Sunday, July 12, 2026
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नई औद्योगिक इकाइयों को प्रोत्साहित कर रोजगार सृजन को गति दी जाएगी: जेटली

एम्प्लॉयर्स एसोसिएशन ऑफ राजस्थान के चुनाव: जैन 12वीं बार निर्विरोध अध्यक्ष चुने

कोटा। एम्प्लॉयर्स एसोसिएशन ऑफ राजस्थान (EAR) के चुनाव वरिष्ठ अधिवक्ता आलोक फतेहपुरिया द्वारा शांतिपूर्ण एवं सफलतापूर्वक सम्पन्न हुए। चुनाव परिणामों में कोटा के उद्योग जगत के वरिष्ठ प्रतिनिधि वीके जेटली को एसोसिएशन का वरिष्ठ उपाध्यक्ष निर्वाचित किया गया।

निर्वाचन अधिकारी द्वारा घोषित परिणामों के अनुसार एन.के. जैन को सर्वसम्मति (निर्विरोध) से लगातार 12वीं बार एसोसिएशन का अध्यक्ष चुना गया। वरिष्ठ उपाध्यक्ष बनने के बाद वीके जेटली ने कहा कि कोटा का औद्योगिक क्षेत्र अपार संभावनाओं से भरपूर है और इसे सशक्त बनाने के लिए उद्योगों के बीच बेहतर समन्वय, नवाचार और निवेश को बढ़ावा देना आवश्यक है।

उन्होंने कहा कि एसोसिएशन के माध्यम से कोटा सहित हाड़ौती क्षेत्र के उद्योगों की समस्याओं को प्रभावी ढंग से राज्य स्तर पर उठाया जाएगा तथा नई औद्योगिक इकाइयों को प्रोत्साहित कर रोजगार सृजन को गति दी जाएगी।

अपने संबोधन में अध्यक्ष एनके जैन ने सभी सदस्यों का आभार व्यक्त करते हुए संगठन के हित में निरंतर कार्य करने तथा औद्योगिक विकास को गति देने का संकल्प दोहराया। उन्होंने बताया कि इस वर्ष एसोसिएशन की थीम “इंडस्ट्री कनेक्ट, कैटलाइज एंड कोलेबोरेट” रखी गई है।

नवनिर्वाचित अध्यक्ष जैन ने कार्यकारिणी का गठन करते हुए ए.के. जैन को मुख्य सलाहकार, जबकि वी.के. जेटली को वरिष्ठ उपाध्यक्ष नियुक्त किया। इसके अलावा बिमल चौधरी, मनीष गुप्ता, निगम प्रकाश, रुपिन काला (अधिवक्ता), अशोक कुमार अग्रवाल एवं दिनेश गुप्ता (सेकावटी इंपेक्स) को उपाध्यक्ष बनाया गया।

एस.के. पाटनी को सचिव का दायित्व सौंपा गया है। चुनाव प्रक्रिया के अंतर्गत औद्योगिक श्रेणी में पूरे राजस्थान से 36 सदस्यों, प्रोफेशनल श्रेणी में 12 सदस्यों तथा औद्योगिक एसोसिएशन श्रेणी में 5 सदस्यों का चयन भी किया गया।

निर्माण कार्य के कारण गांधीधाम-भागलपुर एवं कोटा-सिरसा एक्सप्रेस का मार्ग परिवर्तन

कोटा। लखनऊ स्टेशन परिसर में प्लेटफॉर्म संख्या 1 पर शेल्टर निर्माण कार्य के कारण 4 से 11 अप्रैल तक कोटा मंडल से गुजरने वाली दो विशेष ट्रेनों का मार्ग अस्थायी रूप से परिवर्तित किया जाएगा। वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक सौरभ जैन ने बताया कि इस अवधि में यह ट्रैन परिवर्तित मार्ग से चलेंगी।

  • ट्रेन संख्या 09451 (गांधीधाम–भागलपुर): 3 एवं 10 अप्रैल को मानक नगर–ऐशबाग–मल्हौर मार्ग से संचालित होगी।
  • ट्रेन संख्या 09452 (भागलपुर–गांधीधाम): 6 अप्रैल को मल्हौर–ऐशबाग–मानक नगर मार्ग से संचालित होगी।

कोटा–सिरसा एक्सप्रेस का मार्ग परिवर्तन
बीकानेर मंडल के रेवाड़ी–सादुलपुर खंड पर रेलवे अंडरब्रिज (RUB) निर्माण के लिए इंजीनियरिंग एवं ट्रैफिक कम पावर ब्लॉक के कारण ट्रेन संख्या 19807 कोटा–सिरसा एक्सप्रेस का मार्ग 7 अप्रैल, 21 अप्रैल एवं 5 मई 2026 को अस्थायी रूप से परिवर्तित किया जाएगा।

वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक ने बताया कि इन तारीखों में यह ट्रेन सीकर–फतेहपुर शेखावाटी–चूरू–सादुलपुर मार्ग से संचालित होगी। इस परिवर्तित मार्ग में लक्ष्मणगढ़, फतेहपुर शेखावाटी एवं चूरू स्टेशनों पर ठहराव प्रदान किए गए हैं।

विश्व वानिकी सप्ताह पर संगोष्ठी में दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश

कोटा। राजस्थान राज्य भारत स्काउट एवं गाइड स्थानीय संघ कोटा दक्षिण तथा शिक्षा विभाग कर्मचारीगण सहकारी सभा 696 आर कोटा-बारां के संयुक्त तत्वावधान में रविवार को आलनिया स्थित स्काउट गाइड प्रशिक्षण केंद्र पर ‘विश्व वानिकी सप्ताह’ के उपलक्ष्य में एक दिवसीय जागरूकता संगोष्ठी का आयोजन किया गया। ​

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि शिक्षा मंत्री के ओएसडी सतीश गुप्ता थे। अध्यक्षता शिक्षा सहकारी एवं स्काउट गाइड के जिलाध्यक्ष प्रकाश जायसवाल ने की। विशिष्ट अतिथि के रूप में जिला उपप्रधान हेमलता शर्मा एवं सहायक राज्य संगठन आयुक्त दिलीप माथुर उपस्थित रहे।

संगोष्ठी को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि सतीश गुप्ता ने कहा कि वन समस्त मानव जीवन का आधार हैं। उन्होंने वर्तमान में बढ़ती जनसंख्या और अनियंत्रित कटाई के कारण उत्पन्न हो रहे असंतुलन पर चिंता जताते हुए आह्वान किया कि प्रत्येक नागरिक को न केवल वृक्षारोपण करना चाहिए, बल्कि रोपे गए पौधों के जीवित रहने तक उनकी नियमित देखभाल की जिम्मेदारी भी उठानी चाहिए।

​संगोष्ठी की अध्यक्षता कर रहे प्रकाश जायसवाल ने बताया कि स्काउट गाइड संगठन का मूल ध्येय ही सेवा और प्रकृति की रक्षा है। उन्होंने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि दैनिक जीवन में छोटे-छोटे सकारात्मक बदलाव लाकर हम पर्यावरण को सुरक्षित रख सकते हैं।

वहीं, सहायक राज्य संगठन आयुक्त दिलीप माथुर ने जोर दिया कि पर्यावरण की सुरक्षा प्रत्येक नागरिक का नैतिक कर्तव्य है। जिला उप प्रधान हेमलता शर्मा ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण में महिलाओं और बच्चों की भूमिका निर्णायक है। यदि परिवार स्तर पर जागरूकता आए तो समाज में बड़ा परिवर्तन देखा जा सकता है।

​कार्यक्रम का प्रभावी संचालन करते हुए सीओ स्काउट बृज सुंदर मीणा ने विद्यालय स्तर पर पर्यावरण शिक्षा को और अधिक व्यावहारिक बनाने पर बल दिया। उन्होंने “एक छात्र-एक पौधा” अभियान का नारा देते हुए विद्यार्थियों से प्रकृति के प्रति संवेदनशील बनने की अपील की। कार्यक्रम के दौरान उत्कृष्ट सामाजिक सेवाओं के लिए स्थानीय समाजसेवी जगदीश कलवार को मुख्य अतिथि द्वारा सम्मानित किया गया।

100 से अधिक होलिका दहन समितियां को सनातन धर्म संस्कृति गौरव सम्मान

सर्व हिंदू समाज नवयुवक मंडल महासंघ का आयोजन

​कोटा। Sanatan Dharma Sanskriti Samman: सर्व हिंदू समाज नवयुवक मंडल महासंघ द्वारा आयोजित होली मिलन उत्सव एवं सम्मान समारोह रविवार को गीता भवन में संपन्न हुआ। कार्यक्रम में कोटा के विभिन्न वार्डों, कॉलोनियों और क्षेत्रों में होलिका दहन की परंपरा को जीवंत रखने वाले 100 से अधिक सामाजिक संगठनों एवं समितियों को सनातन धर्म संस्कृति गौरव सम्मान’से अलंकृत किया गया।

​समारोह के मुख्य संयोजक एवं अध्यक्ष गोविंद नारायण अग्रवाल ने बताया कि कोटा में पहली बार इस तरह का अनूठा प्रयास किया गया है। जहाँ मोहल्लों और गलियों में धर्म की अलख जगाने वाली टोलियों को एक मंच पर लाकर सम्मानित किया गया। उन्होंने कहा कि होलिका दहन ऐसा धार्मिक अनुष्ठान है जो बुराई पर अच्छाई की जीत और सामाजिक समरसता का प्रतीक है।

इन समितियों के कार्यकर्ता अपनी व्यस्तता के बावजूद समाज को एकजुट करने का जो कार्य कर रहे हैं, वह वंदनीय है। महासंघ का यह प्रयास उन जमीनी कार्यकर्ताओं का उत्साहवर्धन करना है जो निस्वार्थ भाव से अपनी संस्कृति की सेवा में जुटे हैं।

​कार्यक्रम के दौरान उपस्थित गणमान्य अतिथियों ने सम्मानित होने वाली समितियों को प्रशस्ति पत्र और प्रतीक चिह्न भेंट किए। वही विशेष रूप से आदर्श होली संस्थान नयापुरा संस्थापक अध्यक्ष राकेश शर्मा राकू एवं उनकी टीम को होली पर पर्यावरण को लेकर अरावली बचाओ झांकी को प्रथम पुरस्कार स्वरूप सनातन धर्म संस्कृति की प्रतीक 11 किलो वजनी पीतल की गदा भेंट की गई।

वहीं द्वितीय पुरस्कार सरस्वती शारदा विकास समिति सिविल लाइंस के अध्यक्ष एडवोकेट शीतल प्रकाश मीणा एवं उनकी टीम को देश की आदर्श प्रमुख महिलाओं पर जीवंत झांकियां प्रस्तुत करने पर पीतल का 5 किलो वजनी 6 फुट का त्रिशूल भेंट किया गया।

मोजी बाबा महामंडलेश्वर डॉ. हेमा सरस्वती ने इस बात पर जोर दिया कि ऐसे आयोजनों से हमारी वर्तमान पीढ़ी अपनी परंपराओं से जुड़ती है। वहीं युवाओं में सनातन धर्म के प्रति गौरव का भाव भी जाग्रत होता है।इस दौरान गीता भवन का परिसर होली के गीतों और सांस्कृतिक उल्लास से सराबोर नजर आया। जहाँ सभी ने एक-दूसरे को गुलाल लगाकर पर्व की शुभकामनाएं दीं। आयोजन प्रभारी राजाराम जैन कर्मयोगी ने सभी आगंतुकों का आभार व्यक्त किया गया। ​

इस अवसर पर प्रजापिता ब्रह्माकुमारी उर्मिला दीदी, परमानंद गर्ग अश्वत्थामा दाधीच, अनिल कुमार शर्मा, लक्ष्मी नारायण गर्ग, हेमंत सिंह, नरेश कारा, धर्मपाल सिंह, बृजनंदन गौतम, महेश पंचोली सहित महासंघ के अनेक पदाधिकारी और शहर के प्रतिष्ठित नागरिक उपस्थित रहे। कार्यक्रम का सफल संचालन नरेश कारा एवं अश्वत्थामा दाधीच द्वारा किया गया।

Kota Mandi: नई फसल की आवक बढ़ने से कोटा मंडी में सरसों 100 रुपये मंदी बिकी

कोटा। Kota Mandi Price Today:भामाशाह अनाज मंडी में शनिवार को आवक की कमी से मिलर्स की लिवाली से धान 1718 एवं चने का भाव 50 रुपये तेज बिका। प्लांट वालों की खरीद से सोयाबीन 75 रुपये सुधर गई। नई फसल की आवक बढ़ने से सरसों 100 रुपये मंदी रही। मंडी में सभी कृषि जिंसों की मिलाकर करीब दो लाख कट्टे और लहसुन की 6000 कट्टे की आवक रही। जिंसों के भाव रुपये प्रति क्विंटल इस प्रकार रहे –

गेहूं पुराने 2130 से 2300, गेहूं नया 2230 से 2525, ज्वार शंकर 1700 से 2300, ज्वार सफेद 2800 से 5000, बाजरा 1800 से 2050, मक्का लाल 1400 से 1800, मक्का सफेद 1600 से 2200, जौ नया 1900 से 2100 रुपये प्रति क्विंटल।

धान सुगन्धा 2800 से 3251, धान (1509) 3400 से 3900, धान (1847) 3200 से 3851, धान (1718-1885) 3900 से 4400, धान (पूसा-1) 3600 से 4070, धान (1401-1846) 3800 से 4150, धान दागी 1500 से 3600 रुपये प्रति क्विंटल।

सोयाबीन 5000 से 5600, सरसों 6000 से 7000, अलसी 6000 से 6900, तिल्ली 7000 से 8500 रुपये प्रति क्विंटल। मूंग 6000 से 6500, उड़द 4500 से 8250, चना देशी पुराना 4700 से 5151, चना मौसमी नया 5000 से 5450, चना पेप्सी 5200 से 5751, चना डंकी पुराना 3500 से 4500, चना काबुली 5500 से 7500, नया चना देशी 5000 से 5451 रुपये प्रति क्विंटल।

नया लहसुन 2500 से 10000, मैथी 4000 से 5500, मैथी नयी 5800 से 6500, धनिया बादामी पुराना 7500 से 9800, धनिया ईगल 10200 से 10800, धनिया नया 8500 से 10500, धनिया रंगदार 11000 से 16000 रुपये प्रति क्विंटल।

Summer Special Train: अप्रैल से तीन ग्रीष्मकालीन विशेष ट्रेनों का संचालन

कोटा। Summer Special Trains: यात्रियों की ग्रीष्मकालीन अवकाश में बढ़ती आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए रेल प्रशासन द्वारा अप्रैल से तीन ग्रीष्मकालीन विशेष ट्रेनों का संचालन किया जाएगा।

वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक सौरभ जैन ने बताया कि गाड़ी संख्या 05033 (गोमती नगर–बान्द्रा टर्मिनस) 6 अप्रैल से 13 जुलाई तक प्रत्येक सोमवार को 15 फेरों में गोमती नगर से दोपहर 14.00 बजे प्रस्थान कर अगले दिन मंगलवार को बयाना जंक्शन 02.00 बजे, कोटा जंक्शन 03.55 बजे होते हुए उसी दिन सायं 20.00 बजे बान्द्रा टर्मिनस पहुँचेगी।

गाड़ी संख्या 05034 (बान्द्रा टर्मिनस–गोमती नगर) 7 अप्रैल से 14 जुलाई तक प्रत्येक मंगलवार को 15 फेरों में बान्द्रा टर्मिनस से रात्रि 23.00 बजे प्रस्थान कर अगले दिन बुधवार को कोटा जंक्शन 14.35 बजे, बयाना जंक्शन 18.15 बजे होते हुए तीसरे दिन गुरुवार को प्रातः 07.45 बजे गोमती नगर पहुँचेगी।

यह गाड़ी रास्ते में दोनों दिशाओं में गोमती नगर, बादशाहनगर, ऐशबाग, कानपुर सेंट्रल, इटावा, टुंडला जंक्शन, ईदगाह आगरा जंक्शन, बयाना जंक्शन, कोटा जंक्शन, नागदा जंक्शन, रतलाम जंक्शन, गोधरा, वडोदरा जंक्शन, सूरत, वलसाड, वापी, बोरीवली तथा बान्द्रा टर्मिनस स्टेशनों पर ठहराव लेकर गंतव्य को जाएगी।

इस विशेष गाड़ी में 4 सामान्य श्रेणी, 6 शयनयान श्रेणी, 8 वातानुकूलित तृतीय श्रेणी तथा 2 वातानुकूलित द्वितीय श्रेणी सहित कुल 22 डिब्बे होंगे।

मऊ–वलसाड–मऊ ग्रीष्मकालीन ट्रेन: इसी तरह रेल प्रशासन द्वारा मऊ जंक्शन–वलसाड–मऊ जंक्शन के मध्य ग्रीष्मकालीन विशेष रेलगाड़ियों का संचालन किया जा रहा है।

गाड़ी संख्या 05017 (मऊ–वलसाड) 4 अप्रैल से 11.जुलाई तक प्रत्येक शनिवार को 15 फेरों में मऊ जंक्शन से रात्रि 03.45 बजे प्रस्थान कर बयाना जंक्शन 21.33 बजे, गंगापुर सिटी 22.30 बजे तथा अगले दिन रविवार को कोटा जंक्शन 00.50 बजे, रामगंज मंडी 01.53 बजे, भवानी मंडी 02.16 बजे होते हुए उसी दिन दोपहर 12.35 बजे वलसाड पहुँचेगी।

इसी प्रकार गाड़ी संख्या 05018 (वलसाड–मऊ) 5 अप्रैल से 12 जुलाई तक प्रत्येक रविवार को 15 फेरों में वलसाड से अपराह्न 15.10 बजे प्रस्थान कर अगले दिन सोमवार को भवानी मंडी 01.03 बजे, रामगंज मंडी 01.28 बजे, कोटा जंक्शन 02.35 बजे, गंगापुर सिटी 04.35 बजे, बयाना जंक्शन 06.43 बजे आगमन कर मार्ग के अन्य स्टेशनो से होते हुए दुसरे दिन मंगलवार को रात्रि 00.45 बजे मऊ जंक्शन पहुँचेगी।

यह गाड़ी रास्ते में दोनों दिशाओं में मऊ जंक्शन, बेलथरा रोड, सलेमपुर जंक्शन, भटनी जंक्शन, देवरिया सदर, गोरखपुर जंक्शन, बस्ती, गोण्डा जंक्शन, बाराबंकी जंक्शन, बादशाहनगर, ऐशबाग, कानपुर सेंट्रल, टुंडला जंक्शन, ईदगाह आगरा जंक्शन, बयाना जंक्शन, गंगापुर सिटी, कोटा जंक्शन, रामगंज मंडी, भवानी मंडी, नागदा जंक्शन, रतलाम जंक्शन, गोधरा, वडोदरा जंक्शन, सूरत तथा वलसाड स्टेशनों पर ठहराव लेकर गंतव्य को जाएगी।

बान्द्रा टर्मिनस–आजमगढ़ विशेष ट्रैन: रेल प्रशासन द्वारा आजमगढ़–बान्द्रा टर्मिनस–आजमगढ़ के मध्य ग्रीष्मकालीन विशेष रेलगाड़ियों का संचालन किया जा रहा है।

वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक ने बताया कि गाड़ी संख्या 05183 (आजमगढ़–बान्द्रा टर्मिनस) 4.अप्रैल से 11 जुलाई तक प्रत्येक शनिवार को 15 फेरों में आजमगढ़ से रात्रि 23.15 बजे प्रस्थान कर अगले दिन रविवार को बयाना जंक्शन 15.30 बजे, गंगापुर सिटी 16.33 बजे, कोटा जंक्शन 18.35 बजे होते हुए दूसरे दिन सोमवार को प्रातः 08.10 बजे बान्द्रा टर्मिनस पहुँचेगी।

इसी प्रकार गाड़ी संख्या 05184 (बान्द्रा टर्मिनस–आजमगढ़) 6 अप्रैल से 13 जुलाई तक प्रत्येक सोमवार को 15 फेरों में बान्द्रा टर्मिनस से 10.45 बजे प्रस्थान कर अगले दिन मंगलवार को कोटा जंक्शन 00.10 बजे, गंगापुर सिटी 02.15 बजे, बयाना जंक्शन 03.20 बजे होते हुए उसी दिन सायं 20.10 बजे आजमगढ़ पहुँचेगी।

यह गाड़ी रास्ते में दोनों दिशाओं में आजमगढ़, मुहम्मदाबाद, मऊ जंक्शन, औड़िहार जंक्शन, वाराणसी, ज्ञानपुर रोड, प्रयागराज रामबाग, प्रयागराज जंक्शन, गोविंदपुरी, टुंडला जंक्शन, ईदगाह आगरा जंक्शन, बयाना जंक्शन, गंगापुर सिटी, कोटा जंक्शन, नागदा जंक्शन, रतलाम जंक्शन, वडोदरा जंक्शन, सूरत, बोरीवली तथा बान्द्रा टर्मिनस स्टेशनों पर ठहराव लेकर गंतव्य को जाएगी।

इस विशेष गाड़ी में 2 सामान्य श्रेणी, 8 शयनयान श्रेणी तथा 8 वातानुकूलित तृतीय श्रेणी इकॉनॉमी सहित कुल 20 डिब्बे होंगे।

संगिनी अवार्ड समारोह में उत्कृष्ट कार्य करने वाली प्रतिभाओं को किया सम्मानित

कोटा। संगिनी संस्था द्वारा आयोजित संगिनी अवार्ड एवं कॉन्वोकेशन समारोह बड़े ही उत्साह एवं गरिमा के साथ संपन्न हुआ। कार्यक्रम में 2025-26 के कार्यकाल में विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाली प्रतिभाओं को सम्मानित किया गया।

इस अवसर पर संगिनी की अध्यक्षा कविता बाफना के नेतृत्व में संस्था ने एक बार फिर समाज सेवा, महिला सशक्तिकरण एवं सांस्कृतिक गतिविधियों के क्षेत्र में अपनी सक्रिय भूमिका को प्रदर्शित किया।

कार्यक्रम के सफल आयोजन में सचिव रेनू जैन, संयुक्त सचिव सीमा जैन एवं कोषाध्यक्ष अनीता जैन का विशेष योगदान रहा, जिनके समन्वय एवं कुशल संचालन से कार्यक्रम सुचारू रूप से संपन्न हुआ।

प्रोजेक्ट चेयरपर्सन बीना बिलाला एवं प्रोजेक्ट एडवाइज़र स्मिता पाटनी के मार्गदर्शन ने आयोजन को नई दिशा प्रदान की। प्रोजेक्ट डायरेक्टर्स निधि गोयल, कविता जैन, प्रियंका जैन एवं मोनिका जैन के रचनात्मक प्रयासों और समर्पण ने इस समारोह को यादगार बना दिया। समारोह में उत्साह, अनुशासन और टीमवर्क की शानदार झलक देखने को मिली।

होलिका दहन समितियों को मिलेगा ‘सनातन धर्म संस्कृति गौरव सम्मान’

सर्व हिंदू समाज नवयुवक मंडल महासंघ का होली मिलन उत्सव कल

​कोटा। शहर की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और सनातन परंपराओं को सहेजने के उद्देश्य से ‘सर्व हिंदू समाज नवयुवक मंडल महासंघ’ द्वारा रविवार को दोपहर 3 बजे गीता भवन में सम्मान समारोह आयोजित किया जाएगा।

जिसमें कोटा के विभिन्न क्षेत्रों में होलिका दहन उत्सव का आयोजन करने वाले 100 से अधिक सामाजिक संगठनों को ‘सनातन धर्म संस्कृति गौरव सम्मान’ से अलंकृत किया जाएगा। कार्यक्रम के पोस्टर का मौजी बाबा पावन धाम आश्रम पर महामंडलेश्वर डॉ. हेमा सरस्वती महाराज के पावन सानिध्य में विमोचन किया गया।

मुख्य संयोजक एवं अध्यक्ष गोविंद नारायण अग्रवाल ने बताया कि कोटा में यह पहली बार है जब इतने बड़े स्तर पर होलिका दहन समितियों को एक मंच पर लाकर सम्मानित किया जा रहा है। महासंघ के कार्यकर्ताओं ने शहर के विभिन्न वार्डों और कॉलोनियों में सक्रिय 100 से अधिक संगठनों से संपर्क साधकर उन्हें इस समारोह का निमंत्रण दिया है।

उन्होंने बताया कि इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य उन सभी सामाजिक और धार्मिक कार्यकर्ताओं का उत्साहवर्धन करना है। जो अपनी व्यस्तता के बावजूद सामूहिक रूप से पर्व मनाकर समाज में एकता और धर्म की अलख जगा रहे हैं।

​इस अवसर पर अध्यक्ष गोविंद नारायण अग्रवाल के साथ टैक्स बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष रामलाल विजय, आयोजन प्रभारी राजाराम जैन ‘कर्मयोगी’ रावण सरकार, परमानंद गर्ग ‘लंकेश’, अश्वत्थामा दाधीच, कवि रामेश्वर शर्मा ‘रामू’, अनिल कुमार शर्मा और महेश पंचोली सहित कई गणमान्य सदस्य उपस्थित रहे।

बंपर पैदावार से आलू का निकला दम, किसानों को लागत भी नहीं मिल रही

नई दिल्ली। Potato Price: उत्तर प्रदेश में एक बार फिर आलू किसानों की बदहाली चरम पर है। बंपर पैदावार के बाद भी किसानों को बाजार में उचित कीमत नहीं मिल पा रही है और मंहगे किराए के चलते कोल्ड स्टोरों में भी रखने की व्यवस्था नहीं बन पा रही है।

उत्तर प्रदेश के आलू बेल्ट कहे जाने वाले आगरा, फर्रुखाबाद, हाथरस, कन्नौज, फिरोजाबाद और इटावा में किसानों का हाल बदतर हो चला है। इन जिलों में किसानों को आलू की लागत निकालना भी मुश्किल हो रहा है और आगे कीमतें बढ़ने के आसार न देखते हुए कोल्ड स्टोरों में रखना भी भारी लग रहा है। किसानों को इस समय आलू की कीमत बामुश्किल 5 से 7 रूपये किलो मिल रही है जबकि मंहगे बीज-खाद को देखते हुए लागत ही 10 रूपये किलो पड़ रही है।

इस बार आलू की कुफरी, चिप्सोना, सिंदूरी व फ्राईसोना जैसी वैराइटी के बीज 2200 रूपये क्विंटल बिके थे जबकि खाद 1800 रूपये बोरी मिली। इन हालात में किसानों के लिए एक क्विंटल आलू की लागत 1000 रूपये से ज्यादा की पड़ रही है। अवध और पूर्वी उत्तर प्रदेश में कीमतों में गिरावट को देखते हुए किसान आलू की खोदाई तक नहीं कर पा रहे हैं। उनका कहना है कि 350 रूपये प्रतिदिन की मजदूरी देकर आलू की खोदाई करवाने के बाद लागत की आधी कीमत मिलना भी मुश्किल हो गया है।

भारतीय किसान यूनियन अवध क्षेत्र के पदाधिकारी उत्कर्ष तिवारी का कहना है कि किसानों के सामने कोल्ड स्टोरों में रखने का विकल्प भी नहीं बचा है। इसका बड़ा कारण आगे भी आलू की कीमतों को लेकर कोई भरोसा न दिखना है। वो कहते हैं कि कोल्ड स्टोर में 350 से 400 रूपये क्विंटल का भाड़ा देने के बाद लागत, ढुलाई वगैरा मिलाकर किसान को फायदा तभी होगा जब उसे दाम कम से कम 1700 से 2000 रूपये क्विंटल मिले।

तिवारी कहते हैं कि पैदावार, मांग और बाजार के हाल देखते हुए इसकी उम्मीद कम ही है कि इतने दाम मिलें। उनका कहना है कि तमाम दावों-वादें के बाद भी प्रदेश में आलू के उत्पादों के कारखाने नहीं लगे हैं लिहाजा किसानों के पास घाटा उठाने का अलावा कुछ बचता नहीं है।

बंपर पैदावार से कीमतों में गिरावट
गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश में इस बार आलू की बोआई करीब 7 लाख हेक्टेयर में की गयी थी जोकि देश भर के रकबे का करीब 30 फीसदी है। आलू की इस बार की अनुमानित पैदावार 270 लाख टन की है जोकि पिछले साल के मुकाबले करीब 20 लाख टन अधिक है। उद्यान विभाग के अधिकारियों का कहना है कि प्रदेश के कुल आलू उत्पादन का 50 फीसदी से ज्यादा इटावा, आगरा, कन्नौज, फर्रुखाबाद, हाथरस व फिरोजाबाद में ही होता है। अधिकारियों का कहना है कि इस बार पड़ोसी राज्यों में भी पैदावार अच्छी होने के चलते यूपी के आलू की बाहर मांग भी न के बराबर है जिसके चलते कीमतें खासी गिर चुकी हैं।

सरकारी जमीन पर कब्जा करने वालों को देना होगा 40 गुना जुर्माना

लोकसभा में जन विश्वास विधेयक पेश

नई दिल्ली। सरकारी जमीन पर कब्जा करने वालों की अब खैर नहीं है। केंद्र सरकार ने सरकारी परिसरों पर अवैध रूप से कब्जा करने वालों के लिए कड़े दंड का प्रस्ताव रखा है। इसके तहत कहा गया है कि पहले महीने में संबंधित संपत्ति के लाइसेंस शुल्क का 40 गुना जुर्माना देना होगा, जो इसके बाद हर महीने 10 प्रतिशत की दर से बढ़ता जाएगा।

केंद्र सरकार का यह प्रावधान जन विश्वास (प्रावधान संशोधन) विधेयक, 2026 का हिस्सा है, जिसे वाणिज्य एवं उद्योग राज्य मंत्री जितिन प्रसाद ने शुक्रवार को लोकसभा में पेश किया।

प्रस्तावित संशोधन के अनुसार, यदि कोई व्यक्ति सार्वजनिक गैर-आवासीय भूमि पर अवैध रूप से कब्जा करते पाया जाता है, तो उसे छह महीने तक की जेल या भूमि के मूल्य का हर वर्ष के हिसाब से पांच प्रतिशत तक का जुर्माना या दोनों सजा दी जा सकती है।

यह कदम सरकारी परिसरों और भूमि पर अवैध कब्जा करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का रास्ता प्रशस्त करेगा। प्रस्तावित बदलावों का उद्देश्य सरकारी जमीन और भवनों पर अवैध कब्जे को रोकने के लिए कानूनी ढांचे को काफी मजबूत करना है, जिसमें आवासीय और गैर-आवासीय संपत्तियों के लिए अलग-अलग प्रावधान किए गए हैं।

विधेयक में कहा गया है कि ऐसे अपराधियों को दोषी ठहराने वाले मजिस्ट्रेट को कानून के तहत अन्य कार्रवाइयों पर प्रतिकूल प्रभाव डाले बिना त्वरित बेदखली का आदेश देने का भी अधिकार होगा।

79 केंद्रीय कानूनों में बदलाव
जन विश्वास (प्रावधान संशोधन) विधेयक, 2026 के तहत 23 मंत्रालयों के अंतर्गत आने वाले 79 केंद्रीय कानूनों में संशोधन का प्रस्ताव है। कुल 784 प्रावधानों में बदलाव किए जाने का प्रस्ताव है, जिनमें से 717 प्रावधानों को अपराध की श्रेणी से हटाकर व्यवसाय सुगमता बढ़ाने के लिए संशोधित किया जाएगा। वहीं 67 प्रावधानों में आम लोगों की जीवन को सुगम बनाने के लिए संशोधन प्रस्तावित हैं।

मोटर वाहन अधिनियम में भी संशोधन का प्रस्ताव
वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के प्रवक्ता के अनुसार, मोटर वाहन अधिनियम के तहत 20 संशोधन प्रस्तावित हैं, जिनका उद्देश्य अधिनियम के कुछ नियमों में राहत देना और कानूनी अस्पष्टताओं को दूर करना है।

विधेयक के प्रस्ताव के अनुसार, अब वाहन का पंजीकरण पूरे राज्य में किया जा सकेगा, किसी विशेष क्षेत्र तक सीमित नहीं रहेगा। इसके अलावा, यदि ड्राइविंग लाइसेंस की अवधि समाप्त होने के बाद नवीनीकरण के लिए आवेदन किया जाता है, तो लाइसेंस नवीनीकरण की तारीख से प्रभावी होगा, न कि समाप्ति की तारीख से।

लाइसेंस एक्सपायर होने के 30 दिन तक छूट
प्रवक्ता के अनुसार, विधेयक में यह भी प्रस्ताव किया गया है कि लाइसेंस की अवधि समाप्त होने के बाद 30 दिन की छूट अवधि दी जाएगी, इस दौरान लाइसेंस वैध बना रहेगा। इसके अलावा, विधेयक में वाहन पंजीकरण रद्द करने की सूचना देने की समय सीमा को 14 दिन से बढ़ाकर 30 दिन करने का प्रस्ताव है।