हाईवे के ब्लैक स्पॉट्स को तुरंत दुरुस्त करने व सड़कों के निर्माण में तेजी लाने के निर्देश

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ऊर्जा मंत्री नागर ने ली एनएचएआई और पीडब्ल्यूडी अधिकारियों की उच्च स्तरीय बैठक

कोटा। राजस्थान सरकार के ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर ने रविवार को कोटा आगमन पर अपने निजी आवास पर राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण और सार्वजनिक निर्माण विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की।

बैठक के दौरान मंत्री नागर ने क्षेत्र में चल रहे विभिन्न विकास कार्यों की प्रगति रिपोर्ट जानी और आमजन को राहत पहुंचाने के लिए कार्यों की गति बढ़ाने के सख्त निर्देश दिए।

​बैठक में मुख्य रूप से कोटा-बारां हाईवे पर बढ़ते सड़क हादसों को रोकने और विभिन्न स्थानों पर बने खतरनाक ‘ब्लैक स्पॉट्स’ (एक्सीडेंटल पॉइंट्स) को लेकर विस्तृत चर्चा की गई।

ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर ने हाईवे पर सुरक्षा इंतजामों पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि ताथेड़ ऑयल फैक्ट्री, ताथेड कट, सिमलिया के दोनों तरफ हाईवे पर चढ़ने वाले पॉइंट्स और चींसा में इस समय बेहद संवेदनशील एक्सीडेंटल ब्लैक स्पॉट बन चुके हैं।

इन जगहों पर आए दिन दुर्घटनाएं होने का अंदेशा बना रहता है। उन्होंने एनएचएआई के अधिकारियों को निर्देशित किया कि इन सभी ब्लैक स्पॉट्स का तकनीकी रूप से निरीक्षण कर इन्हें जल्द से जल्द दुरुस्त किया जाए, ताकि वाहन चालकों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके और जनहानि को रोका जा सके।

​डीसीएम से बालापुरा तक बनेगा एलिवेटेड रोड
​शहर की ट्रैफिक व्यवस्था को सुधारने और भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए ऊर्जा मंत्री ने बैठक में एक बड़े प्रोजेक्ट पर भी चर्चा की। उन्होंने अधिकारियों से डीसीएम से सीधे एलिवेटेड रोड बनाकर उसे बालापुरा तक मिलाने की संभावनाओं पर विचार-विमर्श किया। मंत्री नागर ने एनएचएआई के परियोजना निदेशक को इस महत्वाकांक्षी परियोजना की ड्राइंग और विस्तृत डिजाइन (डीपीआर) जल्द से जल्द तैयार करने के निर्देश दिए। इस एलिवेटेड रोड के बनने से क्षेत्र में यातायात का दबाव बेहद कम हो जाएगा।

​इसके साथ ही, ऊर्जा मंत्री ने पीडब्ल्यूडी के कार्यों की भी गहन समीक्षा की। उन्होंने क्षेत्र में नॉन-पेचेबल सड़कों, ग्रेवल सड़कों और मिसिंग लिंक सड़कों के निर्माण कार्य की वर्तमान स्थिति और प्रगति की जानकारी ली। मंत्री नागर ने नाराजगी जताते हुए कहा कि सड़कों के निर्माण कार्य में किसी भी तरह की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

उन्होंने अधिकारियों को दो टूक शब्दों में निर्देश दिए कि सभी अटके हुए और प्रगतिरत सड़क निर्माण कार्यों की गति बढ़ाई जाए, ताकि आम जनता को आवागमन में तुरंत राहत मिल सके और गुणवत्तापूर्ण सड़कों का लाभ मिल सके।

बैठक में सार्वजनिक निर्माण विभाग के अधीक्षण अभियंता जेपी गुप्ता, अधिशासी अभियंता अंकित बिंदल, दिनेश धाकड़ सहित राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के परियोजना निदेशक संदीप अग्रवाल मौजूद रहे।