Monday, July 13, 2026
Home Blog Page 5580

रेलवे अब त्योहारी सीजन में ज्यादा किराया वसूलेगा

0

नई दिल्ली। फ्लाइट्स की तरह ही रेल का किराया भी मांग अधिक होने पर बढ़ सकता है। त्योहारों में महीनों पहले से ही रेल टिकट की मारामारी बढ़ जाती है, रेलवे बोर्ड फ्लाइट्स की तर्ज पर डायनेमिक प्राइसिंग शुरू करने पर विचार कर रहा है। अगर ऐसा हो जाता है तो दिवाली, दुर्गा पूजा जैसे त्योहारों के दौरान रेल टिकट के लिए आपको अधिक किराया देना होगा।

इसके साथ ही थोड़ी राहत भरी खबर यह हो सकती है कि ऑफ सीजन में आपको किराए में कुछ छूट मिल सकती है।पिछले सप्ताह वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक के दौरान रेल मंत्री पीयूष गोयल और रेलवे बोर्ड ने एयरलाइन्स की तरह ही ‘मांग आधारित किराया’ तय करने की जरूरत बताई थी।

रेलवे बोर्ड के अधिकारी 31 दिसंबर तक फ्लैक्सिबल डायनेमिक प्राइसिंग के ब्लू प्रिंट को अंतिम रूप दे सकते हैं। रेलवे के तीन जोन- पूर्वी, पश्चिमी और पश्चिम-मध्य ने इसको लेकर प्रस्तुति तैयार की है। इसमें मांग आधारित किराया निर्धारण के तरीके बताए गए हैं।

रेलवे जोन ने असुविधाजनक समय (जैसे रात के 12 बजे से सुबह 4 बजे और दोपहर 1 बजे से 5 बजे) में गंतव्य स्थानों पर पहुंचने वाली ट्रेनों के किराए में यात्रियों को छूट देने की सलाह दी है।। रेलवे अधिकारियों ने शुरुआती चरण और अंतिम चरण में खाली सीटों के किराए में 10 से 30 प्रतिशत छूट देने की सलाह दी है।

रेलवे के विभिन्न जोन ने रेलवे को त्योहारी मौसमों और मांग वाले दिनों में अतिरिक्त प्रीमियम शुल्क (10 से 20 प्रतिशत) लगाने का भी प्रस्ताव दिया है। प्रेजेंटेशन में सुझाव दिया गया है कि सप्ताह के अंत और दिवाली, दुर्गा पूजा, छठ और क्रिसमस जैसे मौकों पर अतिरिक्त किराया निर्धारित किया जा सकता है क्योंकि इन मौकों पर मांग ज्यादा रहती है।

अगर कोई यात्री किसी मार्ग पर अन्य ट्रेनों की तुलना में हाई स्पीड वाली ट्रेन का चयन करता है तो उसे अतिरिक्त किराया चुकाने को कहा जा सकता है। रेलवे के अलग-अलग जोन ने सलाह दी है कि अतिरिक्त राशि यात्री द्वारा हाई स्पीड से यात्रा करके बचाए गए प्रति घंटे के हिसाब से तय हो।

उन्होंने रात में चलने वाली ट्रेन, पैंट्री कार की सुविधा वाली ट्रेन पर भी प्रीमियम शुल्क लगाने का प्रस्ताव दिया है। इसके अलावा अलग-अलग बर्थ के लिए भी अलग-अलग किराया का प्रस्ताव दिया है। रेल मंत्रालय के अधिकारियों ने बताया कि मांग आधारित किराया शुरू करने के लिए अंतिम रूपरेखा 31 दिसंबर को तय की जाएगी।

बिटकॉइन ने दिया अमिताभ बच्चन को 650 करोड़ का झटका

0

नई दिल्ली/न्यूयॉर्क। बिटकॉइन की कीमतों में भारी तेजी के बीच कुछ ही दिनों में मेगास्टार अमिताभ बच्चन की दौलत लगभग 910 करोड़ रुपए बढ़ी थी, लेकिन कुछ ही दिन में उनकी 650 करोड़ रुपए की दौलत डूब भी गई। इसकी वजह क्रिप्टोकरंसीज के मार्केट से जुड़ी एक अनजान सी कंपनी बनी है, जिसमें बिग बी की मामूली हिस्सेदारी है।
 
ऐसे डूबे बच्चन के 650 करोड़ रुपए
– पीटीआई के मुताबिक अमिताभ बच्चन लंबे समय से भारत की छोटी सी लिस्टेड कंपनी स्टैम्पेड के शेयरहोल्डर हैं। इसके प्रमोटर ने हाल में अमेरिका में एक कंपनी लॉन्गफिन को लिस्ट कराया है, जिसके स्टॉक्स में दो दिन के भीतर 2500 फीसदी की तेजी दर्ज की गई।

अमेरिका की इस कंपनी ने हाल में सिंगापुर की एक कंपनी जिड्डू डॉट कॉम का अधिग्रहण किया था, जिसमें भी बच्चन की इनडायरेक्ट होल्डिंग थी। इन डील्स और क्रॉस होल्डिंग के क्रम में एक समय बिग बी की होल्डिंग की वैल्यू लगभग 910 करोड़ थी, जो अब 260 करोड़ रुपए रह गई है।
 
 बिटकॉइन से जुड़ा अमिताभ का लिंक
जहां लाखों भारतीयों के बीच बिटकॉइन और अन्य ऐसी वर्चुअल करंसीज को लेकर चर्चाएं हो रही थीं, ऐसे में बच्चन संभवतः देश की पहली ऐसी बड़ी हस्ती हैं, जिनका नाम इसके साथ जोड़ा गया है। ऐसा लगभग 3-4 साल पहले उनके द्वारा किए गए एक छोटे से निवेश की वजह से हुआ था।

इसका लिंक हैदराबाद की एक कंपनी स्टैम्पेड कैपिटल है, जो खुद को ‘रिसर्च आधारित ग्लोबल ट्रेड हाउस’ और ‘लिक्विडिटी उपलब्ध कराने वाली और मार्केट मेकर’ के तौर पर पेश करती है।
 
 इस छोटी सी कंपनी में शेयरहोल्डर हैं बिग बी
– पीटीआई के मुताबिक अपनी रेग्युलेटरी फाइलिंग में कंपनी बच्चन को अपना ‘इंडिविजुअल नॉन प्रमोटर शेयरहोल्डर’ बताती है, जिनके पास पिछले क्वार्टर के अंत तक कंपनी की 2.38 फीसदी हिस्सेदारी थी।

– बीएसई के रिकॉर्ड्स के मुताबिक, बच्चन कम से कम जून 2014 से उसके शेयरहोल्डर्स (1 फीसदी या ज्यादा हिस्सेदारी) की लिस्ट में बने हुए हैं। हालांकि उनकी हिस्सेदारी लगातार बदलती रही है।

–30 जून, 2014 तक कंपनी में बच्चन की हिस्सेदारी 3.39 फीसदी थी, जिसकी वैल्यू उस समय लगभग 9 करोड़ रुपए थी। उनकी मौजूदा होल्डिंग की वैल्यू लगभग आधी 4.7 करोड़ रुपए है।
 
अमेरिका में फर्म के लिस्ट होने का मिला फायदा
– बच्चन की दौलत बढ़ने की मुख्य वजह स्टैम्पेड रही, जिसने हाल में अपनी सब्सिडियरी लॉन्गफिन कॉर्प को अमेरिका में नैस्डैक एक्सचेंज पर लिस्ट कराया था। पिछले हफ्ते 2.5 डॉलर प्रति इश्यू की दर से बिक्री के बाद लिस्टिंग के वक्त लॉन्गफिन की मार्केट कैप 37 करोड़ डॉलर थी।

– लॉन्गफिन में स्टैम्पेड की हिस्सेदारी 37.14 फीसदी है और स्टैम्पेड में हिस्सेदारी होने के कारण बच्चन (2.38 फीसदी) को भी अमेरिका में लिस्टेड फर्म का फायदा मिलेगा।
 
 डील के चलते मिले बच्चन को मिले शेयर
– लॉन्गफिन ने कंपनी के 25 लाख रिस्ट्रिक्टेड क्लास ए कॉमन शेयरों के बदले में मेरीडियन और हॉन्गकॉन्ग की गैलेक्सी मीडिया लि. की अगुआई वाली सहयोगी एंटिटीज के साथ एक एसेट परचेज एग्रीमेंट किया था। इस प्रकार इस डील से एक और बच्चन लिंक सामने आया।

– लॉन्गफिन की यूएस रेग्युलेटर एसईसी में दी गई फाइलिंग के मुताबिक, जिड्डू डॉट कॉम के अधिग्रहण के लिए इन 25 लाख शेयर बांटे गए , जिनमें से 1 लाख शेयर गैलेक्सी मीडिया, 1.25 लाख शेयर अमिताभ बच्चन और 1.25 लाख शेयर अभिषेक बच्चन को मिले।

जयललिता की सीट पर निर्दलीय दिनाकरण जीते

0

नई दिल्ली/चेन्नई । 4 राज्यों की 5 विधानसभा सीटों पर हुए बाइपोल के नतीजे रविवार को सामने आए। इनमें से 3 सीटों पर बीजेपी को जीत मिली। तमिलनाडु की आरके नगर सीट पर निर्दलीय कैंडिडेट टीटीवी दिनाकरण ने एआईएडीएमके के ई. मधुसूदनन को 40 हजार से ज्यादा वोट से हराया।

दिनाकरण, शशिकला के भतीजे हैं। इस सीट से पूर्व मुख्यमंत्री जयललिता चुनाव लड़ती थीं। उधर, यूपी में सिकंदरा और अरुणाचल में लिकाबाली, पक्के-केसांग सीट बीजेपी की झोली में गईं। वहीं, पश्चिम बंगाल में सबांग सीट पर टीएमसी कैंडिडेट गीता रानी भूनिया को बड़ी जीत मिली।

इन सीटों के नतीजों का हुआ एलान

1. तमिलनाडु:आरके नगर सीट पर निर्दलीय दिनाकरण जीते
-आरके नगर सीट के बाइपोल नतीजों में निर्दलीय कैंडिडेट टीटीवी दिनाकरण ने एआईएडीएमके कैंडिडेट मधुसूदनन को हराया। शुरुआते राउंड से ही उन्हें लीड मिली, जो आखिरी दौर में 40,707 वोट तक पहुंच गई।

– आखिरी राउंड की गिनती के बाद दिनाकरण को 89,013 और मधुसूदनन को 48,306 वोट मिले। वहीं, डीएमके के एन. मारुथुगणेश को 24,651 वोट मिले। बीजेपी कैंडिडेट कारू नागराजन से दो गुना ज्यादा वोट नोटा को गए।

– बता दें कि पिछले साल जयललिता के निधन के बाद आरके नगर सीट खाली हुई थी। शशिकला ने इस सीट पर दावेदारी जताई थी लेकिन उन्हें और दिनाकरण को पार्टी से बाहर कर दिया गया। 21 दिसंबर को हुए बाइपोल में रिकॉर्ड 77.68% वोट पड़े थे। 2015 के बाइपोल में जयललिता ने 1.5 लाख वोट से जीत दर्ज की थी।
अम्मा की दुआएं मेरे साथ

– दिनाकरण ने कहा, “आरके नगर सीट को अम्मा रिप्रेजेंट करती थीं। वोटर्स ने बता दिया है कि पार्टी सिम्बल और पार्टी किसके पास रहनी चाहिए। सपोर्ट के लिए लोगों का शुक्रिया अदा करता हूं। मैं निर्दलीय कैंडिडेट के तौर पर चुनाव लड़ा, लेकिन पूरी एआईएडीएमके साथ है। अम्मा की दुआएं भी मेरे साथ ही हैं। अगले 3 महीनों में ये सरकार नहीं रहेगी।”

2. अरुणाचल: दोनों सीटों पर BJP का कब्जा
– अरुणाचल प्रदेश की लिकाबाली और पक्के-केसांग सीट पर हुए बाइपोल में बीजेपी को जीत मिली। दोनों सीटों पर जीत के साथ ही बीजेपी के कुल 49 विधायक हो गए हैं।

– पक्के-केसांग सीट पर बीजेपी के बीआर वाघे को 475 वोट से जीत मिली। उन्होंने कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ रहे पूर्व डिप्टी सीएम कमेंग डोलो को हराया। वाघे को 3517 और डोलो को 3042 वोट मिले। यहां 21 दिसंबर को 86% वोट पड़े थे।

– दूसरी ओर, लिकाबाली सीट पर बीजेपी के कार्दो नियोग्योर ने पीपीए कैंडिडेट गुमका रिबा को 305 वोट से हराया। यहां बीजेपी 3461 और पीपीए को 3156 वोट मिले। कांग्रेस कैंडिडेट सिर्फ 362 वोट ही हासिल कर पाए। यहां बाइपोल में 51% वोटिंग हुई थी।

– बता दें कि इस जीत के साथ 60 मेंबर वाली अरुणाचल विधानसभा में बीजेपी के विधायकों की संख्या 49 हो गई है। वहीं, पीपीए के 9, कांग्रेस और निर्दलीय के एक-एक मेंबर हैं।

3. उत्तर प्रदेश: सिकंदरा सीट पर BJP ने सपा को हराया
– कानपुर देहात की सिकंदरा सीट पर बीजेपी के अजीत पाल ने समाजवादी पार्टी की कैंडिडेंट सीमा सचान को 11861 वोट से हरा दिया। सीमा पूर्व विधायक राकेश सचान की पत्नी हैं। कांग्रेस के प्रभाकर पांडेय तीसरे नंबर पर रहे। बीएसपी ने इस बार यहां चुनाव नहीं लड़ा।

– बता दें कि बीजपी विधायक मथुरा पाल के निधन से सिकंदरा सीट खाली हुई थी। पार्टी ने उनके बेटे अजीत को मैदान में उतारा। बाइपोल में इस बार यहां 53% वोटिंग हुई थी।

4. पश्चिम बंगाल: सबांग में तृणमूल कांग्रेस की जीत
– सबांग सीट पर टीएमसी ने 64 हजार वोट से जीत दर्ज की। ममता बनर्जी की पार्टी कैंडिडेट गीता रानी भूनिया को 1,06,179 वोट मिले। वहीं, मार्क्‍सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (CPM) कैंडिडेट रीता मंडल को 41,987 वोट ही हासिल हुए।

बीजेपी कैंडिडेट अंतरा भट्टाचार्य 37,476 वोट के साथ तीसरे नंबर पर रहीं। 2016 के विधानसभा चुनाव के मुकाबले बाइपोल में पार्टी का प्रदर्शन सुधरा है। तब यहां बीजेपी को सिर्फ 5 हजार वोट ही मिले थे।

– कांग्रेस कैंडिडेट चिरंजीब भौमचिक 18,060 वोट के साथ चौथे स्थान पर रहे। यहां पिछले इलेक्शन में कांग्रेस विधायक मनास भूनिया ने टीएमसी को हराया था, लेकिन बाद में उनके राज्यसभा सांसद बनने पर सीट खाली हो गई थी। चुनाव जीतने वाली गीता रानी मनास की पत्नी हैं।

युवक-युवतियों के परिचय ने तय कराए रिश्ते

कोटा । अग्रवाल समाज सेवा संस्था के तत्वावधान में 201 वां विशाल एवं भव्य दो दिवसीय विवाह योग्य युवक- युवती परिचय सम्मेलन रविवार को कोटा में झालावाड़ रोड पर वैवाहिक रिश्तों के मिलान और संबंध तय होने के साथ ही अग्रवाल सेवा सदन परिसर में परिचय सम्मेलन संपन्न हुआ।

संस्थान के अध्यक्ष रमेश चंद्र अग्रवाल एवं महामंत्री सुरेश अग्रवाल ने बताया कि रविवार को दूसरे दिन भी देश के विभिन्न प्रांतों से वर- वधु की तलाश में आए अग्रवाल समाज के लोगों ने अपने विवाह योग्य कन्याओं एवं युवकों को मंच पर प्रस्तुत किया। 700 से अधिक युवक -युवतियों ने परिचय सम्मेलन में अपने अभिभावकों के साथ भागीदारी की।

रविवार को प्रस्तुत होने वालों में 18 गौत्रों के व्यवसायी वर्ग के अलावा प्रशासनिक अधिकारी, डाक्टर, इंजीनियर्स, पायलट, सीए, कंपनी सेक्रेटरी, शिक्षक व शिक्षिकाएं आदि प्रमुख थी। रविवार को पार्षद पवन अग्रवाल , पूर्व पार्षद कला गुप्ता, व्यवसायी अशोक अग्रवाल, समेत कोटा शहर से एवं संभाग से समाज के गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

महामंत्री सुरेश अग्रवाल ने समाज की गतिविधियों की जानकारी देते हुए बताया कि 1180 प्रविष्ठियां प्राप्त हुई थी, जिनमें से 747 युवक एवं 433 युवतियां रही। कुछ आवेदन व्हाट्सअप पर भी आऐ थे, उन्हें स्वीकार नहीं किया गया। कई परिचय देने वालों के गुण मिलान के बाद संबंध भी तय हो गए।

मुख्य संयोजक जगदीश मित्तल ने धन्यवाद ज्ञापित किया। मंच संचालन मुकेश गुप्ता एवं डॉ लोकमणि गुप्ता ने किया। माधवी मंच की अनिता मित्तल, दीप्ति मंगल आदि ने परिचय दिलवाने में युवतियों की मदद की।

नई ऑडी A8L सेडान जल्द होगी इण्डिया में लॉन्च

नई दिल्ली। ऑडी ने नई ए8एल सेडान को कंपनी की इंडियन वेबसाइट पर लिस्ट कर दिया है। कयास लगाए जा रहे हैं कि कंपनी जल्द ही इस कार को भारत में उतारने वाली है। इसका मुकाबला बीएमडब्ल्यू 7-सीरीज और मर्सिडीज़-बेंज एस-क्लास से होगा। इसकी कीमत 1.30 करोड़ रूपए से दो करोड़ रूपए (एक्स-शोरूम, दिल्ली) के बीच हो सकती है।

नई ऑडी ए8एल पहले से ज्यादा मजबूत और कम वज़नी है। इसे तैयार करने में एल्यूमिनियम, स्टील, मेगनिशियम और कार्बन-फाइबर का इस्तेमाल किया गया है। आगे की तरफ चौड़ी सिंगल फ्रेम ग्रिल, फुल एलईडी मैट्रिक्स हैडलैंप्स के साथ दी गई है। साइड वाले हिस्से में मल्टी-स्पॉक अलॉय व्हील और कर्व लाइने दी गई है।

पीछे की तरफ ओएलईडी टेललैंप्स दिए गए हैं, जो पीछे वाले हिस्से में चौड़ी कार वाला अहसास लाते हैं। इसका केबिन पहले से ज्यादा प्रीमियम होगा। इंस्ट्रूमेंट क्लस्टर पर ऑडी वर्चुअल कॉकपिट मिलेगा। इस में 10.1 इंच और 8.6 इंच की दो एचडी टचस्क्रीन मिलेगी।

नई ए8एल में दो इंजनों का विकल्प मिलेगा। पहला होगा 3.0 लीटर टीडीआई इंजन, जो 286 पीएस की पावर देगा। दूसरा होगा 3.0 लीटर का टीएफएसआई इंजन, जो 340 पीएस की पावर देगा। चर्चाएं हैं कि भारत आने वाली नई ए8एल में माइल्ड-हाइब्रिड का विकल्प भी मिल सकता है।

नए साल में लॉन्च होगी लेक्सस एलएस 500एच कार, जानें कीमत

मुंबई। टोयोटा के लग्जरी ब्रांड लेक्सस की एक और नई कार भारत में दस्तक देने के लिए तैयार है। ये कार है लेक्सस एलएस 500एच, कंपनी ने घोषणा की है कि भारत में इसे 15 जनवरी 2018 को लॉन्च किया जाएगा। इसका मुकाबला ऑडी ए8, बीएमडब्ल्यू 7-सीरीज, मर्सिडीज़-बेंज एस-क्लास और जगुआर एक्सजे से होगा।

लेक्सस कारों की रेंज में एलएस 500एच को ईएस 300एच हाइब्रिड सेडान के ऊपर पोजिशन किया जाएगा। दूसरी लेक्सस कारों की तरह एलएस 500एच को भी भारत में इंपोर्ट करके बेचा जाएगा। इसकी कीमत एक करोड़ रूपए से 1.2 करोड़ रूपए के बीच हो सकती है।

भारत आने वाली लेक्सस एलएस 500एच में 3.5 लीटर का वी6 इंजन, दो इलेक्ट्रिक मोटर के साथ आएगा। इनकी संयुक्त पावर 355 पीएस होगी। इंजन ईसीवीटी गियरबॉक्स से जुड़ा होगा। देखने वाली बात ये होगी कि कंपनी भारत में इसका रियर व्हील-ड्राइव वाली मॉडल उतारती है या फिर ऑल-व्हील-ड्राइव मॉडल उतारती है।

जयराम ठाकुर हिमाचल के नए सीएम, 27 को होगी ताजपोशी

0

नई दिल्ली/शिमला। जयराम ठाकुर हिमाचल प्रदेश के नए मुख्यमंत्री होंगे। रविवार को उन्हें विधायक दल की मीटिंग में नेता चुना गया। पहले इस रेस में जेपी. नड्डा का नाम भी चल रहा था। लेकिन, कास्ट फैक्टर को देखते हुए ठाकुर को नेता चुना गया। ठाकुर प्रेम कुमार धूमल सरकार में पंचायत और ग्रामीण विकास मंत्री रह चुके हैं।

इस बार सेराज से विधायक चुने गए। वो अब तक पांच बार विधायक चुने जा चुके हैं। हिमाचल में ठाकुर कम्युनिटी ज्यादा है और नड्‌डा ब्राह्मण हैं। बीजेपी के सामने सीएम की दिक्कत प्रेम कुमार धूमल के हारने की वजह से हुई थी। नरेंद्र सिंह तोमर ने ठाकुर के नाम का एलान किया। प्रेम कुमार धूमल ने ठाकुर के नाम का प्रस्ताव किया था।

पांच बार लिया धूमल का नाम
– जयराम ठाकुर जब आभार प्रकट करने के लिए सामने आए तो पांच बार पूर्व सीएम प्रेम कुमार धूमल का नाम लिया। धूमल पार्टी के सीएम कैंडिडेट थे लेकिन वो सुजानपुर से चुनाव हार गए थे।
तोमर ने किया ठाकुर के नाम का एलान

– विधायक दल की बैठक में बीजेपी के सेंट्रल ऑब्जर्वर निर्मला सीतारमण और नरेंद्र सिंह तोमर भी शामिल हुए। तोमर ने कहा- बैठक में नए नेता के चयन की प्रक्रिया आज पूरी हो रही है। आज हम सब लोगों ने सबसे पहले बीजेपी के कोर ग्रुप की बैठक में हिस्सा लिया। चर्चा में पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह जी और संसदीय बोर्ड ने फैसला किया।

विधानमंडल दल की बैठक हुई। इसमें पूर्व सीएम प्रेम कुमार धूमल जी ने जयराम ठाकुर को अध्यक्ष बनाने का प्रस्ताव रखा। जेपी नड्डा और शांता कुमार ने प्रस्ताव का समर्थन किया।कोई दूसरा प्रस्ताव सामने नहीं है इसलिए जयराम ठाकुर जी को विधानमंडल दल का नेता घोषित किया जाता है।

जयराम ठाकुर ने क्या कहा?
– तोमर ने जयराम ठाकुर को आभार प्रकट करने के लिए बुलाया। जयराम ठाकुर ने कहा, “मैं नरेंद्र तोमर, निर्मला सीतारमण, जेपी नड्डा जी, प्रेम कुमार धूमल, शांता कुमार, हेमंत पांडे, पवन राणा और विधायकों का धन्यवाद करता हूं।”

– “हिमाचल एक ऐसा प्रदेश है, जहां बीजेपी की सरकार का हम इंतजार कर रहे थे और ये सपना साकार हुआ। हिमाचल कांग्रेस मुक्त हुआ। मैं नरेंद्र मोदी, अमित शाह को धन्यवाद देता हूं। जिस उम्मीद पर जनता ने हमें जनादेश दिया है और राष्ट्रीय नेतृत्व ने जो हमसे उम्मीद रखी है, हम उसे पूरा करने की कोशिश करेंगे।”

जयराम बनाम धूमल गुट की भिड़ंत से केंद्र दुखी
– सेंट्रल ऑब्जर्वरों की मौजूदगी में जिस तरह से पहले जयराम गुट और फिर धूमल गुट ने नारेबाजी की और नौबत हाथापाई तक पहुंच गई थी, उससे पार्टी हाईकमान काफी खफा है।
– बीजेपी के बड़े नेताओं ने कहा है कि जिस तरह की चीजें सामने आईं हैं, उन्हें खारिज नहीं किया जा सकता। दोषी नेताओं के खिलाफ कार्रवाई होगी।

भारत की आर्थिक वृद्धि दर 2018 में 7.5 प्रतिशत रहने की उम्मीद

नयी दिल्ली। देश की अर्थव्यवस्था में जनवरी-मार्च तिमाही में बेहतर पुनरोद्धार की उम्मीद है और जीडीपी वृद्धि दर 2018 में करीब 7.5 प्रतिशत रह सकती है। नोमुरा ने एक रिपोर्ट में यह कहा है।

जापान की वित्तीय सेवा कंपनी नोमुरा के कंपोजिट लीडिंग इंडेक्स सीएलआई के अनुसार नये नोटों को चलन में लाने तथा वैश्विक मांग में सुधार से चौथी तिमाही अक्तूबर-दिसंबर में आर्थिक वृद्धि दर मजबूत होगी और पहली तिमाही जनवरी-मार्च में तीव्र पुनरोद्धार होगा।

नोमुरा ने एक शोध रिपोर्ट में कहा, हम वृद्धि परिदृश्य को लेकर उत्साहित हैं। हम चालू वर्ष की तीसरी तिमाही जुलाई-सितंबर में 6.3 प्रतिशत वृद्धि के मुकाबले चौथी तिमाही अक्तूबर-दिसंबर में 6.7 प्रतिशत तथा 2018 में मजबूत सुधार के साथ 7.5 प्रतिशत आर्थिक वृद्धि की उम्मीद है।

रिपोर्ट के अनुसार मुद्रास्फीति दबाव बढ़ने तथा तेल की कीमत को देखते हुए मौद्रिक नीति को कड़ा किये जाने की संभावना है। इसके अलावा छह दिसंबर को मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) की बैठक के ब्योरे से पता चलता है कि अधिकतर सदस्यों ने मुद्रास्फीति के बढ़ने के जोखिम को लेकर आशंका जतायी और नीतिगत दर को यथावत रखा।

नोमुरा ने कहा, हम 2018 की दूसरी तिमाही में मौद्रिक नीति समिति की ओर से थोड़ा आक्रमक रुख की उम्मीद करते हैं। उस समय वृद्धि तथा मुद्रास्फीति दोनों अधिक होगी। लेकिन हमारा मानना है कि 2018 में नीतिगत दर यथावत रहेगी।

रिजर्व बैंक ने चालू वित्त वर्ष की पांचवी मौद्रिक नीति नीति समीक्षा में रेपो दर तथा रिवर्स रेपो दर को क्रमश: 6 प्रतिशत तथा 5.75 प्रतिशत पर बरकरार रखा। साथ ही 2017-18 के लिये मुद्रास्फीति के अनुमान को बढ़ाकर 4.3-4.7 प्रतिशत कर दिया।

टैक्स चोरों की अब खैर नहीं , IT सरकारी रिकॉर्ड से निकाल लेगा अड्रेस

0

नई दिल्ली। टैक्स चोरों को अब पता बदलकर बदलकर टैक्स अथॉरिटीज से छुपना काफी कठिन होनेवाला है क्योंकि ऐसे टैक्स चोरों पर नकेल कसने के लिए सरकार ने बड़ा कदम उठाया है।

सरकार ने नियम में बदलाव करते हुए टैक्स डिफॉल्टर्स को ढूंढ़ने के लिए बैंकिंग, इंश्योरेंस और म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन डेटाबेस का इस्तेमाल करने का अधिकार इनकम टैक्स डिपार्टमेंट को दे दिया है। इन डेटाबेस से अड्रेस लेकर अधिकारी छुपे और लापता टैक्स चोरों को ढूंढ़कर उनसे बकाया वसूल पाएंगे।

टैक्स अथॉरिटीज अब तक डिफॉल्टर्स द्वारा पर्मानेंट अकांउंट नंबर (PAN) में दिए गए अड्रेस पर केवल नोटिस भेज सकती थीं। इस डेटाबेस से आईटी अथॉरिटीज को मदद नहीं मिल पा रही थी क्योंकि कुछ टैक्सपेयर्स वास्तव में अपना अड्रेस बदल लेते हैं और इसकी जानकारी अपडेट नहीं कराते या फिर कुछ लोग टैक्स चोरी के मकसद से ऐसा करते हैं।

एक वरिष्ठ टैक्स अधिकारी ने कहा, ‘वित्त मंत्रालय से मंजूरी के बाद इनकम टैक्स नियम में बदलाव को हाल ही में नोटिफाई किया गया है।

इससे टैक्स अधिकारियों को डिफॉल्टर्स का अड्रेस बैंकिंग कंपनी, कोऑपरेटिव बैंक, इंडिया पोस्ट, इंश्योरेंस कंपनी, अग्रीकल्चर इनकम रिटर्न और फाइनैंसल ट्रांजैक्शन स्टेटमेंट से प्राप्त करने का अधिकार मिल गया है।’अधिकारी ने बताया कि असेसी (व्यक्ति या कंपनी) का अड्रेस गवर्नमेंट रिकॉर्ड या लोकल अथॉरिटी के डेटाबेस से प्राप्त किया जा सकता है।

सरकारी डेटाबेस का मतलब है उन सभी डेटाबेस से है जहां टैक्सपेयर रजिस्टर्ड है जैसे ड्राइविंग लाइसेंस, वोटर आईडी और स्थानीय निकाय या इस तरह का कोई अन्य डिपार्टमेंट। नियम में यह बदलाव सेंट्रल बोर्ड ऑफ डायरेक्ट टैक्सेज (CBDT) की ओर से किया गया है।

अधिकारी ने बताया कि यह संशोधन बहुत जरूरी था। बहुत से लोगों और कंपनियों पर करोड़ों रुपये का टैक्स बकाया है, लेकिन उनसे संपर्क नहीं हो पा रहा है क्योंकि उन्होंने अपना पता बदल लिया और इनकम टैक्स डिपार्टमेंट को इसकी जानकारी नहीं दी।

शेल कंपनियां नहीं बेच पाएंगी प्रॉपर्टी, रजिस्ट्री पर लगेगी रोक

0

नई दिल्ली। शेल कंपनियों पर मोदी सरकार एक और एक्शन लेने की तैयारी कर रही है। इसके तहत कंपनियां अपनी प्रॉपर्टी  बेच नहीं पाएगी । इस संबंध में केंद्र सरकार ने राज्यों को एडवाइजरी भी भेज दी है। जिसमें कहा गया है। ऐसी कंपनियां या उनके प्रमोटर प्रॉपर्टी बेचकर निकले के फिराक में हैं, उन पर कड़ी नजर रखी जाय।

जिससे कि वह किसी भी तरह अपनी प्रॉपर्टी को बेचकर निकल न जाय। ऐसी कंपनियों के ऊपर प्रॉपर्टी बेचने पर रोक उन्हें क्लीन चिट मिलने तक बनी रहेगी।

 राज्य रजिस्ट्री पर लगाएंगे रोक: ॉरपोरेट अफेयर्स मिनिस्ट्री के अनुसार केंद्र सरकार ने राज्यों को शेल या डिफॉल्टर कंपनियों पर सख्ती के लिए एडवाइजरी जारी की है। जिसमें कहा गया है कि संदिग्ध ट्रांजैक्शन करने वाली कंपनियों पर कड़ी नजर रखी जाय।

इसके तहत न केवल उनके बैंक अकाउंट सीज किए जा रहे हैं, वहीं ऐसी कंपनियों की चल-अचल संपत्ति पर भी नजर रखी जाय। इसके तहत राज्यों को कहा गया है कि वह ऐसी कंपनियों को प्रॉपर्टी न बेचने दे। 
 
बंद हो चुकी हैं 5 लाख कंपनियां

कॉरपोरेट अफेयर्स मिनिस्ट्री से मिले आंकड़ों के अनुसार देश में नवंबर तक करीब 5 लाख कंपनियां बंद हो चुकी है। जिसमें 2.24 लाख कंपनियां ऐसी हैं जो दो साल से इन एक्टिव हैं। यहीं नहीं ब्लैकमनी पर लगाम कसने के लिए 3 लाख से ज्यादा डायरेक्टर को डिसक्वालीफाई भी किया गया है।

सरकार को इस बात का डर है कि कई लोग शेल कंपनियों के जरिए ब्लैकमनी का ठिकाने लगा रहे हैं। जिसके आधार पर शेल कंपनियों पर सरकार सख्त नजर आ रही है।
 
नोटबंदी में 17 हजार कंपनियों ने किया हेर-फेर
 
नोटबंदी के ऐलान के बाद से हुई प्रारंभिक जांच में ये बात सामने आई है कि करीब 17 हजार कंपनियों ने 58 हजार अकाउंट के जरिए संदिग्ध ट्रांजैक्शन किए हैं। इसके तहत कंपनियों ने 17 हजार करोड़ रुपए का लेन-देन किया है। यहीं नहीं एक ऐसी कंपनी भी सामने आई है, जिसके अकाउंट में नोटबंदी के पहले निगेटिव बैलेंस था और उसके बाद 2484 करोड़ रुपए का लेन-देन  किया गया है।