Monday, July 13, 2026
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शायनी काबरा मिसेज़ गणगौर व शिवांशी मिस गणगौर चुनी

केट वीमेन विंग की रंगीलो राजस्थान थीम पर मिस व मिसेज़ गणगौर प्रतियोगिता

कोटा। गणगौर पर्व के अवसर पर केट वीमेन विंग जिला कोटा के तत्वावधान में रंगीलो राजस्थान थीम पर मिस व मिसेज़ गणगौर प्रतियोगिता का आयोजन श्रीनाथपुरम स्थित एक प्राइवेट स्कूल के ऑडिटोरियम में किया गया। इस अवसर पर शहर की सैकड़ों महिलाओं, युवतियों एवं बालिकाओं ने बड़ी संख्या में भाग लेकर राजस्थानी संस्कृति, परंपरा, वेशभूषा, लोकनृत्य और व्यक्तित्व कला की शानदार प्रस्तुतियाँ दीं।

कार्यक्रम का शुभारंभ कोटा यूनिवर्सिटी के कुलगुरु प्रो. बीपी सारस्वत द्वारा दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। केट वीमेन विंग जिला कोटा की अध्यक्ष नीलम विजय ने इस अवसर पर कहा कि गणगौर पर्व राजस्थान की नारी आस्था, श्रद्धा और सौभाग्य का प्रतीक है। इस परंपरा को नई पीढ़ी तक पहुंचाने के उद्देश्य से “रंगीलो राजस्थान” थीम पर प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। सचिव भाविका प्रीत रामानी एवं कार्यकारी अध्यक्ष ऋचा गुप्ता ने अतिथियों का स्वागत किया।

कार्यक्रम का संचालन मेघना शर्मा, शुभि गुप्ता एवं अंकिता खंडेलवाल द्वारा प्रभावी रूप से किया गया। निर्णायक मंडल में पीताम्बरा राजे, कविता बाफना एवं वंशिका बजाज ने प्रतिभागियों के प्रदर्शन का मूल्यांकन किया।

प्रतियोगिता में पारंपरिक परिधान राउंड, प्रतिभा प्रदर्शन, लोकनृत्य, प्रश्नोत्तर एवं व्यक्तित्व प्रदर्शन जैसे विभिन्न चरण आयोजित किए गए। प्रतिभागियों ने आत्मविश्वास, सौंदर्य, संस्कृति और प्रतिभा का उत्कृष्ट प्रदर्शन किया।

मुख्य अतिथि विधायक संदीप शर्मा ने कहा कि राजस्थान की संस्कृति जितनी प्राचीन है उतनी ही प्रेरणादायक भी है। आज के दौर में जब युवा वर्ग तेजी सेआधुनिकता की ओर बढ़ रहा है, ऐसे में इस प्रकार के सांस्कृतिक कार्यक्रम उन्हें अपनी जड़ों से जोड़ने का कार्य करते हैं।

विधायक कल्पना देवी ने कहा कि गणगौर पर्व केवल त्योहार नहीं बल्कि नारी शक्ति, श्रद्धा और संस्कारों का उत्सव है। उन्होंने कहा कि राजस्थान की परंपराओं को जीवित रखने के लिए इस प्रकार के आयोजन अत्यंत आवश्यक हैं।

उन्होंने विजेताओं व उपविजेताओं को सम्मानित करते हुए कहा कि हर प्रतिभागी विजेता है। क्योंकि उसने मंच पर आकर अपनी पहचान बनाई है। कलेक्टर पीयूष सामरिया ने अपने अध्यक्षीय संबोधन में कहा कि सांस्कृतिक कार्यक्रम समाज की आत्मा होते हैं। ऐसे आयोजन सामाजिक एकता, सकारात्मक सोच और रचनात्मकता को बढ़ावा देते हैं।

कोटा यूनिवर्सिटी के कुलगुरु प्रो. बीपी सारस्वत ने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल ज्ञान देना ही नहीं बल्कि संस्कार देना भी है। युवाओं को अपनी संस्कृति से जोड़ना समय की आवश्यकता है।

निर्णायक मंडल द्वारा बाइसा (5–10 वर्ष) ध्वनि लड्डा, रनर-अप वर्मिका खंडेलवाल,बाइसा (11–16 वर्ष) अनन्या सुवालका, द्वितीय अंशिका विजय, ग्रुप डांस में विजेता श्रीनाथपुरम शिवबाड़ी मंदिर ग्रुप, रनर-अप आदिशक्ति हाड़ौती, सोलो डांस विजेता दिया सक्सेना, रनर-अप संयुक्त उप विजेता अंकिता व निमिषा जोशी, मिसेज़ एवरग्रीन गणगौर विजेता डॉ. ममता शर्मा, रनर-अप सीमा मेहता, केट गणगौर विजेता मीनाक्षी गुप्ता, रनर-अप दीप्ति चित्तौड़ा, मिस गणगौर विजेता शिवांशी, रनर-अप राज नंदानी, मिसेज गणगौर विजेता शायनी काबरा, उपविजेता रचना राठौर रही।

साथ ही विशिष्ट भूमिका में रामगंजमंडी से मंजू सोनी, सोनाक्षी विजयवर्गीय, विजयलक्ष्मी शर्मा व सरोज गुप्ता सहित अन्य प्रतिभागी रहे।कार्यक्रम की सफलता में नीलम विजय, कॉ-ऑर्डिनेटर हाड़ौती संभाग सुमन गोयल, सचिव भाविका प्रीत रामानी समेत केट वीमेन विंग की पूरी टीम का विशेष योगदान रहा।

भारत तेल और गैस संकट से कैसे बचेगा, पीएम मोदी ने दिया बताया

नई दिल्ली। करीब एक करोड़ भारतीय खाड़ी देशों में रहते हैं और वहां काम करते हैं। वहां समंदर में चलने वाले जहाजों में भी बड़ी संख्या में क्रू मेंबर भारतीय ही हैं। इसलिए यह जरूरी है कि भारत की संसद से एकजुट आवाज दुनिया में जाए।

इस जंग के शुरू होने के बाद से ही प्रभावित देशों में भारतीयों को जरूरी मदद दी जा रही है। मैंने खुद पश्चिम एशिया के सभी देशों के राष्ट्राध्यक्षों से दो राउंड फोन पर बात की है। सभी ने भारतीयों की सुरक्षा का भरोसा दिया है। दुर्भाग्य से इस दौरान कुछ भारतीयों की मृत्य हुई है और कुछ घायल हुए हैं।

प्रभावित देशों में हमारे मिशन भारतीयों को मदद कर रहे हैं। वहां गए पर्यटक हों या फिर काम करने वाले लोग, सभी को हेल्प की जा रही है। हमारे दूतावासों की ओर से लगातार एडवाइजरी जारी हो रही है और हेल्प लाइन भी स्थापित हैं।

देश-विदेश में भारतीयों की सुरक्षा हमारे लिए प्राथमिकता रही है। युद्ध शुरू होने के बाद से अब तक 3 लाख 75 हजार भारतीय वापस लौट चुके हैं। ईरान समेत कई देशों में सीबीएसई के स्कूल चलते हैं। वहां सुरक्षा के लिहाज से परीक्षाएं भी रद्द की गई हैं।

भारत में बड़ी मात्रा में कच्चा तेल, गैस और फर्टिलाइजर होर्मुज स्ट्रेट के रास्ते से आते हैं। इस जंग के बाद से ही जहाजों का आना-जाना चुनौतीपूर्ण हो गया है। इसके बाद भी हमारी सरकार का यह प्रयास रहा है कि पेट्रोल, डीजल और गैस की सप्लाई ज्यादा प्रभावित ना हो।

हम सभी जानते हैं कि देश अपनी जरूरत की 60 फीसदी एलपीजी आयात करता है। इसकी सप्लाई में अनिश्चितता के कारण सरकार ने घरेलू उपयोग को प्राथमिकता दी है। इसके अलावा देश में ही इसके उत्पादन को बढ़ाया जा रहा है। पेट्रोल और डीजल की सप्लाई सुचारू रूप से होती रहे।

इसके लिए भी काम किया जा रहा है। बीते एक दशक में एनर्जी सिक्योरिटी को लेकर उठाए गए कदम और भी प्रासंगिक हो गए हैं। अपने अपने ऊर्जा आयात को डाइवर्सिफाई किया है। पहले 27 देशों से हम आयात करते थे। अब एनर्जी इंपोर्ट हमारा 41 देशों से हो रहा है।

पीएम मोदी ने कहा कि हमारे पास 53 लाख मीट्रिक तेल रिजर्व है। हम 65 लाख तक इसे पहुंचाने के लिए काम कर रहे हैं। कंपनियों के पास जो रिजर्व होता है, वह अलग है। हम अलग-अलग देशों के साथ भी संपर्क में है, जहां से सप्लाई ली जाए।

हमारी प्राथमिकता यही है कि जहां से भी संभव हो, वहां से सप्लाई आती रहे। भारत की सरकार खाड़ी और उसके आसपास के रास्तों पर नजर बनाए हुए है। हमारी पूरी कोशिश है कि भारत आने वाले सभी जहाज सुरक्षित रूप से यहां पहुंचें।

देश की एक और तैयारी इस समय काम आ रही है। बीते 10 से 11 सालों में एथेनॉल की ब्लेंडिंग पर खूब काम हुआ है। आज पेट्रोल में 20 फीसदी एथेनॉल ब्लेंडिंग हो रही है। इससे हमें प्रति वर्ष करीब 4 करोड़ बैरल तेल हर साल कम इंपोर्ट हो रहा है।

इससे बड़ा फायदा हो रहा है। फिर रेलवे के विद्युतीकरण ने भी हमें फायदा पहुंचाया है। हमने इलेक्ट्रिक मोबिलिटी पर बल दिया है। केंद्र सरकार ने राज्यों को 15 हजार बसें दी हैं। जिस स्केल पर हम वैकल्पिक ईंधन पर काम कर रहे हैं, उससे भारत का भविष्य और मजबूत होगा।

भारतीय नौसेना होर्मुज से निकाल लाई दो और LPG जहाज, जानिए कैसे

नई दिल्ली। LPG यानी लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस संकट के मोर्चे पर भारत को बड़ी राहत मिलने के आसार हैं। खबर है कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से दो और भारतीय जहाज निकल रहे हैं। हालांकि, इसे लेकर आधिकारिक तौर पर कुछ नहीं कहा गया है। इससे पहले शिवालिक और नंदा जहाज भारत LPG लेकर आए थे। वहीं, हाल ही में एक अमेरिकी जहाज भी मंगलरु बंदरगाह पहुंचा है।

रिपोर्ट में सरकारी सूत्रों के हवाले से कहा गया है कि जग वसंत और पाइन गैस जहाज स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से निकल गए हैं। सोमवार को सुबह स्ट्रेट से निकले ये जहाज फिलहाल अंतरराष्ट्रीय जल क्षेत्र में हैं और किसी भी समय भारत पहुंच सकते हैं। रिपोर्ट के अनुसार, IRGC यानी इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स से मंजूरी के बाद ये जहाज भारत की ओर रवाना हुए हैं।

रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से कहा जा रहा है कि इस मंजूरी को हासिल करने में भारतीय नौसेना ने बड़ी भूमिका निभाई है। नौसेना ने ईरानी अधिकारी से बातचीत कर दोनों जहाजों को रवाना कराया। कहा जा रहा है कि IRGC में फैसले लिए जाने में काफी देर हो रही है और ईरान के सीनियर लीडर अली लारिजानी की मौत के बाद प्रक्रिया और प्रभावित हुई है।

पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के कारण भारतीय कंपनियों को माल की ढुलाई में देरी से लेकर जरूरी कच्चे माल की कमी जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। उद्योग मंडल भारतीय उद्योग परिसंघ (CII) ने रविवार को कहा कि वैश्विक व्यापार पर निर्भर कई क्षेत्रों में दबाव बढ़ रहा है। सीआईआई के महानिदेशक चंद्रजीत बनर्जी ने बयान में कहा कि इस संघर्ष के कारण समुद्री रास्तों में रुकावट आ रही है और सप्लाई चेन प्रभावित हो रही है, जिसका असर अब कंपनियों पर दिखने लगा है।

भारतीय पोत पर अमेरिकी और रूसी जहाज पहुंचे
रविवार को न्यू मंगलौर बंदरगाह पर अमेरिका से LPG लेकर जहाज पहुंचा है। अधिकारियों ने बताया कि ‘पिक्सिस पायनियर’ नामक यह जहाज 14 फरवरी को टेक्सास के ‘पोर्ट ऑफ नीदरलैंड’ से रवाना हुआ था और इसमें 16,714 टन LPG लाई गई है, जिसे एजिस लॉजिस्टिक्स को उतारा जाएगा। खास बात है कि यह जहाज एक दिन के भीतर बंदरगाह पहुंचने वाले रूसी जहाज ‘एक्वा टाइटन’ के बाद आया है।

सोना ऑल टाइम हाई से 40980 रुपये सस्ता, चांदी 1.84 लाख रुपये टूटी

नई दिल्ली। Gold Silver Price Crash:सर्राफा बाजार में सोमवार (23 मार्च, 2026 ) को बड़ी गिरावट देखने को मिली, जहां सोना और चांदी दोनों अपने ऑल टाइम हाई से काफी नीचे आ गए हैं। ताजा आंकड़ों के मुताबिक, 24 कैरेट सोना करीब ₹1,35,141 प्रति 10 ग्राम पर खुला, जो पिछले बंद भाव से लगभग ₹12,000 से ज्यादा सस्ता है।

वहीं, चांदी भी भारी गिरावट के साथ ₹2,01,500 प्रति किलो के स्तर पर आ गई। इस गिरावट के बाद सर्राफा बाजारों में सोना अपने ऑल टाइम हाई ₹1,76,121 से करीब ₹40,980 सस्ता हो चुका है, जबकि चांदी अपने उच्चतम स्तर से ₹1,84,433 तक टूट चुकी है।

अगर वायदा बाजार की बात करें तो MCX पर सिर्फ 50-55 दिनों में ही कीमती धातुओं में भारी गिरावट आई है। सोना लगभग 25% तक गिर चुका है। चांदी में तो करीब 50% की गिरावट दर्ज हुई है। चांदी, जिसने पहले एमसीएक्स 4,20,000 रुपये का ऑल टाइम हाई छुआ था, अब यहां करीब 2,06,000 रुपये के आसपास कारोबार कर रही है।

क्यों टूट रहे हैं सोना-चांदी
केडिया कमोडिटीज के प्रेसीडेंट अजय केडिया के अनुसार, इस गिरावट के पीछे कई बड़े कारण हैं। सबसे बड़ा कारण है वैश्विक बाजार में “Risk-off sentiment”, जहां निवेशक तेजी से अपनी पोजिशन काट रहे हैं। इक्विटी बाजार में गिरावट है। निवेशक क्रिप्टो और रियल एस्टेट में बिकवाली कर रहे है। ETF से पैसा का निकलना जारी है। इन सभी ने मिलकर सोना-चांदी पर दबाव बढ़ाया है।

सेफ हेवन भी नहीं बचा
ईरान-इजरायल-अमेरिका युद्ध के बावजूद इस बार सोने ने पारंपरिक “सेफ हेवन” जैसा प्रदर्शन नहीं किया। इसके पीछे वजह है कि तेल की कीमतों में तेजी से महंगाई बढ़ी है, जिससे ब्याज दरें ऊंची रहने की संभावना बढ़ गई है।

ग्रेटर कोटा प्रेस क्लब की आम सभा 26 अप्रैल को, सदस्यता का नवीनीकरण 1 से

कोटा। ग्रेटर कोटा प्रेस क्लब की कार्यकारिणी एवं संरक्षक मंडल की बैठक रविवार को अध्यक्ष सुनील माथुर की अध्यक्षता में संपन्न हुई। इसमें आगामी ग्रेटर कोटा प्रेस क्लब की वार्षिक आम सभा 26 अप्रैल रविवार को आयोजित करने का निर्णय लिया गया।

अध्यक्ष सुनील माथुर एवं महामंत्री अनिल भारद्वाज ने बताया कि आम सभा दोपहर 11:00 बजे महर्षि दाधीच छात्रावास समिति नाग नागिन मंदिर के पास आयोजित की जाएगी।

उन्होंने बताया कि आमसभा के बाद 1.30 बजे सहभोज होगा। बैठक में आगामी में 1 अप्रैल से 15 अप्रैल 2026 तक वार्षिक सदस्यता का नवीनीकरण किए जाने का निर्णय लिया गया। साथ ही तय किया गया की 15 अप्रैल तक जिन सदस्यों का नवीनीकरण शुल्क जमा होगा वो ही सदस्य रहेंगे। 26 अप्रैल को वार्षिक आमसभा के दौरान सभी सदस्यों को परिचय पत्र भी वहीं पर उपलब्ध कराए जाएंगे।

बैठक में वरिष्ठ उपाध्यक्ष हेमंत शर्मा, उपाध्यक्ष हरिमोहन शर्मा, कोषाध्यक्ष बद्री प्रसाद गौतम, संयुक्त सचिव चंद्र प्रकाश शर्मा, मनीष गौतम, संजय वर्मा, संरक्षक श्याम रोहिड़ा आदि प्रमुख रूप से उपस्थित थे।

Brent crude 30 दिन में 56% उछल कर 112 डॉलर के पार हुआ

नई दिल्ली। Brent crude Price: ग्लोबल एनर्जी मार्केट में भारी उथल-पुथल के बीच ब्रेंट क्रूड की कीमतें 112 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई हैं। अमेरिका-ईरान-इजरायल युद्ध शुरू होने के बाद से तेल में 50% से ज्यादा तेजी आ चुकी है, जिसने दुनिया भर की अर्थव्यवस्थाओं को चिंता में डाल दिया है।

महज 30 दिनों में कच्चे तेल की कीमतों में करीब 56% का उछाल आया है। युद्ध से पहले जहां कीमतें लगभग 70 डॉलर प्रति बैरल थीं, वहीं अब यह 112 डॉलर के स्तर को पार कर चुकी हैं। यह तेजी साफ संकेत देती है कि वैश्विक सप्लाई पर बड़ा संकट खड़ा हो गया है।

इस तेजी की सबसे बड़ी वजह पश्चिम एशिया में बढ़ता तनाव है। खासतौर पर हुर्मुज स्ट्रेट के आसपास हालात बिगड़ने से दुनिया की तेल सप्लाई पर खतरा मंडरा रहा है। यह स्ट्रेट दुनिया के सबसे अहम तेल मार्गों में से एक है, जहां से वैश्विक तेल व्यापार का बड़ा हिस्सा गुजरता है। इसके बाधित होने का असर सीधे कीमतों पर पड़ा है।

संकट सिर्फ तेल तक सीमित नहीं है, बल्कि एलएनजी (LNG) बाजार भी इसकी चपेट में आ गया है। कतर में ऊर्जा ढांचे पर हमलों के कारण उसकी निर्यात क्षमता का करीब 17% प्रभावित हुआ है। भारत के लिए यह स्थिति और गंभीर है, क्योंकि देश अपनी गैस जरूरतों का लगभग 47% कतर से आयात करता है।

एएनआई की रिपोर्ट्स के मुताबिक, मार्च की शुरुआत में भारत के कच्चे तेल के आयात में तेज गिरावट आई है। जहां फरवरी में साप्ताहिक आयात 25 मिलियन बैरल था, वहीं 6 मार्च को समाप्त सप्ताह में यह गिरकर सिर्फ 1.9 मिलियन बैरल रह गया। सऊदी अरब, इराक और यूएई जैसे प्रमुख सप्लायर्स से सप्लाई में भी बड़ी गिरावट दर्ज की गई है, जिससे भारत की ऊर्जा सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है।

सप्लाई में रुकावट और कीमतों में तेजी का सबसे बड़ा असर उन देशों पर पड़ता है, जो आयात पर निर्भर हैं। भारत भी इनमें शामिल है। तेल महंगा होने से परिवहन, बिजली और उत्पादन लागत बढ़ती है, जिससे महंगाई बढ़ने का खतरा रहता है और आम लोगों की जेब पर सीधा असर पड़ता है।

आगे क्या होगा
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर मध्य पूर्व में तनाव कम नहीं हुआ, तो तेल की कीमतें और ऊपर जा सकती हैं। इसका असर सिर्फ पेट्रोल-डीजल तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि महंगाई, शेयर बाजार और पूरी

MCX पर सोना 7000 रुपये सस्ता, चांदी 13 हजार रुपये लुढ़की, जानें आज के भाव

नई दिल्ली। Gold Silver Price Today: मिडिल-ईस्ट में जारी युद्ध के बीच सोने की कीमतों में भारी गिरावट देखने को मिल रही है। सुरक्षित निवेश माने जाने वाला सोना इस बार निवेशकों को राहत देने के बजाय दबाव में आ गया है और यह इस साल की अपनी लगभग पूरी बढ़त गंवाने की कगार पर पहुंच गया है।

घरेलू मोर्चे पर, वैश्विक बाजारों में कमजोरी को देखते हुए एमसीएक्स पर चांदी की कीमतें 6% या 13,606 रुपये की गिरावट के साथ 2,13,166 रुपये प्रति किलोग्राम पर आ गईं, जबकि एमसीएक्स पर सोना भी लगभग 5% या 7,115 रुपये फिसलकर 1,37,377 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गया।

सिंगापुर बाजार में स्पॉट गोल्ड 3.3% गिरकर 4,343 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया, जबकि चांदी भी 3.4% टूटकर 65.61 डॉलर पर आ गई। प्लैटिनम और पैलेडियम में भी गिरावट दर्ज की गई, जिससे साफ है कि पूरे कीमती धातु बाजार पर दबाव बना हुआ है।

सोने में इस गिरावट की सबसे बड़ी वजह बढ़ती महंगाई और ब्याज दरों को लेकर बदलती उम्मीदें हैं। फेडरल रिजर्व समेत कई केंद्रीय बैंकों ने संकेत दिया है कि फिलहाल ब्याज दरों में कटौती जल्द संभव नहीं है।

मध्य पूर्व में संघर्ष के कारण कच्चे तेल की कीमतें बढ़ी हैं, जिससे महंगाई का खतरा और गहरा गया है। ऐसे माहौल में ब्याज दरें ऊंची रहने की संभावना बढ़ जाती है, जो सोने के लिए नकारात्मक है क्योंकि यह कोई ब्याज नहीं देता।

क्या अब आएगा उछाल
विशेषज्ञों का मानना है कि गिरावट के बाद अब सोना “ओवरसोल्ड” जोन में पहुंच गया है।14-दिवसीय RSI इंडिकेटर 30 से नीचे आ चुका है, जिसे आमतौर पर बाजार में ज्यादा बिकवाली का संकेत माना जाता है। ऐसे में शॉर्ट टर्म में कीमतों में उछाल की संभावना बन सकती है, हालांकि यह पूरी तरह भू-राजनीतिक हालात पर निर्भर करेगा।

आगे क्या करें निवेशक?
विश्लेषकों के मुताबिक, अभी बाजार में अनिश्चितता बहुत ज्यादा है। अगर युद्ध और तेल की कीमतों में तेजी जारी रहती है, तो सोने में और उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। वहीं, गिरावट के बाद लंबी अवधि के निवेशकों के लिए यह धीरे-धीरे खरीदारी का मौका भी बन सकता है।

Stock Market: शेयर बाजार में हाहाकार, निवेशकों के 8 लाख करोड़ रुपये डूबे

नई दिल्ली। Stock Market Crash: हफ्ते की शुरुआत भारतीय शेयर बाजार के लिए बेहद खराब रही। सोमवार (23 मार्च) को बाजार खुलते ही बिकवाली का दबाव इतना बढ़ गया कि प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स और निफ्टी 50 करीब 2% तक लुढ़क गए।

सेंसेक्स 1,550 अंकों से ज्यादा गिरकर 72,977 के स्तर पर आ गया, जबकि निफ्टी 50 करीब 500 अंक टूटकर 22,634 के आसपास था। इस गिरावट से निवेशकों के कुछ ही मिनटों में करीब 8 लाख करोड़ रुपये डूब गए।

मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी भारी बिकवाली देखने को मिली, जिससे बाजार में डर का माहौल बन गया। इस तेज गिरावट का सीधा असर निवेशकों की संपत्ति पर पड़ा और

क्यों टूटा बाजार

  • अमेरिका-ईरान युद्ध से बढ़ा वैश्विक तनाव
    अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ता टकराव बाजार के लिए सबसे बड़ा जोखिम बना हुआ है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को चेतावनी दी है कि अगर उसने होर्मुज स्ट्रेट नहीं खोला तो उसके ऊर्जा ठिकानों पर हमला किया जाएगा। जवाब में ईरान ने भी इसे पूरी तरह बंद करने की धमकी दी है। इस टकराव से वैश्विक सप्लाई चेन और ऊर्जा बाजार पर खतरा बढ़ गया है, जिससे निवेशकों की घबराहट बढ़ी है।
  • रुपया रिकॉर्ड निचले स्तर पर
    भारतीय रुपया लगातार दबाव में है और सोमवार को यह 93.89 प्रति डॉलर के रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंच गया। कमजोर रुपया विदेशी निवेशकों के लिए भारत में निवेश को कम आकर्षक बनाता है। इससे पूंजी निकासी बढ़ती है और बाजार पर दबाव आता है। साथ ही, आयात महंगा होने से महंगाई भी बढ़ने का खतरा रहता है।
  • कच्चे तेल की कीमतें बनी सबसे बड़ी चिंता
    ब्रेंट क्रूड 110 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर बना हुआ है, जो भारत जैसे आयात-निर्भर देश के लिए बड़ी चिंता है। ऊंचे तेल दाम से महंगाई बढ़ती है। चालू खाता घाटा बढ़ता है और कंपनियों का मुनाफा घटता है। विशेषज्ञों के मुताबिक, अगर तेल लंबे समय तक महंगा रहा तो भारत की GDP ग्रोथ पर भी असर पड़ सकता है।
  • विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली
    विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPI) ने बाजार में भारी बिकवाली की है। युद्ध शुरू होने के बाद से अब तक विदेशी निवेशक करीब 1 लाख करोड़ रुपये के शेयर बेच चुके हैं। सिर्फ मार्च महीने में ही 86,000 करोड़ रुपये से ज्यादा की निकासी हो चुकी है। लगातार बिकवाली से बाजार में कमजोरी और बढ़ गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि फिलहाल बाजार में अनिश्चितता और वोलैटिलिटी बनी रहेगी।

ट्रंप की मूर्खता से अमेरिका ईरान युद्ध में फंस गया, निकलने का रास्ता नहीं: पूर्व CIA चीफ

वॉशिंगटन। ईरान के खिलाफ जंग अमेरिका की जंग शुरू हुए तीन सप्ताह से ज्यादा बीत चुके हैं लेकिन इसके खत्म होने के आसार नहीं दिख रहे हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के लिए इससे निकलने का कोई आसान रास्ता नहीं दिख रहा है। जैसे-जैसे युद्ध लंबा खिंच रहा है, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के लिए घरेलू मोर्चे पर भी मुश्किलें बढ़ रही हैं।

ट्रंप को अब तीखी आलोचना का सामना करना पड़ रहा है। अमेरिका के रक्षा मंत्री रहे और खुफिया एजेंसी CIA के पूर्व चीफ लियोन पैनेटा ने युद्ध के लिए राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की आलोचना की है।

ब्रिटिश अखबार गॉर्डियन से बात करते हुए पैनेटा ने बताया कि ईरान युद्ध में डोनाल्ड ट्रंप बहुत मुश्किल स्थिति में फंस गए हैं और इसके लिए वह खुद ही जिम्मेदार हैं। पैनेटा ने कहा कई सालों से अमेरिकी सुरक्षा अधिकारियों को इस बात की जानकारी थी कि ईरान होर्मुज जलडमरूमध्य को रोककर दुनिया भर में तेल की सप्लाई रोक सकता है। उन्होंने कहा कि यह जाना-पहचाना खतरा था, जिसे संघर्ष के दौरान जानबूझकर नजरअंदाज कर दिया गया।

होर्मुज स्ट्रेट पर फंसे डोनाल्ड ट्रंप
पैनेटा ने कहा कि ट्रंप को एक बहुत ही मुश्किल मुद्दे का सामना करना पड़ रहा है, जो यह है कि क्या वह होर्मुज स्ट्रेट को खुलवाने की कोशिश करें और युद्ध का दायरा बढ़ाएं ताकि दबाव को खत्म कर सकें और शायद ईरान के साथ बातचीत कर सकें या फिर क्या वह बस पीछे हट जाएं और जीत की घोषणा कर दें, भले ही हर कोई साफ तौर पर समझ जाए कि वह असफल रहे हैं।

पैनेटा ने कहा कि युद्ध के मौजूदा हालात से अमेरिका की तैयारी में साफ पता चलता है। उन्होंने कहा कि ट्रंप प्रशासन ने ईरान की प्रतिक्रिया को कम करके आंका या मान लिया कि संघर्ष जल्दी खत्म हो जाएगा। वे इसके लिए तैयार नहीं थे और अब इसकी कीमत चुकानी पड़ रही है।

संत सुधासागर न्यू जीएमए प्लाजा में 317 दुकानों एवं फ्लेट्स का लॉटरी से आवंटन

हाडोती का सबसे बड़ा 9 मंजिला बाज़ार गणेश नगर में जल्द ही शुरू होगा

कोटा। रविवार को जी.एम.ए. अध्यक्ष राकेश जैन की उपस्थिति में संत सुधा सागर न्यू जी.एम.ए. की लाटरी पारदर्शिता अपनाते हुए आवेदक सदस्यों ने निकाली।

जी.एम.ए. सभागार, जी.एम.ए. प्लाजा में निकाली गई लॉटरी में सभी सदस्यों के चेहरों पर मुस्कान और खुशिया थी। लॉटरी में 25 वर्ग फुट की 93 दुकाने, 250 वर्ग फुट की 111 दुकाने, 500 वर्ग फुट की 42 दुकाने, इसके साथ ही 2 बी.एच. के 10 फ्लेट, 3 बी.एच.के 61 फ्लेट कुल 317 आवेदकों के पक्ष में लॉटरी निकाली गई |

जी.एम.ए. अध्यक्ष जैन ने बताया कि मेडिकल कालेज के पास हाडोती का सबसे बड़ा 9 मंजिला बाज़ार जल्द ही शुरू होगा। यह बाज़ार 1.25 लाख वर्ग फीट एरिया में पूर्णता की और है। बेसमेंट में पार्किंग और पहली तीन मंजिलो पर लगभग 350 दुकाने बनी हैं। दुकानों में रोजमर्रा के साथ प्रमुख उत्पाद सहित रोजमर्रा का प्रत्येक सामान वाजिब दरों पर मिलेगा।

साथ ही ऊपर की 6 मंजिलो में 104 फ्लेट बनाये गये हैं। इस प्रोजेक्ट में खरीदारों के लिए 300 कारों और 500 बाइक की भव्य पार्किंग के साथ जिम, योगा रूम, स्पॉर्ट्स रूम, कम्युनिटी हॉल, पार्टी हाल, बेडमिन्टन एरिया, मंदिर जैसी सुविधाओ के साथ फ्लेटो के लिए 6 लिफ्ट और दुकानों के लिए 2 बड़ी लिफ्ट, फायर फिटिंग सिस्टम, फ़िल्टर पानी, आदि सभी प्रकार की सुविधाएं रहेंगी |

कार्यक्रम में कोषाध्यक्ष प्रदीप अग्रवाल, वरिष्ठ उपाध्यक्ष अशोक झमटानी, कनिष्ठ उपाध्यक्ष हनुमान मल दुग्गड, पुरुषोत्तम छाबड़िया, विकास नाकोडा, सहमंत्री राजकमल एरन, संस्कृतिक मंत्री नीरज मनचन्दा, कार्यकारिणी सदस्य अजय पंजवानी, अनुरोध विजय, अरुण अग्रवाल, हरीश टेकवानी, जगदीश भागवानी, लक्ष्मण झमटानी, महेश रावतानी, मुकेश जैन, नितिन अग्रवाल, राकेश नाकोडा, श्यामसुंदर अग्रवाल, विजय कुमार नेभनानी, विकास चावला, लोकेंद्र जैन, गिरीश सहजवानी सहित सभी सदस्य उपस्थित थे।