नई दिल्ली। Soybean Weekly Report: खराब मौसम और बारिश की वजह से इस साल महाराष्ट्र और कर्नाटक जैसे राज्यों में सोयाबीन की फसल पर असर पड़ा है, जबकि सोयाबीन तेल की घरेलू डिमांड अभी भी अच्छी बनी हुई है। बड़े एग्रीकल्चरल मार्केट (मंडियों) में नई सोयाबीन फसल की आवक उम्मीद से कम रही है। हालांकि सोयाबीन मील की घरेलू डिमांड अच्छी है, लेकिन एक्सपोर्ट परफॉर्मेंस कमजोर बना हुआ है।
प्लांट डिलेवरी भाव: 10-16 अक्टूबर के हफ्ते के दौरान, टॉप तीन प्रोड्यूसिंग राज्यों—मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र और राजस्थान—में सोयाबीन की प्लांट-डिलीवरी कीमतों में काफी बढ़ोतरी देखी गई, जो ₹200 से ₹650 प्रति क्विंटल तक थी। मध्य प्रदेश में, कीमतें ₹6,800 प्रति क्विंटल से ऊपर चढ़ गईं, जबकि महाराष्ट्र में, वे ₹7,000 प्रति क्विंटल के लेवल को पार कर गईं। राजस्थान में भी कीमतें ऊंचे लेवल पर रहीं।
सोयाबीन रिफाइंड तेल: इस वजह से, रिफाइंड सोयाबीन तेल की कीमतें ₹1 से ₹3 प्रति किलोग्राम बढ़ गईं। हालांकि सरकार ने कच्चे और रिफाइंड सोयाबीन तेल पर इंपोर्ट ड्यूटी कम कर दी है, फिर भी इंपोर्ट महंगा बना हुआ है; ऐसा एक्सपोर्ट करने वाले देशों में बढ़ती कीमतों और शिपमेंट की ज़्यादा लागत की वजह से है।
कीमतें: इस हफ़्ते, मुंबई और कांडला में सोयाबीन तेल की कीमत ₹10 प्रति 20 किलो और हल्दिया में ₹8 प्रति 20 किलो बढ़ गई। महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश में मिलर्स और रिफाइनर्स ने भी सोयाबीन तेल की अपनी बिक्री कीमतें बढ़ा दी हैं।
आवक: बड़े बाज़ारों में सोयाबीन की आवक 13 अक्टूबर को 6.75 लाख बैग (हर एक 100 kg) और 15 अक्टूबर को 6.30 लाख बैग तक पहुँच गई। महाराष्ट्र में सोया DOC की कीमत में ₹3,500 से ₹6,500 प्रति टन की बढ़ोतरी दर्ज की गई।

