India Trade Deficit: आयात बढ़ने से जून में भारत का व्यापार घाटा 5 महीने के हाई पर

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नई दिल्ली। India Trade Deficit: वाणिज्य मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार जून में आयात में तेज वृद्धि के कारण भारत का व्यापार घाटा 5 महीने के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया, जबकि इस माह के दौरान वस्तु निर्यात में वृद्धि स्वस्थ बनी रही है। सोमवार को जारी आंकड़ों के मुताबिक जून में व्यापार घाटा पिछले महीने के 28.21 अरब डॉलर से बढ़कर 30.43 अरब डॉलर हो गया।

जून 2025 में भारत का व्यापार घाटा 19.10 अरब डॉलर था। जून 2026 में भारत का वस्तु आयात सालाना आधार पर 31 प्रतिशत बढ़कर 70.84 अरब डॉलर हो गया, जबकि मजबूत इंजीनियरिंग और इलेक्ट्रॉनिक सामान निर्यात, और पश्चिम एशिया को शिपमेंट में सुधार के कारण वस्तु निर्यात लगभग 16 प्रतिशत बढ़कर 40.41 अरब डॉलर हो गया।

वाणिज्य मंत्रालय ने जून में भारत का सेवा निर्यात 3 प्रतिशत बढ़कर 33.03 अरब डॉलर रहने का अनुमान लगाया है, जबकि सेवा आयात सालाना आधार पर 13 प्रतिशत बढ़कर 17.92 अरब डॉलर रहने का अनुमान है। भारत ने जून में सेवा क्षेत्र में 15.11 अरब डॉलर का व्यापार अधिशेष दर्ज किया। भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा इस महीने के अंत में सेवा व्यापार के अंतिम आंकड़े जारी किए जाने की उम्मीद है।

वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल ने कहा कि कच्चे तेल, इलेक्ट्रॉनिक सामान और सोने जैसी वस्तुओं में मूल्य प्रभाव की वजह से वस्तु आयात में वृद्धि हुई है। भारत ने जून में 19.33 अरब डॉलर के कच्चा तेल का आयात किया, जो पिछले साल की तुलना में 40 प्रतिशत अधिक है, जबकि इलेक्ट्रॉनिक सामान का आयात 59 प्रतिशत बढ़कर 13.36 अरब डॉलर हो गया। सोने का आयात इस महीने 7 प्रतिशत बढ़कर 1.97 अरब डॉलर हो गया।

सरकार द्वारा कच्चे कपास के आयात पर शुल्क माफी की घोषणा के बाद इसका आयात जून में लगभग तीन गुना बढ़कर 1850.8 लाख डॉलर हो गया, हालांकि यह कम आधार पर था। भारत का उर्वरक आयात भी जून में 3 गुना वढ़कर 2.30 अरब डॉलर हो गया।

इंजीनियरिंग सामान का निर्यात सालाना आधार पर 21 प्रतिशत बढ़कर 11.48 अरब डॉलर हो गया, जबकि इलेक्ट्रॉनिक सामान निर्यात जून में 19 प्रतिशत बढ़कर 4.93 अरब डॉलर हो गया। पेट्रोलियम उत्पाद निर्यात भी 9 प्रतिशत बढ़कर 4.87 अरब डॉलर हो गया। अग्रवाल ने कहा कि पश्चिम एशिया को भारत से होने वाले निर्यात में सुधार हुआ है। उन्होंने कहा कि इस इलाके में शिपमेंट सालाना आधार पर 7 प्रतिशत बढ़ी है, जो जून में 5 अरब डॉलर थी।

सचिव ने कहा कि सिंगापुर, मलेशिया और अफ्रीका जैसे नए क्षेत्रों के व्यापारिक भागीदार जून में भारत के शीर्ष निर्यात केंद्रों में बने रहे। अमेरिका भारत का सबसे बड़ा निर्यात केंद्र था, भले ही जून में निर्यात पिछले साल के 8.27 अरब डॉलर से थोड़ा घटकर 8.17 अरब डॉलर हो गया।

चीन से भारत में सबसे ज्यादा माल आया है और जून में चीन से आयात 40 प्रतिशत बढ़कर 13.34 अरब डॉलर हो गया। इस महीने के दौरान चीन को निर्यात भी लगभग 32 प्रतिशत बढ़कर 1.81 अरब डॉलर हो गया।

अप्रैल में शुरू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में भारत का कुल वस्तु निर्यात सालना आधार पर 16 प्रतिशत बढ़कर 129.32 अरब डॉलर हो गया। अप्रैल-जून 2023-24 में आयात 20 प्रतिशत बढ़कर 216.18 अरब डॉलर रहा था। भारत को पहली तिमाही में 86.86 अरब डॉलर का व्यापार घाटा हुआ

इक्रा लिमिटेड की मुख्य अर्थशास्त्री अदिति नायर ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि वित्त वर्ष 2027 में चालू खाते का घाटा सकल घरेलू उत्पाद के कम से कम 1 प्रतिशत तक बढ़ जाएगा।