नई दिल्ली। Net Direct Tax Collection: चालू वित्त वर्ष में सरकार की टैक्स से कमाई तेजी से बढ़ी है। खासकर कंपनियों से मिलने वाले टैक्स में अच्छी बढ़ोतरी हुई है। वहीं, शेयर बाजार में होने वाले लेनदेन से भी सरकार की कमाई बढ़ी है। चालू वित्त वर्ष 2026-27 में 1 अप्रैल से 14 अक्टूबर के बीच सरकार का शुद्ध प्रत्यक्ष टैक्स कलेक्शन 13.21 फीसदी बढ़कर करीब 13.38 लाख करोड़ रुपये पहुंच गया। इस बढ़ोतरी में सबसे बड़ी भूमिका कंपनियों से मिलने वाले टैक्स की रही है।
आंकड़ों के मुताबिक, 14 अक्टूबर तक कंपनियों से मिलने वाला शुद्ध कॉरपोरेट टैक्स 20.58 फीसदी बढ़कर 5.99 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा हो गया। वहीं, पर्सनल टैक्सपेयर्स, फर्मों और हिंदू अविभाजित परिवारों (एचयूएफ) से मिलने वाला टैक्स 5.83 फीसदी बढ़कर करीब 6.92 लाख करोड़ रुपये पहुंच गया। यानी कंपनियों से मिलने वाले टैक्स की रफ्तार व्यक्तिगत और दूसरे गैर-कॉरपोरेट करदाताओं के मुकाबले काफी तेज रही है।
शेयर बाजार में होने वाले लेनदेन से भी सरकार को ज्यादा टैक्स मिला है। चालू वित्त वर्ष में 14 अक्टूबर तक सिक्योरिटीज ट्रांजैक्शन टैक्स (एसटीटी) से होने वाली कमाई 52 फीसदी बढ़कर 46,840 करोड़ रुपये पहुंच गई। एसटीटी वह टैक्स है, जो शेयर बाजार में कुछ खास तरह के लेनदेन पर लगाया जाता है। इसमें शेयरों की खरीद-बिक्री और वायदा एवं विकल्प कारोबार जैसे लेनदेन शामिल हैं।
सरकार ने इस दौरान टैक्सपेयर्स को पहले के मुकाबले ज्यादा टैक्स रिफंड भी जारी किया है। 1 अप्रैल से 14 अक्टूबर के बीच कुल 2.65 लाख करोड़ रुपये का रिफंड जारी किया गया। यह पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले 24.22 फीसदी ज्यादा है।
टैक्स रिफंड वह रकम होती है, जो सरकार करदाताओं को तब वापस करती है, जब उन्होंने अपनी वास्तविक टैक्स देनदारी से ज्यादा टैक्स जमा कर दिया हो।
कुल टैक्स वसूली कितनी रही?
रिफंड घटाने से पहले सरकार का कुल डायरेक्ट टैक्स कलेक्शन 15 फीसदी बढ़कर 16.03 लाख करोड़ रुपये पहुंच गया। इसमें कॉरपोरेट टैक्स की हिस्सेदारी 7.53 लाख करोड़ रुपये और गैर-कॉरपोरेट टैक्स की हिस्सेदारी 8.03 लाख करोड़ रुपये रही।

