सीमलिया कस्बे को बाढ़ से मुक्ति दिलाने के लिए युद्ध स्तर पर कार्य करने के निर्देश

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ऊर्जा मंत्री नागर ने जल संसाधन विभाग के उच्चाधिकारियों के साथ की बैठक

कोटा। ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर ने सीमलिया कस्बे को मानसून के दौरान होने वाले गंभीर जलभराव और बाढ़ की समस्या से स्थायी निजात दिलाने के लिए कड़ा रुख अपनाया है। शनिवार को अपने निजी आवास स्थित कार्यालय पर जल संसाधन विभाग के उच्चाधिकारियों के साथ बैठक की।

उन्होंने सीमलिया कस्बे के फ्लड डायवर्जन निर्माण कार्य की प्रगति की समीक्षा की। बैठक के दौरान मंत्री नागर ने धरातल पर कार्य की धीमी गति को लेकर असंतोष व्यक्त किया और स्पष्ट निर्देश दिए कि आगामी मानसून की पहली बारिश शुरू होने से पहले सभी मुख्य ड्रेनेज और चैनल निर्माण कार्यों को अनिवार्य रूप से पूरा किया जाए ताकि स्थानीय जनता को इसी सीजन में बाढ़ से पूर्ण राहत मिल सके।

ऊर्जा मंत्री नागर ने बैठक में अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि खेतों में मिट्टी के ढेर लगे हुए हैं और ड्रेन अधूरी खुदी पड़ी है। उन्होंने सख्त लहजे में कहा कि कुछ ही दिनों में बारिश का मौसम शुरू होने वाला है, जिसके बाद खेतों से मिट्टी का ट्रांसपोर्टेशन और भारी मशीनों का संचालन लगभग असंभव हो जाएगा।

अभी अधिकांश खेत खाली पड़े हैं, इसलिए इस स्वर्णिम समय का उपयोग करते हुए लेबर, भारी मशीनरी और ट्रांसपोर्टेशन के वाहनों की संख्या को तुरंत दोगुना-तिगुना किया जाए।

उन्होंने निर्देश दिए कि कार्यस्थल पर चौबीसों घंटे शिफ्टों में काम चलाकर अधूरे कार्यों को तुरंत निपटाया जाए। जिससे सिमलिया कस्बे के निवासियों को आगामी वर्षाकाल में किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।

समीक्षा बैठक में मंत्री नागर ने प्रशासनिक संवेदनशीलता और गंभीरता पर विशेष जोर दिया। उन्होंने अधिकारियों को हिदायत दी कि कार्य के दौरान पूर्ण मानवीय संवेदना रखी जाए और यह सुनिश्चित किया जाए कि किसी भी नागरिक का अनावश्यक नुकसान न हो।

उन्होंने विभाग को कड़ी मॉनिटरिंग प्रणाली स्थापित करने का निर्देश दिया ताकि कार्यों की गुणवत्ता और गति पर पल-पल की नजर रखी जा सके। मंत्री नागर ने कहा कि इस महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए बजट की कोई कमी नहीं है, इसलिए किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

उल्लेखनीय है कि सीमलिया प्रतिवर्ष मानसून में गंभीर बाढ़ की चपेट में आता है। इसका मुख्य कारण कोटा-बारां हाईवे के दायीं तरफ स्थित कैचमेंट एरिया के वर्षा जल का समुचित निकास न होना है।

ऊर्जा मंत्री नागर की अनुशंसा पर मुख्यमंत्री बजट घोषणा वर्ष 2025-26 के अंतर्गत इसके स्थाई समाधान हेतु 35 करोड़ रुपए की राशि स्वीकृत की गई थी। इस कार्य की प्रशासनिक स्वीकृति जारी की गई थी।

ये होंगे कार्य

  • इस वृहद फ्लड डायवर्जन परियोजना के तहत निम्नलिखित 8 प्रमुख निर्माण कार्य किए जाएंगे। पावर हाउस कॉलोनी के पीछे से ढाबा रोड तक फोर-लेन बाईपास के समानांतर आरसीसी की पक्की डायवर्जन चैनल का निर्माण।
  • ढाबा रोड से चम्बल कॉलोनी के पीछे होते हुए दायीं मुख्य नहर के एक्वाडक्ट तक के पुराने नाले को चौड़ा और गहरा करना।
  • पावर हाउस कॉलोनी को जलभराव से बचाने हेतु हनोतिया रोड को क्रॉस करते हुए नए नाले का निर्माण कर मुख्य बाजार के पुराने नाले से जोड़ना एवं कॉलोनी में ड्रेनेज सुधार।
  • मुख्य बाजार स्थित पुराने नाले की व्यापक सफाई, मरम्मत और सुदृढ़ीकरण कार्य।
  • ढाबा रोड से पीएचईडी पानी की टंकी के सामने मुख्य सड़क के समानांतर नया नाला निर्माण, ताकि डोलिया बस्ती, चम्बल कॉलोनी व अन्य बस्तियों का जल निकास सुनिश्चित हो।
  • मुख्य बाजार की सड़क पर पानी की निकासी के लिए बनी समस्त पुलियाओं का रेनोवेशन एवं री-सेक्शनिंग कार्य।
  • सीमलिया कस्बे के तालाब के वेस्ट वियर की लंबाई बढ़ाना तथा सामने स्थित पाइप-कलवर्ट को बड़े आरसीसी बॉक्स कलवर्ट में बदलकर जल निकासी क्षमता बढ़ाना, ताकि तालाब ओवरफ्लो होकर टूटे नहीं।