मंत्री होटलों में और अधिकारियों की बैठक ले रहे मंत्री पुत्र

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कोटा। राजस्थान के सारे मंत्री कोरोना काल में गहलोत सरकार को बचाने के लिए होटलों में बंद हैं। उनकी जगह मंत्री पुत्र अधिकारियों की बैठकें ले रहे हैं। होटल में बैठे मंत्री वेतन- भत्ते ले रहे हैं। यांनी सरकार होटल से चल रही है। कोटा में ऐसा ही देखने को मिला।

शहर में चल रहे विकास कार्यों को लेकर जलदाय विभाग और उत्तर नगर निगम के अधिकारियों ने समन्वय स्थापित करने के लिए रविवार को नयापुरा में एक होटल में बैठक आयोजित की। इसमें नगरीय विकास मंत्री शांति धारीवाल के पुत्र अमित धारीवाल ने भी भाग लिया। बैठक में न केवल भाग लिया, बल्कि मंत्री की तरह निर्देश भी दिए।

सवाल यह है कि इस तरह तो पूरे राजस्थान के मंत्री घर बैठे वेतन भत्ते लेते रहेंगे और उनके पुत्र अधिकारियों को निर्देश देते रहेंगे। तो फिर जनता ने जिन्हें चुना उन जनप्रतिनिधियों की जरूरत ही क्या है। यह प्रोटोकॉल का उल्लंघन नहीं है क्या।

बैठक में अमित धारीवाल ने अधिकारियों से नाराजगी जताते हुए कहा, जो ठेकेदार कार्य करने में देरी कर रहा उसे तुरंत हटा दिया जाए और दूसरे से काम कराएं। जनता इतने समय तक परेशानी थोड़े झेलेगी। एेसा कहां तक चलेगा, आप लोग कॉर्डिनेशन करें। यदि आप में से भी कोई अधिकारी-कर्मचारी भी इसमें लापरवाही का दोषी होगा, वह भी सजा भुगतने के लिए तैयार रहे।

अमित धारीवाल ने कहा कि मंत्री शांति धारीवाल कोटा प्रवास के दौरान हर बार अधिकारियों को अवगत कराते हैं कि सभी कार्य तय समय पर पूरे हो। सभी क्षेत्रों का संतुलित विकास करना ही सरकार का लक्ष्य है। विभाग एक दूसरे के ऊपर छींटाकसी करना बंद करें।

विभागों के आपसी विवाद का खमियाजा जनता को भुगतना पड़ता है। जिन कार्यों की तत्काल आवश्यकता है, उन कार्यों को प्राथमिकता से किया जाए। समीक्षा बैठक में उत्तर नगर निगम के एसई प्रेमशंकर शर्मा, अधिशाषी अभियंता प्रकाश शर्मा, जलदाय विभाग के अधीक्षण अभियंता भारत भूषण मिगलानी सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे।

यह बोले सफाई में
रविवार का दिन था और जनता को परेशानी हो रही है, इसलिए अधिकारियों के सामने जनता तकलीफ रखी। मैं कांग्रेस कार्यकर्ता हूं और हमारी सरकार है। ऐसे में जनता परेशानी होगी तो अधिकारियों से कहना ही पड़ेगा-अमित धारीवाल, कांग्रेस कार्यकर्ता