लोकसभा अध्यक्ष ने 98.11 करोड़ के विकास कार्यों का किया लोकार्पण-शिलान्यास
बूंदी। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा कि बूंदी हाड़ौती का गौरव है, इस ऐतिहासिक नगर की पहचान को बनाए रखते हुए आधुनिक सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है। “विरासत के साथ आधुनिक विकास” की सोच के साथ बूंदी को ऐसा क्षेत्र बनाने का प्रयास है, जहां पर्यटन, उद्योग, शिक्षा, चिकित्सा, खेल और रोजगार के नए अवसर उपलब्ध हों।
बूंदी में पिछले ढाई वर्षों में करीब 1100 करोड़ रुपए के कार्यों का लोकार्पण एवं शिलान्यास हुआ है। यह विकास यात्रा का केवल ढाई वर्ष का लेखाजोखा है। आने वाले ढाई वर्षों में बूंदी की तस्वीर और तेजी से बदलेगी तथा जनता से किए गए संकल्पों को पूरा करने के लिए विकास कार्यों को गति दी जाएगी। यहां टाउन हॉल में आयोजित 98.11 करोड़ रुपए के नगरीय विकास सहित अन्य सुविधाओं से जुड़े कार्यों का लोकार्पण एवं शिलान्यास कार्यक्रम के दौरान लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने यह बात कही।
नवल सागर और जैत सागर का होगा विकास
बिरला ने कहा कि बूंदी नगर के विकास के लिए 300 करोड़ रुपए के प्रथम चरण की योजना तैयार की गई है और आने वाले समय में इससे भी अधिक राशि विकास पर खर्च की जाएगी। नवल सागर में पानी रोकने की योजना पर कार्य शुरू किया गया है। जैत सागर का भी विकास किया जाएगा। बूंदी में सड़क, बिजली, पेयजल, पार्किंग, बाजार, बस स्टैंड, मिनी सचिवालय सहित शहर की मूलभूत आवश्यकताओं को चरणबद्ध तरीके से पूरा किया जा रहा है। जिला अस्पताल में 9.50 करोड़ से रामाश्रय भवन का निर्माण किया जा रहा है, जहां दूर-दराज से आने वाले मरीजों के परिजनों के लिए ठहरने, शौचालय और निःशुल्क भोजन की सुविधा उपलब्ध होगी।
200 करोड़ की सड़कें स्वीकृत हुई
बिरला ने कहा कि कोटा-बूंदी में 200 करोड़ रुपए के सड़क कार्य स्वीकृत हुए हैं और 140 मिसिंग लिंक विकसित किए गए हैं। गरड़दा-नवनेरा परियोजनाओं से हर घर जल और खेतों तक सिंचाई पानी पहुंचाने का लक्ष्य है। गरड़दा की 29 किमी नहर का काम शुरू हो चुका है। केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं का लाभ प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक पहुंचे, इसके लिए सांसद जन सेवा के माध्यम से खाद्य सुरक्षा, पालनहार, पेंशन, बीमा और अन्य योजनाओं से वंचित लोगों को चिह्नित कर उन्हें लाभ दिलाया जा रहा है।
विकास के नए आयाम स्थापित होंगे- नागर
ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर ने कहा कि लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के प्रयासों से कोटा-बूंदी में विकास के नए आयाम स्थापित हो रहे हैं। बूंदी के पर्यटन विकास के लिए करीब 300 करोड़ रुपये की योजनाएं तैयार की गई हैं। बिजली व्यवस्था को मजबूत करने के लिए नए जीएसएस का निर्माण एवं विस्तार किया जा रहा है, जिससे भविष्य में बिजली की समस्या दूर होगी। उन्होंने कहा कि दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे और प्रस्तावित कोटा-बूंदी एयरपोर्ट से क्षेत्र में उद्योग, निवेश और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। उन्होंने जल उपलब्धता, उद्योग और डाटा सेंटर की संभावनाओं को भी बूंदी-कोटा के विकास के लिए महत्वपूर्ण बताया।

