संसार के किनारे और भगवान के सहारे रहकर ही मिलेगा सच्चा आनंद

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धरणीधर गार्डन में श्रीमद् भागवत कथा का चौथा दिन, ऊर्जा मंत्री ने लिया व्यासपीठ से आशीर्वाद

​कोटा। श्री धरणीधर जन सेवा संस्थान एवं समस्त धाकड़ समाज, कोटा के संयुक्त तत्वावधान में विनोबाभावे नगर स्थित खड़े गणेश जी रोड पर श्री धरणीधर गार्डन में आयोजित भव्य ‘श्रीमद भागवत कथा एवं रासलीला महोत्सव’ के चौथे दिन बुधवार को श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा।

कथा के चतुर्थ दिवस पर भगवान श्री कृष्ण के अलौकिक जन्म और उनकी मनमोहक बाल लीलाओं का अत्यंत भावपूर्ण वर्णन किया गया, जिससे पूरा पाण्डाल ‘नन्द के आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की’ के जयकारों से गुंजायमान हो उठा।

महोत्सव में प्रदेश के ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर विशेष अतिथि के रूप में मौजूद रहे। उन्होंने व्यास पीठ का पूजन कर आशीर्वाद लिया। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि ऐसे धार्मिक आयोजन समाज में समरसता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार करते हैं।

​कथा व्यास पीठ से सुप्रसिद्ध पण्डित हरिओम महाराज (बनेठ वाले) ने श्रद्धालुओं को जीवन का मूलमंत्र देते हुए कहा कि मानव का जीवन आनंद के लिए है, दुख के लिए नहीं। यदि जीवन का वास्तविक आनंद लेना चाहते हो, तो संसार के किनारे और भगवान के सहारे हो जाओ। संसार के किनारे रहने का अर्थ है कि सांसारिक मोह-माया में अत्यधिक रुचि न रखना और भगवान के सहारे होने का अर्थ है पूर्ण रूप से ईश्वर में लीन हो जाना।

बनैठ वाले ​महाराज ने आज के दौर पर कटाक्ष करते हुए कहा कि मोबाइल का उपयोग करना चाहिए, प्रयोग (लत) नहीं। जैसे आकाशीय बिजली चमकने पर हम मोबाइल और टीवी बंद कर देते हैं, वैसे ही यह कलियुग भी एक बिजली के झटके की तरह है। जब भी प्रभु की कथा या मंदिर में आरती हो, तब सारे काम छोड़कर भगवान की भक्ति में लग जाना चाहिए। दुनिया भले ही छूट जाए, लेकिन भगवान नहीं छूटने चाहिए, क्योंकि ईश्वर के बिना महलों में भी शांति नहीं मिल सकती।

रासलीला में माखन चोरी और पूतना वध का मंचन
​रात्रि सत्र में आयोजित हो रही दिव्य रासलीला भक्तों के आकर्षण का मुख्य केंद्र बनी हुई है। रासलीला के चौथे दिन वृंदावन के ख्यातिप्राप्त कलाकार हरिवल्लभ शर्मा ‘छोटे ठाकुर’ महाराज के कुशल निर्देशन में कलाकारों द्वारा भगवान श्री कृष्ण की बाल लीलाओं का अद्भुत मंचन किया गया। ​चौथे दिन के प्रसंगों में कलाकारों ने ‘पूतना मोक्ष’, ‘शकट भंजन’, ‘तृणावर्त वध’ और कन्हैया की नटखट ‘माखन चोरी लीला’ का सजीव व भव्य प्रस्तुतीकरण किया।

नन्हे कृष्ण द्वारा गोपियों की मटकी फोड़ने और सखाओं संग माखन चुराने के दृश्यों को देखकर श्रद्धालु भावविभोर हो गए और पूरा परिसर तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। ​

संस्थान के कोषाध्यक्ष महावीर नागर अंथड़ा ने जानकारी देते हुए बताया कि यह भव्य धार्मिक महोत्सव आगामी 13 जून तक अनवरत जारी रहेगा। प्रतिदिन दोपहर 12 बजे से अपराह्न 3 बजे तक श्रीमद भागवत कथा का वाचन हो रहा है। जिसमें बुधवार को धूमधाम से कृष्ण जन्मोत्सव मनाया गया। इसके साथ ही, प्रतिदिन रात्रि 7:30 बजे से दिव्य रासलीला का मंचन किया जा रहा है।