Sunday, July 12, 2026
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Result: CBSE 9वीं और 11वीं का रिजल्ट जारी, छात्र-छात्राएं ऐसे चेक करें रिजल्ट

नई दिल्ली। CBSE Class 9th 11th Result 2026: सीबीएसई 9वीं और 11वीं के छात्र-छात्राओं के लिए गुडन्यूज है। आज 30 मार्च 2026 को सीबीएसई क्लास 9th और 11th का रिजल्ट जारी हो गया है। जिन भी स्टूडेंट्स इस साल इन दोनों कक्षाओं के पेपर दिए हैं।

वे DOE ऑफिशियल वेबसाइट www.edudel.nic.in से ऑनलाइन अपने मार्क्स चेक कर सकते हैं। CBSE Class 9th Result 2026 Link और CBSE Class 11th Result Link जारी किया गया है, जिससे विद्यार्थी अपना रिजल्ट मार्कशीट ऑनलाइन चेक कर सकते हैं।

सीबीएसई कक्षा 9वीं और 11वीं का परिणाम ऑनलाइन चेक करने के लिए आपको DOE वेबसाइट पर अपनी स्टूडेंट आईडी, क्लास, सेक्शन और जन्मतिथि की जानकारी भरनी होगी। आपके सामने आपके पास/फेल होने की स्थिति आ जाएगी। साथ में सब्जेक्ट वाइज मार्क्स भी स्क्रीन पर दिखने लगेंगे।

ऐसे चैक करें रिजल्ट
केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड द्वारा इन दोनों कक्षाओं के परिणाम (Directorate of Education, Delhi) की ऑफिशियल वेबसाइट Edudel www.edudel.nic.in पर ऑनलाइन चेक कर सकते है। स्टूडेंट्स और उनके माता-पिता इस डायरेक्ट लिंक CBSE 11th Result 2026 Download Link और CBSE 9th Result 2026 Download Link से अपना रिजल्ट 9th और से 11वीं का परिणाम देख सकते हैं।

  1. सबसे पहले आधिकारिक वेबसाइट www.edudel.nic.in पर जाएं।
  2. होमपेज पर आपको Result का टैब नजर आएगा।
  3. इसपर जाने के बाद आपके सामने CBSE Class 9th result 2026 या CBSE Class 11th Result 2026 लिंक आएंगे।
  4. आप जिस भी क्लास में हैं, उस लिंक पर क्लिक करें।
  5. अब अपनी स्टूडेंट् आईडी, क्लास, सेक्शन, जन्मतिथि, के बाद कोड भरकर सब्मिट करें।
  6. आपकी स्क्रीन पर रिजल्ट आ जाएगा।
  7. अब आप इसका पीडीएफ या प्रिंट आउट निकालकर अपने पास सुरक्षित रख सकते हैं।

रिजल्ट सर्टिफिकेट में आप अपने पास/फेल होने का स्टेट्स, सब्जेक्ट वाइज मार्क्स, अगर किसी सब्जेक्ट कंपार्टमेंट आई है, तो वो चेक कर सकते हैं। अगर आप पास हो गए हैं, अब आप अपनी कक्षा 10वीं और 12वीं में प्रवेश के पात्र होंगे।

जब तक आपको स्कूल से अपनी ओरिजनल मार्कशीट प्राप्त नहीं होती है तब तक यह सर्टिफिकेट आपकी प्रोविजनल मार्कशीट की तरह जा सकता है। स्कूल से ओरिजिनल हार्डकॉपी वाली मार्कशीट आपको रिजल्ट जारी होने के कुछ दिन बाद दी जाएगी।

भारत में रोजगार को बढ़ावा देने के लिए नए स्टार्ट अप की जरूरत: डॉ. सरदाना

कोटा। असीम फैमिली प्राइवेट लिमिटेड द्वारा गीता भवन में रविवार को एक कॉन्फ्रेंस आयोजित की गई। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि कोटा मेडिकल कॉलेज के पूर्व प्राचार्य डॉ. विजय सरदाना और विशिष्ठ अतिथि गीता भवन की उपाध्यक्ष कुंती मूदडा थीं। प्रकल्प संयोजक पंडित अनिल औदीच्य थे।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डॉक्टर सरदाना ने कहा कि नई युवा पीढ़ी टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में बहुत तेजी से आगे बढ़ रही है। भारत में रोजगार को बढ़ावा देने के लिए टेक्नोलॉजी को एक नये स्टार्ट अप की जरूरत है। उन्होंने कहा कि इसके माध्यम से लाखों लोगों को रोजगार प्राप्त हो सकेगा और अच्छा मुनाफा कमा सकेंगे।

इस अवसर पर कुंती मूदडा ने कहा कि महिलाओं को जोड़ने से महिलाएं आत्मनिर्भर बनेंगी। पंडित अनिल औदीच्य ने कहा कि इस कंपनी के माध्यम से रोजगार के अवसर बढेंगे। कार्यक्रम को सफल बनाने में सौरभ मित्तल ,तेज प्रकाश जांगिड़ आदि का सहयोग रहा।

4 अप्रैल को होने वाली JEE Main सेशन 2 के प्रवेश पत्र जारी, ऐसे करें डाउनलोड

नई दिल्ली। JEE Main 2026 Session 2 Admit Card: नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने जेईई मेन 2026 सेशन 2 के लिए रविवार रात को एडमिट कार्ड जारी कर दिए हैं। ये एडमिट कार्ड उन उम्मीदवारों के लिए जारी किए गए हैं, जिनकी परीक्षा 2 अप्रैल और 4 अप्रैल को होने वाली है। उम्मीदवार अपना हॉल टिकट आधिकारिक वेबसाइट jeemain.nta.nic.in पर जाकर डाउनलोड कर सकते हैं। इसके लिए उन्हें अपना एप्लिकेशन नंबर और पासवर्ड दर्ज करना होगा।

कब होगी परीक्षा
जेईई मेन 2026 सेशन 2 (अप्रैल सेशन) के तहत पेपर 1 (BE, BTech) की परीक्षा 2 अप्रैल से 8 अप्रैल 2026 तक आयोजित की जाएगी। परीक्षा हर दिन दो शिफ्ट में होगी:

  • पहली शिफ्ट: सुबह 9 बजे से दोपहर 12 बजे तक
  • दूसरी शिफ्ट: दोपहर 3 बजे से शाम 6 बजे तक

एग्जाम सेंटर पर कब पहुंचे?
एनटीए के दिशा-निर्देशों के अनुसार, उम्मीदवारों को परीक्षा केंद्र पर गेट बंद होने से कम से कम 1 घंटे पहले पहुंचना जरूरी है। गेट बंद होने के बाद किसी भी उम्मीदवार को प्रवेश नहीं दिया जाएगा।

सुबह की शिफ्ट के लिए रिपोर्टिंग समय: 7:00 AM से 8:30 AM
दोपहर की शिफ्ट के लिए रिपोर्टिंग समय: 1:00 PM से 2:30 PM

एडमिट कार्ड में क्या-क्या चेक करें?
उम्मीदवारों को एडमिट कार्ड डाउनलोड करने के बाद उसमें दी गई सभी जानकारी ध्यान से जांचनी चाहिए, जैसे:

  • उम्मीदवार का नाम और रोल नंबर
  • परीक्षा की तारीख और समय
  • शिफ्ट की जानकारी
  • परीक्षा केंद्र का पता
  • फोटो और हस्ताक्षर स्पष्ट हैं या नहीं

यदि किसी भी जानकारी में गलती पाई जाती है, तो तुरंत संबंधित अधिकारियों से संपर्क करना चाहिए।

ऐसे डाउनलोड करें एडमिट कार्ड
उम्मीदवार नीचे दिए गए स्टेप्स को फॉलो करके अपना एडमिट कार्ड डाउनलोड कर सकते हैं:

  1. सबसे पहले आधिकारिक वेबसाइट jeemain.nta.nic.in पर जाएं।
  2. होमपेज पर ‘JEE Main 2026 Session 2 Admit Card’ लिंक पर क्लिक करें।
  3. अपना एप्लिकेशन नंबर, जन्मतिथि और सिक्योरिटी पिन दर्ज करें।
  4. जानकारी सबमिट करते ही एडमिट कार्ड स्क्रीन पर दिखाई देगा।
  5. इसे पीडीएफ में डाउनलोड करें।
  6. ए4 साइज पेपर पर इसके 2-3 प्रिंटआउट निकाल लें।

सरकारी खरीद शुरू होने से कई राज्यों में गेहूं के भाव में गिरावट रही

नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, राजस्थान और गुजरात जैसे बड़े उत्पादक राज्यों की मंडियों में नए गेहूं की आवक लगातार बढ़ रही है, जहाँ सरकारी खरीद पहले ही शुरू हो चुकी है। इस वजह से, कीमतों में नॉर्मल उतार-चढ़ाव दिख रहा है। जहाँ कुछ मंडियों में कमजोरी का ट्रेंड दिख रहा है, वहीं दूसरी मंडियों में कीमतों में कभी-कभी मजबूती देखी जा रही है।

21-27 मार्च के सप्ताह के दौरान, दिल्ली में गेहूं की कीमतें 55 प्रतिशत बढ़कर 2600-2640 रुपए प्रति क्विंटल हो गईं। डबरा में, कीमतें 75 प्रतिशत बढ़कर 2175-2350 रुपए प्रति क्विंटल हो गई । इटारसी में वे 2350 रुपए प्रति क्विंटल गिर गए, और मैनपुरी में वे गिर गए। जालना में 50 रुपए की गिरावट आई। इंदौर में, गेहूं की कीमतें 50 रुपए से गिरकर 120 से 2200-2280 रुपए प्रति क्विंटल हो गईं, गोरखपुर में वे 100 से 40 प्रति क्विंटल तक गिर गए।

इन आंकड़ों से पता चलता है कि ज़्यादातर मंडियों में गेहूं की कीमतें मिनिमम सपोर्ट प्राइस (MSP) से नीचे आ गई हैं, जो इस सीज़न में 2585 रुपए प्रति क्विंटल तय किया गया है। कुदरती वजहों से कुछ लोकल फसल के नुकसान के बावजूद, मौजूदा रबी सीज़न में देश में गेहूं का बंपर प्रोडक्शन होने की उम्मीद है। इस बीच, सरकार ने सिर्फ़ 30.3 मिलियन टन खरीद का टारगेट रखा है।

पंजाब, हरियाणा और बिहार में गेहूं की सरकारी खरीद 1 अप्रैल से शुरू होने वाली है। साथ ही, इंडस्ट्री और ट्रेड सेक्टर भी गेहूं खरीदने की कोशिश कर रहे हैं, क्योंकि कीमतें काफी कम हो गई हैं।

Soybean: तीनों राज्यों में सोयाबीन की कीमतें मिनिमम सपोर्ट प्राइस से ऊपर रहीं

नई दिल्ली। पिछले सप्ताह 21-27 मार्च तक मध्य प्रदेश और राजस्थान में सोयाबीन प्लांट डिलीवरी की कीमतें 50 से 150 रुपए प्रति क्विंटल तक बढ़ गईं। हालांकि, महाराष्ट्र में राज्य में कमज़ोर डिमांड के कारण कीमतों में 200 रुपए प्रति क्विंटल तक की गिरावट आई। इसके बावजूद, तीनों राज्यों में सोयाबीन की कीमतें सरकार के मिनिमम सपोर्ट प्राइस (MSP) से ऊपर रहीं।

सोयाबीन प्लांट डिलीवरी कीमतें
सोयाबीन प्लांट डिलीवरी की कीमतें आम तौर पर 5,600-5,700 रुपए प्रति क्विंटल बताई गईं, जिसमें सबसे ज़्यादा 5,800 रुपए प्रति क्विंटल तक पहुंच गईं, जबकि सोयाबीन के लिए MSP 5,328 रुपए प्रति क्विंटल तय है।

सोया रिफाइंड तेल
मध्य प्रदेश में सोया रिफाइंड तेल की कीमतों में भी मजबूती देखी गई, जो 20-30 रुपये प्रति 10 kg तक बढ़ी और आम तौर पर 1,500 रुपये प्रति 10 kg से ऊपर रही। महाराष्ट्र में, यह बढ़ोतरी लगभग 15-20 रुपये प्रति 10 kg रही। कोटा में सोया तेल की कीमत 40 रुपये बढ़कर 1,540 रुपये प्रति 10 kg हो गई, जबकि मुंबई में यह 40 रुपये घटकर 1,500 रुपये प्रति 10 kg और कांडला में 10 रुपये घटकर 1,520 रुपये प्रति 10 kg हो गई। इंटरनेशनल मार्केट में कीमतें स्थिर रहीं, जिससे भारत में इम्पोर्ट कॉस्ट बढ़ गई। भारतीय रुपये की गिरावट ने भी मार्केट पर असर डाला है।

आवक: घरेलू मंडियों में सोयाबीन की आवक 23 मार्च को लगभग 150,000 बैग, 24 मार्च को 140,000 बैग और 25 मार्च को 125,000 बैग थी। प्रत्येक बैग 100 किलोग्राम या एक क्विंटल के बराबर है।

सोया डीओसी: सोया DOC में ट्रेडिंग कमजोर रही, जिससे कीमतों में 500 रुपए प्रति टन तक की गिरावट आई।

Gold Price: सोने में 18 साल में सबसे बड़ी मंथली गिरावट, चांदी भी लुढ़की, जानिए आज के भाव

नई दिल्ली। Gold Silver Price Today: एमसीएक्स पर सोने का भाव सोमवार 30 मार्च को गिरावट के साथ 1,44,100 रुपये प्रति 10 ग्राम पर खुला और इंट्राडे के निचले स्तर पर पहुंच गया। सोने में निचले स्तर पर मूल्य खरीदारी देखी गई और यह 1,43,775 रुपये प्रति 10 ग्राम के आसपास आ गई, जो शुक्रवार के 1,44,282 रुपये के करीब 500 रुपये नीचे है।

पश्चिम एशिया में संकट बढ़ने से डॉलर मजबूत हुआ है। इससे सोने और चांदी में गिरावट आई है। एमसीएक्स पर सोना बाजार खुलते ही 3,000 रुपये से अधिक लुढ़क गया जबकि चांदी की कीमत में भी 2,000 रुपये से ज्यादा गिरावट आई है। 5 जून की डिलीवरी वाला सोना पिछले सत्र में 1,47,255 रुपये प्रति 10 ग्राम के भाव पर बंद हुआ था और आज यह 1,46,850 रुपये पर खुला। शुरुआती कारोबार में यह 3,043 रुपये की गिरावट के साथ 1,44,212 रुपये तक फिसला।

सुबह 9.50 बजे यह 1,569 रुपये की गिरावट के साथ 145686 रुपये पर ट्रेड कर रहा है। इसी तरह 5 मई की डिलीवरी वाली चांदी पिछले सत्र में 2,27,954 रुपये प्रति किलो के भाव पर बंद हुई थी। आज यह 228106 रुपये पर खुली और शुरुआती कारोबार में 2,157 रुपये की गिरावट के साथ 225797.00 रुपये तक आई। सुबह 9.50 बजे यह 2,149 रुपये यानी 0.94 फीसदी गिरावट के साथ 2,25,805 रुपये पर ट्रेड कर रही थी।

कीमतों में गिरावट की वजह
हालांकि, हाल के दिनों में सोने में भारी गिरावट आई है, लेकिन अब कुछ निवेशक सस्ते दाम पर खरीदारी कर रहे हैं। इसके बावजूद बाजार में चिंता बनी हुई है कि अगर युद्ध लंबा चला, तो दुनिया के केंद्रीय बैंक अपने गोल्ड रिजर्व बेच सकते हैं या फिर महंगाई काबू करने के लिए ब्याज दरें बढ़ा सकते हैं। ब्याज दर बढ़ने से सोना जैसे बिना ब्याज वाले निवेश पर दबाव पड़ता है।

युद्ध खत्म करने के लिए पाकिस्तान, मिस्र और सऊदी जैसे देशों के बीच बातचीत हुई, लेकिन जमीन पर हालात अब भी तनावपूर्ण हैं। तेहरान में मिसाइल हमलों के बाद बिजली गुल होने की खबरें आईं। वहीं, ईरान समर्थित हूती गुट भी इस संघर्ष में शामिल हो गया है और अमेरिका ने भी इस क्षेत्र में अपनी सैन्य मौजूदगी बढ़ा दी है।

तेल की कीमतों का भी असर
युद्ध के कारण कच्चे तेल की कीमतों में तेजी आई है, जिससे वैश्विक महंगाई बढ़ने का खतरा है। इससे फेडरल रिजर्व पर ब्याज दरें बढ़ाने का दबाव बन सकता है। यही कारण है कि सोने की कीमतों में हाल के समय में करीब 15% की गिरावट देखी गई है।

युद्ध खत्म करने आए नेताओं के सामने गिर पड़े पाक विदेश मंत्री, वीडियो वायरल

नई दिल्ली। पाकिस्तान कुछ बड़ा करने की कोशिश करे, और पूरी दुनिया के सामने उसकी खिल्ली ना उड़े, ऐसा शायद संभव नहीं। अब बीते कुछ दिनों से ईरान पाकिस्तान को चौधरी बनने की पड़ी है और वह पश्चिम एशिया में ईरान और अमेरिका के बीच जारी युद्ध में मध्यस्थता करने की कोशिश कर रहा है। इसे लेकर रविवार को इस्लामाबाद में बड़े-बड़े नेता भी जुटे थे। हालांकि इस बीच पाकिस्तान के उपप्रधानमंत्री और विदेश मंत्री इशाक डार का बैलेंस बिगड़ गया और सबके सामने बुरी तरह गिर पड़े।

रिपोर्ट्स के मुताबिक यह घटना विदेश मंत्रालय के दफ्तर में हुई। इशाक डार तब इस्लामाबाद में मिस्र के विदेश मंत्री बदर अब्देलअती से मिल रहे थे। चलते-चलते अचानक वह लड़खड़ा गए। हालांकि वहां मौजूद कर्मचारियों और सुरक्षाकर्मियों ने तुरंत उन्हें सहारा दिया और उठाने की कोशिश की।

अधिकारियों ने बाद में बताया कि डार को कोई चोट नहीं आई है और बैठक बिना किसी रुकावट के तय कार्यक्रम के अनुसार जारी रही। इस घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल रहा है और लोग इस वीडियो को लेकर मजेदार रिएक्शन दे रहे हैं।

बैठक में क्या हुई चर्चा
इससे पहले पाकिस्तान में रविवार को एक अहम चार-पक्षीय बैठक का आयोजन किया गया जिसमें मिस्र, तुर्की और सऊदी अरब के विदेश मंत्रियों ने हिस्सा लिया। इस दौरान पश्चिम एशिया संघर्ष पर चर्चा हुई है ताकि तनाव कम करने का रास्ता खोजा जा सके।

एक अधिकारी ने बताया कि विदेश मंत्रियों ने क्षेत्रीय स्थिति पर चर्चा की और सुरक्षा मुद्दों पर विचार-विमर्श करते हुए क्षेत्र में व्यापक शांति के विकल्पों पर मंथन किया। यह शिखर सम्मेलन अमेरिका और ईरान के बीच सीधी वार्ता में देरी के बीच हुई है। हालांकि बैठक के बाद कोई बयान जारी नहीं किया गया।

पाकिस्तानी विदेश कार्यालय के अनुसार, मिस्र और तुर्किये के विदेश मंत्री शनिवार को इस्लामाबाद पहुंच चुके थे, जबकि सऊदी अरब के विदेश मंत्री फैसल बिन फरहान अल सऊद रविवार को पहुंचे। पाकिस्तानी विदेश कार्यालय ने शनिवार को एक प्रेस विज्ञप्ति में कहा था कि दौरे पर आए विदेश मंत्री ‘क्षेत्र में तनाव कम करने के प्रयासों सहित कई मुद्दों पर गहन चर्चा’ करेंगे।

बाजार में हाहाकार, बिकवाली के दबाव में सेंसेक्स 1000 अंक टूटा, निफ्टी 22500 पर

नई दिल्ली। Stock Market Update: अमेरिका और ईरान के बीच जारी लंबे संघर्ष का असर अब वैश्विक शेयर बाजारों के साथ भारत के बाजारों पर भी साफ दिख रहा है। सोमवार सुबह बाजार में तेज गिरावट दर्ज की गई।

सुबह 9 बजकर 16 मिनट पर निफ्टी-50 करीब 1.23 प्रतिशत यानी 303.30 अंक गिरकर 22,516.30 पर कारोबार करता दिखा। वहीं सेंसेक्स भी 1.38 प्रतिशत यानी 1,018.76 अंक टूटकर 72,560 के स्तर पर पहुंच गया।

ब्रॉडर मार्केट में भी कमजोरी रही। निफ्टी मिडकैप में लगभग 1.95 प्रतिशत और निफ्टी स्मॉलकैप में 2.31 प्रतिशत की गिरावट देखी गई। सेक्टर की बात करें तो निफ्टी बैंक और निफ्टी पीएसयू बैंक में सबसे ज्यादा दबाव रहा। दूसरी ओर निफ्टी मेटल ने बेहतर प्रदर्शन किया।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी देखी गई। एशियाई कारोबार के दौरान ब्रेंट क्रूड में बढ़त दर्ज की गई। इसकी वजह सप्लाई को लेकर बढ़ती चिंता है। यमन के हूती विद्रोहियों ने भी संघर्ष में शामिल होते हुए शनिवार को इजरायल पर मिसाइल हमले किए हैं।

इस बीच अमेरिका के राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने कहा है कि वह ईरान के खार्ग द्वीप पर कब्जा कर सकते हैं। साथ ही उन्होंने यह भी संकेत दिया कि जल्द ही संघर्ष विराम हो सकता है।

इंटरकॉन्टिनेंटल एक्सचेंज पर ब्रेंट क्रूड का मार्च कॉन्ट्रैक्ट 3.36 प्रतिशत बढ़कर 114.95 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। वहीं सोना और चांदी के वायदा भाव में गिरावट देखी गई। सोना करीब 2 प्रतिशत और चांदी 1.32 प्रतिशत नीचे कारोबार कर रही थी।

ग्लोबल मार्केट के संकेत

वैश्विक स्तर पर तनाव और धीमी आर्थिक वृद्धि तथा महंगाई को लेकर चिंता के चलते एशियाई बाजारों में गिरावट देखी गई। दक्षिण कोरिया का कोस्पी इंडेक्स सबसे ज्यादा गिरा और इसमें करीब 5.3 प्रतिशत तक की गिरावट दर्ज की गई। जापान के निक्केई 225 और चीन के CSI 300 में भी क्रमशः 4.36 प्रतिशत और 1.2 प्रतिशत की कमजोरी देखी गई।

अमेरिकी बाजार भी दबाव में बंद हुए। United States के S&P 500 में 1.06 प्रतिशत और डाउ जोन्स में 1.67 प्रतिशत की गिरावट दर्ज हुई।

कमोडिटी बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी देखने को मिली। ब्रेंट क्रूड एशियाई सेशन में बढ़त के साथ कारोबार कर रहा था। इसका मार्च कॉन्ट्रैक्ट करीब 3.36 प्रतिशत बढ़कर 116.12 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया। कीमतों में यह उछाल आपूर्ति को लेकर बढ़ती चिंताओं के कारण आया है, क्योंकि यमन के हूती विद्रोहियों ने भी इस संघर्ष में शामिल होकर मिसाइल हमले किए।

Health: महिलाओं को रोगाणुरोधी प्रतिरोध का खतरा अधिक, जानिए कैसे

बॉबी रमाकांत-

पुरुष हो या महिला या ट्रांसजेंडर व्यक्ति, यदि उसको दवा-प्रतिरोधक संक्रमण हो जाए तो सामान्य दवाएँ कार्य नहीं करेंगी। यह बात पशु या पौधों पर भी लागू होती है यदि उनको ऐसा संक्रमण हो जो दवा-प्रतिरोधक हो सामान्य दवाएं कार्य नहीं करेंगी।

दवाओं के बढ़ते दुरुपयोग के कारण, रोग पैदा करने वाले जीवाणु, दवा प्रतिरोधक हो जाते हैं जिसे एंटी-माइक्रोबियल रेजिस्टेंस या एएमआर या रोगाणुरोधी प्रतिरोध कहते हैं। दवा प्रतिरोधकता के बाद दवाएं काम नहीं करती, रोग का इलाज मुश्किल हो जाता है (नई दवाएँ चाहिए होती हैं जो अत्यंत सीमित हैं और महँगी हैं या हैं ही नहीं) और रोग लाइलाज तक हो सकता है।

एक जटिल समस्या यह भी है कि दवाओं का दुरुपयोग सिर्फ मानव स्वास्थ्य तक ही सीमित नहीं है, बल्कि पशुपालन, खाद्य और कृषि वर्गों में भी चिंताजनक स्तर तक व्याप्त है। पर्यावरण तक एएमआर पहुंचना (नदी आदि में) अत्यंत गंभीर बात है।

हिंसा समेत अनेक प्रकार की महिला असमानता, एएमआर का खतरा बढ़ाते हैं। ग्लोबल एएमआर मीडिया अलायन्स की अध्यक्ष शोभा शुक्ला ने कहा कि परिवार में कोई भी अस्वस्थ्य हो, उसकी देखभाल करने की जिम्मेदारी अक्सर महिलाओं की ही होती है।

संक्रमण की रोकथाम और नियंत्रण अत्यंत असंतोषजनक है, भले ही वह स्वास्थ्य व्यवस्था हो, या सामुदायिक स्थान या घर। यदि आंकड़ें देखें तो अस्पताल या अन्य स्वास्थ्य केंद्रों पर जाने वालों को संक्रमित होने का खतरा अधिक है और इनमें से अनेक संक्रमण दवा प्रतिरोधक होते हैं।

अनेक शोध दिखाते हैं कि विश्व स्तर पर बच्चों के टीकाकरण में लड़कों को टीके लगने का अनुपात, लड़कियों से कहीं अधिक है। ऐसे में, लड़कियों और महिलाओं को ऐसी बीमारियां होने का खतरा भी अधिक हो जाता है जिनसे टीके के ज़रिए पूर्णत: बचाव मुमकिन है।

जेंडर असमानता के कारण रोग होने पर महिलायें अक्सर देरी से जांच-इलाज पाती हैं। महिला हिंसा भी महिलाओं को अनेक संक्रमण की ओर धकेलती है – इनमें एचआईवी और अन्य यौन संक्रमण शामिल हैं।

भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) की पूर्व महानिदेशक और विश्व स्वास्थ्य संगठन की पूर्व मुख्य वैज्ञानिक डॉ सौम्या स्वामीनाथन ने कहा कि यदि एएमआर या रोगाणुरोधी प्रतिरोध पर अंकुश लगाना है तो महिला हिंसा और अन्य प्रकार की जेंडर असमानता को भी दूर करना होगा क्योंकि इनके कारण महिलाएं आवश्यक स्वास्थ्य सेवाओं से वंचित रह जाती हैं।

यौन संक्रमण, मूत्र मार्ग में संक्रमण, या प्रजनन मार्ग में संक्रमण, या श्रोणि (पेल्विक) सूजन की बीमारी, सभी महिला हिंसा से जुड़ी हुई हैं और इनके कारण एंटीबायोटिक दवाओं का दुरुपयोग भी होता है। यदि महिला स्वास्थ्य केंद्र से मदद ले तो अक्सर वह आवश्यकतानुसार नहीं आ पाती। इसके कारण दवाओं को पूरी अवधि में अक्सर नहीं ले पाती या खुराक सही नहीं ले पाती। जो महिलायें अनियोजित गर्भावस्था या असुरक्षित गर्भपात से गुज़रती हैं उनको भी एएमआर का ख़तरा अत्याधिक है।

शोषण और भेदभाव से बढ़ोतरी पर है एएमआर
भक्ति चवन, एएमआर से अपने जीवन में संघर्ष कर चुकी हैं और सफलतापूर्वक उन्होंने एएमआर को हराया। उन्हें सबसे गंभीर किस्म की दवा प्रतिरोधक टीबी (एक्सडीआर-टीबी) हो गई थी। उन्हें पहले कभी टीबी नहीं हुई थी तो संभवत: पर्याप्त संक्रमण नियंत्रण के अभाव में, उन्हें किसी से एक्सडीआर-टीबी संक्रमण हो गया। अत्यंत संघर्ष के बाद उन्हें एक्सडीआर-टीबी को हराया और एएमआर जागरूकता में अपने जीवन को समर्पित किया। जो लोग एएमआर से अपने जीवन में संघर्षरत रहे हैं, उनकी विश्व स्वास्थ्य संगठन ने विशेष टास्क फोर्स बनायी है जिसकी भक्ति भी सदस्य हैं।

टीबी हो या एचआईवी, अनेक रोगों के साथ शोषण और भेदभाव समाज में व्याप्त है। महिलाओं के लिए यह शोषण और भेदभाव अत्याधिक हो जाता है। जो महिलायें टीबी या एचआईवी से संक्रमित हुई हैं अनेक को ‘परिवार को शर्मिंदा’ करने जैसे शोषणात्मक बातों से जूझना पड़ता है।

उन पर निजी लांछन लगाएं जाते हैं, शादी की संभावना कुंठित होती है और अनेक प्रश्नों का सामना करना पड़ता है। इसीलिए महिलायें अक्सर अपना रोग छुपाने को विवश हो जाती हैं और यदि यह ख़तरा हो कि परिवार को उनके इलाज के बारे में पता चल जाएगा तो वह इलाज तक छोड़ देती हैं – जिससे एएमआर की समस्या जनती है।

दक्षिण अफ्रीका के यूनिवर्सिटी ऑफ़ केप टाउन की शोधकर्ता डॉ एस्मिता चरानी ने कहा कि महिला असमानता के कारण एएमआर का खतरा बढ़ता है – और इस पर विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कुछ साल पहले एक रिपोर्ट भी जारी की थी।

डॉ. सौम्या स्वामीनाथन ने एक महिला किसान का उदाहरण दिया जो ग्रामीण क्षेत्र में रहती है, और पशुधन या मवेशी को सँभालने के साथ वह खेत-मजदूर भी है और परिवार भी संभालती है। उसका पति, प्रवासीय श्रमिक है। इन्हीं कारणों की वजह से वह स्वास्थ्य सेवा से कम लाभान्वित होती है। पित्तरात्मकता के चलते जो भी पैसा वह कमाती है उस पर उसका नियंत्रण सीमित रहता है और पुरुष का अधिक। ऐसे में संक्रमण या रोग को नज़रंदाज़ करने की संभावना बढ़ जाती है, एएमआर का खतरा बढ़ जाता है।

एएमआर और अन्य स्वास्थ्य समस्यों से निबटना है और सतत विकास पर खरा उतरना है तो जेंडर समानता ज़रूरी है। ग्लोबल एएमआर मीडिया अलायन्स की शोभा शुक्ला ने कहा कि स्वास्थ्य व्यवस्था को नारीवादी होना पड़ेगा, जिससे कि जेंडर समानता के साथ स्वास्थ्य न्याय सबका अधिकार बन सके। शोभा शुक्ला का मानना है कि महिलाओं को बराबरी से सामाजिक न्याय, आर्थिक न्याय, ज़मीन अधिकार, आदि मिलने होंगे जिससे कि वह भी सतत विकास से पूर्णत: लाभान्वित हो सकें।

महावीर के संदेशों के साथ कोटा में निकली सकल जैन समाज की अहिंसा पदयात्रा

कोटा। जीओ और जीने दो, अहिंसा परमों धर्म, सत्य व अंहिसा की तख्तियां लिए हजारों जैन समाज के महिला व पुरूष महावीर के संदशों और जयकारों से गुंजता शोभामार्ग और कतारबद्ध होकर केसरिया वस्त्रो में महिलाएं और  श्वेत वस्त्रो में पुरूष। यह नजारा था तीर्थंकर भगवान महावीर स्वामी के जन्म कल्याणक महोत्सव के उपलक्ष्य में दिगम्बर व श्वेताम्बर जैन समाज कोटा महानगर में आयोजित ऐतिहासिक अंहिसा पद यात्रा का।

सकल दिगम्बर जैन समाज के मुख्य संयोजक जेके जैन ने बताया कि जैन समाज द्वारा आयोजित सामूहिक पदयात्रा रविवार सुबह 7.30 बजे महावीर नगर प्रथम दिगंबर जैन लाल मंदिर से  एडिशनल एसपी अंकित जैन ने हरी झण्डी दिखाकर पदयात्रा को रवाना किया।

पंकज मेहता ने बताया कि पदयात्रा में समाज जन हाथों में झंडे व तख्तियां लेकर भगवान महावीर के अहिंसा संदेश का प्रचार कर रहे थे। वहीं मार्ग को आकर्षक रंगोलियों एवं स्वागत द्वारों से सजाया। जैन धर्म की विभिन्न संदेशो के साथ अकलंक विद्यालय एवं पाठशाओं बच्चो ने 8 आकर्षक झांकिया बनाई वह मनोहरी एवं आकर्षण का केन्द्र रही।

विकास अजमेरा एवं विजय दुगेरिया ने बताया कि  कि अंहिसा पदयात्रा  महावीर नगर प्रथम दिगंबर जैन लाल मंदिर से प्रारंभ होकर ओपेरा हॉस्पिटल रोड, सेंट्रल पब्लिक स्कूल, तलवंडी चौराहा, सुवि नेत्र चिकित्सालय ,जवाहर नगर होती हुई भगवान महावीर के जयकारों के साथ दानबाडी पहुंची जहां पदयात्रा सभा में परिवर्तित हो गई। अंहिसा पदयात्रा में दिगम्बर व श्वेताम्बर जैन समाज के लोग शामिल थे।

संयोजिका रेखाहिंगड ने बताया कि पदयात्रा में पूर्व मंत्री शांति धारीवाल, भाजपा जिला अध्यक्ष राकेश जैन, पवन जैन, भगवतसिंह हिंगड़, प्रवीण जैन, राजमल पाटौदी, विमल जैन नांता, महामंत्री पदम बडला, कोषाध्यक्ष जितेंद्र हरसोरा, अमित धारीवाल, विजय दुगेरिया, नरेश जैन वैद, लोकेश सीसवाली, महिला प्रकोष्ठ की संयोजक निशा जैन, अशोक पहाडिया, पारस लुंग्या, राजेश मंगलम, श्वेताम्बर जैन समाज के समन्वयक पंकज मेहता, लोकेश डांगी, प्रदीप बर​डिया, अंकित सेठिया, ज्ञान चंद लोढ़ा, कमलेश सांवला, धर्मचंद जैन, बुद्धि प्रकाश, दीपू व भुवनेश जैन आदि उपस्थित रहे।

अंहिसा मय हुई शिक्षानगरी: जैन समाज द्वारा सामूहिक अहिंसा पदयात्रा में महिलाएं केसरिया साड़ी पहनकर हाथों में तख्तियों व झण्डे से भगवान महावीर के संदेशो को लेकर चल रही थी। इसने पीछे सकल जैन सकल समाज के पुरूष वर्ग भी भगवान के जयकारों के साथ आगे बढ़ रहा था। वहीं बालिका एवं युवा मण्डल भजनों पर थिरकते हुए चल रहे थे। पुरुष वर्गों के हाथों में धर्म ध्वजा थी जिसे लेकर भगवान महावीर के जयकारे लगाते हुए पुरुष आगे बढ़ रहे थे।

पदयात्रा के साथ भजन मंडली, डीजे साउंड भी था, जिस पर आध्यात्मिक पाठशाला के नन्हे मुन्ने बच्चे भक्ति नृत्य करते चल रहे थे। पदयात्रा मार्ग में 108 स्वागत द्वार लगाए गए और जगह-जगह फूल मालाओं से पदयात्रा का स्वागत किया गया। पूरे मार्ग में रंगोली सजाई गई थी। सड़कों के दोनों और लोग पदयात्रियों का स्वागत करते नजर आ रहे थे।

भगवान महावीर को आहार दान,भगवान महावीर के जन्म,जैन संस्कृति, श्रमण संस्कृति के उन्नायक जैन आचार्य, संतो के विचारो, जैन तीर्थों की रक्षा का संदेश सहित हर प्रदेश में बने तीर्थों को महिलाओ ने तकतियों व बैनर के माध्यम से पदयात्रा में प्रदर्शित किया। पदयात्रा 5 किमी का सफर तय करके दानबाड़ी पहुँची।

तख्तियों पर ‘पुण्य—पाप तो कर्म है, वीतरागगता धर्म है…,सत्य अहिंस प्यारा है यहि हमारा नारा है…,महावीर के सपाही बनेंगे सत्य व अहिंसा के मार्ग पर चलेंगे…., राम राज्य लाना है..शाकाहा​र अपनाना है…जीओ और जीने दो…महावीर  के संदेश घर-2 पहुचायेंगे आदि संदेश के माध्यम से शिक्षा नगर कोटा को जैन समाज ने अहिंसामय बना दिया।

प्रशंसनीय है समाज की एकता: पूर्व मंत्री शांति धारीवाल ने समाज की एकता की प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि हमें और ​अधिक संख्या में समाजिक आयोजनों में शामिल होना चाहिए। सकल समाज के मुख्य संयोजक जे के जैन ने ऐतिहासिक सफल पदयात्रा संयोजको की मेहनत के लिए उनका आभार प्रकट करते हुए कहा कि यह पांचवा वर्ष है। दोनों समाज मिलकर पदयात्रा निकाल रहे है।

पंकज मेहता ने कोटा जैन समाज द्वारा संगठित पदयात्रा निकालने पर समाज की एकजुटता की प्रशंसा करते हुए कहा कि सकल जैन समाज का यह सार्थक प्रयास है। भााजपा जिला अध्यक्ष राकेश जैन ने कहा कि ऐसे ही संगठित प्रयासो से समाज में एकता बढती है। उन्होंने महिलाओं द्वारा पदयात्रा को भव्य बनाने लिए साधुवाद दिया।

संयोजिका रेखा हिंगड़ ने बताया कि इस वर्षो समाज के बच्चो द्वारा भगवान महावीर के सिद्धांतो व संदेशो का सजीव चित्रण करते हुए झांकी बनाई गई। इसके लिए समाज के सभी पदाधिकारी, कार्यकर्ता व आमजन बधाई के पात्र हैं।

उन्होंने कहा कि महावीर के संदेशों की सार्थकता एकता के साथ ही है।  लोकेश डांगी  ने कहा कि मन का मैल जो धोये वह महावीर का सच्चा उपासक है। हमें अहिंसा व सत्य जैसे विचारों को जन-जन तक पहुंचाना है।

महावीर जयंति पर शोभायात्रा आज: कोटा की हृदयस्थली रामपुरा से एक विशाल शोभायात्रा सोमवार को सुबह 7.30 प्रारंभ होगी, जो आर्य समाज रोड, हिंदू धर्मशाला, अग्रसेन बाजार, श्रीपुरा, गांधीजी का पुल, गढ़ पैलेस होते हुए दशहरा मैदान पहुंचेगी।

शोभायात्रा में भगवान महावीर की प्रतिमा को रथ पर सौधर्म इंद्र द्वारा विराजित किया जाएगा। 11 बग्गियों में इंद्र-इंद्राणी स्वरूप, घोड़ों पर सवार युवा, धर्मध्वज एवं उपदेशों की तख्तियां लिए श्रद्धालु शामिल होंगे। 108 तोरण द्वार, रंगोली, आरती एवं युवाओं के नृत्य दल शोभा बढ़ाएंगे। रथ को सैकड़ों श्रद्धालु खींचेंगे तथा चंवरधारी आकर्षण का केंद्र रहेंगे।

पंकज सेठी ने बताया कि सोशल ग्रुप रक्तदान,अशोक जोरा ने बताया कि दिव्यांग शिविर का आयोजन किया जाएगा।दी ह्यूमन हेल्पलाइन ट्रस्ट द्वारा गौरैया संरक्षण हेतु विशेष घोंसले वितरित किए जाएंगे। जीव दया टीम, जीव रक्षा फाउंडेशन एवं करुणाभाव संस्था द्वारा पक्षियों के लिए मिट्टी के परिंडे वितरित किए जाएंगे।

दशहरा मैदान में मुख्य समारोह: दशहरा मैदान में पहुंचने पर भगवान की प्रतिमा को रजत पांडुशिला पर विराजमान किया जाएगा। आर्यिका विशुद्ध मति माताजी, आर्यिका विज्ञमति माताजी एवं आर्यिका चिन्मय मति माताजी के सान्निध्य में कार्यक्रम आयोजित होगा। मंगलाचरण, चित्र अनावरण, दीप प्रज्वलन के पश्चात समाज की पांच प्रमुख हस्तियों एवं सामाजिक सेवा में उत्कृष्ट योगदान देने वाले व्यक्तियों का सम्मान किया जाएगा। आर्यिका संघ के प्रवचन एवं अतिथियों के संबोधन में भगवान महावीर के जीवन दर्शन पर प्रकाश डाला जाएगा। प्रातः 11 बजे कलशाभिषेक एवं पूजन होगा।

जैन ट्रेड फेयर का आयोजन आज से
जन्म कल्याणक महोत्सव के उपलक्ष्य में सकल जैन समाज कोटा के तत्वावधान में दो दिवसीय जैन ट्रेड फेयर का आयोजन दशहरा मैदान में किया गया। इस आयोजन को जैन यूथ क्लब, कोटा द्वारा संचालित किया जा रहा है। इस ट्रेड फेयर में 90 से अधिक स्टॉल्स लगाई गई हैं।