नई दिल्ली। Haldia Terminal Launched: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज हल्दिया बल्क टर्मिनल (HBT) का शुभारंभ कर इसे राष्ट्र को समर्पित किया। 4 MMTPA की सालाना क्षमता के साथ इसे ड्राई बल्क कार्गो को संभालने के लिए डिजाइन किया गया है।
यह टर्मिनल हुगली नदी पर भारत की पहली पूरी तरह से ऑटोमेटेड बल्क सुविधा है। इसका सीधा रेल संपर्क है। यह भारत के पूर्वी समुद्री गलियारे के जरिये बल्क कार्गो की आवाजाही के लिए स्ट्रक्चरल अपग्रेड है।
APSEZ के पूर्णकालिक निदेशक और सीईओ अश्वनी गुप्ता ने कहा, ‘हल्दिया बल्क टर्मिनल एक अगली पीढ़ी की सुविधा है। यह हुगली में पूर्ण मशीनीकरण और सीधे रेल निकासी की सुविधा लाती है। इससे भारत के पूर्वी समुद्र तट पर एफिशिएंसी के लिए एक नया स्टैंडर्ड सेट होता है।’
अश्विनी गुप्ता के अनुसार, जेट्टी डंपिंग को खत्म करके उन्नत ऑटोमेटेड प्रणालियों के जरिये कार्गो के नुकसान को कम कर हम स्वच्छ, सुरक्षित और अधिक टिकाऊ संचालन सुनिश्चित कर रहे हैं।
यह टर्मिनल पश्चिम बंगाल, ओडिशा और झारखंड की इंडस्ट्रियल सप्लाई चेन को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। साथ ही आधुनिक मल्टीमॉडल बुनियादी ढांचे के जरिये लॉजिस्टिक्स कॉस्ट को घटाने के प्रधानमंत्री मोदी के नजरिये का भी समर्थन करेगा।
कोलकाता के श्यामा प्रसाद मुखर्जी बंदरगाह के हल्दिया डॉक कॉम्प्लेक्स (HDC) के भीतर स्थित इस टर्मिनल को HDC बल्क टर्मिनल लिमिटेड ने विकसित किया है। डिजाइन, बिल्ड, फाइनेंस, ऑपरेट और ट्रांसफर (DBFOT) मॉडल के जरिये 30 साल की रियायत के तहत ऐसा किया गया है। इसे इसकी निर्माण अवधि के भीतर ही पूरा करके सौंप दिया गया है। इसका काम 14 जुलाई 2023 को शुरू हुआ था। आज यह चालू होने के लिए तैयार है।
हुगली नदी के पश्चिमी तट पर रणनीतिक रूप से स्थित यह टर्मिनल आयातित कोयले और विभिन्न प्रकार की ड्राई बल्क वस्तुओं को संभालने के लिए है।
भारत के ड्राई बल्क आयात का लगभग 60% हिस्सा पूर्वी तट से आता है। इसमें कोयला, बॉक्साइट और चूना पत्थर शामिल हैं। इससे हल्दिया पश्चिम बंगाल, ओडिशा और झारखंड के स्टील, एल्यूमीनियम और बिजली उद्योगों के लिए सबसे कुशल और सीधा समुद्री प्रवेश बंदरगाह बन जाता है। इस क्षमता बढ़ोतरी से इन उद्योगों के लिए लॉजिस्टिक्स लागत और टर्नअराउंड समय में काफी कमी आएगी।
टर्मिनल की खास बातें
| खासियत | विवरण |
| लगी हुई क्षमता | 4 MMTPA |
| कार्गो का प्रकार | सूखा थोक माल (कोयला और अन्य थोक वस्तुएं) |
| ड्राफ्ट | 8.5 मीटर |
| बर्थ | 1 (बर्थ की लंबाई: 193 मीटर; सबसे दूर के मूरिंग पॉइंट: 337 मीटर) |
| मोबाइल हार्बर क्रेन | 2 |
| स्टैकर-कम-रिक्लेमर | 2 |
| रेलवे वैगन लोडिंग सिस्टम | 1 यूनिट (2,000 T क्षमता) |
| डेडिकेटेड रेल लाइन | 1.54 किमी |
| कन्वेयर सिस्टम | 2.10 किमी |
| कंसेशन पीरियड | 30 साल |

