147 टाइगर जिंदा है..’ के विरोध में आए लोगों ने तोड़फोड़ कर दी। पुलिस ने 2 प्रदर्शनकारियों को शांतिभंग में गिरफ्तार किया है।

मॉल के संचालक नितेश अग्रवाल ने बताया कि यह फिल्म शुक्रवार को ही रिलीज हुई। सुबह 9 बजे फिल्म का पहला शो चल रहा था। तभी वाल्मीकि समाज के कुछ युवक मॉल में घुस गए। प्रदर्शनकारियों ने एक गेट का शीशा तोड़ दिया और वहां लगे फिल्म के बोर्ड पोस्टर फाड़ दिए।

पुलिस ने आरोपियों में से कुछ को पकड़ लिया और बाहर खड़ी उनकी गाड़ियां जब्त कर ली। उधर, बड़ी संख्या में वाल्मीकि समाज के लोग गुमानपुरा थाने पहुंच गए और गिरफ्तारी का विरोध शुरू कर दिया।

कोई एफआईआर, ही कोई वाहन जब्त : पुलिस
सीआईआनंद यादव ने शाम को बताया कि इस मामले में मौके से 2 युवकों विक्की विनीत को शांतिभंग में गिरफ्तार किया था, जिन्हें एडीएम के समक्ष पेश कर दिया।

मॉल संचालकों की तरफ से कोई रिपोर्ट नहीं दी गई, इसलिए कोई एफआईआर दर्ज नहीं हुई है। वाहनों को जब्त करने की बात को भी उन्होंने नकार दिया। उधर, मॉल संचालक नितेश अग्रवाल ने कहा कि ऑडिट टीम आई हुई थी, इसलिए मैनेजर को वहां रोक लिया था। अब उसे भेजकर रिपोर्ट दर्ज करवा रहे हैं।

इसलिए हो रहा विरोध
सलमान खान ने अपनी फिल्म ‘टाइगर जिंदा है’ के प्रमोशन के दौरान एक टीवी शो में अपने डांस के टैलेंट के लिए जातिसूचक शब्द का इस्तेमाल किया था। वहीं, शिल्पा शेट्टी ने यह बताने के लिए कि वह घर पर कैसी दिखती हैं इसी जातिसूचक शब्द का प्रयोग किया था।

जयपुर के राजमंदिर सहित तीन सिनेमाघरों में भी तोड़फोड़
जयपुर में पद्मावती पर विवाद के बाद अब सलमान खान की फिल्म ‘टाइगर जिंदा है’ पर भी विवाद खड़ा हो गया है। वाल्मीकि समाज ने सलमान द्वारा समाज के लिए कहे गए आपत्तिजनक शब्द पर नाराजगी जाहिर करते हुए प्रदेश के कई शहरों में विरोध प्रदर्शन किया।

जयपुर में राजमंदिर सहित तीन सिनेमाघरों में तोड़फोड़ भी की। यहां पोस्टर-बैनर फाड़कर जला दिए गए। जयपुर में 50 से ज्यादा लोगों को शांतिभंग के आरोप में गिरफ्तार किया गया। एक दर्जन से ज्यादा वाहन जब्त किए गए।

करंट में झुलसे विष्णु का हाथ कटा, अब इलाज के लिए पैसे नही

कोटा। बसन्त विहार में एक मेडिकल शॉप पर फ्लेक्स का काम करते समय विष्णु विजयवर्गीय (27) अचानक करंट की चपेट में आकर बुरी तरह झुलस गया। बाद में एक निजी हॉस्पिटल में उसे भर्ती किया,जहां एक सप्ताह पूर्व डॉक्टर्स को उसका जला हुआ दायां हाथ भी काटना पड़ा। बडे भाई सुरेश विजय ने बताया कि विष्णु साधारण परिवार से है। केशवपुरा में रहते हुए वह 10 वर्षों से फ्लेक्स लगाने का काम करता था।

12 दिसम्बर को वह बसन्त विहार स्थित एक मेडिकल शॉप पर फ्लेक्स लगा रहा था, अचानक उसे बिजली का करंट लगा, जिससे उसका एक हाथ जल गया और गर्दन, कंधे व पीठ की चमड़ी भी झुलस गई। दर्द से कराहते हुए लोगों ने उसे तुरन्त हॉस्पिटल पहुंचाया, जहां 4 दिन वह आईसीयू में भर्ती रहा।

डॉक्टर्स की हड़ताल के कारण उसे सुधा हॉस्पिटल में भर्ती कराया। बाद में उसे जयपुर के डॉक्टर्स को दिखाया लेकिन वहां भी संक्रमण से बचने के लिए हाथ कटवाने की सलाह दी।

परिवार में पत्नी निशा व ढाई वर्ष का बेटा है। उसके भाई ने पैसे उधार लेकर इलाज करवाया लेकिन निजी अस्पताल में 1 लाख से अधिक राशि खर्च हो जाने से परिवार के सामने आर्थिक परेशानियां खड़ी हो गई। पत्नी निशा विजय ने बताया कि पति को अस्पताल से डिस्चार्ज करवाने के लिए भी राशि नही है।

अब घर का खर्च चलाना भी मुश्किल हो रहा है। कोचिंग शिक्षक निशान्त पोरवाल ने सूचना मिलते ही इलाज में 10 हजार रुपये की मदद की। भाई ने बताया कि अब वह दुपहिया वाहन भी नही चला सकेगा। डॉक्टर्स की हड़ताल से उस पर दोहरी आर्थिक मार भी पड़ी है।

डूयूटी बढ़ने से दलहन में तेजी का रुख, धनिया में उछाल

कोटा। केंद्र सरकार के डूयूटी बढ़ाने से भामाशाह अनाज मंडी में शुक्रवार को दलहन में तेजी का रुख रहा। इसी कारण चना 250 मंसूर 200 और उड़द 200 रुपये प्रति क्विंटल ऊँचे बोले गए। आवक की कमी से धनिया 100 रुपये प्रति क्विंटल उछल गया। कमजोर उठाव से धान 50 रुपये, गेहूं 25 रुपये और लहसुन 300 रुपये प्रति क्विंटल मंदा । लहसुन की आवक 4000 हजार कट्टे की रही । 

गेहूं मिल 1500 से 1560 लोकवान 1600से 1650 पीडी 1600 से 1650 टुकडी 1600से 1655 रुपये प्रति क्विंटल। धान सुगंधा 2300 से 2551पूसा 1 2500 से 2650 पूसा 4 (1121) 2500 से 3000 धान (1509) 2000 से 2671रुपये प्रति क्विंटल।

सोयाबीन 2400 से 3040 सरसो 3200 से 3600 तिल्ली 7000 से 8300 रुपये प्रति क्विंटल। मैथी 2000 से 3000 धनिया बादामी 4400 से 4900 ईगल 4800 से 5050 रंगदार 5000 से 5500  रुपये प्रति क्विंटल। मूंग 3300 से 4400 उडद 2400 से 4000 चना 4000से 4400 चना काबुली 7000 से 10500 रुपये प्रति क्विंटल।

चना पेपसी 4000 से 4400 चना मौसमी 4000 से 4400 मसूर 3000 से 3600 रुपये प्रति क्विंटल। ग्वार 2500से 3450 मक्का नई 1000 से 1250 जौ 1100 से 1200 ज्वार 1300 से 2400 रुपये प्रति क्विंटल। लहसुन 800 से 2500 रुपये प्रति क्विंटल।

कोटा सर्राफा
चांदी 38200 रुपये प्रति किलो। 
सोना केटबरी 29700 रुपये प्रति दस ग्राम, सोना 34640 रुपये प्रति तोला।
सोना शुद्ध 29850 रुपये प्रति दस ग्राम,  सोना 34820 रुपये प्रति तोला।

एक बार फिर गुजरात के मुख्यमंत्री बनेंगे विजय रुपाणी, नितिन उपमुख्यमंत्री

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अहमदाबाद। गुजरात के अगले मुख्यमंत्री के नाम पर बना सस्पेंस खत्म हो गया है। भारतीय जनता पार्टी की विधायक दल की बैठक के बाद विजय रुपाणी के नाम पर मुख्यमंत्री पद के लिए मुहर लग गई है। वित्त मंत्री अरुण जेटली ने उनके नाम की घोषणा की। उनके साथ ही नितिन पटेल उपमुख्यमंत्री बने रहेंगे।

इस बारे में पत्रकारों से बात करते हुए जेटली ने बताया कि सर्वसम्मति से दोनों नामों पर फैसला हुआ है। साथ ही उन्होंने कहा कि दोनों के नामों पर कोई संशय नहीं था।

उन्होंने कहा कि यह मात्र एक औपचारिकता थी, इसीलिए घोषणा करने के लिए इंतजार किया गया। उन्होंने कहा कि बाकी सरकार के गठन की प्रक्रिया रुपाणी पूरी करेंगे। उन्होंने शपथग्रहण समारोह के बारे में जानकारी बाद में देने की बात कही।

एक बार फिर मुख्यमंत्री चुने गए विजय रुपाणी ने कहा कि जनता उन्हें 27 साल तक बहुमत में लाई है। उन्होंने लोगों के इतने साल तक रखे गए इस विश्वास को एक बड़ी जीत बताया।

वहीं, उपमुख्यमंत्री नितिन पटेल ने गुजरात की जनता भरोसा दिलाया कि वह और सीएम रुपाणी पार्टी के सदस्यों की मदद से पिछली सरकार की तरह लोगों के लिए काम करना जारी रखेंगे।

माना जा रहा है कि रुपाणी को सीएम बनाने का फैसला करके पार्टी यह संदेश देना चाहती है कि राज्य में सरकार ने अच्छा काम किया है।

पार्टी लोगों तक यह बात पहुंचाना चाहती है कि रुपाणी और पटेल के नेतृत्व में सरकार ने राज्य का विकास किया है और पीएम नरेंद्र मोदी के सीएम पद छोड़ने के बाद राज्य को आगे लेकर गए हैं।

ऐसे चुने गए विधायक दल के नेता
विधायक दल के नेता के चुनाव की प्रक्रिया की जानकारी देते हुए जेटली ने बताया कि सेंट्रल ऑब्जर्वर होने के नाते उन्होंने चुने गए विधायकों से नाम प्रस्तावित करने के लिए कहा। उन्होंने बताया कि भूपेंद्र यादव ने रुपाणी और पटेल का नाम आगे किया, जिसका समर्थन 5 अन्य विधायकों ने किया।

इन नामों को सबके सामने रखा गया। सभी ने सर्वसम्मति से उनके नाम पर हामी भर दी। जेटली ने बताया कि सदस्यों से यह भी पूछा गया कि क्या किसी को कोई और नाम प्रस्तावित करना है। कोई आगे नहीं आया तो रुपाणी और पटेल के नामों पर मुहर लग गई।

पहले सामने थे और भी नाम
इससे पहले गुजरात के सीएम के लिए कई नाम सामने आ रहे थे जिसमें केंद्रीय मंत्री स्मृति इरानी का नाम भी शामिल था। दरअसल, पहले यह तय माना जा रहा था कि रुपाणी को राज्य की कमान सौंपे जाने को लेकर कोई संशय नहीं है लेकिन चुनाव से ठीक पहले उपमुख्यमंत्री नितिन पटेल ने एक बयान देकर सबको हैरान कर दिया था।

पटेल ने कहा था कि मुख्यमंत्री के नाम पर फैसला विधायक दल की बैठक के बाद होगा। रुपाणी और पटेल ने गुरुवार को ही राज्यपाल ओ पी कोहली को अपना इस्तीफा सौंपा था और अगला सीएम निर्धारित न होने तक उन्हें अंतरिम सीएम बनाया गया था।

धोखाधड़ी के चलते बैंकों को 17 हजार करोड़ का नुकसान

नई दिल्ली। बीते फाइनैंशल इयर में बैंकों को धोखाधड़ी के चलते 16,789 करोड़ रुपये की चपत लगी है। वित्त मंत्रालय ने शुक्रवार को लोकसभा में यह जानकारी दी। वित्त राज्य मंत्री शिव प्रताप शुक्ला ने सदन में दिए लिखित जवाब में बताया, ‘फाइनैंशल इयर 2016-17 में बैंकों को 16,789 करोड़ रुपये का नुकसान उठाना पड़ा है।’

उन्होंने कहा कि बैंकिंग सेक्टर में साइबर सिक्योरिटी को लेकर समिति का गठन किया गया है। इसमें आरबीआई के अधिकारी, अकादमिक जगत, फॉरंसिक, साइबर सिक्योरिटी एक्सपर्ट्स और सूचना तकनीक से जुड़े लोगों को शामिल किया गया है।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि यह समिति बैंकिंग सेक्टर के समक्ष उपजी तकनीकी समस्याओं और उससे जुड़े खतरों से निपटने के लिए नीति-निर्धारण के काम में जुटा है। एक अन्य जवाब में शुक्ला ने कहा, ‘बैंक लूट, चोरी, डकैती और ठगी की घटनाएं 2016-17 में देश के कई भागों में घटित हुई हैं। ऐसी घटनाओं में बैंकों को 65.3 करोड़ रुपये की चपत लगी है।’

मौजूदा फाइनैंशल इयर में बैंकों में 393 घटनाएं हुई हैं, जिनमें 14.48 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। शुक्ला ने कहा कि आरबीआई की ओर से बैंकों को लगातार यह सलाह दी जाती रही है कि वे अपनी शाखाओं और एटीएम बूथों की सुरक्षा को पुख्ता करें।

दूसरे वित्त राज्य मंत्री पी. राधाकृष्णन ने कहा कि बड़े पैमाने पर पिछले दिनों 500 और 2000 रुपये के नकली नोट पकड़े गए हैं। उन्होंने कहा कि इनमें से अधिकतर नोट स्कैन किए हुए थे या फिर फोटोकॉपी की गई थी। इनमें से ज्यादातर नकली नोटों के सीरियल नंबर प्रचलित नोटों के नंबर जैसी ही पाए गए।