आतिशी धमाकों के साथ जला अहंकारी रावण का कुनबा

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रावण दहन में उमड़ा जन सैलाब, लाखों लोग बने अहंकार के अंत के साक्षी, विदेशी मेहमानों को भी भाया दशहरा मेला 

कमल सिंह यदुवंशी
कोटा। नगर निगम कोटा की ओर से आयोजित राष्ट्रीय दशहरा मेला 2017 का रावण कुनबे का शनिवार देर शाम दहन हुआ। भगवान लक्ष्मीनारायणजी की सवारी के साथ लाव लश्कर के साथ आए कोटा रियासत के पूर्व महाराव कुमार इज्यराजसिंह ने ज्वारा पूजन के बाद रावण की नाभी के कलश को तीर से भेदा।

इसके बाद देखते ही देखते अहंकारी रावण का कुनबा भष्म होता चला गया। रावण दहन के दौरान लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा। लोगों की भीड़ से ठसा ठस दशहरा मैदान में विदेशी सैलानियों ने भी नगर निगम कोटा के इस भव्य आयोजन को करीब से देखा और खूब सराहा। करीब साढे़ आठ मिनट में आतिशी धमाकों के साथ रावण का कुनबा खाक हो धराशाही हो गया।

विजयश्री रंगमंच पर करीब रंगीन आतिशबाजी भी देखने को मिली। लोगों ने इन यादगार पलों को केमरों में भी केद किए। 72 फीट रावण व 45-45 फीट के कुंभकर्ण व मेघनाद के पुतलों ने दहन से पहले मैदान में गर्दन घुमाना, तलवार चलाने के करतब दिखाएं व खूब अट्टहास किया। दहन से पूर्व जनप्रतिनिधियों ने बैलून छोड़े। आकाश से पुष्पवर्षा हुई।

विदेशी सैलानियों को भाया हमारा दशहरा
कोटा के दशहरे मेले की ख्याती के चलते इस दफा भी देशी-विदेशी मेहमान भी दरीखाने पहंुचे और शाही सवारी में सरीक हुए। सैलानियों का यह दल पैदल ही सवारी के साथ रावण दहन स्थल पहंुचा। इन मेहमानों ने सवारी, दहन व मेला परिसर से कई तस्वीरे अपने केमरों में केद की। विदेशी मेहमानों ने दरीखाने में व रावण दहन स्थल पर खूब तस्वीरे केमरों में केद की।

रावण दहन से पूर्व हुए सांस्कृतिक कार्यक्रम
मेला आयोजन समिति अध्यक्ष राममोहन मित्रा बाबला ने बताया कि रावण दहन से पहले रावण चौक में विजयश्री रंगमंच के पास सांस्कृतिक कार्यक्रम हुए। उत्तरप्रदेश की कलाकार वंदना मिश्रा ने म्हारी मैया की उतारा ऐ आरते… से कार्यक्रम की शुरूआत की।

इसके बाद ठुमक चले श्रीरामचंद्र बाजे पेचनिया…कभी राम बन कर तो कभी श्याम बन करे….सरीखे भजनों की सरिता बहा माहौल भक्तिमय कर दिया। इसके बाद साथी कलाकारों के साथ राजस्थानी लोकगीतों, भजनों पारंपरिक गाने, अवधि भाशा के गाने, सूफी गायन, बॉलीवुड गायन, कत्थक आदि की प्रस्तुतियां दी।

कोटा की रामलीला को मिला सम्मान
रावण चौक में चले सांस्कृतिक कार्यक्रम के बाद एबीपी चैनल की हाल ही में देशभर में करवाए गए रामलीला मंचन के सर्वे में अव्वल रही कोटा की रामलीला श्रीराघवेद्र कला संस्थान के कलाकारों का सम्मान किया गया। मेला अध्यक्ष राममोहन मित्रा बाबला ने बताया कि एबीवीपी चैनल की ओर से देशभर की रामलीलाओं का कवरेज कर लाइव टेलीकास्ट किया गया था।

कोटा की रामलीला को देश की बेहतर रामलीलाओं में शामिल किया गया। मंच से चैनल के राजस्थान प्रभारी मनीष शर्मा व मुख्य अतिथि सांसद ओम बिरला ने महापौर महेश विजय को महा रामलीला सम्मान का प्रशस्ती पत्र भेंट किया। इस दौरान सांसद ओम बिरला ने कहा कि जीवन में अहंकार ज्यादा नहीं टिकता। रावण भी नहीं टिका।

जीवन में अहंकार त्यागे और जीवन को बेहतर बनाएं। महापौर महेश विजय ने कोटा के मेले को सांस्कृतिक विरासत बताया। मेला अध्यक्ष राममोहन मित्रा बाबला ने कहा कि मेला हमारी विरासत का अभिन्न अंग है और इसे विश्वपटल पर पहचान मिले इसके लिए हरसंभव प्रयास जारी है।

इस दौरान निगम आयुक्त डॉ.विक्रम जिंदल, उपायुक्त राजेश डागा, मेला अधिकारी नरेश मालव, अतिरिक्त मेला अधिकार प्रेमशंकर शर्मा भी मौजूद थे।