राजस्थान में 14 दिन लॉकडाउन लगने के बाद भी कोरोना संक्रमण की रफ्तार नहीं रूकी

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जयपुर। राजस्थान में लॉकडाउन लगने के 14 दिन बाद भी संक्रमण की दर कम होने की बजाए बढ़ ही रही है। 19 अप्रैल से प्रदेश में पहले चरण का लॉकडाउन लगा था। उस समय औसतन 17 से 18 फीसदी के बीच संक्रमण दर थी। अब ये बीते 2 सप्ताह के अंदर बढ़कर 20-21 फीसदी तक पहुंच गई। सरकार ने इसे देखते हुए लाॅकडाउन के दूसरे चरण में और ज्यादा सख्ती करने का निर्णय किया है। राजस्थान में बीते सात दिन की स्थिति देखें तो 1 लाख 19 हजार 514 लोग संक्रमित हुए हैं। उससे पहले सप्ताह (19 से 25 अप्रैल) में 99 हजार 820 लोग संक्रमित हुए थे। विशेषज्ञों के मुताबिक जिस तेजी से संक्रमण की दर बढ़ रही है। आने वाले सप्ताह में संख्या और अधिक होने की आशंका है।

राजस्थान में रविवार को मिले संक्रमितों की संख्या ने बीते 14 माह के सभी रिकॉर्ड तोड़ दिए। 24 घंटे में सबसे ज्यादा 18 हजार 298 नए संक्रमित केस सामने आए थे, जबकि 159 लोगों की मौत हो गई थी। यानी प्रदेश में हर एक घंटे में 6 से ज्यादा मरीजों ने इस बीमारी से दम तोड़ दिया। राजस्थान में अब तक इस बीमारी से 4558 लोगों ने अपनी जान गंवाई है।

जयपुर में सबसे ज्यादा 4456 पॉजिटिव
राजधानी जयपुर में सबसे ज्यादा हालत खराब है। यहां कोरोना महामारी के दौर में पिछले 14 माह में पहली बार एक दिन में 4456 पॉजिटिव केस मिले, जबकि 34 लोगों ने कल दम तोड़ा। जयपुर में अभी सबसे ज्यादा 42 हजार 756 एक्टिव केस हैं। कुल 1 लाख 18 हजार 780 लोग संक्रमित हो चुके हैं। जयपुर के 50 से ज्यादा इलाकों में रोजाना पॉजिटिव केस मिल रहे हैं।

पिछले 5 दिनों का रिकॉर्ड देखें तो जयपुर में कोरोना से अप्रैल के 27 दिनों में 139 लोगों की, जबकि पिछले 5 दिनों में 192 लोग अपनी जान गंवा चुके हैं। हालात ये हैं कि अब कोरोना से मरने वालों के लिए अन्य श्मशानों में दाह संस्कार होने लगे हैं। इससे पहले प्रशासन ने आदर्श नगर श्मशान घाट को ही कोरोना से मरे लोगों के अंतिम संस्कार के लिए चिह्नित कर रखा था।