भारतीय जहाजों का होर्मुज से निकलना हुआ मुश्किल, दो जहाजों पर हमला

0
20

नई दिल्ली। पश्चिम एशिया संकट के कारण होर्मुज जलडमरूमध्य से जहाजों का निकला अब बहुत मुश्किल हो गया है। होर्मुज से निकलने की कोशिश कर रहे दो भारतीय जहाजों पर ईरान की ओर से गोलीबारी हुई।

इस कारण वे होर्मुज पार नहीं कर पाए और वापस फारस की खाड़ी में लौट गए। पोर्ट शिपिंग मंत्रालय के डायरेक्टर मनदीप सिंह रंधावा ने सोमवार को यह जानकारी दी।

रंधावा ने कहा कि पिछले 48 घंटे में भारत के दो जहाजों पर ईरान की ओर से गोलीबारी हुई। यह गोलीबारी उस समय हुई जब वे होर्मुज पार कर रहे थे। बाद में दोनों जहाजों को वापस फारस की खाड़ी में लौटना पड़ा।

उन्होंने बताया कि इस हमले में चालक दल के किसी भी सदस्य को कोई चोट नहीं आई है। रंधावा ने कहा कि सरकार इस मामले पर नजर रखे हुए है। मंत्रालय की ओर से बताया गया कि 2563 से ज्यादा भारतीय नाविकों को वहां से सुरक्षित निकाल लिया गया है। इनमें से 25 को पिछले 24 घंटे में निकाला गया है।

एक जहाज ने पार किया होर्मुज

  • ईरान की ओर से गोलीबारी की घटना के बीच कच्चे तेल से भरे भारतीय टैंकर ‘देश गरिमा’ ने होर्मुज स्‍ट्रेट को सुरक्षित पार कर लिया।
  • इस जहाज के 22 अप्रैल को मुंबई पहुंचने की उम्मीद है।
  • इस जहाज पर 31 भारतीय नाविक सवार थे। भारतीय नौवहन निगम (एससीआई) का टैंकर मार्च की शुरुआत से जलडमरूमध्य को पार करने वाला 10वां भारतीय ध्वज वाला जहाज है।

इन दो भारतीयों टैंकर पर हुई थी फायरिंग
इससे पहले तेल टैंकर समनार हेराड और बल्क कैरियर जग अर्नव ने जलडमरूमध्य से गुजरते समय गोलीबारी की सूचना दी और फारस की खाड़ी में वापस लौट आए। इस गोलीबारी की घटना में चालक दल के किसी सदस्य के घायल होने की खबर नहीं है। समुद्री जहाजों की गतिविधियों पर नजर रखने वाले पोर्टल ‘मरीनट्रैफिक’ के मुताबिक, तेल टैंकर देश वैभव और देश विभोर ने भी इस महत्वपूर्ण जलमार्ग के पास अपना मार्ग बदल लिया, जिससे फारस की खाड़ी में भारतीय ध्वज वाले जहाजों की संख्या 14 हो गई है। भारत के विदेश सचिव ने घटना पर ‘गहरी चिंता’ व्यक्त करने के लिए नई दिल्ली में ईरान के राजदूत को तलब किया और वाणिज्यिक जहाजों और नाविकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के महत्व को रेखांकित किया