Sugar Price: चीनी की कीमतों में बेतहाशा बढ़ोतरी ने सरकार की नींद उड़ाई

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नई दिल्ली। Sugar Price This week: देश भर में चीनी की कीमतों में बेतहाशा बढ़ोतरी ने सरकार की नींद उड़ा दी है। आम तौर पर 45 से 50 रुपये बिकने वाली चीनी एकदम से बढ़कर 65 से 70 रुपये किलो बिकने लगे तो आम आदमी का चौंकना लाजमी है। व्यापारिक सूत्र कीमतों में तेजी की वजह एथेनॉल को मान रहे हैं। तो वहीं मिलर्स चीनी का उत्पादन कम होना मान रहे हैं

मिलर्स द्वारा भाव बढ़ाकर सीमित मात्रा में बिक्री का ऑफर दिए जाने तथा व्यापारियों / स्टॉकिस्टों द्वारा खरीदारी में भारी दिलचस्पी दिखाए जाने के कारण 15-21 अगस्त वाले सप्ताह के दौरान चीनी के मिल डिलीवरी भाव, हाजिर बाजार भाव तथा टेंडर मूल्य में जबरदस्त इजाफा दर्ज किया गया।

इसके मिल डिलीवरी मूल्य में पूर्वी उत्तर प्रदेश में 250 रुपए प्रति क्विंटल, पश्चिम उत्तर प्रदेश में 400 रुपए, पंजाब में 550 रुपए तथा मध्य प्रदेश में 750 रुपए प्रति क्विंटल की वृद्धि हुई। यद्यपि बिहार में भाव 20 रुपए ही बढ़ा लेकिन गुजरात में 1610 रुपए प्रति क्विंटल तक बढ़ गया।

चीनी का हाजिर बाजार मूल्य भी इंदौर में 1600 रुपए की जोरदार वृद्धि के साथ 6800/6900 रुपए प्रति क्विंटल, रायपुर में भी 1600 रुपए बढ़कर 6850 रुपए प्रति क्विंटल, कोलकाता में 800 रुपए बढ़कर 6300/6400 रुपए प्रति क्विंटल तथा मुम्बई में 1200 रुपए से उछलकर 6250/6450 रुपए प्रति क्विंटल के शीर्ष स्तर पर पहुंचा। नाका पोर्ट डिलीवरी मूल्य भी 1200 रुपए की जोरदार वृद्धि के साथ 6200/6400 रुपए प्रति क्विंटल हो गया।

समीक्षाधीन सप्ताह के दौरान महाराष्ट्र और कर्नाटक जैसे अग्रणी उत्पादक राज्यों में चीनी के टेंडर मूल्य में 1500 रुपए प्रति क्विंटल की जबरदस्त बढ़ोत्तरी दर्ज की गई जिससे टेंडर मूल्य महाराष्ट्र में बढ़कर 6775/6900 रुपए प्रति क्विंटल तथा कर्नाटक में 7000/7100 रुपए प्रति क्विंटल के नए रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया।

केन्द्र सरकार चीनी के बेतहाशा बढ़ते मूल्य को नियंत्रित करने के लिए अनेक कदम उठा रही है। इसके तहत 10 लाख टन के शुल्क मुक्त आयात का कोटा घोषित किया गया है और मिलों तथा व्यापारियों को जल्दी-जल्दी अपना स्टॉक रिलीज करने के लिए कहा गया है।

यदि तत्काल चीनी के बढ़ते दाम पर अंकुश लगाना संभव नहीं हुआ तो पीक त्यौहारी सीजन में यह मीठी वस्तु आम लोगों की पहुंच से बाहर हो सकती है। सरकार की चिंता बढ़ती जा रही है।