नई दिल्ली । Vivo V15 स्मार्टफोन की कीमत में एक बार फिर से कम कर दी गई है। अब इस फोन को 19,990 रुपये में खरीदा जा सकता है। इस फोन को मार्च में 23,990 रुपये में लॉन्च किया गया था। पिछले महीने इस की कीमत को 2,000 रुपये कम की गई थी । जिसके बाद यह 21,990 रुपये में उपल्बध कराया गया था। वहीं, अब दूसरी बार भी इस फोन की कीमत मे कटौती की गई है। अब एक बार फिर इसकी कीमत को 2,000 रुपये कम किया गया है। यह फोन फिलहाल पुरानी कीमत में ही Vivo E-Store, Amazon और Flipkart पर लिस्टेड है।
Vivo V15 के फीचर्स: Vivo V15 में फुल स्क्रीन डिस्प्ले और पॉप-अप सेल्फी स्नैपर मौजूद है। इसमें 6.53 इंच का फुल एचडी प्लस आईपीएस एलसीडी पैनल दिया गया है। इसका पिक्सल रेजोल्यूशन 1080×2340 है। वहीं, आस्पेक्ट रेश्यो 19.5:9 है। यह फोन 12nm मीडियाटेक हेलियो P70 ऑक्टा-कोर प्रोसेसर और 6 जीबी रैम से लैस है। इसमें 64 जीबी की इंटरनल स्टोरेज दी गई है। फोन को 4000 एमएएच की बैटरी दी गई है जो फास्ट चार्जिंग सपोर्ट करती है।
Vivo V15 में ट्रिपल रियर कैमरा मौजूद है। इसका प्राइमरी सेंसर 24 मेगापिक्सल का है। वहीं, दूसरा सेंसर 8 मेगापिक्सल और तीसरा 5 मेगापिक्सल का है। इसमें में 32 मेगापिक्सल का पॉप-अप स्नैपर दिया गया है। फोन में वाई-फाई 802.11ac, ब्लूटूथ, जीपीएस, VoLTE के साथ 4G LTE और ड्यूल सिम कार्ड स्लॉट्स जैसे कनेक्टिविटी फीचर्स मौजूद हैं।
कोटा। अग्रवाल न्यूरो साइकेट्री सेंटर और इंडियन मेडिकल एसोसिएशन की ओर से विश्व स्क्रिझोफेनिया दिवस पर शुक्रवार को मानसिक स्वास्थ्य को जवाहर नगर स्थित अस्पताल में जन संगोष्ठी का आयोजन किया गया। जिसमें स्किजोफेनिया के लक्षण, बचाव और उपचार तथा इससे संबंधित भ्रांतियों पर विस्तार से प्रकाश डाला।
संगोष्ठी में डाॅ. एमएल अग्रवाल ने कहा कि मानसिक रोगी का मतलब सदैव पागलपन से नहीं होता है। स्क्रिझोफेनिया भी अन्य बीमारियों की तरह ही होती है। यह रोग मनुष्य के विचार और अनुभूतियों पर प्रभाव डालता है। जिसमें तार्किक शक्ति कमजोर होने लगती है। यह बीमारी सदैव से मानव में पाई जाती है और चरक संहिता में भी इसका वर्णन मिलता है।
इस समय देश में 80 प्रतिशत आत्महत्याएं मनोरोग के कारण से होती हैं। रोगी को समय पर इलाज नहीं मिलने के कारण से प्रत्येक 40 मिनट में मनोरोग से पीड़ित एक व्यक्ति आत्महत्या कर लेता है। जिन्हें समय पर इलाज के द्वारा बचाया जा सकता है।
डाॅ. एस सान्याल ने कहा कि मेडिकल फील्ड में सर्वाधिक भ्रांतियां मनोरोग को लेकर ही हैं। आमतौर पर लोग ऐसी बीमारियों में ऊपरी हवा का असर मानकर झाडफूंक कराते रहते हैं और साल छह माह बीत जाने के बाद चिकित्सकीय परामर्श के लिए आते हैं। ऐसे रोगी स्वयं को बीमार मानने से भी कतराते हैं और इलाज को लेने में भी अधिक दिलचस्पी नहीं दिखाते हैं।
इस तरह के लोगों में किन्हीं बातों को लेकर इतना बड़ा भ्रम होता हैं कि वह उन्हें ही सच मानने लगते हैं। ऐसे लक्षण वाले व्यक्ति को आगे चलकर स्क्रिझोफेनिया हो जाता हैं। किसी व्यक्ति के जीवन में थोड़ी उदासी स्वाभाविक हैं, किन्तु जब ऐसी स्थिति स्थायी रूप लेले तो यह डिप्रेशन का लक्षण हो सकता हैं।
ब्रेन की सेल्स सिकुड़ जाती है डाॅ. केके डंग ने कहा कि इस प्रकार की बीमारी में मरीज के लिए तनावमुक्त वातावरण बहुत जरूरी है। इसमें पारिवारिक सदस्यों की भूमिका बहुत अहम हो जाती है। जब डिप्रेशन बढ़ जाता हैं तब मरीज आत्महत्या तक कर लेता हैं। कभी-कभी कोई बात भूल जाना सामान्य बात हैं। उम्र बढ़ने के साथ व्यक्ति के ब्रेन की सेल्स सिकुड़कर छोटी होने लगती हैं। इससे उसकी वर्किंग कैपेसिटी पर भी असर होता हैं। आगे जा कर उस व्यक्ति को शॉर्ट टर्म मेमोरी लॉस की समस्या भी होने लगती हैं। इस स्थिति में व्यक्ति आधे घंटे पहले मिलने वाले व्यक्ति का नाम भी भूल जाता हैं।
देश में करोड़ स्क्रिझोफेनिया के रोगी उन्होंने कहा कि देश में करीबन 1 करोड 30 लाख स्क्रिझोफेनिया के रोगी मौजूद हैं। ऐसे में, इस बीमारी के बारे में लोगों में जागृति होना आवश्यक है। लोगों के बीच इस बीमारी से जुड़ी भ्रांतियों को दूर करने के लिए ही संगोष्ठी का आयोजन किया गया है। इस दौरान डाॅ. आरसी गुप्ता, डाॅ0 नीतू समेत कईं लोग मौजूद रहे। इस अवसर पर आयोजित प्रश्नोत्तरी में सीताराम, द्वारकालाल, लोकेश शर्मा को पुरस्कृत किया गया।
इंदौर।स्थानीय खाद्य तेल बाजार में शुक्रवार को मूंगफली तेल 10 रुपये और पाम तेल के भाव में आठ रुपये (गुरुवार की तुलना में) प्रति 10 किलोग्राम की कमी दर्ज की गई। पशु आहार कपास्या खली के भाव 50 रुपये प्रति 60 किलोग्राम बोरी की तेजी लिए रहे।
तिलहन: सरसों 3800 से 3850 रायडा 3400 से 3450 सोयाबीन 3750 से 3800 रुपये प्रति क्विंटल। तेल: मूंगफली तेल इंदौर 1050 से 1070, सोयाबीन रिफाइंड इंदौर 755 से 758, सोयाबीन साल्वेंट 725 से 730, पाम तेल 630 से 635 रुपये प्रति 10 किलोग्राम।
पशु आहार: कपास्या खली इंदौर 1900, देवास 1900, उज्जैन 1900, खंडवा 1885, बुरहानपुर 1885, अकोला 2800 रुपये प्रति 60 किलोग्राम बोरी। कपास्या तेल:कपास्या तेल इंदौर 695 से 700, महाराष्ट्र 695 से 700, तथा गुजरात 710 से 712 रुपये प्रति 10 किलोग्राम।
इंदौर। स्थानीय संयोगितागंज अनाज मंडी में शुक्रवार को कमजोर उठाव से तुअर (अरहर) 150 रुपये और उड़द के भाव में 100 रुपये प्रति क्विंटल (गुरुवार की तुलना में) की कमी हुई। आज मूंग दाल 100 रुपये प्रति क्विंटल सस्ती बिकी। कारोबारियों के अनुमान के मुताबिक संयोगितागंज अनाज मंडी में शुक्रवार को आठ हजार बोरी गेहूं की आवक हुई।
दलहन: चना (कांटा) 4550 से 4600, चना (देसी) 4450 से 4500, डबल डॉलर 5200 से 5500, मसूर 4250 से 4275, हल्की 3950 से 4000, बटला (मटर) 4450 से 4500, मूंग 6300 से 6400, हल्की 5500 से 5700, तुअर निमाड़ी (अरहर) 5600 से 5800, महाराष्ट्र तुअर (अरहर) 6100 से 6150, उड़द 5300 से 5400, हल्की 4200 से 4500 रुपये प्रति क्विंटल।
दाल: तुअर (अरहर) दाल सवा नंबर 7500 से 7700, तुअर दाल फूल 7900 से 8100, तुअर दाल बोल्ड 8300 से 8500, आयातित तुअर दाल 6200 से 6400चना दाल 5850 से 6050, आयातित चना दाल 5500 से 5200मसूर दाल 5400 से 5500मूंग दाल 7850 से 8050, मूंग मोगर 8450 से 8650 उड़द दाल 7400 से 7600, उड़द मोगर 7600 से 7800 रुपये प्रति क्विंटल।
अनाज:गेहूं हल्का 1750 से 1850, गेहूं 147- 1900 से 2100, गेहूं लोकवन 1800 से 2100, गेहूं चंद्रौसी 3200 से 3300 रुपये प्रति क्विंटल। ज्वार हल्की 1800 से 1900, ज्वार संकर 2000 से 2100, ज्वार देसी 2500 से 3000, मक्का पीली 2100 से 2150, मक्का गजर 2000 से 2050 रुपये प्रति क्विंटल।
चावल:बासमती 8500 से 9000, तिबार 7000 से 7500, दुबार 6000 से 6500, मिनी दुबार 5500 से 6000, मोगरा 3500 से 5000, बासमती सैला 5500 से 8500, कालीमूंछ 5900 से 6000, राजभोग 4900 से 5000, दूबराज 3500 से 4000, परमल 2500 से 2700, हंसा सैला 2400 से 2650, हंसा सफेद 2200 से 2400, पोहा 4200 से 4400 रुपये प्रति क्विंटल।
कोटा। कोटा के होस्टल्स का काला सच जो आज तक बाहर नहीं आया। छत्तीसगढ़ की एनजीओ संचालिका ने आज हॉस्टलों के अंदर का सच बाहर लाने की हिम्मत की है। वह भी तब, जब उनके साथ बीती। जो भी इन होस्टल्स की कारगुजारियों की पोल खोलने की कोशिश करता है। उनको डरा-धमका कर उनका मुंह बंद कर दिया जाता है।
रायपुर छत्तीसगढ़ के सामाजिक संगठन सोशल ऑर्गेनाईजेशन फॉर ट्रांसफोर्मेशन की मुखिया सुमन मुथा ने शुक्रवार को पत्रकारों को बताया कि कोटा के कुछ हॉस्टल संचालक एवं प्रबंधक छात्रों पर अनावश्यक दबाव बना कर शोषण कर रहे हैं। मुथा ने इंद्रप्रस्थ औद्योगिक क्षेत्र रोड़ नम्बर 1 पर स्थित एस. बिरला छात्रावास को उदाहरण देते हुए कहा कि छात्रों को छोटे छोटे कारणों से परेशान किया जाता है।
एसओटी की अध्यक्ष सुमन मूथा ने कलक्टर मुक्तानंद अग्रवाल को ज्ञापन देकर कहा कि कोटा में बाहरी राज्यों से डेढ़ लाख कोचिंग विद्यार्थी अध्ययन करने आते हैं लेकिन यहां के हॉस्टल संचालक बच्चों के साथ मनमानी वसूली कर उनका आर्थिक शोषण कर रहे हैं। जिससे बच्चे मानसिक अवसाद के शिकार हो रहे हैं। इस पर जिला कलक्टर ने हॉस्टल एसासिएशन को फोन कर महिला को तत्काल राहत दिलाने के निर्देश दिये।
मूथा ने पत्रकारों को बताया कि रोड नंबर-1 इंद्रप्रस्थ औद्योगिक क्षेत्र में एस.बिरला हॉस्टल में 250 कोंचंग विद्यार्थी रहते हैं। यहां वे कमरा नं. 312 में अपने बेटे केवन्ना मूथा के साथ रह रही थी। हॉस्टल में मासिक किराया 21 हजार रूपये है, कमरे में विद्यार्थी के साथ ठहरने पर अभिभावकों से प्रतिदिन 500 रू. किराया लिया जाता है।
इस दौरान हॉस्टल में छोटे-छोटे कारण बताकर बच्चों से मनमानी वसूली भी की जा रही है। हॉस्टल में बल्ब, पंखा, दीवार खराब होने, कुर्सी टूटने, टॉयलेट सीट टूटने जैसे कार्यों के लिये भी बच्चों से दो से तीन गुना अतिरिक्त राशि वसूल की जा रही है, जिसकी कोई रसीद तक नहीं दी जाती है।
छात्र की मां को धमकाया उन्होंने बताया कि बेटा 27 मई को होने वाली जेईई-एडवांस्ड परीक्षा की तैयारी कर रहा था। पढाई करते हुये वह कुर्सी से गिरा, जिससे कुर्सी टूट गई, तो उससे 1500 रू. की राशी मांगी गई। मां सुमन ने हॉस्टल संचालक से कहा कि कि नई कुर्सी वो 600 रू. में मंगवाकर दे सकती है तो हॉस्टल मैनेजर सोनी ने उन्हें धमकी देते कहा कि राशि जमा करवा दें अन्यथा उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज करवा देंगे। (देखिए वीडियो )
पंजाब के कोचिंग छात्र की मां ने बताया कि उन्होंने नेट बैकिंग से बच्चे का किराया जमा करवाने के बाद हॉस्टल मैनेजर उनको बार-बार परेशान करता रहा कि किराया जमा नहीं हुआ है। इस पर उन्होंने बैंक से दस्तावेज लाकर दिखाए। एक अन्य छात्र से टायलेट सीट में क्रेक आने पर 6 हजार रू. जमा करने को कहा। हॉस्टल में हर टूट-फूट का पैसा बच्चों से जबरन वसूला जा रहा है। प्रत्येक बच्चे से 40 हजार रूपये सिक्योरिटी राशि भी जमा करवाई जाती है।
बिजली खर्च की राशि दोगुना क्यों कोचिंग विद्यार्थियों ने बताया कि उनसे हॉस्टल संचालक मासिक किराये के अलावा बिजली खर्च 12 रू प्रति यूनिट की दर से वसूल कर रहे हैं। जबकि राज्य सरकार ने कोटा शहर में आवासीय क्षेत्रों में संचालित सभी हॉस्टल में बिजली की दरें व्यावसायिक से हटाकर घरेलू करने के निर्देश दिये थे।
विद्युत वितरण निगम द्वारा आवासीय क्षेत्रों में हॉस्टल को घरेलू दर से बिल दिये जा रहे हैं लेकिन कोचिंग संचालक मुनाफा कमाते हुये विद्यार्थियों से व्यावसायिक दरों से 12 रू. प्रति यूनिट वसूल कर रहे हैं, जिससे प्रत्येक विद्यार्थी पर 2 से 5 हजार रू. का अतिरिक्त आर्थिक भार पड़ रहा है।
हॉस्टल एसोसिएशन के अध्यक्ष नवीन मिततल ने बताया कि लैंडमार्क सिटी के सभी हॉस्टल में अब घरेलू दरें लागू कर दी गई है। शहर के अन्य आवासीय क्षेत्रों में भी घरेलू दरों से 7.60 रू प्रति यूनिट लिया जा रहा है। यदि कोई आवासीय हॉस्टल संचालक विद्यार्थी से बिजली की व्यावसायिक दरें वसूल करते हैं तो उनकी शिकायत जिला प्रशासन को कर सकते हैं।
हॉस्टल में हेल्पलाइन नंबर नहीं एसओटी की अध्यक्ष सुमन मूथा ने कहा कि सभी राज्यों के अभिभावक जिस विश्वास के साथ अपने बच्चों को कोटा में पढाई के लिये भेज रहे हैं, यहां के हॉस्टल संचालक उनको सोने के अंडे देने वाली मुर्गी मानकर मनमानी वसूली कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि उक्त हॉस्टल में 250 बच्चों से प्रतिवर्ष 52 लाख किराया तथा 1 करोड़ रू. सिक्योरिटी राशि जमा होती है। लेकिन उनके साथ अमानवीय व्यवहार किया जा रहा है।
वे जल्द ही एक जनहित याचिका दायर कर कोटा में विद्यार्थियों से की रही मनमानी लूट के खिलाफ आवाज उठाएंगी। प्रत्येक हॉस्टल में जिला प्रशासन के हेल्प लाइन नंबर अंकित हों। अभिभावक बच्चों को अच्छी शिक्षा दिलाने के लिये यह शोषण बर्दाश्त कर रहे हैं। बच्चों से दो-तीन गुना पैसे वसूलने से वे अवसाद में आ जाते हैं। जिला प्रशासन ऐसे हॉस्टल के खिलाफ सख्त कार्रवाई कर बाहरी राज्यों के बच्चों को मानसिक राहत दिलाये।
इंदौर। स्थानीय सियागंज किराना बाजार में शुक्रवार को शक्कर, खोपरा गोला सहित अन्य किराना जिन्सों में ग्राहकी सुधार लिए रही। कारोबारियों के अनुमान के मुताबिक सियागंज किराना बाजार में शुक्रवार को सात गाड़ी शक्कर की आवक हुई।
शक्कर-गोला: शक्कर 3380 से 3420 रुपये प्रति क्विंटल। शक्कर एम (मोटी) 3440 से 3450 रुपये प्रति क्विंटल। खोपरा गोला 190 से 205 रुपये प्रति किलोग्राम। खोपरा बूरा 2250 से 4200 रुपये प्रति 15 किलोग्राम।
हल्दी: हल्दी खड़ी सांगली 130 से 135, निजामाबाद 90 से 110, पिसी 150 से 170 रुपये प्रति किलोग्राम। साबूदाना: साबूदाना 6500 से 8000, पैकिंग में 8400 से 8500 रुपये प्रति क्विंटल। आटा-मैदा: गेहूं आटा 1110 से 1120, तन्दूरी आटा 1340 से 1350, मैदा 1160 से 1170, रवा 1260 से 1270, चना बेसन 3090 से 3100 तथा बटला बेसन 2750 से 2760 रुपये प्रति 50 किलोग्राम।
कोटा। भामाशाह अनाज मंडी में शुक्रवार को मंडी में आवक बढ़ने और एनसीडेक्स पर वायदा मंदा रहने से धनिया 100 रुपये क्विंटल लुढ़क गया। कमजोर उठाव से गेहूं 20 रुपये टूट गया और सोयाबीन 40 रुपये गिर गई। धनिया की 4000 बोरी और लहसुन की 8000 कट्टे की आवक हुई। मंडी में सभी जिंसों की मिलाकर करीब 80,000 बोरी का कारोबार हुआ।
एनसीडेक्स पर जून का धनिया वायदा 63 रुपये गिरकर 7531 रुपये, जुलाई वायदा 53 रुपये फिसल कर 7635 रुपये और अगस्त वायदा 76 रुपये टूट कर 7738 रुपये प्रति क्विंटल पर बंद हुआ। मंडी में जिंसों के भाव इस प्रकार रहे –
गेहूं लस्टर 1700 से 1760 गेहु एवरेज 1825से 1881 लोकवान 1905 से 1950 पी डी 1750 से 1900 गेहूं टुकडी 1875 से 2000 मक्का 2000 से 2100 जौ 1500 से 1750 ज्वार 1500 से 3700 रुपये प्रति क्विंटल।
धान सुगंधा 2400 से 3400 पूसा 1 2500 से 3251 पूसा 4 (1121) 3600 से 4400 धान लाजवाब (1509 ) 3000 से 3605 रुपये प्रति क्विंटल। सोयाबीन 3000 से 3861 सरसों 3400 से 3700 अलसी 4000 से 4600 तिल्ली 9000 से 10000 रुपये क्विंटल।
मैथी 4000 से 4801 कलौजी 8500 से 11100 धनिया बादामी 5500 से 6400 ईगल 6000 से 6901 रंगदार नया 7200 से 8700 रुपये प्रति क्विंटल। लहसुन नया 1400 से 6000 रुपये प्रति क्विंटल बिका ।
मूंग 3500 से 5200 उड़द 2000 से 4501 चना 3600 से 4300 चना कांटिया 4225 चना काबुली 3500से 5000 चना पेप्सी 3800 से 4300 चना मौसमी 3000 से 4400 मसूर 3800 से 4350 रुपये प्रति क्विंटल। ग्वार 2500 से 3800 रुपये प्रति क्विंटल।
नयी दिल्ली/कोटा। स्थानीय आभूषण कारोबारियों की ताजा लिवाली के कारण दिल्ली सर्राफा बाजार में शुक्रवार को सोने का भाव 200 रुपये की तेजी के साथ 32,870 रुपये प्रति 10 ग्राम रहा। अखिल भारतीय सर्राफा संघ के अनुसार औद्योगिक इकाइयों और सिक्का निर्माताओं का उठाव बढ़ने से चांदी की कीमत भी 150 रुपये की तेजी के साथ 37,550 रुपये प्रति किलोग्राम हो गयी।
बाजार सूत्रों ने सोने की कीमतों में तेजी आने का श्रेय घरेलू बाजार में स्थानीय आभूषण कारोबारियों की मांग में आई तेजी को दिया। हालांकि विदेशों में कमजोरी के रुख ने लाभ को कुछ सीमित किया। वैश्विक स्तर पर न्यूयॉर्क में सोना गिरावट के साथ 1,281.70 डॉलर प्रति औंस रहा जबकि चांदी गिरावट के साथ 14.61 डॉलर प्रति औंस पर बंद हुयी।
दिल्ली सर्राफा बाजार में 99.9 प्रतिशत और 99.5 प्रतिशत शुद्धता वाला सोना 200-200 रुपये की तेजी के साथ क्रमश: 32,870 रुपये और 32,700 रुपये प्रति दस ग्राम पर बंद हुआ। हालांकि आठ ग्राम वाली गिन्नी 26,500 रुपये प्रति इकाई पर स्थिर रही।
चांदी हाजिर की कीमत 150 रुपये की तेजी के साथ 37,550 रुपये प्रति किलोग्राम हो गयी जबकि साप्ताहिक डिलीवरी वाली चांदी का भाव 316 रुपये की तेजी के साथ 36,550 रुपये प्रति किलोग्राम पर बंद हुआ। दूसरी ओर चांदी सिक्का लिवाल 79,000 और बिकवाल 80,000 रुपये प्रति सैकड़ा पर स्थिर बना रहा।
कोटा सर्राफा चांदी 37400 रुपये प्रति किलोग्राम। सोना केटबरी 32700 रुपये प्रति दस ग्राम, सोना 38140 रुपये प्रति तोला। सोना शुद्ध 32860 रुपये प्रति दस ग्राम, सोना 38330 रुपये प्रति तोला।
नयी दिल्ली। कमजोर घरेलू और निर्यात मांग के बीच कारोबारियों ने अपने सौदों के आकार को कम किया जिससे वायदा कारोबार में शुक्रवार को धनिया की कीमत 23 रुपये की हानि के साथ 7,571 रुपये प्रति क्विन्टल रह गई। इसके अलावा प्रमुख उत्पादक क्षेत्रों से आवक बढ़ने और ऊंचे स्तर पर मुनाफावसूली होने के कारण भी कारोबारी धारणा प्रभावित हुई।
एनसीडीईएक्स में धनिया के जून माह में डिलीवरी वाले अनुबंध की कीमत 23 रुपये अथवा 0.30 प्रतिशत की हानि के साथ 7,571 रुपये प्रति क्विन्टल रह गये जिसमें 24,410 लॉट के लिए कारोबार हुआ।
इसी प्रकार धनिया के जुलाई माह में डिलीवरी वाले अनुबंध की कीमत 20 रुपये अथवा 0.26 प्रतिशत की गिरावट के साथ 7,668 रुपये प्रति क्विन्टल रह गये जिसमें 13,240 लॉट के लिए कारोबार हुआ।
नई दिल्ली। छोटी-मझोली कंपनियों के साथ बैंकिंग सेक्टर में छाई लिवाली के दम पर भारतीय शेयर बाजार कारोबार सप्ताह के अंतिम दिन शुक्रवार को भारी उछाल के साथ हरे निशान में बंद हुए। बंबई स्टॉक एक्सचेंज का 30 शेयरों का संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 623 अंकों की तेजी के साथ 39 हजार के पार जाकर 39,434 अंकों पर और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का 50 शेयरों का संवेदी सूचकांक निफ्टी 187 अंकों की तेजी के साथ 11,844 अंकों पर जाकर बंद हुआ।
मिडकैप-स्मॉलकैप शेयरों में छाई लिवाली केंद्र की नई सरकार में एमएसएमई और स्टार्टअप पर फोकस करने के संकेतों के बीच छोटी और मझोली कंपनियों के शेयरों में लिवाली बढ़ गई है। इस कारण मिडकैप और स्मॉलकैप कंपनियों के शेयरों में उछाल देखा गया है।
सेंसेक्स में मिडकैप शेयर 294 अंकों की तेजी के साथ 14,945 और स्मॉलकैप शेयर 346 अंकों की तेजी के साथ 14,699 अंकों पर बंद हुए। निफ्टी-50 में मिडकैप 2.53 फीसदी की तेजी के साथ 17,699 अंकों पर और स्मॉलकैप 2.78 फीसदी की तेजी के साथ 3,163 अंकों पर बंद हुए।
बैंक ऑफ बड़ौदा के शेयरों में 7.49 फीसदी की तेजी सेंसेक्स में लगातार दूसरे दिन बैंकिंग सेक्टर के शेयरों में तेजी दर्ज की गई। शुक्रवार को बैंकिंग सेक्टर 938 अंकों की तेजी के साथ 35,199 अंकों पर बंद हुआ। इसमें बैंक ऑफ बड़ौदा में सबसे ज्यादा 7.49 फीसदी की तेजी दर्ज की गई।
इसके बाद आईसीआईसीआई बैंक में 5.09 फीसदी, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया में 3.59 फीसदी, फेडरल बैंक में 3.22 फीसदी और इंड्सइंड बैंक में 2.93 फीसदी की तेजी रही। बैंकिंग के अलावा ऑटो, फाइनेंस, पीएसयू, कैपिटल गुड्स, मेटल, ऑयल एंड गैस कंपनियों के शेयरों में भी उछाल देखा गया।
ये हैं टॉप गेनर सेंसेक्स में डेल्टा कॉरपोरेशन 13.85 फीसदी, हेग 12.40 फीसदी, ग्रेफाइट 12.35 फीसदी, स्ट्रेच लिमिटेड 12.29 फीसदी, इंडिया सीमेंट 12.03 फीसदी के साथ टॉप गेनर रहे। निफ्टी में एचडीएफसी बैंक 0.77 फीसदी, एचडीएफसी लिमिटेड 0.69 फीसदी, कोटक बैंक 0.48 फीसदी, बीपीसीएल 0.46 फीसदी, इंफोसिस 0.39 फीसदी की तेजी के साथ टॉप गेनर रहे।
ये हैं टॉप लूजर सेंसेक्स में जस्ट डायल 6.65 फीसदी, जेट एयरवेज 5.21 फीसदी, ग्रूह फाइनेंस 4.97 फीसदी, हैरिटेज फूड्स 4.25 फीसदी, रिलायंस निप्पोन लाइफ एसेंट 3.59 फीसदी की गिरावट के साथ टॉप लूजर रहे। निफ्टी में एशियन पेंट्स 0.42 फीसदी, मारुति 0.39 फीसदी, जेएसडब्ल्यू स्टील 0.34 फीसदी, भारती इंफ्राटेल 0.31 फीसदी, गेल 0.28 फीसदी की गिरावट के साथ टॉप लूजर रहे।