विद्या भारती साधकों का संगठन, राष्ट्र निर्माण इसका लक्ष्य: झा

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कोटा। विद्या भारती शिक्षा संस्थान कोटा द्वारा आयोजित नवीन आचार्य एवं आधारभूत विषय प्रशिक्षण वर्ग के बौद्धिक सत्र का आयोजन मंगलवार को स्वामी विवेकानंद विद्या निकेतन उच्च माध्यमिक विद्यालय महावीर नगर तृतीय कोटा में संपन्न हुआ।

कार्यक्रम में विद्या भारती चित्तौड़ प्रांत निरीक्षक नवीन कुमार जी झा, जिला अध्यक्ष महावीर प्रसाद गौतम उपस्थित रहे। मुख्य वक्ता नवीन कुमार झा ने अपने उद्बोधन में विद्या भारती के लक्ष्य, कार्यपद्धति एवं भारतीय शिक्षा की गौरवशाली परंपरा पर प्रकाश डालते हुए कहा कि विद्या भारती को समझने के लिए भारत की प्राचीन शिक्षा व्यवस्था और उसके ऐतिहासिक स्वरूप को जानना आवश्यक है।

उन्होंने बताया कि अंग्रेजी शासनकाल में भारतीय शिक्षा व्यवस्था को कमजोर करने के सुनियोजित प्रयास किए गए, जिसके परिणामस्वरूप शिक्षा का सामाजिक और राष्ट्र केंद्रित स्वरूप प्रभावित हुआ।

उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता के पश्चात भी शिक्षा व्यवस्था में अपेक्षित परिवर्तन नहीं हो सके, जबकि विद्या भारती भारतीय संस्कृति, राष्ट्रभाव और जीवन मूल्यों पर आधारित शिक्षा प्रदान करने का कार्य कर रही है।

उन्होंने बताया कि आज देशभर के 679 जिलों में विद्या भारती का कार्य विस्तार है तथा 22 हजार से अधिक विद्यालयों में 35 लाख से अधिक विद्यार्थी अध्ययनरत हैं। एक लाख 63 हजार से अधिक आचार्य-दीदी शिक्षा एवं संस्कारों का दायित्व निभा रहे हैं। विद्या भारती सीमांत, जनजातीय एवं पिछड़े क्षेत्रों में भी शिक्षा का प्रकाश पहुंचाने का कार्य कर रही है।

पूर्व छात्र परिषद, संस्कृति बोध परियोजना, बालिका शिक्षा, कौशल एवं तकनीकी शिक्षा सहित विभिन्न प्रकल्पों के माध्यम से राष्ट्रहित में कार्य किया जा रहा है। कार्यक्रम में अतिथियों का उपरणा ओढ़ाकर एवं श्री फल देकर स्वागत किया गया।

इस अवसर पर जिला सचिव सतीश कुमार जी गौतम सह जिला सचिव डॉक्टर महेश शर्मा एवं जिले के प्रधानाचार्य, प्रशिक्षणार्थी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ