ट्रम्प का चुनावी दांव, रूसी तेल खरीदने वाले देशों पर अतिरिक्त टैरिफ से पीछे हटे

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वाशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने रूस के ऊर्जा निर्यात पर भारी टैरिफ लगाने का फैसला फिलहाल टाल दिया है। यह कदम ऐसे समय उठाया गया है, जब अमेरिका में मध्यावधि चुनाव नजदीक हैं और ट्रंप डीजल की बढ़ती कीमतों को कम करने की कोशिश कर रहे हैं। रूस से ऊर्जा की सप्लाई बढ़ाने की उनकी योजना में ये टैरिफ और प्रतिबंध बाधा बन सकते थे।

ट्रंप ने शुक्रवार देर रात एक कार्यकारी आदेश जारी कर पिछले महीने हस्ताक्षर किए गए कानून के तहत मिली छूट का इस्तेमाल किया। इस कानून को रिपब्लिकन पार्टी के दिवंगत सीनेटर लिंडसे ग्राहम ने तैयार किया था। इसका मकसद यूक्रेन पर हमले के लिए रूस पर आर्थिक दबाव बढ़ाना था। इस कानून के जरिए रूस पर लगाए जाने वाले प्रतिबंधों का दायरा भी बढ़ाया गया था।

ट्रंप ने अपने आदेश में कहा कि वह ग्राहम कानून के तहत तय प्रतिबंधों, पाबंदियों और टैरिफ को फिलहाल लागू नहीं करेंगे। उन्होंने इस फैसले को अमेरिका के राष्ट्रीय हित में बताया और इसकी जानकारी कांग्रेस को भी दी है।

इस कानून के मुताबिक, ट्रंप को रूस से सबसे ज्यादा कच्चा तेल खरीदने वाले पांच देशों के सभी सामानों पर 100 फीसदी टैरिफ लगाने के लिए 30 दिन का समय दिया गया था। इसके साथ ही, रूस की कई कंपनियों और संस्थाओं पर प्रतिबंध लगाने और अमेरिका में आने वाले रूसी ऊर्जा उत्पादों पर 500 फीसदी टैरिफ लगाने का भी प्रावधान था।

इन कदमों को लागू करने की समयसीमा 18 अक्टूबर को खत्म होनी थी। हालांकि, ट्रंप के नए आदेश से ये टैरिफ कानून से खत्म नहीं हुए हैं। फिलहाल इनके लागू होने पर रोक लगाई गई है। यानी ट्रंप चाहें तो भविष्य में इन्हें लागू कर सकते हैं।

डीजल की कीमतें घटाने के लिए पुतिन के साथ योजना
ट्रंप ने पिछले हफ्ते रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ मिलकर रूस से डीजल की सप्लाई दुनिया के बाजारों तक पहुंचाने की योजना का ऐलान किया था। इसका मकसद अमेरिका में डीजल की बढ़ती कीमतों को कम करना है। अमेरिका में 3 नवंबर को मध्यावधि चुनाव होने हैं और उससे कुछ हफ्ते पहले डीजल के दाम रिकॉर्ड स्तर के करीब बने हुए हैं।

रूस के ऊर्जा निर्यात पर सख्त टैरिफ लगाने से इस योजना पर असर पड़ सकता था। इसके अलावा, चीन, भारत और तुर्किये जैसे देश रूस से बड़ी मात्रा में ऊर्जा खरीदते हैं। ऐसे में इन देशों पर टैरिफ लगाने से अमेरिका के साथ उनके रिश्तों में तनाव बढ़ने की आशंका भी थी।

कांग्रेस में ट्रंप के फैसले का विरोध
टैरिफ लगाने पर रोक के ट्रंप के फैसले से अमेरिकी कांग्रेस में विरोध बढ़ सकता है। रूस से डीजल की सप्लाई को लेकर पुतिन के साथ ट्रंप की योजना से कई सांसद पहले ही नाराज हैं। इस हफ्ते रिपब्लिकन और डेमोक्रेटिक सांसदों के एक समूह ने पत्र लिखकर ट्रंप से यह समझौता वापस लेने और ग्राहम कानून के प्रावधान लागू करने की मांग की थी।

लिंडसे ग्राहम यूक्रेन के बड़े समर्थक थे। उन्होंने यह विधेयक रूस पर दबाव बढ़ाने और राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को यूक्रेन युद्ध खत्म करने के लिए बातचीत की मेज पर लाने के मकसद से तैयार किया था। जुलाई में उनकी मौत के बाद इस कानून को पारित करना उनके सम्मान से जोड़कर देखा गया था। रूस का यूक्रेन पर पूर्ण पैमाने का हमला अब पांचवें साल में चल रहा है।