प्रधानमंत्री के पास 2.85 करोड़ की संपत्ति, एक साल में 36 लाख का इजाफा

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नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल में अपनी संपत्तियों और देनदारी की घोषणा की है। उनके पास 2019 में 2.49 करोड़ रुपए की संपत्ति थी। इस साल 30 जून तक यह बढ़कर 2.85 करोड़ रुपए हो गई। बैंक बैलेंस और एफडी से उनकी संपत्ति में एक साल में 36 लाख रुपए का इजाफा हुआ है।

70 साल के प्रधानमंत्री पर कोई कर्ज नहीं है। उनके पास 31 हजार 450 रुपए नकद हैं। उनके बचत खाते में 3.38 लाख रुपए हैं। 31 मार्च 2019 को बचत खाते में महज 4,143 रुपए थे। एसबीआई की गांधीनगर शाखा में उनकी एफडी में 1 करोड़ 60 लाख 28 हजार 39 रुपए रहे हैं। एक साल पहले यह रकम एक करोड़ 27 लाख 81 हजार 574 रुपए थी।

मोदी 8,43,124 रुपए के नेशनल सेविंग सर्टिफिकेट के जरिए टैक्स सेविंग करते हैं। अपने जीवन बीमा के लिए 1,50,957 रुपए का प्रीमियम चुकाते हैं। प्रधानमंत्री के पास नेशनल सेविंग सर्टिफिकेट के 7,61,646 रुपए थे और जीवन बीमा प्रीमियम के रूप में 1,90,347 रुपए का भुगतान किया गया है।

जानिए, प्रधानमंत्री के पैसों का हिसाब

  • कैश इन हैंड: 31,450 हजार रुपए
  • बचत खाते में: 3.38 लाख रुपए
  • फिक्स्ड डिपॉजिट की वैल्यू: लगभग 1.6 करोड़ रुपए
  • टैक्स फ्री बांड: लगभग 20 हजार रुपए
  • डाकघर एनएससी: लगभग 8.4 लाख रुपए
  • एलआईसी: 1.50 लाख रुपए
  • अचल संपत्ति: गांधीनगर में 1.1 करोड़ के मकान में पीएम मोदी की 25% की हिस्‍सेदारी

फिक्स डिपॉजिट में बढ़ोतरी हुई है
भारतीय स्टेट बैंक की गांधीनगर शाखा में उनकी फिक्स डिपॉजिट राशि 30 जून 2020 तक बढ़कर 1,60,28,039 रुपए हो गई है जो कि पिछले वित्त वर्ष में 1,27,81,574 रुपए थी। 2019 के लोकसभा चुनाव के लिए दिए हलफनामे में उन्होंने इसकी घोषणा की थी।

पीएम मोदी के पास कोई कार नहीं
ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, पीएम मोदी की अचल संपत्ति में कोई खास बदलाव नहीं हुआ है। डीटेल्स के अनुसार, मोदी के नाम पर गांधीनगर में एक मकान है, जिसकी कीमत 1.1 करोड़ रुपए है। इस परिवार का मालिकाना हक मोदी और उनके परिवार को है। उनके पास सोने की चार अगूठियां हैं। पीएम मोदी के पास कोई कार नहीं है।

2 लाख है मोदी की सैलरी
मोदी की तनख्वाह दो लाख रुपए है, जो वैश्विक स्तर के मुकाबले काफी कम है। कोरोना वायरस से प्रभावित हुई अर्थव्यवस्था को देखते हुए पीएम मोदी ने राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति, कैबिनेट सदस्यों और सांसदों के साथ अपनी तनख्वाह में 30 फीसदी की कटौती की है। इसकी शुरुआत अप्रैल महीने से हुई थी। पीएम मोदी की संपत्तियों में यह वृद्धि उनके द्वारा अपनी तनख्वाह की बचत और सावधि जमा के ब्याज के जरिए हुई है। सरकारी कर्मचारियों और मंत्रियों द्वारा अक्सर ही इस तरीके से अपने पैसे बचाए जाते हैं।