कोटा के पर्यटन स्थलों के व्यापक प्रचार-प्रसार एवं मार्केटिंग की आवश्यकता: माहेश्वरी

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कोटा। कोटा लगातार पर्यटन नगरी के रूप में अपनी पहचान मजबूत कर रहा है। कोटा एवं हाड़ौती के पर्यटन विकास को लेकर विभिन्न संगठनों की बैठक होटल फेडरेशन ऑफ राजस्थान कोटा डिवीजन के अध्यक्ष एवं कोटा व्यापार महासंघ के महासचिव अशोक माहेश्वरी की अध्यक्षता में आयोजित हुई।

बैठक में अशोक माहेश्वरी ने कहा कि प्रसिद्ध उद्योगपति एवं महिंद्रा समूह के चेयरमैन आनंद महिंद्रा द्वारा चंबल रिवर फ्रंट को अद्भुत बताया जाना कोटा के लिए गर्व की बात है। इससे पूर्व भी आनंद महिंद्रा द्वारा कोटा को ट्रैफिक सिग्नल फ्री शहर बताते हुए यहां के ट्रैफिक मैनेजमेंट की सराहना की गई थी।

माहेश्वरी ने कहा कि कोटा एवं हाड़ौती में राजस्थान के अन्य प्रमुख पर्यटन क्षेत्रों की तरह ही अपार पर्यटन संभावनाएं मौजूद हैं। मुकुंदरा हिल्स टाइगर रिजर्व, चंबल सफारी, गराडिया महादेव, सिटी पार्क, किशोर सागर तालाब, सेवन वंडर्स, गढ़ पैलेस, अभेडा महल और चंबल रिवर फ्रंट जैसे पर्यटन स्थल कोटा की बेमिसाल पर्यटन संपदा हैं।

इसके बावजूद पर्याप्त प्रचार-प्रसार एवं मार्केटिंग के अभाव में कोटा अपनी संभावनाओं के अनुरूप पर्यटन के क्षेत्र में आगे नहीं बढ़ पा रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा वर्ष 2026 में कोटा-हाड़ौती ट्रैवल मार्ट के आयोजन की जिम्मेदारी कोटा को दी गई थी, लेकिन इस वर्ष यह आयोजन जोधपुर संभाग को दिया गया है।

सरकार से मांग है कि उभरते हुए पर्यटन क्षेत्रों, जहां पर्यटन विकास की भरपूर संभावनाएं हैं, उनके समुचित विकास के लिए राज्य सरकार एवं पर्यटन विभाग राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रचार-प्रसार और मार्केटिंग में सक्रिय भूमिका निभाएं तथा स्थानीय संगठनों एवं पर्यटन व्यवसायियों को साथ लेकर जनसहभागिता सुनिश्चित करें।

माहेश्वरी ने कहा कि राजस्थान में पर्यटन लगातार बढ़ रहा है, लेकिन इसका बड़ा हिस्सा आज भी कुछ चुनिंदा पर्यटन स्थलों तक सीमित है। हम अक्सर Over-Tourism की चर्चा करते हैं, लेकिन अब समय आ गया है कि पर्यटकों के बेहतर वितरण (Tourism Distribution) पर भी गंभीरता से काम किया जाए।

उन्होंने कहा कि बीकानेर, कोटा-हाड़ौती, बूंदी, झालावाड़, भरतपुर और बांसवाड़ा जैसे क्षेत्रों में पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं। इन क्षेत्रों में किले, महल, वन्यजीव, नदियां, वेटलैंड्स, बावड़ियां, जनजातीय संस्कृति, ग्रामीण पर्यटन एवं समृद्ध विरासत मौजूद है।

उन्होंने कहा कि कोटा-हाड़ौती ट्रैवल मार्ट के आयोजन का उद्देश्य हाड़ौती क्षेत्र को विशेष रूप से प्रमोट करना, देशभर के टूर ऑपरेटरों को क्षेत्र के पर्यटन स्थलों से परिचित कराना तथा स्थानीय पर्यटन व्यवसाय को B2B अवसर उपलब्ध कराना था।

इस पहल से यह स्पष्ट हुआ कि डेस्टिनेशन स्पेसिफिक ट्रैवल मार्ट नए पर्यटन क्षेत्रों की मांग पैदा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। माहेश्वरी ने कहा कि अब इसी मॉडल को राजस्थान के अन्य कम प्रचारित क्षेत्रों तक ले जाने की आवश्यकता है।

उन्होंने कहा कि हमें केवल यह नहीं सोचना चाहिए कि जयपुर, उदयपुर, जैसलमेर जैसे लोकप्रिय पर्यटन स्थलों पर बढ़ती भीड़ को कैसे नियंत्रित किया जाए, बल्कि यह भी सोचना होगा कि राजस्थान आने वाले पर्यटकों को नए पर्यटन क्षेत्रों की ओर कैसे आकर्षित किया जाए।

इससे पर्यटन का लाभ केवल कुछ शहरों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि रोजगार, होटल निवेश, स्थानीय व्यापार और पर्यटन आय पूरे राजस्थान में फैलेगी। हमारा उद्देश्य सिर्फ Tourism बढ़ाना नहीं, बल्कि Tourism को Distribute करना भी होना चाहिए। राजस्थान ने Tourism Demand पैदा कर ली है, अब उस Demand को पूरे राजस्थान में फैलाने का समय है।

उन्होंने कहा कि नई डेस्टिनेशन के रूप में कोटा एवं हाड़ौती ने राष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर अपनी जगह बनाई है। इसे निरंतर मजबूत बनाए रखने की आवश्यकता है। पर्यटन विकास की सबसे बड़ी कड़ी उसका प्रचार-प्रसार है और ट्रैवल मार्ट, फेम ट्यूर्स एवं पर्यटन महोत्सव इसके प्रमुख माध्यम हैं। पर्यटन ऐसा स्थायी संसाधन है, जो रोजगार एवं अन्य आर्थिक गतिविधियों को लंबे समय तक गति प्रदान कर सकता है।

कोटा व्यापार महासंघ के कोषाध्यक्ष राजेंद्र कुमार जैन एवं सलाहकार निदेशक गणपत लाल शर्मा ने कहा कि कोटा के पर्यटन नगरी के रूप में स्थापित होने से डेस्टिनेशन मैरिज को भी बढ़ावा मिलेगा। इससे कैटरिंग, टेंट, साउंड, इवेंट एवं डेकोरेशन सहित अनेक व्यवसाइयों को नई गति मिलेगी।

दी एस एस आई एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष अमित सिंघल, मुकेश गुप्ता एवं पवन मूंदड़ा तथा स्टोन माइंस ट्रेडिंग कंपनी के अध्यक्ष विपिन सूद ने कहा कि कोटा की अर्थव्यवस्था काफी हद तक कोचिंग सेक्टर पर निर्भर रही है। कोचिंग क्षेत्र में आए ठहराव से व्यावसायिक गतिविधियों में भारी गिरावट आई है। ऐसे में अब नए आर्थिक सेक्टर के रूप में पर्यटन विकास सबसे बड़ा माध्यम बन सकता है, जबकि इसकी बेहतरीन पर्यटन संपदा कोटा के पास पहले से मौजूद है।

कैट के जिला अध्यक्ष अनिल मूंदड़ा, महासचिव देवेंद्र कुमार जैन एवं कोषाध्यक्ष मनोज कुमार जैन मालू ने कहा कि चंबल रिवर फ्रंट की सभी दुकानों का आवंटन किया जाए। साथ ही रिवर फ्रंट के एक छोर से दूसरे छोर तक आवागमन को सुगम बनाने के लिए रोप-वे शुरू किया जाना चाहिए।

साथ ही कोटा हाड़ोती ट्रैवल मार्ट का भी प्रतिवर्ष आयोजन किया जाना चाहिए। ताकि पर्यटन क्षेत्र और गति पकड़ सके। ट्रैवल मार्ट का आयोजन नहीं होने पर यहां पर्यटन में रुकावट आ सकती है।

कोटा स्टोन ट्रेडर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष बी के गुप्ता, सचिव हरीश प्रजापति, स्टोन मर्चेंट विकास समिति के पूर्व सचिव रवींद्र लुहाड़िया एवं हाड़ौती कोटा स्टोन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के संस्थापक अध्यक्ष राजेश गुप्ता ने कहा कि मुकुंदरा हिल्स टाइगर रिजर्व में चंबल सफारी की ऑनलाइन बुकिंग शुरू की जानी चाहिए, जिससे देशभर में इसकी बेहतर मार्केटिंग हो सके। उन्होंने चंबल सफारी की दरों में भी तत्काल संशोधन करने की मांग की।

जनरल इंडस्ट्रीज सप्लायर्स संघ के अध्यक्ष भगवान न्याती ने कहा कि वर्ष 2027 में कोटा में ट्रैवल मार्ट का आयोजन किया जाए और लगातार पांच वर्षों तक इसका आयोजन कोटा में किया जाए। साथ ही लकी बुर्ज एवं जगमंदिर में रेस्टोरेंट शुरू करने तथा इन्हें नए पर्यटन सर्किट में शामिल करने की मांग की। बैठक में श्याम अग्रवाल एवं जयपाल गोयल सहित विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों ने भी अपने विचार रखे।