भाण्डाहेड़ा, रेलगांव और चौमा मालियान ग्राम पंचायतों का दौरा कर ग्रामीणों से किया संवाद
कोटा। क्षेत्र में जल संवर्धन, जल संरक्षण और ग्रामीण स्वच्छता व्यवस्था को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर ने सोमवार को सिमलिया क्षेत्र का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने ‘वंदे गंगा जल संरक्षण अभियान’ के तहत चल रहे विभिन्न कार्यों की प्रगति जांची और अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
मंत्री नागर ने क्षेत्र की भाण्डाहेड़ा, रेलगांव और चौमा मालियान ग्राम पंचायतों का दौरा कर स्थानीय ग्रामीणों से सीधा संवाद किया और उनकी समस्याओं के त्वरित निस्तारण के लिए मौके पर ही मौजूद प्रशासनिक अधिकारियों को पाबंद किया।
ग्रामीण स्वच्छता को लेकर ऊर्जा मंत्री ने एक दूरगामी कार्ययोजना पर काम करने की बात कही। उन्होंने निरीक्षण के दौरान स्पष्ट किया कि गांवों को साफ-सुथरा और कचरा मुक्त बनाने के लिए हर ग्राम पंचायत में क्लस्टर आधारित कचरा प्रबंधन प्रणाली लागू की जाएगी।
इस व्यवस्था के तहत ग्रामीण क्षेत्रों से निकलने वाले गीले और सूखे कचरे का वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण किया जाएगा। इसके साथ ही, जैविक कचरे का सदुपयोग करने और किसानों को लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से क्षेत्र में कंपोस्ट खाद बनाने के विशेष प्लांट स्थापित किए जा सकते हैं। मंत्री नागर ने कहा कि जल संरक्षण के साथ-साथ ग्रामीण स्वच्छता हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
भांडाहेड़ा में एक करोड़ की केबल चोरी
दौरे के दौरान भांडाहेड़ा ग्राम पंचायत में आयोजित जनसुनवाई में ग्रामीणों ने शिकायत की कि क्षेत्र में सक्रिय चोरों ने तकरीबन एक करोड़ रुपये मूल्य की केबल चोरी की बड़ी वारदात को अंजाम दिया है। जिससे स्थानीय स्तर पर काफी रोष है। इस पर कड़ा रुख अपनाते हुए ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर ने स्थानीय पुलिस अधिकारियों को मौके पर ही जमकर फटकार लगाई।
उन्होंने ग्रामीण एसपी से भी फोन पर बात कर मामले की गंभीरता से अवगत कराया और चोरी का शीघ्र खुलासा करने के निर्देश दिए। मंत्री नागर ने पुलिस को निर्देश दिए कि क्षेत्र के विभिन्न सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले जाएं और जहां भी सीसीटीवी फुटेज डिलीट किए गए हैं या छेड़छाड़ की आशंका है, उसकी गहनता से तकनीकी जांच की जाए ताकि दोषियों को जल्द से जल्द सलाखों के पीछे भेजा जा सके।
रेलगांव में राशन की दुकान बंद
इसके बाद ऊर्जा मंत्री रेलगांव पहुंचे, जहां जनसुनवाई के दौरान ग्रामीणों ने उचित मूल्य (राशन) की दुकान बंद रहने की शिकायत की। ग्रामीणों ने बताया कि दुकान बंद होने से उन्हें खाद्य सामग्री प्राप्त करने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। मामले को गंभीरता से लेते हुए मंत्री नागर ने तुरंत जिला रसद अधिकारी (डीएसओ) कुशल बिलाल से दूरभाष पर बात की और क्षेत्र के उपखंड अधिकारी (एसडीएम) से भी राशन की दुकान बंद होने के कारणों पर जवाब तलब किया।
उन्होंने सख्त लहजे में अधिकारियों से कहा कि आमजन को मिलने वाली मूलभूत सुविधाओं में किसी भी स्तर पर रुकावट नहीं आनी चाहिए। सरकारी योजनाओं का लाभ अंतिम छोर के व्यक्ति तक सुचारू रूप से पहुंचे, यह सुनिश्चित करना प्रशासन की जिम्मेदारी है। सभी गांवों में जनसुनवाई के दौरान प्राप्त अन्य शिकायतों के भी समयबद्ध निस्तारण के निर्देश संबंधित विभागों को दिए गए।

