Tuesday, July 14, 2026
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कमजोर मांग से ग्वारगम वायदा में गिरावट

नयी दिल्ली। हाजिर बाजार में कमजोरी के संकेतों के अनुरूप व्यापारियों द्वारा अपने सौदों का आकार कम करने से बृहस्पतिवार को वायदा कारोबार में ग्वारगम की कीमत 34 रुपये की हानि के साथ 8,945 रुपये प्रति पांच क्विन्टल रह गई।

बाजार सूत्रों ने कहा कि उत्पादक क्षेत्रों से निरंतर आपूर्ति के कारण स्टॉक बढ़ने से मुख्यत: कीमतों में गिरावट आई। एनसीडीईएक्स में ग्वारगम के जून महीने में डिलीवरी वाले अनुबंध की कीमत 34 रुपये अथवा 0.38 प्रतिशत की गिरावट के साथ 8,945 रुपये प्रति पांच क्विन्टल रह गई जिसें 60,090 लॉट के लिए कारोबार हुआ।

इसी प्रकार ग्वारगम के जुलाई महीने में डिलीवरी वाले अनुबंध की कीमत 35 रुपये अथवा 0.38 प्रतिशत की हानि के साथ 9,085 रुपये प्रति पांच क्विन्टल रह गई जिसें 8,110 लॉट के लिए कारोबार हुआ।

वोटों की गिनती के दिन कैसा रहेगा शेयर बाजार, विश्लेषकों ने बताया

नई दिल्ली। 23 मई को अगर चुनाव परिणाम बिल्कुल हैरतअंगेज रहे तो भी शेयर बाजार में 10 प्रतिशत से ज्यादा के उतार-चढ़ाव की गुंजाइश नहीं रहेगी। विश्लेषकों का मानना है कि मार्केट पहले से ही उथल-पुथल के माहौल से ग्रसित है, ऐसे में लोकसभा चुनाव के वोटों की गिनती के दिन बहुत भारी हलचल की उम्मीद नहीं की जा सकती।

वैल्युक्वेस्ट इन्वेस्टमेंट अडवाइजर्स के सीआईओ रवि धरमशी ने कहा, ‘मुझे नहीं लगता कि कोई उम्मीद बच गई है। लोग सचेत हैं, वे आर्थिक सुस्ती के कारण परेशान हैं। उनकी सोच बिगड़े को संभालने की होनी चाहिए, न कि उत्साह में आकर कुछ और बिगाड़ लेने की।’

बड़ी गिरावट का शिकार बाजार
दरअसल, बिगड़े वैश्विक हालात, मार्च तिमाही में कंपनियों के आए मिलेजुले नतीजे और इस कारण कई कंपनियों के वैल्युएशन में आई गिरावट जैसी गैर-राजनीतिक वजहों से बाजार में भारी उथल-पुथल के दौर से गुजर रहा है। मंगलवार को घरेलू शेयर बाजार लगातार नौ सत्रों की गिरावट के साथ पहली बार बढ़त के साथ बंद हुआ था।

लेकिन, अगले ही दिन बुधवार को अच्छी खासी तेजी के साथ खुलने के बाद 200 से ज्यादा अंकों के साथ बंद हुआ। बाजार की हालत यह है कि मई महीने में अब तक भारतीय शेयर बाजार सबसे ज्यादा कमजोर पड़ रहे दुनियाभर के बड़े बाजारों में शामिल रहा है। इसका कारण अमेरिका-चीन के बीच ट्रेड वॉर का नए सिरे से परवान चढ़ना है।

किसकी सरकार पर कैसा रहेगा बाजार
एडलवाइस प्रफेशनल इन्वेस्टर रिसर्च का कहना है कि अगर एनडीए की सत्ता में वापसी होती है तो निफ्टी 10% की उछाल के साथ 12,500 के आसपास का स्तर छू सकता है। लेकिन, अगर कांग्रेस-बीजेपी से इतर थर्ड फ्रंट के पक्ष में फैसला आता है तो मार्केट में मचा बवाल और जोर पकड़ेगा। तब सेंसेक्स और निफ्टी में 10 से 12 प्रतिशत की गिरावट आ सकती है। तब निफ्टी 10,000 के स्तर के नीचे जा सकता है। हालांकि, कांग्रेस की सरकार बनने पर भी बाजार का सकारात्मक रवैया देखने को मिल सकता है।

प्रभुदास लीलाधर का अनुमान
ब्रोकरेज हाउस प्रभुदास लीलाधर का अनुमान है कि चालू वित्त वर्ष में निफ्टी ईपीएस में 8.4 प्रतिशत की मजबूती आएगी जो पिछले वित्त वर्ष में 3.8 प्रतिशत कमजोर हुई थी। उसने कहा, ‘अगर टिकाऊ एनडीए सरकार सत्ता में आती है तो मार्केट को 24-25 गुना अर्निंग्स का स्वाद चखने को मिल सकता है।

यानी, निफ्टी 13,275 से 13,825 के स्तर तक पहुंच सकता है। लेकिन, किसी तरह का प्रतिकूल नतीजा आया तो बिगड़े वैश्विक हालात के मद्देनजर पीई मल्टिपल्स मार्केट में रैली से पहले के स्तर 19 गुना पर आ जाएंगे।’ फिलहाल निफ्टी एक वर्ष की फॉरवार्ड अर्निंग्स के 21 गुना स्तर पर ट्रेड कर रहा है जो 18 के लॉन्ग टर्म ऐवरेज के 16.6 प्रतिशत प्रीमियम है।

दमदार फीचर्स से लैस BMW X5 2019 हुई लॉन्च

नई दिल्ली। लग्जरी कार निर्माता कंपनी BMW ने फोर्थ जनरेशन X5 एसयूवी भारत में लॉन्च कर दी। भारत में इस कार की शुरुआती कीमत 72.90 लाख रुपये है। 2019 BMW X5 को भारत में ही चेन्नई के एक प्लांट में असेंबल किया गया है। यह कार डीजल और पेट्रोल दोनों ऑप्शंस में उपलब्ध है। डीलरशिप्स पर डीजल वेरियंट्स आज से अवेलेबल होगा। पेट्रोल वेरियंट कुछ समय बाद उपलब्ध होगा।

इस कार की डिजाइन की बात करें तो इस कार में रिस्टाइल्ड फ्रंट बंपर दिया गया है जिसके साथ किडनी डिजाइन ग्रिल्स, नई हेडलाइट्स और LED डेटाइम रनिंग लाइट्स दी गई हैं। रियर में LED टेललाइट्स और रिस्टाइल्ड रियर बंपर दिए गए हैं। पेट्रोल मॉडल के M Sports में ज्यादा अग्रेसिव डिजाइन थीम्स दी गई है।

BS6 कंप्लायंट पेट्रोल इंजन
इस कार के X5 xDrive30d मॉडल में 265hp/620Nm, 3 लीटर, सिक्स सिलिंडर टर्बोचार्ज्ड डीजल इंजन दिया गया है। वहीं xDrive40i मॉडल में 40hp/450Nm, 3 लीटर, सिक्स सिलिंडर टर्बोचार्ज्ड पेट्रोल इंजन दिया गया है।

इन इंजन के साथ 8 स्पीड ऑटोमेटिक गियरबॉक्स दिया गया है जो कार के चारों हिस्सों में BMW के एक्स ड्राइव ऑल वीइल सिस्टम के जरिए पावर ट्रांसमिट करता है। इसके साथ अडैप्टिव एयर सस्पेंसन भी दिया गया है। पेट्रोल इंजन BS6 कंप्लायंट है। यह कार तीन मेटेलिक एक्सटीरियर फिनिश मिनरल वाइट, पाइथॉनिक ब्लू और ब्लैक सेफायर के साथ आती है।

ज्यादा इंटीरियर स्पेस
नई X5 पुराने मॉडल से हर डायमेंशन में बड़ी है। यानी इस कार में पहले से ज्यादा इंटीरियर स्पेस है। स्प्लिट फोल्डिंग रियर सीट्स के चलते इस कार के इंटीरियर का स्पेस 650 लीटर से 1,870 लीटर हो गया है।

नई X5 में नया डैशबोर्ड ले आउट दिया गया है जिसमें दो 12.3 इंच डिजिटल स्क्रीन्स दी गई हैं। एक स्क्रीन ने आउटगोइंग मॉडल के एनालॉग इंस्ट्रूमेंट क्लस्टर को नई फुल डिजिटल यूनिट से रिप्लेस किया है। दूसरी स्क्रीन इंफोटेंटमेंट टचस्क्रीन डिस्प्ले है। इसे भी अपडेट किया है।

पार्किंग असिस्टेंट प्लस
नई X5 में कंपनी का पार्किंग असिस्टेंट प्लस दिया गया है जिससे इस कार को सेल्फ पार्किंग फीचर मिलता है। इस कार को पिछला मेजर अपडेट 2014 में मिला था। जिसके चलते यह कार Mercedes GLE, Audi Q7, Volvo XC90 जैसी कारों से पिछड़ रही थी। अब इस नए अपडेट के साथ कंपनी इन ब्रैंड्स के लिए चुनौती पेश करेगी।

नीचे का तो पहन लेती मेडम, ट्रोल्स फोटो देख निया शर्मा को बोले

मुंबई। टीवी ऐक्ट्रेस निया शर्मा अपने बोल्ड फैशन के लिए जानी जाती हैं। चाहे रेड कार्पेट पिक्स हो या फिर हॉलिडे के फोटोज सभी में वह सुपर हॉट दिखाई देती हैं। हालांकि उनकी यही बोल्डनेस उन्हें कई बार ट्रोल्स के निशाने पर भी ले आती हैं और इस बार भी उनके साथ यही हुआ है।

दरअसल, निया ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक तस्वीर शेयर की थी जिसमें वह वाइट टी-शर्ट पहनी दिखाई दे रही हैं। इस स्पोर्ट्स टी-शर्ट में वह काफी हॉट दिख रही हैं, लेकिन लोगों ने इस फोटो में से भी ट्रोलिंग का टॉपिक ढूंढ निकाला।

यूजर्स निया से सवाल करते दिखे कि उन्होंने अपनी टी-शर्ट के नीचे पैंट्स क्यों नहीं पहनी है। लोगों ने तरह-तरह के कॉमेंट करते हुए निया का मजाक उड़ाया और उनके फैशन सेंस पर सवाल उठाए।

निया ने यूं दिया जवाब
निया शर्मा ने भी हमेशा ही तरह इस बार भी ट्रोल्स को करारा जवाब दिया। उन्होंने एक और फोटो पोस्ट किया जिसमें वह ब्लैक ड्रेस पहनी दिख रही हैं, जिसका फ्रंट नेक काफी डीप है जिससे उनका क्लीवेज पार्ट सेक्सी वे में हाइलाइट हो रहा है।

इस बोल्ड फोटो के साथ निया ने ट्रोल्स पर इनडायरेक्ट वे में निशाना साधते हुए साफ किया कि वह सुनेंगी तो सब की लेकिन आखिर में करेंगी वही जो वह चाहेंगी।

अब 24 घंटे सातों दिन कर सकेंगे ऑनलाइन फण्ड ट्रांसफर: RBI

नई दिल्ली। भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने सप्ताह के सभी सात दिनों और 24 घंटे ( 24 × 7) ऑनलाइन फंड ट्रांसफर का प्रस्ताव दिया है। इसके तहत NEFT के जरिए यह सुविधा मिलेगी। इससे बैंकिंग के लिए लोगों को और ज्यादा वक्त मिल सकेगा।

आरबीआई ने अपने दस्तावेज़ पेमेंट एंड सेटलमेंट सिस्टम इन इंडिया: विजन 2019 – 2021 में कहा है कि एनईएफटी में और अधिक सुविधाओं को जोड़ने की आवश्यकता है। यही नहीं, केंद्रीय बैंक आरटीजीएस (रियल टाइम ग्रॉस सेटलमेंट) में ग्राहक लेनदेन के लिए उद्योग की तैयारियों और ग्राहक की मांग के आधार पर विस्तार करने की संभावना की भी जांच करेगा।

वर्तमान में NEFT में रविवार, महीने के दूसरे और चौथे शनिवार और कैलेंडर वर्ष के लिए घोषित बैंक छुट्टियों में फंड ट्रांसफर की अनुमति नहीं है। एसबीआई सोमवार से शुक्रवार को सुबह 8 से शाम 7 बजे तक और शनिवार को सुबह 8 से दोपहर 1 बजे तक एनईएफटी की सुविधा प्रदान करता है।

IMPS में सुविधा है, लेकिन लिमिट सिर्फ दो लाख तक
तत्काल भुगतान सेवा (IMPS) के माध्यम से फंड को चौबीसों घंटे हस्तांतरित किया जा सकता है, लेकिन इसकी अधिकतम राशि 2 लाख रुपये है। आरटीजीएस में भी बड़ी मात्रा में फंड हस्तांतरण किया जाता है लेकिन कार्यदिवस में ग्राहक लेनदेन के लिए सुबह 8 बजे से शाम 4.30 बजे तक ही यह सुविधा है। इसलिए अब आरबीआई फंड ट्रांसफर की सभी प्रणालियों की जांच, रिस्क फैक्टर, दिन व रात में भुगतान करने वालों का डाटा, अवकाश की सीमा आदि का विश्लेषण करने के बाद एनईएफटी में 24 घंटे ट्रांसफर की सुविधा जोड़ेगा।

2021 तक चार गुना बढ़ेगा डिजिटल लेनदेन
भारतीय रिजर्व बैंक को उम्मीद है कि दिसंबर 2021 तक देश में डिजिटल माध्यमों से होने वाला लेनदेन चार गुना से भी अधिक बढ़ जाएगा। इन लेनदेन का मूल्य बढ़कर 8,707 करोड़ रुपये तक पहुंच जाएगा। रिजर्व बैंक ने कहा है कि नए सेवाप्रदाताओं और नए तौर-तरीकों के आने से भुगतान प्रणाली में लगातार बदलाव जारी रहेगा।

इससे उपभोक्ताओं को बेहतर लागत पर विभिन्न प्रकार के भुगतान प्रणाली के विकल्प उपलब्ध होंगे। रिजर्व बैंक इस विजन दस्तावेज को 2019- 2021 के दौरान अमल में लाएगा। इससे पहले पिछला विजन दस्तावेज 2016 से 2018 के लिए जारी किया गया था।

कार्ड पेमेंट भी एक छत के दायरे में होंगे
अब तक बैंकों को अलग-अलग कार्ड नेटवर्क के साथ कार्ड लेनदेन को निपटाने के लिए अलग-अलग खातों की आवश्यकता होती है। आरबीआई के दस्तावेज़ में कहा गया है कि सिस्टम में अधिक दक्षता लाने और प्रक्रिया को और अधिक सुंदर बनाने के लिए सभी से सलाह ली जाएगी। इसमें कोशिश होगी कि सभी अधिकृत कार्ड नेटवर्कों के लिए एकल राष्ट्रीय निपटान खाता होने की संभावनाएं तलाशी जाए।

दाल के दाम जल्द ही होंगे 100 रुपए के पार, उत्पादन कम होने से तेजी

नई दिल्ली।जल्द ही दाल की कीमत फिर से 100 रुपए प्रति किलोग्राम होने जा रही है। दाल में तेजी चल रही है और अभी यह रुख जारी रहेगा। तुअर दाल के उत्पादन में पिछले साल के मुकाबले 30-35 फीसदी की कमी बताई जा रही है। वहीं उड़द दाल के उत्पादन में पिछले साल की तुलना में 15-20 फीसदी की गिरावट है।

तुअर एवं उड़द में तेजी के रुख से चना दाल में भी मजबूती शुरू हो गई है। थोक मंडी में तुअर दाल की कीमत 5700-5800 रुपए प्रति क्विंटल चल रही है। चना दाल की थोक कीमत 4500 रुपए प्रति क्विंटल के आस-पास चल रही है। पिछले दो माह के दौरान दालों के थोक भाव में 800 रुपए प्रति क्विंटल तक की तेजी आई है।

दाल मिलर्स 2 लाख टन दाल का आयात कर सकेंगे
ऑल इंडिया दाल मिलर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष सुरेश अग्रवाल ने LEN DEN NEWS को बताया कि तुअर दाल की थोक कीमत अगर 58 रुपए प्रति किलो होगी तो इसकी खुदरा कीमत 90 रुपए से अधिक आएगी क्योंकि दाल को तैयार करने के दौरान 25 फीसदी छिलका या चूरी निकलती है। उन्होंने बताया कि जिस गति से तेजी चल रही है उस हिसाब से तुअर दाल के थोक भाव 6000 रुपए प्रति क्विंटल से अधिक हो जाएंगे।

अग्रवाल ने बताया कि दाल की खुदरा कीमत 100 रुपए प्रति किलोग्राम के स्तर को जल्द ही छू लेगी। हालांकि दाल के दाम को नियंत्रण में रखने के लिए सरकार दाल मिलर्स को आयात का लाइसेंस जारी करने जा रही है। दाल मिलर्स 2 लाख टन दाल का आयात कर सकेंगे।

नहीं किया जा रहा है आयातित दाल को बाजार में रिलीज
अग्रवाल ने बताया कि दाल के बड़े आयातक 1.5 लाख टन तुअर दाल का आयात पूरा कर चुके हैं, लेकिन वे आयातित दाल को बाजार में रिलीज नहीं कर रहे हैं। इससे भी दाल के दाम में तेजी का रुख है। वर्ष 2015 में भी दाल के दाम में भयंकर तेजी आई थी और दाल की खुदरा कीमत 200 रुपए प्रति किलोग्राम हो गई थी।

अप्रैल माह में सोने का रिकॉर्ड 53 प्रतिशत ज्यादा आयात

नई दिल्ली। भारतीयों का सोने के प्रति आकर्षण बरकरार है। सोने का आयात कम करने के लिए केंद्र सरकार की तमाम बंदिशें भी काम नहीं आई है। महज अप्रैल में ही सोने के आयात में 53 प्रतिशत की रिकॉर्ड बढ़ोतरी हुई है। अप्रैल में भारत ने सोने के आयात के लिए 39.72 बिलियन डॉलर खर्च कर दिए।

जबकि बीते साल अप्रैल में ही 25.79 बिलियन डॉलर खर्च किए थे। इसी वजह से भारत का व्यापार घाटा भी बढ़ गया है। सोने के आयात में वृद्धि की वजह शादियों के सीजन और लोकसभा चुनाव को बताया जा रहा है। चुनाव के दौरान निवेशकों ने बाजार की बजाय सोने पर ज्यादा भरोसा किया है।

चांदी के आयात में 48 फीसदी की आई कमी
अप्रैल 2019 में भारत ने कुल 2.50 बिलियन डॉलर के मूल्य की चांदी का आयात किया। जबकि इसी सामान अवधि में वर्ष 2018 में 4.81 बिलियन डॉलर का आयात हुआ था। यानी चांदी के आयात में 48.10 फीसदी की कमी आई है। औद्योगिक उत्पादन कम होने की वजह से ऐसा हुआ है।

8.78 बिलियन डॉलर हुआ व्यापार घाटा
वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय के एक बयान के अनुसार अप्रैल 2019 के लिए व्यापार घाटा 8.78 बिलियन डॉलर अनुमानित है। जबकि इसी अवधि में बीते साल अप्रैल 2018 में 7.07 बिलियन डॉलर था। हालांकि बीते साल के 25.91 बिलियन की तुलना में इस साल अप्रैल में मर्चेंडाइज का निर्यात कुल 26.07 बिलियन डॉलर था। यानी कि 0.64 फीसदी की सकारात्मक वृद्धि दर्ज हुई है। रुपये में बात करें तो निर्यात 1,45,053 करोड़ रुपये से 6.45 प्रतिशत बढ़कर 181,021 करोड़ रुपये हो गया।

इस साल ज्यादा है शादियां
इस सीजन में शादियां पिछले सीजन के मुकाबले अधिक होने जा रही है। इसका सीधा असर सोने की बिक्री पर पड़ने का अनुमान है। भारत में सोना सीधे तौर पर शादी से जुड़ा है। यह अनुमान वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल की तरफ से जारी किया गया है। काउंसिल की रिपोर्ट के मुताबिक इस बार जून तिमाही में शादी के लिए शुभ दिनों की ज्यादा संख्या और सोने की कम कीमत के कारण ऐसा होगा। अभी सोने की कीमत चार महीने के न्यूनतम स्तर पर है।

पूरे साल में 850 टन तक जा सकती है मांग
गोल्ड काउंसिल के मुताबिक पूरे 2019 में भारत में सोने की मांग 850 टन तक जा सकती है। पिछले साल यह 760.4 टन रही थी। 2018 में 2017 की तुलना में मांग में 1.40% की कमी रही थी। 2019 की पहली तिमाही में आयात में 11% की बढ़ोतरी हुई। मार्च तिमाही में 175 टन सोने का आयात हुआ। वहीं, 2018 की मार्च तिमाही में 157 टन सोने का आयात हुआ था।

पिछले पांच साल में भारत में सोने की डिमांड

साल डिमांड बदलाव
2014 828.5 टन (-15.01%)
2015 857.2 टन (3.46%)
2016 661.1 टन (-22.9%)
2017 771.2 टन (15.78%)
2018 760.4 टन (-1.40%)

मजबूती के साथ खुला शेयर बाजार, सेंसेक्स 67 अंक सुधर कर 37,182 पर

मुंबई। देश के शेयर बाजार के शुरुआती कारोबार में गुरुवार को मजबूती का रुख है। प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स सुबह 9.42 बजे 67.15 अंकों की मजबूती के साथ 37,182.03 पर और निफ्टी भी लगभग इसी समय 20.80 अंकों की बढ़त के साथ 11,177.80 पर कारोबार करते देखे गए।

बंबई स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का 30 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक सेंसेक्स सुबह 64.25 अंकों की मजबूती के साथ 37,179.13 पर जबकि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 50 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक निफ्टी 23.35 अंकों की गिरावट के साथ 11,180.35 पर खुला।

किन शेयरों में रही तेजी-मंदी
गुरुवार को शुरुआती कारोबार में टाटा मोटर्स, पावर ग्रिड कॉर्पोरेशन, यस बैंक, UPL, वेदांता, इंफोसिस, बजाज फाइनेंस, अदानी पोर्ट्स, हिंडाल्को, जी इंटरटेनमेंट, हीरो मोटोकॉर्प, टाटा स्टील, बजाज फिनसर्व, HUL, विप्रो, NTPC, एशियन पेंट्स, रिलायंस, भारती इंफ्राटेल और आईसीआईसीआई बैंक में मजबूती के साथ कारोबार दर्ज किया गया।

दूसरी ओर कारोबार की शुरुआत में इंडियाबुल्स हाउसिंग, IOC, BPCL, सन फार्मा, सिप्ला, कोटक महिंद्रा, आयशर मोटर्स, लार्सन, ITC, कोल इंडिया, HDFC और इंडसइंड बैंक में कमजोरी के साथ कारोबार हुआ।

जीप कंपस ट्रेलहॉक के डीटेल लॉन्च से पहले लीक

नई दिल्ली। जीप कंपस ट्रेलहॉक जुलाई में भारत में लॉन्च होने वाली है। लॉन्च से पहले इसकी कुछ तस्वीरें ऑनलाइन लीक हो गई हैं। इन तस्वीरों से जीप कंपस ट्रेलहॉक के एक्सटीरियर और इंटीरियर के कुछ डीटेल भी सामने आ गए हैं।

एक्सटीरियर की बात करें, तो इस एसयूवी की ग्रिल पर और फॉगलैम्स पॉड के चारों ओर ब्लैक फिनिश है। ड्यूल-टोन बम्पर पर ब्लैक इंसर्ट्स के साथ रैक्टैगुलर एयरडैम है। एसयूवी के आउट साइड रियर व्यू मिरर और विंडो फ्रेम ब्लैक कलर में हैं।

बोनट पर ब्लैक डेकल दिया गया है। ट्रेलहॉक के इंटरनैशनल मॉडल की तरह भारत में आने वाली ट्रेलहॉक के फ्रंट में लाल रंग के टो-हुक नहीं हैं। हालांकि, एसयूवी के पीछे की तरफ लाल रंग का एक टो-हुक है। कंपस ट्रेलहॉक में ड्यूल-टोन अलॉय वील्ज देखने को मिल सकते हैं।

जीप कंपस ट्रेलहाक का इंटीरियर रेड फिनिश के साथ ब्लैक कलर में होगा। सेंटर में बड़ा टचस्क्रीन इन्फोटेनमेंट सिस्टम और ऑटोमैटिक क्लाइमेट कंट्रोल दिया गया है। गियर लीवर के सामने लो रेंज, डिफरेंशियल लॉक और हिल डिसेंट कंट्रोल के बटन लगे हैं। एसयूवी में 12 वोल्ट डीसी पावर आउटलेट, यूएसबी और एयूएक्स पोर्ट दिए गए हैं।

कंपस ट्रेलहॉक में इलेक्ट्रॉनिक पार्किंग ब्रेक स्टैंडर्ड कंपस से लिया गया है और यह ट्रैक्शन कंट्रोल, ऑटो स्टार्ट/स्टॉप के लिए दिए गए स्विच के बगल में है। स्टैंडर्ड कंपस की तुलना में ट्रेलहॉक के मल्टी इन्फर्मेशन डिस्प्ले (MID) के ग्राफिक्स में हल्के बदलाव किए गए हैं।

इंजन: कंपस ट्रेलहॉक में 2.0-लीटर, 4-सिलिंडर डीजल इंजन दिए जाने की संभावना है। यह इंजन 171 bhp का पावर और 350 Nm पीक टॉर्क जनरेट करता है। इंजन 9-स्पीड ऑटोमैटिक गियरबॉक्स से लैस होगा।

रोंगटे खड़े कर देगा तापसी पन्नू स्टारर ‘गेम ओवर’ का टीजर

तापसी पन्नू स्टारर ‘गेम ओवर’ का बुधवार को मेकर्स ने टीजर रिलीज किया है। 1 मिनट 25 सेकंड का यह टीजर दर्शकों के रोंगटे खड़े कर देगा। बिना डायलॉग वाले इस टीजर में खूब सस्पेंस और थ्रिल है। टीजर में तापसी वील चेयर पर दिखाई दे रही हैं। टीजर देखते हुए दर्शक हर पल यह सोचते हैं कि तापसी किस चीज से डर रही हैं।

टीजर में लिखा गया है कि हर कोई दो जिंदगी जीता है। दूसरी जिंदगी तब शुरू होती है जब हमें यह एहसास होता है कि हमारे पास सिर्फ एक जिंदगी है’। टीजर में बार-बार एक विडियो गेम भी दिखाया जाता है। इस टीजर का बैकग्राउंड स्कोर भी काफी थ्रिलिंग है और तापसी की ऐक्टिंग आपकी नजर एक पल के लिए स्क्रीन से नहीं हटने देती है।

फिल्म का निर्देशन अश्विन सरवनन कर रहे हैं। बता दें कि तापसी पन्नू जल्द ही अनुराग कश्यप की फिल्म ‘सांड की आंख’ में नजर आने वाली हैं। इस फिल्म में उनके साथ भूमि पेडनेकर भी नजर आएंगी।