नए कोटा का प्रदूषण लेवल अधिक होने से लोगों में अस्थमा का खतरा

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कोटा। शहर में नए कोटा का प्रदूषण लेवल सर्वाधिक है, लेकिन यहां वृक्षों की सघनता सबसे कम है। इण्डियन मेडिकल एसोसिएशन के अध्यक्ष डाॅ. एस सान्याल तथा सचिव डाॅ. केवलकृष्ण डंग ने आईएमए हाॅल नयापुरा पर यह जानकारी दी। डाॅ. केवलकृष्ण डंग ने बताया कि नए कोटा में आईएल के आसपास प्रदूषण की स्थिति सबसे चिन्ताजनक है।

शहर के आईएल चौराहा, सिटी माॅल, गोबरिया बावड़ी, घटोत्कच चौराहा, ओपेरा अस्पताल में सर्दियों में रात 8 बजे के बाद एसपीएम 2.5 का लेवल 170 से 180 तक होता है। यह लेवल कण की साईज होती है। जिसके फेफड़ों के साथ रक्त में चले जाने पर हृदयाघात, पक्षाघात और मधुमेह की संभावना बन जाती है।

एसपीएम की मात्रा सर्वाधिक एयरोड्रम सर्किल पर 208 तथा सबसे कम कोटड़ी चौराहा पर 160 पाई गई है। थर्मल के कारण आसपास के दुकानदारों मेें 30 प्रतिशत में दमा ज्यादा और 18 प्रतिशत लोगों की आंखों व नाक में एलर्जी पाई गई है।

डाॅ. एस सान्याल ने बताया कि वल्र्ड एनवायरनमेंट डे यानी विश्व पर्यावरण दिवस को मनाने का मकसद प्रकृति और मानव जाति के बीच तालमेल बना रहे। पर्यावरण के बारे में जागरूकता पैदा करने के लिए विश्व ‘पर्यावरण दिवस’ मनाया जाता है। इस बार पर्यावरण दिवस के आयोजन की थीम ‘बीट एयर पॉल्युशन’ है।

करीबन 20 लाख लोग भारत में प्रदूषण के कारण अकाल मौत के शिकार हो रहे हैं। पर्यावरण प्रदूषण के कारण से हर साल 1 लाख शिशुओं की मृत्यु हो जाती है। डाॅ. एसके गोयल ने बताया कि होर्डिग, फ्लाईओवर के पिलर आदि पर शैवाल के पौधे विकसित कर शहरों में भी छोटे जंगल विकसित किए जा सकते हैं। यह 4 गुणा 3 वर्ग मीटर में ही 275 पेडों के बराबर काम करते हैं।

डाॅ. सुधीर गुप्ता ने कहा कि अब समय आ गया है कि हम भौतिकतावाद से बाहर निकल कर जीवन में प्रकृति के रंग भरें और लोगों को भी इसके लिए प्रेरित करें। डाॅ. नीता जिन्दल ने कहा कि विश्व पर्यावर दिवस पर आईएमए को पर्यावरण ज्ञान प्रतियोगिता, पर्यावरण काव्य गोष्ठी, पौधरोपण व पौध वितरण आदि कार्य सम्पन्न कराने चाहिए। इसके साथ ही लोगों को पर्यावरण के लिए जागरूक करने का काम भी करें।

इस दौरान पर्यावरण पर आयोजित पोस्टर प्रतियोंगिता में विजेता रहे राधिका मित्तल , कृष्णा, दीपिका युवराज तथा ख्यातनाम चित्रकार शंभूसिंह चैबदार का सम्मान किया गया। इस अवसर पर डाॅ. अशोक शारदा, डाॅ. आलोक गर्ग, डाॅ. जसवंत सिंह, नगर विकास न्यास से ज्योति वर्मा तथा आरएसी के हेड कांस्टेबल सत्यनारायण नामा उपस्थित रहे।