गरड़दा के पानी का इंतजार अब समाप्त होगा, अन्नदाता के खेतों में आएगी समृद्धि: बिरला

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गरड़दा परियोजना की शेष नहरों का हुआ शिलान्यास

  • 75 करोड़ से होगा 29 किमी नहरों व वितरिकाओं का निर्माण
  • 44 गांवों के खेतों तक पहुंचेगा सिंचाई का पानी

बून्दी। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने गुरुवार को बून्दी के गुढ़ानावतान में 75 करोड़ की लागत के गरड़दा मध्यम सिंचाई परियोजना की शेष नहरों एवं वितरिकाओं के निर्माण कार्य का शिलान्यास किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि यह केवल एक नहरों के निर्माण की शुरूआत नहीं बल्कि वर्षों से सिंचाई के पानी की प्रतीक्षा कर रहे किसानों की उम्मीदों को पूरा करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

परियोजना पूर्ण होने के बाद 44 गांवों के किसानों को सिंचाई का लाभ मिलेगा और उनके खेतों तक पानी पहुंच सकेगा। बिरला ने कहा कि गरड़दा बांध की निर्माण प्रक्रिया वर्ष 2003 में शुरू हुई थी और विभिन्न कारणों से लंबा समय लेने के बाद वर्ष 2022 में यह परियोजना पूरी हो सकी।

उन्होंने कहा कि मूल रूप से 134 किलोमीटर नहर का निर्माण प्रस्तावित था, लेकिन लगभग 100 किलोमीटर नहर बनने के बाद शेष 34 किलोमीटर का कार्य वर्षों तक अटका रहा। इसके कारण क्षेत्र के 44 गांवों तक पानी नहीं पहुंच सका।

अनेक बाधाओं को पार कर निकाला समाधान
लोकसभा अध्यक्ष ने कहा कि क्षेत्र के कुछ युवाओं ने उनसे मिलकर समस्या बताई थी कि बांध बनने के बावजूद गांवों तक पानी नहीं पहुंच रहा है। इसके बाद विस्तृत समीक्षा में सामने आया कि वन विभाग से जुड़े विभिन्न मुद्दों के कारण नहर निर्माण का कार्य वर्षों से लंबित था।

उन्होंने कहा कि दिल्ली में अधिकारियों और संबंधित मंत्रालय के साथ कई दौर की चर्चा के बाद ऐसा समाधान निकाला गया जिससे वन्यजीवों की सुरक्षा भी बनी रहे और नहर निर्माण का मार्ग भी प्रशस्त हो सके।

स्वीकृति मिलने में भी लंबा समय लगा, लेकिन यह संकल्प था कि क्षेत्र का कोई भी गांव सिंचाई से वंचित नहीं रहेगा। अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि कार्य निर्धारित समय से पहले पूरा करने का प्रयास किया जाए ताकि किसानों को जल्द लाभ मिल सके।

हर घर तक पहुंचेगा स्वच्छ पेयजल
बिरला ने कहा कि सिंचाई के साथ-साथ पेयजल की समस्या का समाधान होगा। 238 करोड़ की लागत से गरड़दा परियोजना और जल जीवन मिशन के माध्यम से क्षेत्र के गांवों और ढाणियों तक स्वच्छ पेयजल पहुंचाने का कार्य तेजी से चल रहा है।

वर्षों से हैंडपंप और ट्यूबवेल के पानी पर निर्भर ग्रामीणों को इससे राहत मिलेगी। क्षेत्र में रोड कनेक्टिविटी, शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार के लिए भी लगातार कार्य किए जा रहे हैं। जिन मूलभूत सुविधाओं के लिए ग्रामीणों को वर्षों तक संघर्ष करना पड़ा, उनका समाधान सुनिश्चित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि विकास केवल बड़े प्रोजेक्ट्स से नहीं, बल्कि गांवों की छोटी-छोटी समस्याओं के समाधान से भी आगे बढ़ता है।

छह माह में पात्र लोगों तक योजनाओं का लाभ
बिरला ने कहा कि जिला प्रशासन के साथ हुई बैठक में निर्णय लिया गया है कि अगले छह माह में विशेष अभियान चलाकर घर-घर संपर्क किया जाएगा। इस दौरान पात्र परिवारों के दस्तावेजों का सत्यापन कर उन्हें केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं से जोड़ा जाएगा। खाद्य सुरक्षा, आयुष्मान भारत, वृद्धावस्था पेंशन, विधवा पेंशन, पालनहार योजना, किसान सम्मान निधि सहित विभिन्न योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक पहुंचाया जाएगा।

सरकार और जनप्रतिनिधियों का दायित्व केवल विकास कार्य करवाना नहीं, बल्कि यह सुनिश्चित करना भी है कि कोई भी पात्र व्यक्ति सरकारी योजनाओं से वंचित न रहे। इस दौरान पूर्व विधायक अशोक डोगरा, भाजपा जिलाध्यक्ष रामेश्वर मीणा, भाजपा नेता भरत शर्मा, जिला उपाध्यक्ष उदयलाल गुर्जर, मंडल अध्यक्ष नेतराम गुर्जर, जिला कलक्टर हरफूल यादव सहित अन्य मौजूद रहे।