पटना। बार-बार मीडिया के सामने आने वाले खान सर FIR दर्ज होने के बाद कहीं दिख नहीं रहे। दरअसल, पटना में खान सर की गिरफ्तारी की सुगबुगाहट तेज हो गई है। कोचिंग सेंटर पर पुलिस बल तैनात है और छात्रों का हुजूम नारेबाजी कर रहा है। फायरिंग मामले में नामजद खान सर (फैसल खान) पर हत्या के प्रयास और आर्म्स एक्ट के तहत केस दर्ज हुआ है।
कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस सतर्क है। बताया जा रहा है कि खान सर की गिरफ्तारी के लिए पटना पुलिस की डिस्ट्रिक्ट इन्वेस्टिगेटिव यूनिट (DIU) को खान सर को गिरफ्तार करने की अहम जिम्मेदारी सौंपी गई है। पुलिस ने खान सर के खिलाफ कदमकुआं थाने में हत्या की कोशिश और आर्म्स एक्ट जैसी संगीन धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया है और किसी भी समय उनकी गिरफ्तारी हो सकती है।
खान सर के कोचिंग संस्थान के बाहर स्थिति बेहद संवेदनशील बनी हुई है। वहां खान सर के समर्थकों के साथ-साथ उनके प्रतिद्वंद्वी रौशन आनंद की ‘ज्ञान बिंदु एकेडमी’ के छात्र भी बड़ी संख्या में मौजूद हैं, जिससे दोनों पक्षों के बीच टकराव की आशंका बढ़ गई है। छात्र लगातार पुलिस के खिलाफ नारेबाजी कर रहे हैं।
हालांकि, खान सर इस वक्त कोचिंग के अंदर मौजूद नहीं हैं। बताया जा रहा है कि क्लास करने के बाद वो चुपके से निकल गए। इस पूरे विवाद के बाद पटना के एसएसपी कार्तिकेय शर्मा ने भी मीडिया के सामने खान सर की गिरफ्तारी को लेकर कोई सीधा बयान देने से परहेज किया है। उन्होंने कहा कि नियम के तहत कार्रवाई होगी।
सूत्रों और कयासों के मुताबिक, पटना पुलिस खान सर पर हाथ डालने के लिए शाम ढलने और रात होने का इंतजार कर रही है। दरअसल, दिन के समय कोचिंग सेंटरों में हजारों की संख्या में छात्र मौजूद रहते हैं। पुलिस अधिकारियों का मानना है कि शाम 5 बजे के बाद जब कोचिंग सेंटरों में छुट्टी हो जाएगी और छात्र अपने-अपने घरों, पीजी या कमरों की तरफ लौट जाएंगे, तब कानून-व्यवस्था बिगड़ने का खतरा कम रहेगा। इसी रणनीति के तहत पुलिस फिलहाल स्थिति पर नजर रखे हुए है और छात्रों से किसी के बहकावे में न आने की अपील की जा रही है।
खान सर पर दर्ज FIR की कानूनी धाराएं
कदमकुआं थाने में दर्ज एफआईआर में पुलिस ने खान सर के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) और आर्म्स एक्ट के तहत बेहद गंभीर धाराएं लगाई हैं।
- धारा 109, भारतीय न्याय संहिता (BNS): हत्या का प्रयास। दोष सिद्ध होने पर अधिकतम 10 साल की जेल और जुर्माने का प्रावधान है। इसमें अग्रिम जमानत नहीं मिलती।
- धारा 25(9), आर्म्स एक्ट: लापरवाही या असावधानीपूर्वक हवाई फायरिंग करना। इसके तहत अधिकतम 2 साल की सजा का प्रावधान है।
- धारा 35, आर्म्स एक्ट: किसी परिसर या अधिकार क्षेत्र में अवैध रूप से हथियार जमा करके रखना।
- धारा 27, आर्म्स एक्ट: प्रतिबंधित या अवैध तरीके से हथियार का इस्तेमाल करना अथवा फायरिंग करना।

