Sunday, July 12, 2026
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ईरान से लड़कर अमेरिका हार की कगार पर, निकम्मे दूतों ने ट्रंप को किया फेल, जानें कैसे

तेहरान/वॉशिंगटन। ईरान के सामने डोनाल्ड ट्रंप का शांति प्रस्ताव ताश के पत्तों की तरह बिखर गया है। उनके दोनों दूत जेरेड कुशनर और स्टीव विटकॉफ की जोड़ी बुरी तरह से नाकाम हो गई है।

ये दोनों एक तरह से ब्रोकर हैं जो अलग अलग देशों में डोनाल्ड ट्रंप के लिए सौदे करते हैं जिनमें पाकिस्तान भी शामिल है। पाकिस्तान ने डोनाल्ड ट्रंप के साथ क्रिप्टो करेंसी में इन्हीं दोनों के जरिए सौदा किया है। पर ईरान के सामने इन दोनों की चालाकी बुरी तरह से नाकाम हुई है। लिहाजा जेयर्ड कुशनर और स्वीट विटकॉफ पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।

एक्सपर्ट्स का कहना है डोनाल्ड ट्रंप और उनके दूतों को समझना होगा कि युद्ध की मार से करीब करीब तबाह हो चुके तेहरान पर वो अपनी शर्तें नहीं थोप सकते हैं। ईरान के पास खोने के लिए कुछ नहीं है। ईरान अपने अस्तित्व के लिए संघर्ष कर रहा है जबकि अमेरिका अपनी दादागीरी दिखा रहा है। तेहरान के नये नेता की रणनीति अमेरिका के सामने डटे रहने की है, हिम्मत बनाए रखने की है क्योंकि डोनाल्ड ट्रंप ज्यादा दिनों तक जंग लड़ ही नहीं सकते हैं।

स्वीडन में लुंड यूनिवर्सिटी की ईरान विशेषज्ञ रूज़बेह पारसी ने एक लेख में लिखा है कि ‘ट्रंप की शांति योजना की ताजा कोशिश असल में ऐसी मांगों की एक लिस्ट है जो ईरान के बिना शर्त आत्मसमर्पण के बराबर थीं।

इसके तहत तेहरान से न सिर्फ उसके परमाणु संवर्धन कार्यक्रम को खत्म करने की मांग की गई, बल्कि उसके बैलिस्टिक मिसाइल जखीरे और क्षेत्रीय गठबंधनों के नेटवर्क को भी खत्म करने को कहा गया।

एक ऐसे देश के लिए जिसकी वायुसेना पुरानी पड़ चुकी है और जिसके सर्वोच्च नेता को अभी-अभी वॉशिंगटन के सहयोगी तेल अवीव ने मार गिराया है, उसके लिए बैलिस्टिक मिसाइलें ही पारंपरिक प्रतिरोध की आखिरी ढाल हैं।’

ईरान के साथ बातचीत की नाकामी के पीछे डोनाल्ड ट्रंप के दोनों दूत हैं। जेरेड कुशनर और स्टीव विटकॉफ। इन दोनों की सबसे बड़ी क्वालिटी ही ये है कि ये दोनों डोनाल्ड ट्रंप के करीबी हैं। कुशनर, डोनाल्ड ट्रंप के दामाद हैं और विटकॉफ करीबी दोस्त।

इन्हीं दोनों ने अमेरिका के भारत के साथ भी संबंध खराब किए हैं और इन्हीं दोनों को सीढ़ी बनाकर पाकिस्तान के आर्मी चीफ असीम मुनीर भी ट्रंप से मिलने वाइट हाउस पहुंचे थे। लेकिन ईरान के सामने इनकी दाल नहीं गल रही है। इन दोनों के घमंड और इनकी अनुभवहीनता ने युद्ध को विनाशक मोड़ पर पहुंचा दिया है।

अमेरिका के पूर्व एनएसए जैक सुलिवन ने कहा कि अमेरिकी मध्यस्थों को ईरान की पेशकश समझ ही नहीं आई जबकि तेहरान ने शायद अभी तक का सबसे शानदार प्रस्ताव उनके सामने रखा था। रूज़बेह पारसी ने भी लिखा है कि इन दोनों की अनुभवहीनता का नतीजा यह हुआ है कि बातचीत करने वाली टीम को यही पूरी तरह समझ नहीं आता कि वे किस विषय पर बातचीत कर रहे हैं।

ईरान को पता है कि उसे क्या चाहिए
ईरान के लिए सवाल अपने अस्तित्व को बनाए और बचाए रखने की है। उसे अच्छी तरह से पता है कि उसे क्या चाहिए। अस्तित्व बचाने के साथ उसकी कोशिश बातचीत के लिए एक ऐसी स्थिति का निर्माण करना है जहां उसे कोई भी ताकत चुनौती ना दे सके।

बैलिस्टिक मिसाइलों के मिडिल ईस्ट में हमले इसी रणनीति का हिस्सा है। उसकी रणनीति पानी की तरफ साफ है कि चाहे कुछ भी हो जाए, युद्ध के मैदान में डटे रहना है। हर वार पर पलटवार करना है।

वो किसी भी कीमत पर युद्ध लड़ रहा है और अपने से सैकड़ों गुना ज्यादा बड़ी शक्तियों के साथ जंग लड़ रहा है। ईरान अमेरिका को उस मोड़ पर खड़ा करना चाह रहा है जहां ट्रंप प्रशासन हाथ खड़ा कर दे कि वो लड़ने की स्थिति में नहीं है। ईरान उस स्थिति में अमेरिका को खड़ाकर बात करेगा।

जबकि इसके विपरीत डोनाल्ड ट्रंप हर दिन कई बार अपने लक्ष्य बदल रहे हैं। हर सोशल मीडिया पोस्ट और हर इंटरव्यू में वो अलग अलग बात बोल रहे हैं। कभी वो सत्ता परिवर्तन की बात करते हैं तो कभी कहते हैं कि ईरान ने उन्हें सुप्रीम लीडर बनने का प्रस्तार दिया है।

फिर वो ईरान के न्यूक्लियर प्रोग्राम के खत्म होने की घोषणा करते हैं और अगले ही ट्वीट में उन्हें ईरान में मौजूद 450 किलो संवर्द्धित यूरेनियन की याद आ जाती है। उन्हें समझ नहीं आ रहा है कि ईरान के खिलाफ जंग से बाहर कैसे निकलना है। वो खुद को विजेता बताते हैं लेकिन अंजाम दुनिया के सामने है।

OnePlus ने दुनिया का सबसे पतला मैग्नेटिक फोन कूलर लॉन्च किया, जानिए फीचर्स

नई दिल्ली। OnePlus ने दुनिया का सबसे पतला मैग्नेटिक फोन कूलर लॉन्च किया है। कंपनी का कहना है कि यह उन लोगों के लिए बेहद फायदेमंद होगा जो लंबे समय तक फोन इस्तेमाल करना चाहते हैं और फोन पर लंबे समय तक हैवी गेमिंग करते हैं।

स्ट्रीमिंग और गेमिंग जैसी स्थितियों में, यह बहुत जरूरी है कि डिवाइस बेहतरीन परफॉर्मेंस के लिए ठंडा रहे। यहां तक कि जब आप धूप में बाहर होते हैं, तब भी आपको यह सुनिश्चित करना होता है कि आपका डिवाइस कूल रहे।

ऐसी स्थितियों में, यह पतला मैग्नेटिक फोन कूलर बहुत काम आएगा। इस प्रोडक्ट को चीन में OnePlus 15T 5G के लॉन्च के दौरान पेश किया गया था।

चीन में इस प्रोडक्ट की कीमत 179 युआन है, जो लगभग 2400 रुपये के बराबर है। यह एक स्लिम पावर बैंक जैसा दिखता है; इसकी सबसे पतली जगह पर इसकी मोटाई 9.8 एमएम है और इसका वजन सिर्फ 68 ग्राम है।

कूलिंग सिस्टम में एक थर्मोइलेक्ट्रिक कूलिंग (TEC) मॉड्यूल शामिल है। इसमें एक कर्व्ड प्रोग्रेसिव एयर डक्ट भी है, जिसके साथ एक प्रेशराइज्ड और कम शोर करने वाला सेंट्रीफ्यूगल फैन लगा है।

कर्व्ड एयर डक्ट के डिजाइन की वजह से, ठंडी हवा ऊपर से अंदर आती है, जबकि गर्म हवा बगल से बाहर निकल जाती है। इससे लंबे समय तक इस्तेमाल के दौरान यूजर के हाथ भी आरामदायक बने रहते हैं।

OnePlus Nord 6 लॉन्च के लिए तैयार
OnePlus अब भारतीय बाजार में Nord 6 को लॉन्च करने के लिए तैयार है। कंपनी ने एक प्रेस रिलीज में बताया कि आने वाला OnePlus Nord 6 भारत में 7 अप्रैल को शाम 7 बजे लॉन्च होगा। यह फोन देश में Amazon के साथ-साथ वनप्लस के आधिकारिक चैनल्स के जरिए खरीदने के लिए उपलब्ध होगा। यह फोन, जिसे 35,000 रुपये से 40,000 रुपये के सेगमेंट में रखा गया है, फ्रेश मिंट, होलोग्राफिक क्विक सिल्वर और पिच ब्लैक जैसे कलर्स में बेचा जाएगा।

अपकमिंग वनप्लस नॉर्ड 6 में 1.5K AMOLED “Sunburst HDR” डिस्प्ले है, जिसका रिफ्रेश रेट 165 हर्ट्ज है, पीक ब्राइटनेस 3,600 निट्स तक और मिनिमम ब्राइटनेस 2 निट्स है। यह स्क्रीन 3,840 हर्ट्ज PWM डिमिंग और एक्वा टच 2.0 को भी सपोर्ट करती है, जिससे गीली उंगलियों से भी सटीक टच रिस्पॉन्स मिलता है।

इस फोन में 4nm ऑक्टा-कोर स्नैपड्रैगन 8s जेन 4 चिपसेट लगा है, जिसके साथ एड्रेनो 835 जीपीयू दिया गया है। कंपनी का दावा है कि इसमें जीपीयू परफॉर्मेंस 136 प्रतिशत तक ज्यादा, जीपीयू परफॉर्मेंस 64 प्रतिशत ज्यादा और AI परफॉर्मेंस 25 प्रतिशत बेहतर है ।

वनप्लस ने नॉर्ड 6 में 9,000mAh की सिलिकॉन-कार्बन बैटरी दी है, जिसमें 15 प्रतिशत सिलिकॉन कंटेंट है। कंपनी के अनुसार, यह बैटरी नॉर्मल यूज पर 2.5 दिनों तक, गूगल मैप्स नेविगेशन पर 16.6 घंटों तक, यूट्यूब स्ट्रीमिंग पर 26.9 घंटों तक और 60fps पर 4K वीडियो रिकॉर्डिंग पर 6.3 घंटों तक चल सकती है।

यह हैंडसेट 80W सुपरवूक चार्जिंग को सपोर्ट करता है, जिससे बैटरी लगभग 70 मिनट में पूरी तरह चार्ज हो जाती है। इसमें बाईपास चार्जिंग और 27W वायर्ड रिवर्स चार्जिंग का सपोर्ट भी शामिल है।

इसका AnTuTu स्कोर 2,503,854 है। आने वाले OnePlus Nord 6 के बारे में दावा किया गया है कि यह बैटलग्राउंड्स मोबाइल इंडिया (BGMI), कॉल ऑफ ड्यूटी मोबाइल और फ्री फायर मैक्स जैसे पॉपुलर गेम्स में लगातार 165fps की परफॉर्मेंस देगा।

वनप्लस ने नॉर्ड 6 में 9,000mAh की सिलिकॉन-कार्बन बैटरी दी है, जिसमें 15 प्रतिशत सिलिकॉन कंटेंट है। कंपनी के अनुसार, यह बैटरी नॉर्मल यूज पर 2.5 दिनों तक, गूगल मैप्स नेविगेशन पर 16.6 घंटों तक, यूट्यूब स्ट्रीमिंग पर 26.9 घंटों तक और 60fps पर 4K वीडियो रिकॉर्डिंग पर 6.3 घंटों तक चल सकती है।

यह हैंडसेट 80W सुपरवूक चार्जिंग को सपोर्ट करता है, जिससे बैटरी लगभग 70 मिनट में पूरी तरह चार्ज हो जाती है। इसमें बाईपास चार्जिंग और 27W वायर्ड रिवर्स चार्जिंग का सपोर्ट भी शामिल है।

नई Royal Enfield Guerrilla 450 बाइक की तस्वीरें लीक, जानिए फीचर्स

नई दिल्ली। Royal Enfield कंपनी ने अपनी नई 2026 Guerrilla 450 को ऑफिशियल तौर पर लॉन्च करने वाली है। लेकिन, लॉन्च से ठीक पहले ही इस बाइक की तस्वीरें ऑनलाइन लीक हो गई हैं। असम के गुवाहाटी में एक डीलरशिप पर खड़ी इस बाइक को देखा गया है।

इससे इसके नए अपडेट्स का खुलासा हो गया है। लीक हुई तस्वीरों से साफ पता चल रहा है कि कंपनी ने इस बार कलर ऑप्शंस और ग्राफिक्स पर काफी काम किया है। वेबसाइट rushlane में छपी एक खबर के अनुसार,बाइक अब पहले से ज्यादा प्रीमियम और एग्रेसिव लुक में नजर आ रही है।

लीक हुई तस्वीरों में बाइक के दो खास शेड्स चर्चा बटोर रहे हैं। पहला एक ‘सैटिन/मैट सिल्वर’ ड्यूल-टोन फिनिश है, जिसमें स्पोर्ट्स ग्राफिक्स दिए गए हैं। यह इसे एक मॉडर्न और प्रीमियम अपील दे रहे हैं।

वहीं, एक दूसरा यूनिट बिल्कुल डार्क और अंडरस्टेटेड थीम में देखा गया है जिसे ‘स्टेल्थ लुक’ पसंद करने वाले राइडर्स के लिए तैयार किया गया है। इन नए रंगों को देखकर लग रहा है कि रॉयल एनफील्ड ने उन ग्राहकों की शिकायतों को दूर कर दिया है जो मौजूदा मॉडल में सीमित रंगों से थोड़े निराश थे।

तकनीकी बदलाव
दूसरी ओर 2026 गुरिल्ला 450 में कुछ जरूरी तकनीकी बदलावों की भी उम्मीद है। चर्चा है कि बाइक के पिछले हिस्से में मिलने वाले ‘मोनोशॉक सस्पेंशन’ को अपडेट किया गया है ताकि ऊबड़-खाबड़ रास्तों पर राइडिंग और भी आरामदायक हो सके।

साथ ही, बेहतर ग्रिप के लिए इसमें रोड-बायस्ड टायर्स मिल सकते हैं। इस बार इसमें क्रूज कंट्रोल और ट्रैक्शन कंट्रोल जैसे एडवांस्ड फीचर्स जोड़े जाने की भी प्रबल संभावना है। ये फीचर्स न सिर्फ सेफ्टी बढ़ाएंगे बल्कि लंबी यात्राओं को भी आसान बना देंगे।

पावरट्रेन
मैकेनिकल पावर की बात करें तो इसमें कोई बड़ा बदलाव होने की उम्मीद नहीं है। नई गुरिल्ला 450 में वही भरोसेमंद 452cc का लिक्विड-कूल्ड, सिंगल-सिलेंडर इंजन मिलेगा, जो 40bhp की पावर और 40Nm का टॉर्क जनरेट करता है। इसे 6-स्पीड गियरबॉक्स के साथ जोड़ा गया है, जो अपनी स्मूद शिफ्टिंग के लिए जाना जाता है। कुल मिलाकर, रॉयल एनफील्ड ने अपनी इस मशीन को लुक्स और राइड क्वालिटी के मामले में पहले से ज्यादा मैच्योर बनाया है।

एमसीएक्स पर सोना-चांदी के भाव में तेजी, जानिए आज की कीमतें

नई दिल्ली। Gold-Silver Price Today: सोने और चांदी की कीमतों में उछाल देखने को मिल रहा है। नरम डॉलर के बीच शुक्रवार, 27 मार्च की सुबह एमसीएक्स पर सोने की दर में बढ़ोतरी हुई।

एमसीएक्स पर सोना लगभग 1% उछलकर ₹1,43,829 प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया, जबकि एमसीएक्स चांदी लगभग 2% बढ़कर ₹2,23,978 प्रति किलोग्राम हो गया।

इंटरनेशनल मार्केट में भी हल्की रिकवरी देखने को मिली है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कॉमेक्स पर सोना 0.33% बढ़कर करीब $4,423 प्रति औंस पर पहुंच गया, जबकि चांदी 0.29% की बढ़त के साथ $68.13 प्रति औंस पर कारोबार कर रही है। इससे पहले पिछले सत्र में दोनों धातुओं में तेज गिरावट आई थी, जिससे निवेशकों में चिंता बढ़ गई थी।

अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप द्वारा ईरान के ऊर्जा ठिकानों पर हमले की समयसीमा 10 दिन और बढ़ाने के फैसले से बाजार को राहत मिली है। इससे निवेशकों का भरोसा थोड़ा लौटा और कीमती धातुओं में खरीदारी दिखी। हालांकि, पिछले एक महीने में जारी युद्ध के चलते सोना करीब 17% तक गिर चुका है, जो आमतौर पर इसके “सेफ हेवन” इमेज के विपरीत है।

दरअसल, कच्चे तेल की कीमतों में तेजी से महंगाई का खतरा बढ़ा है, जिससे केंद्रीय बैंकों द्वारा ब्याज दरें ऊंची रखने या बढ़ाने की संभावना बनी हुई है। इसका सीधा असर सोने-चांदी पर पड़ता है, क्योंकि ये बिना ब्याज देने वाली संपत्ति हैं।

डॉलर और सेंट्रल बैंक भी बना रहे दबाव
डॉलर इंडेक्स 100 के आसपास मजबूत बना हुआ है, जिससे अन्य देशों के निवेशकों के लिए सोना महंगा हो जाता है। इसके अलावा तुर्की के सेंट्रल बैंक द्वारा बड़ी मात्रा में सोना बेचने की खबर ने भी कीमतों पर दबाव डाला है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, संघर्ष के शुरुआती दो हफ्तों में करीब 60 टन सोना बेचा गया।

क्या टिकेगी ये तेजी या फिर आएगी गिरावट
हाल के उतार-चढ़ाव के बाद सोने और चांदी के दामों में हल्की रिकवरी जरूर दिख रही है, लेकिन एक्सपर्ट्स इसे अभी मजबूत तेजी नहीं मान रहे हैं। बाजार में फिलहाल जो उछाल दिख रहा है, उसे “राहत रैली” और शॉर्ट कवरिंग का असर बताया जा रहा है, न कि किसी बड़े बुलिश ट्रेंड की शुरुआत।

सरकार ने पेट्रोल-डीजल पर एक्साइज ड्यूटी घटाई, क्या ग्राहकों को होगा फायदा

नई दिल्ली। ईरान युद्ध के कारण देश मे डीजल और पेट्रोल की दिक्कत शुरू हो गई है। साथ ही कच्चे तेल की कीमत भी प्रति बैरल 100 डॉलर से ज्यादा है। इस बीच सरकार ने पेट्रोल और डीजल पर एक्साइज ड्यूटी घटाने का बड़ा फैसला लिया है।

सरकार ने पेट्रोल और डीजल पर 10 रुपये प्रति लीटर की एक्साइज ड्यूटी कम की है। नए आदेश के बाद अब पेट्रोल पर एक्साइज ड्यूटी 13 रुपये प्रति लीटर से घटकर 3 रुपये प्रति लीटर हो गई है। वहीं डीजल पर कोई एक्साइज ड्यूटी नहीं लगेगी। डीजल पर लगने वाली 10 रुपये की ड्यूटी को पूरी तरह खत्म कर शून्य कर दिया गया है।

यह फैसला ऐसे समय में आया है जब वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतें नीचे आना शुरू हुई हैं। पश्चिम एशिया के संघर्ष को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के सकारात्मक बयानों ने बाजार की चिंताएं कम की हैं।

शुक्रवार को सुबह 9 बजे ब्रेंट क्रूड 1 फीसदी से ज्यादा गिरकर करीब 107 रुपये प्रति बैरल पर था। वहीं अमेरिकी तेल (WTI) में भी करीब 1 फीसदी की गिरावट आई है। इस गिरावट के साथ यह 93.60 रुपये प्रति बैरल पर है।

क्या पेट्रोल-डीजल सस्ते होंगे
सरकार की ओर से पेट्रोल और डीजल पर एक्साइज ड्यूटी कम करने के बाद अब बड़ा सवाल है कि क्या दोनों ईंधन की कीमत भी कम होगी? दरअसल आम उपभोक्ताओं के लिए यह खबर उतनी राहत भरी नहीं हो सकती जितनी दिख रही है। सूत्रों के मुताबिक, पंप पर पेट्रोल-डीजल की कीमतों में कमी आने की संभावना कम है।

क्यों नहीं कम होंगे दाम

  • इसका मुख्य कारण तेल विपणन कंपनियों को हो रहा भारी घाटा है। वर्तमान में अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल के पार चली गई हैं।
  • इस कारण भारतीय तेल कंपनियां हर लीटर पेट्रोल और डीजल की बिक्री पर करीब 48.8 रुपये का नुकसान उठा रही हैं।
  • सरकार की ओर से दी गई 10 रुपये की यह राहत कंपनियां अपने घाटे को कम करने के लिए इस्तेमाल करेंगी। इसका सीधा मतलब है कि ग्राहकों को सीधे तौर पर कीमतों में कटौती का लाभ मिलना मुश्किल है।

निर्यात वाला डीजल ₹ 21.5 प्रति लीटर महंगा
ईरान-इजरायल युद्ध की स्थिति का फायदा कुछ अंतरराष्ट्रीय कारोबारी उठा रहे हैं। वे भारत से सस्ता डीजल और हवाई जहाज का ईंधन यानी एटीएफ (ATF) मंगवा कर मुनाफा कूट रहे हैं। इसे देखते हुए सरकार ने भारत से निर्यात होने वाले हर लीटर डीजल पर 2.15 रुपये और हर लीटर एटीएफ पर 29.5 रुपये की एक्सपोर्ट ड्यूटी लगा दी है।

Stock Market: सेंसेक्स 1009 अंक लुढ़का, निवेशकों के 6 लाख करोड़ रुपये डूबे

नई दिल्ली। Stock Market Update: शेयर बाजार में आज शुक्रवार को भारी गिरावट देखने को मिली है। सेंसेक्स और निफ्टी 1 प्रतिशत से अधिक शुरुआती कारोबार के दौरान लुढ़क गए। सेंसेक्स 1009 अंक की गिरावट के बाद 74624.78 अंक के इंट्रा-डे लो लेवल पर पहुंच गया।

वहीं, निफ्टी 1 प्रतिशत से अधिक की गिरावट के बाद 23,000.85 स्तर तक लुढ़क गया था। घरेलू शेयर बाजारों में गिरावट की वजह से निवेशकों के 6 लाख करोड़ रुपये आज डूब गए हैं। इस गिरावट की वजह एशिआई बाजारों की कमजोर स्थिति, रुपया का नए रिकॉर्ड लो लेवल पर पहुंचने को माना जा रहा है।

बीएसई सेंसेक्स (BSE Sensex) 500 से ज्यादा अंक गिरकर 74,883.79 पर खुला। खुलते ही गिरावट बढ़ गई। सुबह 9:27 बजे यह 784.99 अंक या 1.04 फीसदी की गिरावट लेकर 74,488.46 पर कारोबार कर रहा था।

इसी तरह, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का निफ्टी-50 (Nifty-50) पर 23,173.55 खुला। खुलने के बाद गिरावट गहरा गई। सुबह 9:31 बजे यह 270.05 अंक या 1.16 प्रतिशत गिरकर 23,082 . 10 पर कारोबार कर रहा था।

बाजार में गिरावट के प्रमुख कारण

  1. मिडिल ईस्ट में जारी संघर्ष
    ईरान के साथ जारी सत्ता संघर्ष खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है। अमेरिका और ईरान एक दूसरे पर भरोसा नहीं कर रहे हैं। जिसकी वजह से अनिश्चितता बढ़ गई है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार डोनाल्ड ट्रंप ने 6 अप्रैल तक ईरान के एनर्जी इंफ्रा पर अटैक ना करने की बात कही है। एक्सपर्ट् का कहना है कि अगर तनाव कम नहीं तब की स्थिति में तेल और गैस की कीमतों में उछाल देखने को मिल सकती है। इसका बुरा असर शेयर बाजारों पर दिख सकता है।
  2. वैश्विक स्तर पर कमजोर स्थिति
    एशिया के कई धाकड़ शेयर बाजारों में भारी गिरावट देखने को को मिली है। कोरिया Kospi और जापान Nikkei में आज 2 प्रतिशत तक की गिरावट देखने को मिली है। S&P 500 और Nasdaq में भी दो प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है।
  3. रुपया रिकॉर्ड लो लेवल पर
    युद्ध शुरू होने के बाद से ही रुपया की स्थिति ठीक नहीं है। आज रुपया रिकॉर्ड लो लेवल पर पहुंच गया। 1 डॉलर की कीमत 94.1575 के स्तर पर आ गया। इससे पहले डॉलर के मुकाबले रुपये का रिकॉर्ड लो लेवल 93.98 था। बता दें, जब से युद्ध शुरू हुआ है तब से रुपया 3.5 प्रतिशत लुढ़क चुका है।
  4. कच्चे तेल की कीमतों ने बढ़ाई टेंशन
    सप्लाई प्रभावित होने की वजह से कच्चे तेल की कीमतों में आग लगी हुई है। आज ब्रेंट क्रू़ड ऑयल का भाव 108 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर पहुंच गया।
  5. FPI की निकासी
    घरेलू शेयर बाजारों से एफपीआई की निकासी जारी है। एफपीआई ने 123688 रुपये की निकासी की है। यह आंकड़ा 25 मार्च तक का है।

ट्रंप ने ईरान के ऊर्जा ढांचे पर हमलों की डेडलाइन 6 अप्रैल तक बढ़ाई

वॉशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के ऊर्जा ढांचे पर हमलों की डेडलाइन 6 अप्रैल तक के लिए बढ़ा दी है। ट्रंप ने कहा कि वह 10 दिनों के लिए ईरान के ऊर्जा ढांचे पर हमले रोक रहे हैं।

उन्होंने दावा किया कि यह तेहरान के अनुरोध पर किया गया है और बातचीत बहुत अच्छी चल रही है। ट्रंप अपने ट्रुथ सोशल प्लेटफॉर्म पर इसकी जानकारी दी है। इसके पहले डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के ऊर्जा ठिकानों पर हमले की धमकी दी थी, जिसे उन्होंने खुद ही 5 दिनों के लिए रोक दिया था।

ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर लिखा, ‘ईरानी सरकार के अनुरोध पर मैं ऊर्जा प्लांट को नष्ट करने की कार्रवाई को 10 दिनों के लिए यानी सोमवार 6 अप्रैल 2026 को पूर्वी समय रात 8 बजे तक के लिए रोक रहा हूं।’ ट्रंप ने ईरान और वॉशिंगटन के बीच बातचीत में प्रगति का संकेत दिया।

उन्होंने लिखा, बातचीत जारी है और फेक न्यूज मीडिया और अन्य लोगों के इसके विपरीत बयानों के बावजूद यह बहुत अच्छी तरह से आगे बढ़ रही है।

यह दूसरी बार है जब ट्रंप ने ईरान के ऊर्जा ढांचे पर हमले की डेडलाइन को बढ़ाया है। पिछले शनिवार को ट्रंप ने होर्मुज जलडमरूमध्य को तेल टैंकरों के खोलने के लिए 48 घंटे का समय दिया था। ऐसा न करने पर ईरान के पॉवर प्लांट को नष्ट करने की धमकी दी थी। लेकिन एक दिन बात ट्रंप ने बातचीत का हवाला देते हुए इसे 5 दिन के लिए टाल दिया था। अब इसे फिर से 10 दिनों के लिए बढ़ा दिया गया है।

हालांकि, यह साफ नहीं है कि 10 दिनों तक ऊर्जा ढांचे पर हमले रोकने का फैसला एक व्यापक संघर्ष विराम का रूप लेगा या फिर यह केवल एक अस्थायी उपाय होगा जो कुछ दिनों के लिए तनाव कम करेगा। लेकिन इस विराम से कूटनीति के लिए जगह मिल सकती है।

इसके पहले ट्रंप के मध्य पूर्व के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ ने एक कैबिनेट बैठक में बताया था कि तेहरान बातचीत के लिए तैयार है। विटकॉफ ने पहली बार सार्वजनिक रूप से इस बात की पुष्टि की कि वॉशिंगटन ने पाकिस्तानी अधिकारियों के माध्यम से तेहरान को 15 पॉइंट एक्शन लिस्ट दी थी।

ट्रंप को ईरान का गिफ्ट
इसके पहले ट्रंप ने ईरान से गिफ्ट में तेल टैंकर मिलने का दावा किया था। गुरुवार को उन्होंने कहा कि ईरान ने अमेरिका के 10 तेल टैंकरों को होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने की अनुमति दी है। उन्होंने इसे तेहरान के युद्ध खत्म करने को लेकर हो रही बातचीत के लिए गंभीर होने का संकेत बताया।

पश्चिम एशिया संकट से चावल निर्यातकों का 25 हजार करोड़ तक का भुगतान अटका

चंडीगढ़। पश्चिम एशिया में जारी भयंकर युद्ध के कारण प्रीमियम क्वालिटी के भारतीय बासमती चावल का न केवल निर्यात प्रभावित हो रहा है बल्कि इसके भुगतान का संकट भी गंभीर होता जा रहा है।

समझा जाता है कि विभिन्न आयातक देशों में 2000 करोड़ रुपए से लेकर 25,000 करोड़ रुपए तक का भुगतान अभी लंबित या पेंडिंग है। निर्यात में बाधा पड़ने से व्यापारियों- निर्यातकों को भारी आर्थिक नुकसान हो रहा है और बासमती धान के उत्पादक किसानों की आजीविका भी खतरे में पड़ गई है।

भारत से प्रीमियम क्वालिटी के 1121 बासमती चावल का निर्यात ईरान सहित खाड़ी क्षेत्र के कई अन्य देशों में बड़े पैमाने पर होता है लेकिन अभी विभिन्न बंदरगाह पर इसका स्टॉक पड़ा हुआ है और उसका शिपमेंट नहीं हो पा रहा है। यदि यह स्थिति बरकरार रही तो निर्यातकों को जबरदस्त आर्थिक नुकसान हो सकता है।

पूर्व में हुए शिपमेंट के तहत विशाल भुगतान अभी लंबित है जिससे निर्यातकों की वित्तीय स्थिति काफी कमजोर हो गई है। यद्यपि केन्द्र सरकार स्थिति की जटिलता को घटाने के लिए आवश्यक कदम उठा रही है मगर समस्या काफी गंभीर है और जल्दी उसका निराकरण होना मुश्किल लगता है। अभी सम्बद्ध सरकारी एजेंसियां अपने-अपने स्तर से बासमती चावल के निर्यातकों की सहायता कर रही हैं।

भारत से लगभग 70-75 प्रतिशत बासमती चावल का निर्यात पश्चिम एशिया, मध्य-पूर्व एवं खाड़ी क्षेत्र के देशों में होता है जिसमें ईरान, इराक, सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात, कुवैत, बहरीन, जोर्डन, कतर एवं ओमान आदि देश शामिल हैं। बासमती, चावल का शेष निर्यात अमरीका तथा यूरोप सहित अन्य बाजारों में किया जाता है। भारत चावल का सबसे बड़ा निर्यातक देश है।

बड़े मथुराधीश मंदिर पर आज मनाएंगे राम नवमी, होंगे विशेष पंचामृत दर्शन

कोटा। शुद्धाद्वैत प्रथम पीठ श्री बड़े मथुराधीश मंदिर, पाटनपोल पर श्रीराम नवमी शुक्रवार को मनाई जाएगी। इस अवसर पर मंदिर में शालिगराम जी के भव्य पंचामृत दर्शन होंगे।

प्रथम पीठ युवराज मिलन बावा ने बताया कि पुष्टिमार्ग में भगवान विष्णु के चार अवतारों श्रीकृष्ण, श्रीराम, श्रीनृसिंह एवं श्रीवामन को विशेष मान्यता दी गई है। क्योंकि प्रभु ने ये अवतार निसाधन भक्तों पर कृपा करने हेतु लिए थे। इसी कारण इन चारों जयंती उत्सवों को पुष्टिमार्ग में ‘पुष्टिलीला’ के रूप में पूर्ण श्रद्धा के साथ मनाया जाता है।

​उन्होंने बताया कि 27 मार्च (चैत्र शुक्ल पक्ष नवमी) से दर्शनों की व्यवस्था में ऋतु परिवर्तन के अनुसार बदलाव किया जा रहा है।शयन के दर्शन आगामी कार्तिक कृष्ण पक्ष अष्टमी तक के लिए बंद रहेंगे। श्रीराम नवमी के अवसर पर राजभोग के दर्शन दोपहर 12 बजे के बाद सेवानुकूल समय पर खुलेंगे।

श्रीराम नवमी के अवसर पर दर्शनों का क्रम इस प्रकार रहेगा
मंगला के दर्शन प्रातः 06:30 बजे से समय अवधि तक खुलेंगे। इस दिन ग्वाल के दर्शन नहीं खुलेंगे। राजभोग के दर्शन दोपहर 12 बजे के बाद सेवा अनुकूल समय पर होंगे। सायंकाल के क्रम में उत्थापन के दर्शन अपराह्न 4 बजे से होंगे। जबकि भोग-आरती के दर्शन शाम 5 से 5:30 बजे के बीच सेवा अनुकूल समय पर किए जा सकेंगे।

शयन दर्शन को लेकर विशेष सूचना
मंदिर प्रबंधन की सूचना के अनुसार चैत्र शुक्ल पक्ष नवमी से शयन के दर्शन नहीं खुलेंगे। ऋतु परिवर्तन और पुष्टिमार्गीय परंपरा के अनुसार, चैत्र शुक्ल पक्ष नवमी से लेकर कार्तिक कृष्ण पक्ष अष्टमी तक शयन के दर्शन बंद रहेंगे। मंदिर प्रबंधन ने सभी वैष्णव जनों से समय के इस परिवर्तन का ध्यान रखते हुए ही मंदिर आने की अपील की है।

झालावाड़ जिले की डग तहसील के गेहूं खरीद घोटाले की उच्च स्तरीय जांच की मांग

कोटा। भारतीय किसान संघ के पदाधिकारियों ने झालावाड़ जिले की डग तहसील में गेहूं खरीद पंजीकरण में सामने आई भारी अनियमितताओं पर गहरा आक्रोश व्यक्त करते हुए इसे एक सुनियोजित षड्यंत्र करार दिया है।

प्रान्त प्रचार प्रमुख आशीष मेहता ने इस संबंध में बयान जारी करते हुए कहा कि एक ओर जहां साधारण किसान अपनी उपज की तुलाई के लिए एक-एक स्लॉट को तरस रहा है, वहीं दूसरी ओर रसूखदारों और बिचौलियों द्वारा अधिकारियों की मिलीभगत से 5000 से 9000 क्विंटल तक के फर्जी स्लॉट बुक कर लिए गए हैं।

उन्होंने कहा कि 9000 क्विंटल की उपज के लिए 1100 बीघा से अधिक भूमि की आवश्यकता होती है, जो किसी भी स्थानीय किसान के पास उपलब्ध नहीं है। यह स्पष्ट रूप से सरकारी धन और न्यूनतम समर्थन मूल्य की व्यवस्था का दुरुपयोग करने का प्रयास है।

​जिला अध्यक्ष जगदीश कलमंडा और सम्भाग अध्यक्ष गिरीराज चौधरी ने इस मामले की गंभीरता को देखते हुए चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन ने तुरंत सख्त कदम नहीं उठाए, तो संगठन उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होगा।

उन्होंने कहा कि यह केवल एक तहसील या जिले का मामला नहीं है, बल्कि पूरे प्रदेश में व्यापारियों द्वारा किसानों के गिरदावरी दस्तावेजों का दुरुपयोग कर कम दाम पर खरीदे गए गेहूं को सरकारी कोटे में खपाने की एक बड़ी साजिश प्रतीत होती है।

पदाधिकारियों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि ऐसे सभी संदिग्ध स्लॉट को तुरंत निरस्त कर दोषियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाए और ऑनलाइन पोर्टल की खामियों को दूर किया जाए।

संगठन की प्रदेश महिला प्रमुख रमा शर्मा और प्रान्त महिला प्रमुख रजनी धाकड़ ने कहा कि भ्रष्टाचार के इस खेल का सीधा असर प्रदेश के सीमांत और छोटे किसानों पर पड़ रहा है, जिन्हें समय पर भुगतान और स्लॉट नहीं मिल पा रहे हैं।

जिला मंत्री रूनारायण यादव ने मुख्यमंत्री और कृषि मंत्री से गुहार लगाते हुए मांग की है कि इस घोटाले की जड़ें गहरी हो सकती हैं, अतः इसकी जांच केवल झालावाड़ तक सीमित न रखकर संपूर्ण प्रदेश में विशेष जांच दल गठित कर करवाई जाए।

भारतीय किसान संघ का स्पष्ट मत है कि जब तक प्रदेश के हर जिले में पंजीकरण डेटा का भौतिक सत्यापन नहीं होगा, तब तक वास्तविक किसानों को सरकारी योजनाओं का पूर्ण लाभ मिलना संभव नहीं है।