संसार नश्वर है, समय निकालकर प्रभु चरणों में ध्यान लगाएं: बनेठ वाले महाराज

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धरणीधर गार्डन में भागवत कथा का तीसरा दिन

कोटा। श्री धरणीधर जन सेवा संस्थान एवं समस्त धाकड़ समाज, कोटा के संयुक्त तत्वावधान में विनोबाभावे नगर स्थित खड़े गणेश जी रोड पर श्री धरणीधर गार्डन में आयोजित भव्य ‘श्रीमद भागवत कथा एवं रासलीला महोत्सव’ के तीसरे दिन श्रद्धालुओं का भारी हुजूम उमड़ पड़ा।

कथा के तृतीय दिवस पर सुप्रसिद्ध प्रवचन सेवक ‘बनेठ वाले’ महाराज ने व्यासपीठ से ज्ञान, वैराग्य और भक्ति की ऐसी त्रिवेणी बहाई कि पूरा पंडाल ‘हरे कृष्णा’ के जयकारों से गुंजायमान हो उठा। उन्होंने जीवन के परम सत्य को उजागर करते हुए भक्तों को सांसारिक मोह-माया से ऊपर उठकर ईश्वर की शरण में आने की प्रेरणा दी।

व्यासपीठ से कथा का अमृतपान कराते हुए बनेठ वाले गुरुदेव ने कहा कि प्रत्येक मनुष्य को अपने जीवन का जितना अधिक समय हो सके, उतना भगवान के सुमिरन और सेवा में लगाना चाहिए। उन्होंने जीवन का मूल सूत्र समझाते हुए कहा कि यह अमूल्य जीवन हमें भगवान ने दिया है और केवल भगवान के लिए ही दिया है।

ईश्वर का जीव को यही संदेश है कि मृत्युलोक में जाकर मेरी भक्ति कर और अंततः मेरे ही परमधाम में वापस आ जा। महाराज श्री ने खेद व्यक्त करते हुए कहा कि आज हमसे सबसे बड़ी भूल यही हो रही है कि भगवान हमें निरंतर अपनी ओर बुला रहे हैं, और हम अज्ञानतावश इस नश्वर संसार की ओर भागे जा रहे हैं।

गुरुदेव ने चेतावनी भरे लहजे में भक्तों को सचेत किया कि हम जिस संसार और भौतिक सुखों के पीछे भाग रहे हैं, वह सब नाशवान है। यह सब एक न एक दिन पूरी तरह समाप्त हो जाएगा।

उन्होंने मार्मिक पंक्तियों के माध्यम से कहा कि जब-जब मनुष्य को ईश्वर भक्ति का अवसर मिला, उसने उसे व्यर्थ ही गंवा दिया। और जब यह अनमोल अवसर बीत जाता है, तब मनुष्य अंत समय में फूट-फूट कर रोता है। उन्होंने दोटूक शब्दों में कहा कि जो सुंदर श्याम का नहीं हुआ, वह संसार में किसी काम का नहीं है। इसलिए हर जगह से अपना ध्यान और समय बचाकर भगवान के चरणों में लगाओ, क्योंकि हमारी हर एक श्वासा कम हो रही है और मौत निरंतर करीब आ रही है।

कथा के तीसरे दिन धार्मिक प्रसंगों के साथ-साथ दिव्य रासलीला का भी भव्य मंचन किया गया। इस दौरान वृंदावन के ख्यातिप्राप्त कलाकार हरिवल्लभ शर्मा ‘छोटे ठाकुर’ महाराज के कुशल निर्देशन में कलाकारों द्वारा भगवान श्री कृष्ण की बाल लीलाओं और महारास के सुंदर, जीवंत प्रसंगों को मंच पर उतारा गया। जिसे देखकर श्रद्धालु भाव-विभोर हो गए।

रासलीला महोत्सव के तीसरे दिन का मुख्य आकर्षण वृंदावन के कलाकारों द्वारा प्रस्तुत की गई अलौकिक रासलीला रही। तीसरे दिन के विशेष प्रसंग में ‘भगवान श्री कृष्ण की बाल लीलाएं, माखन चोरी लीला और कालिया मर्दन प्रसंग’ का अत्यंत जीवंत और भव्य मंचन किया गया।

कलाकारों ने जब यमुना तट पर कालिया नाग के मान-मर्दन और भगवान द्वारा गेंद लाने के बहाने नदी में कूदने का दृश्य जीवंत किया, तो पूरा पंडाल ‘जय कन्हैया लाल की’ के जयकारों से गूंज उठा। नन्हे बाल-गोपालों द्वारा गोपियों की मटकी फोड़कर माखन चुराने के प्रसंग ने हर श्रद्धालु का मन मोह लिया।

संस्थान के कोषाध्यक्ष महावीर नागर अंथेड़ा ने कार्यक्रम की जानकारी देते हुए बताया कि आगामी 13 जून तक प्रतिदिन दोपहर 12 बजे से अपराह्न 3 बजे तक भव्य श्रीमद भागवत कथा का आयोजन किया जा रहा है।

इसके साथ ही, प्रतिदिन रात्रि 7:30 बजे से दिव्य रासलीला का मंचन किया जा रहा है। जिसमें श्री कृष्ण की अलौकिक लीलाओं को सजीव रूप में प्रस्तुत किया जा रहा है। महाआरती और छप्पन भोग के प्रसाद वितरण के साथ तीसरे दिन के सत्र का समापन हुआ।