एयरपोर्ट पर अब आपका चेहरा ही बोर्डिंग पास, सिंधिया ने लॉन्च की डिजियात्रा

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नई दिल्ली। DigiYatra launched: राष्ट्रीय राजधानी में हवाईअड्डे पर चेहरे की पहचान प्रणाली के आधार पर हवाई यात्रियों को प्रवेश की अनुमति होगी। डिजियात्रा सुविधा के साथ हवाई अड्डों पर यात्रियों को कागज रहित प्रवेश मिलेगा। नागरिक उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने गुरुवार को डिजियात्रा सुविधा की शुरूआत कर दी है।

सुरक्षा जांच क्षेत्रों सहित विभिन्न चेकप्वाइंट्स पर चेहरे की पहचान प्रणाली के आधार पर यात्री डेटा को स्वचालित रूप से अपडेट किया जा सकेगा। दिल्ली के अलावा गुरुवार को वाराणसी और बेंगलुरु एयरपोर्ट पर डिजियात्रा सुविधा शुरू की गई। सेवा का लाभ उठाने के लिए यात्रियों को आधार-आधारित सत्यापन और एक सेल्फ इमेज कैप्चर का उपयोग करके डिजियात्रा ऐप पर अपना विवरण दर्ज करना होगा। उसके अगले चरण में बोर्डिंग पास को स्कैन करना होता है और अपने क्रेडेंशियल्स को हवाई अड्डे के साथ साझा किया जाता है।

एयरपोर्ट के ई-गेट पर यात्री को पहले बार कोडेड बोर्डिंग पास को स्कैन करना होगा। उसके बाद ई-गेट पर लगा फेशियल रिकग्निशन सिस्टम यात्री की पहचान और यात्रा दस्तावेज को मान्य करेगा। एक बार यह प्रक्रिया पूरी हो जाने के बाद यात्री ई-गेट से एयरपोर्ट में प्रवेश कर सकता है।

यात्री को सुरक्षा क्लियर करने और विमान में सवार होने के लिए सामान्य प्रक्रिया का पालन करना होगा। डिजियात्रा ऐप का बीटा संस्करण 15 अगस्त को लॉन्च किया गया था। दिल्ली इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (DIAL) राष्ट्रीय राजधानी में इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे (IGIA) का संचालन करती है। यह देश का सबसे बड़ा हवाई अड्डा भी है।

निर्बाध बनाएगी डिजियात्रा
डिजियात्रा चेहरे की पहचान तकनीक पर आधारित है और यह बोर्डिंग प्रक्रिया को तेज और निर्बाध बनाएगी। इसके अलावा, डिजियात्रा हवाईअड्डे पर बढ़ी हुई सुरक्षा सुनिश्चित करेगी। यात्री डेटा एयरलाइंस प्रस्थान नियंत्रण प्रणाली के साथ अटैच होगा इससे केवल निर्दिष्ट यात्री ही टर्मिनल में प्रवेश कर सकेंगे।