Cardamom: अच्छी वर्षा से केरल में छोटी इलायची के उत्पादन में बढ़ोतरी की उम्मीद

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इडुक्की। Small cardamom: छोटी इलायची के सबसे प्रमुख उत्पादक राज्य- केरल में पिछले महीने वर्षा का अभाव होने से किसानों की चिंता बढ़ गई थी लेकिन चालू माह (मई) में हो रही अच्छी बारिश से फसल की हालत काफी सुधर गई है। बेहतर आमदनी प्राप्त होने से उत्पादक अपने बागानों की अच्छी तरह देखभाल भी कर रहे हैं।

मौसम विभाग ने दक्षिणी केरल के सभी प्रमुख इलायची उत्पादक जिलों में अच्छी बारिश होने की संभावना व्यक्त की है। पिछले दिनों भी वहां कहीं-कहीं भारी वर्षा हुई। अलापुझा, इडुक्की, पठानमथिट्टा एवं कोट्टायम जैसे जिलों में नियमित रूप से होने वाली बारिश से इलायची की फसल बेहतर स्थिति में पहुंच गई है।

देश में तकरीबन 80-85 प्रतिशत छोटी (हरी) इलायची का उत्पादन अकेले केरल में होता है जबकि शेष उत्पादन तमिलनाडु सहित अन्य दक्षिण प्रांतों में होता है। 2025-26 के सीजन में भी मौसम एवं वर्षा की स्थिति फसल के लिए काफी हद तक अनुकूल रही जिससे इसका घरेलू उत्पादन बढ़कर 35-37 हजार टन पर पहुंच गया।

इलायची के दाने की तुड़ाई-तैयारी लगभग समाप्त हो चुकी है और इसका अगला दौर जून के अंत या जुलाई के आरंभ में शुरू हो सकता है। वैसे औपचारिक तौर पर छोटी इलायची का नया मार्केटंग सीजन अगस्त से आरंभ होता है।

छोटी इलायची के सबसे प्रमुख उत्पादक एवं निर्यातक देश- ग्वाटेमाला में इस बार उत्पादन करीब 50 प्रतिशत घट जाने से न केवल निर्यात योग्य स्टॉक में भारी कमी आ गई बल्कि उसका दाम भी ऊंचा एवं तेज हो गया।

इससे भारत को अपने उत्पादक का निर्यात बढ़ाने का शानदार अवसर मिल गया। भारतीय इलायची का निर्यात ऑफर मूल्य अब भी काफी हद तक प्रतिस्पर्धी स्तर पर चल रहा है और उत्पादकों को राहत मिल रही है।