Monday, May 11, 2026
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पेट्रोल-डीजल के मूल्य में रोजाना बदलाव शुरू

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नई दिल्‍ली। दुनिया के कई देशों की तरह भारत में भी शुक्रवार से रोजाना पेट्रोल व डीजल की कीमतों में बदलाव शुरू हो गया है। देश की तकरीबन 56 हजार पेट्रोल पंपों ने इसकी तैयारी पूरी कर ली है।अब रोजाना जो पेट्रोल व डीजल की कीमत तय होगी वह सुबह छह बजे से लेकर अगले दिन सुबह छह बजे तक लागू होगी।

अच्छी सूचना यह है कि तेल कंपनियों ने 16 जून सुबह से पेट्रोल की कीमत में 1.12 रुपये प्रति लीटर और डीजल की कीमत में 1.24 रुपये प्रति लीटर की कमी करने का एलान किया है।देश की सबसे बड़ी तेल कंपनी इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन ने ग्र्राहकों से अपील की है कि वे स्वयं रोजाना पेट्रोल व डीजल की खुदरा कीमत की सूचना लें। इसके लिए एक एप जारी किया गया है।

फ्यूल एट आइओसी नाम के इस एप में आइओसी के हर पेट्रोल पंप पर पेट्रो उत्पादों की कीमतों की जानकारी ले सकते हैं। इसके अलावा मोबाइल नंबर 9224992249 पर आरएसपी (डीलर कोड) लिखकर मैसेज भेजने पर उक्त पेट्रोल पंप पर पेट्रोल व डीजल की खुदरा कीमत की जानकारी मिल जाएगी।

साथ ही www.iocl.com पर जाकर अपने नजदीकी पेट्रोल पंप और वहां पेट्रोल व डीजल की कीमतों के बारे में जानकारी हासिल कर सकते हैं।  सरकारी तेल कंपनियों ने पहले दौर में चंडीगढ़, उदयपुर, जमशेदपुर, पुडुचेरी और विशाखापतनम में रोजाना कीमत बदलने का प्रयोग किया था। इसके आधार पर ही पूरे देश में अब इसे लागू किया जा रहा है।

 

कोटा समेत पूरे राजस्थान में किसानों का महापड़ाव शुरू, कई जगह धरने और रैलियां

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जयपुर /कोटा। लहसुन के समर्थन मूल्य घोषित करने के बाद भी किसानों का गुस्सा कम होने का नाम ही नहीं ले रहा है। भारतीय किसान संघ की ओर से राजस्थान के कोटा समेत सातों संभाग मुख्यालयों के धरना कार्यक्रमों में खासी संख्या में किसानों पहुंचे।  सभी प्रकार का लहसुन खरीदने एवं अन्य मांगों को लेकर गुरुवार से संभागीय आयुक्त कार्यालय पर महापड़ाव डाल दिया है।

 किसान यूनियन ने भी अपनी मांगों के चलते धरना गुरुवार को भी जारी रखा और अर्द्धनग्न प्रदर्शन करते हुए वित्तमंत्री अरुण जेटली का पुतला फूंका और लहसुन की होली जलाई। भामाशाहमंडी में दूसरे दिन राजफैड ने कांटे पर खरीद की, लेकिन केवल 134 कट्टे की खरीदे गए। अधिकारियों का कहना है कि किसान ही सरकारी खरीद पर लहसुन बेचने में रूचि नहीं दिखा रहे हैं।

भारतीय किसान संघ ने मानव विकास भवन से रैली निकालकर संभागीय कार्यालय पहुंचे और यहां पर महापड़ाव शुरू कर दिया। इसमें 19 तक कार्यक्रम तय कर दिए हैं। किसान नेता प्रदेश सह महामंत्री जगदीश शर्मा ने कहा कि अगर सरकार ने उनकी मांगें नहीं मानी तो वे अनिश्चितकाल के लिए महापड़ाव जारी रखेंगे।

राज्य की बहरी सरकार को जगाने के लिए कई जगह पड़ाव डालने पड़ रहे हैं। सीएम घोषणा पत्र के वादे ही भूल गई है। संयोजक शंकरलाल नागर, प्रांत अध्यक्ष मोहन लाल नागर सह संयोजक रघुनाथ सिंह ने भी महापड़ाव को संबोधित किया। शाम 4 बजे किसानों ने संभागीय आयुक्त को ज्ञापन सौंपा। महापड़ाव रात में भी जारी था। यहां रात तक काफी किसान जमे हुए थे।

लहसुन नहीं बिकने से मायूस किसान

शुक्रवार को झालावाड़ के किसान महापड़ाव में शामिल होंगे। पहले दिन अमर लाल गहलोत, हेमराज यदुवंशी, अमृत छजावा, प्रेमशंकर धाकड़, महिला प्रमुख भारती धाकड़ ने भी संबोधित किया। जिला मंत्री देवीशंकर गुर्जर ने बताया कि महापड़ाव में रोज एक जिले के किसान शामिल होंगे।

मंत्री ने फोन करके कहा-मामला क्यों बढ़ा रहे हो
किसान नेता शंकरलाल ने बताया कि मंत्री बाबूलाल वर्मा उन्हें फोन करके आंदोलन को लेकर बात की और कहा कि इतना बढ़ा क्यों कर रहे हो, इससे क्या होगा। इसके अलावा सीआईडी से भी कई फोन आए। 

किसान हितैषी होने का कर रहे दिखावा 
भाजपाकिसान नेता गिर्राज गौतम ने कांग्रेस पार्टी अन्य विपक्षी दलों पर आरोप लगाया कि जिन राजनैतिक दलों का आजादी के बाद से 70 वर्षों तक किसानों का शोषण किया, वह आज किसान हितैषी होने का दिखावा कर रहे हैं।

बेटा अपने पिता को सांत्वना देता रहा
भामाशाहमंडी में कांटे पर लहसुन बेचने आए सुल्तानपुर के किसान ओम प्रकाश का लहसुन कैंसिल कर दिया गया तो वह रुआंसे होकर ढेर पर बैठ गए। ऐसे में बेटा अपने पिता को सांत्वना देता रहा। किसान ने बताया कि उन्होंने 20 बीघा में फसल की थी, लागत भी नहीं निकल पाया। अब लहसुन की फसल नहीं करेंगे।

जब ऐप लगाएगी टीचर की अटेंडेंस, पूरे देश में लागू होगी योजना

  • शिक्षकों, छात्रों के प्रदर्शन की निगरानी के लिए केंद्र की महत्त्वाकांक्षी योजना
  • कागजी दस्तावेजों के बगैर ही चलाए जाएंगे सरकारी और सहायता प्राप्त स्कूल
  • छत्तीसगढ़ में प्रायोगिक परियोजना के उत्साहजनक परिणाम
  • राज्य सरकार करीब 40,000  टैबलेट  खरीदने की प्रक्रिया में
  • बाद में पूरे देश में लागू होगी योजना

नई दिल्ली। सरकारी स्कूलों के कुछ शिक्षक अगर अभी तक स्कूल नहीं आने और फर्जी हाजिरी लगाने के आदी थे तो उन्हें अब सुधरना पड़ेगा। सरकार उनका और स्कूली बच्चों का प्रदर्शन सुधारने के लिए लंबी-चौड़ी योजना बना रही है, जिसमें हाजिरी के रजिस्टर पर दस्तखत करने की जरूरत ही नहीं पड़ेगी।

सरकारी स्कूलों में कागज का इस्तेमाल कम से कम करने की इस योजना के तहत अगले साल से शिक्षकों को अपनी उपस्थिति, छात्रों के प्रदर्शन और मध्याह्न भोजन की जानकारी रोज टैबलेट या स्मार्टफोन पर देनी होगी। इसमें देश भर के सरकारी स्कूलों को एकीकृत डिजिटल प्रणाली से जोड़ा जाएगा।

सरकार 87 लाख शिक्षकों, 25 करोड़ छात्रों और 15 लाख सरकारी और सरकार से मदद पाने वाले स्कूलों के प्रदर्शन की इलेक्ट्रॉनिक निगरानी करना चाहती है। मानव संसाधन विकास मंत्रालय जल्द ही भाजपा के शासन वाले तीन राज्यों छत्तीसगढ़, झारखंड और राजस्थान में इसकी शुरुआत करेगा।

इसमें राज्य सरकारों से भी सक्रिय सहयोग लिया जाएगा। भाजपा के सहयोगी दल तेलुगुदेशम पार्टी के शासन वाले आंध्र प्रदेश में भी इसी साल से यह योजना शुरू होगी। एक अधिकारी ने बताया कि सरकारी और सरकार से सहायता प्राप्त हरेक स्कूल को जीएसएम प्रणाली वाला टैबलेट या स्मार्टफोन दिया जाएगा। उसमें एक ऐप होगा।

शिक्षक बायोमीट्रिक जानकारी और आधार के जरिये उस पर अपनी हाजिरी उसी तरह लगाएंगे, जैसे दिल्ली में केंद्र सरकार के कर्मचारी करते हैं। ग्रामीण इलाके में इंटरनेट कनेक्टिविटी की समस्या को देखते हुए इस जानकारी को ऑफलाइन इकट्ठा किया जाएगा और राज्य के सर्वर पर अपलोड कर दिया जाएगा। सरकार को लगता है कि इससे स्कूलों में शिक्षकों की अनुपस्थिति की समस्या से निपटने में मदद मिलेगी।

शिक्षकों को छात्रों को पढ़ाने के अलावा कारगर विद्यालय प्रबंधन के लिए 14 तरह की जानकारी भी उपलब्ध करानी होगी। इनमें से 6 तरह की जानकारी विशेष रूप से छात्रों से जुड़ी होगी। छात्रों के दाखिले, प्रगति, उपस्थिति, व्यापक मूल्यांकन, प्रोत्साहन और पूरक शिक्षण प्रबंधन आदि की जानकारी एकीकृत डिजिटल प्रणाली को देनी होगी।

इसी तरह प्रणाली शिक्षकों की जानकारी, उपस्थिति, अवकाश और वेतन आदि की जानकारी इकट्ठी करेगी। इसके अलावा मध्याह्न भोजन योजना, सुविधाओं और जीआईएस मॉड्यूल की जानकारी भी प्रणाली को देनी होगी। इस समय स्कूलों से संबंधित सभी जानकारियां रजिस्टर में दर्ज की जाती हैं और फिर इसे सत्यापन के लिए राज्य सरकार के पास भेजा जाता है।

सरकार का कहना है कि इस योजना का मकसद स्कूलों की स्थिति सुधारना और कागजी दस्तावेजों की पुरानी व्यवस्था से निजात पाना है। सरकार छत्तीसगढ़ के बलरामपुर में शुरू की गई प्रायोगिक परियोजना से उत्साहित है और उसका कहना है कि एकीकृत डिजिटल प्रणाली से जानकारी इकट्ठी करने में लगने वाला समय और खर्च बचेगा।

पेट्रोल 1.2 और डीजल 1.24 रुपये प्रति लीटर सस्ता

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नई दिल्ली। सरकारी तेल कंपनियों ने पेट्रोल की कीमत 1.2 रुपये प्रति लीटर और डीजल की कीमत 1.24 रुपये प्रति लीटर कम करने की घोषणा की है। नई दरें 16 जून को लागू होंगी। ज्ञातव्य है कि सरकार 16 जून से पेट्रोल और डीजल की कीमतों में मार्केट के अनुसार हर रोज बदलाव का फैसला लागू करने जा रही है।

पूरे देश में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में रोज सुबह 6 बजे बदलाव होगा। बता दें कि अभी तक कीमतों में बदलाव हर 2 हफ्ते बाद आधी रात को हो रहा था। शुक्रवार से हर रोज बदलने वाली कीमतों की जानकारी सभी पेट्रोल पंपो पर मिलेगी। इसके अलावा ग्राहक एसएमएस और इंडियन ऑइल कोर्पोरेशन लिमिटेड (आईओसीएल) की मोबाइल ऐप के जरिए भी यह जानकारी पा सकेंगे।

ऐसे पता करें नई रेट

ऐप के जरिए जानकारी प्राप्त करने के लिए ग्राहकों को आईओसीएल की ऐप में ‘लोकेट अस’ टैब दबाना होगा। इसके बाद उन्हें मैप में आसपास स्थित पेट्रोल पंप दिखेंगे। ग्राहक पंप पर क्लिक कर नई कीमतों के बारे में जान सकेंगे। इसके अलावा ग्राहक अपने शहर में लागू कीमतों के बारे में एसएमएस के जरिए भी जान सकेंगे। इसके लिए उन्हें RSP लिखकर एक स्पेस के बाद डीलर कोड लिखना होगा और इस संदेश को 9224992249 पर भेजना होगा। बता दें कि सभी पेट्रोल पंपो पर उनका डीलर कोड प्रदर्शित किया जाएगा।

देश के 745 अखबारों ने लागू नहीं की मजीठिया वेज बोर्ड की सिफारिश

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सबसे ज्यादा पंजाब और झारखण्ड में ठुकराया  सुप्रीम कोर्ट का आदेश ,मध्य प्रदेश के एक भी अख़बारों में लागू नहीं वेज बोर्ड

  • शशिकांत सिंह
  • पत्रकार और आर टी आई एक्सपर्ट

मुंबई। जस्टिस मजीठिया वेज बोर्ड मामले में देश की सबसे बड़ी अदालत माननीय सुप्रीमकोर्ट के आदेश को देश भर के 745 अखबार मालिकों ने खुले आम हवा में उड़ा दिया और दम्भ के साथ सुप्रीमकोर्ट की ओर मुंह करके अट्टाहास कर रहे हैं।और ये जता रहे हैं देखलो सुप्रीमकोर्ट तुम नहीं हम सबसे बड़े हैं।

सुप्रीमकोर्ट के आदेश की अवमानना करने के मामले में नंबर वन पर है पंजाब ।यहाँ 531 अखबारों में सिर्फ 4 अखबारों ने जस्टिस मजीठिया वेज बोर्ड की सिफारिश पूरी तरह लागू किया, जबकि 93 अखबारों ने इस वेज बोर्ड की सिफारिश लागू नहीं किया।  यहाँ 434 ऐसे अखबार हैं जो एक आदमी द्वारा संचालित हैं। ये विस्फोटक जानकारी भारत सरकार के श्रम एवं रोजगार मंत्रालय नयी दिल्ली के सूत्रों ने उपलब्ध कराई है।

मजीठिया वेज बोर्ड की सिफारिश लागू न करने के मामले में दूसरे नंबर पर है झारखंड ।यहाँ 154 अखबारों में सिर्फ 2 अखबार संस्थानों ने मजीठिया वेज बोर्ड की सिफारिश लागू किया, जबकि 91 ऐसे अखबार हैं जिन्होंने इस सिफारिश को नहीं लागू किया।यहाँ 61 ऐसे अखबारों को मजीठिया के दायरे से बाहर रखा गया है, जो एक आदमी द्वारा संचालित होता है।

सुप्रीमकोर्ट के आदेश की अवमानना के मामले में मध्य प्रदेश तीसरे नम्बर पर है।यहाँ 140 अखबारों का प्रकाशन होता है । यहाँ एक भी अखबारों ने वेज बोर्ड की सिफारिश लागू नहीं किया। जिसमे सिर्फ 3 अखबारों ने वेज बोर्ड की सिफारिश लागू किया वो भी सिर्फ आंशिक रूप से जबकि 72 अखबारों ने इस सिफारिश को नहीं लागू किया । यहाँ 65 अखबार एक आदमी द्वारा संचालित है।

सुप्रीमकोर्ट के आदेश की अवमानना करने के मामले में महाराष्ट्र चौथे नंबर पर है ।यहाँ सबसे ज्यादा 2762 अखबार प्रकाशित होते हैं जिनमे 43 अखबार मालिकों ने मजीठिया वेज बोर्ड की सिफारिश पूरी तरह लागू कर दिया । इन 43 अखबार मालिकों ने भी फर्जीवाड़ा किया है।जबकि यहाँ 21 अखबार ऐसे हैं जिन्होंने मजीठिया वेज बोर्ड की सिफारिश आंशिक रूप से लागू किया है , जबकि 65 अखबार मालिकों ने वेज बोर्ड की सिफारिश नहीं लागू किया ।

महाराष्ट्र में 2633 अखबार एक आदमी द्वारा संचालित है। इस सूची में पांचवे नंबर पर आता है उड़ीसा यहाँ 179 अख़बारों का प्रकाशन होता है जिसमे सिर्फ 14 अखबारों ने मजीठिया वेज बोर्ड की सिफारिश लागू किया जबकि 62 अखबारों ने इसे पूरी तरह ठुकरा दिया।इस सूची पर नजर डाले तो आंध्र प्रदेश ऐसा एकमात्र स्थान है जहाँ सभी 27अखबारों ने वेज बोर्ड की सिफारिश लागू कर दिया है ।

देश की राजधानी दिल्ली से 81 अखबार निकलते हैं जिसमे 10 अखबारों ने वेज बोर्ड की सिफारिश पूरी तरह,15 ने आंशिक रूप से वेज बोर्ड की सिफारिश लागू किया जबकि 29 अखबार मालिकों ने इस वेज बोर्ड की सिफारिश नहीं माना। बिहार से 44 अखबार निकलते हैं।यहाँ 12 अखबारों ने वेज बोर्ड की सिफारिश लागू कर दिया, जबकि 32 अख़बारों ने इस वेज बोर्ड को नहीं माना।

उत्तर प्रदेश से 70 अखबारों का प्रकाशन होता है यहाँ 24 अखबारों ने वेज बोर्ड की सिफारिश पूरी तरह लागू कर दिया, जबकि 4 ने आंशिक रूप से लागू किया।यहाँ 39 अखबारों ने वेज बोर्ड की सिफारिश नहीं माना ।उत्तराखंड में सिर्फ एक अखबार ने वेज बोर्ड की सिफारिश लागू नहीं किया है।

राजस्थान से सबसे ज्यादा चौकाने वाला आंकड़ा आया है ।यहाँ 893 अखबारों में से सिर्फ 4 अख़बारों ने वेज बोर्ड की सिफारिश लागू नहीं की है, जबकि 28 अखबारों ने वेज बोर्ड की सिफारिश लागू कर दी है। गुजरात में 60 अख़बारों ने वेज बोर्ड की सिफारिश लागू नहीं किया है।

 

 

अमेरिकी फेडरल बैंक ने ब्‍याज दरें बढ़ाई, 25 बीपीएस का इजाफा

वाशिंगटन। अमेरिकी फेडरल बैंक ने बुधवार को ब्‍याज दरों में 25 बीपीएस की वृद्धि करते हुए कमजोर महंगाई की बढ़ती चिंता के बावजूद मौद्रिक नीतियों को मजबूत बनाने के लिए अतिरिक्‍त योजनाएं तय की।नीति निर्धारकों ने बीते छह महीने की अवधि में तीसरी बार अपनी दरों के मापदंड को आगे ले जाते हुए 1 प्रतिशत से 1.25 प्रतिशत की दर वृद्धि तय की।

इसके साथ ही वर्ष 2017 में एक और दर वृद्धि दर्ज की गई।निर्धारकों ने इस बात का विस्‍तृत ब्‍योरा भी प्रस्‍तुत किया कि किस तरह उन्‍होंने मौजूदा वर्ष में अपनी 4.5 ट्रिलियन यूएस डॉलर की बैलेंस शीट को कम करने की योजना बनाई है।फेडरल ओपन मार्केट कमेटी ने बुधवार को एक बयान में कहा कि, “फिलहाल कमेटी का सारा ध्‍यान उस बैलेंस शीट मानकीकरण कार्यक्रम के अमल पर है, बशर्ते अर्थव्‍यवस्‍था उम्‍मीद के अनुसार बढ़ती जाए।”

बैंक ने इससे पहले दिसंबर 2015 में रेट बढ़ाए थे, जो कि एक दशक के बाद की गई वृद्धि थी। बुधवार को एक चौथाई प्रतिशत बढ़ाई गई ब्‍याज दरें इसी साल मार्च में की गई ब्‍याज दर बढ़ोतरी के बाद दूसरी वृद्धि थी। उसके बाद से ही अमेरिका में बेरोजगारी की दर में 4.3 प्रतिशत की कमी आई और वित्‍तीय विकास एक धीमी तिमाही के बाद फिर से गति पकड़ता नज़र आ रहा है।बुधवार की सुबह आधिकारिक आंकड़े दिखाए गए जिसके अनुसार अमेरिकी कंज्‍यूमर दरें अप्रत्‍याशित रूप से गिर गईं और फुटकर विक्रय में भी बीते 6 माह में सबसे बड़ी गिरावट आई।

एम्स : एमबीबीएस एंट्रेंस टेस्ट का रिजल्ट घोषित

नई दिल्ली। ऑल इंडिया इंस्टिट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस (एम्स) ने आज अपने एमबीबीएस ऑनलाइन एंट्रेंस टेस्ट का रिजल्ट जारी कर दिया है। रिजल्ट रात को 2.15 बजे जारी किया गया है। यह एम्स की ऑफिशल वेबसाइट के अलावा इसकी अन्य छह वेबसाइटों पर उपलब्ध है।

एमबीबीएस कोर्स के लिए 28 मई को देशभर में प्रवेश परीक्षा का आयोजन किया गया था। करीब 2.8 लाख छात्रों ने परीक्षा दी थी। 31 मई को आनंद राय ने चौंकाने वाले आरोप लगाए। उन्होंने आरोप लगाया कि इस साल के एमबीबीएस एंट्रेंस एग्जाम के प्रश्नपत्र को लीक कर दिया गया था। आनंद राय ने ही मध्य प्रदेश में व्यापम स्कैम का पर्दाफाश किया था।

राय ने कई ट्वीट्स करके प्रवेश परीक्षा के प्रश्नपत्रों की तस्वीरें पोस्ट कीं। उन्होंने दावा किया कि उनको प्रश्नपत्र का स्क्रीनशॉट एक सूत्र से मिला है, जिसने बताया कि यह लखनऊ के एक कॉलेज से उस समय लीक किया गया जब ऑनलाइन टेस्ट चल रहा था। राय ने अपने ट्वीट में प्रधानमंत्री कार्यालय को भी टैग किया था और इस मामले की सीबीआई जांच कराने की मांग की थी। आरोप लगने के बाद एम्स ने मामले की जांच के लिए एक कमिटी का गठन किया।

एम्स एमबीबीएस का रिजल्ट देखने के लिए यहाँ क्लिक करें

कमेटी की रिपोर्ट

एम्स कमेटी ने अपनी रिपोर्ट में उल्लेख किया कि क्वेस्चन पेपर लीक नहीं हुआ है। हालांकि कमिटी ने उत्तर प्रदेश में एक परीक्षा केंद्र पर कुछ अधिकारियों की मिलीभगत से छात्रों द्वारा नकल की बात को स्वीकारा। कमिटी ने मामले की सीबीआई जांच कराने का सुझाव भी दिया।

आधी रात को नहीं, सुबह 6 बजे बदलेंगे पेट्रोल व डीजल के दाम

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नई दिल्ली। एक दिन बाद यानी 16 जून, 2017 से पेट्रोल व डीजल की कीमतों में रोजाना होने वाले बदलाव को लेकर नियमों को थोड़ा बदल दिया गया है।अब आधी रात के बजाय रोजाना सुबह छह बजे इसकी कीमतों में बदलाव होगा। बुधवार को देर शाम पेट्रोलियम व प्राकृतिक गैस मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के साथ पेट्रोल पंप डीलरों की बैठक में इस बात पर सहमति बन गई।इसके साथ ही पेट्रोल पंप डीलरों के संघ ने 16 जून से प्रस्तावित हड़ताल भी टाल दी है।

डीलरों के साथ बैठक के बाद प्रधान ने संवाददाताओं को बताया कि पेट्रोल पंप चलाने वाले लोगों के सभी मुद्दों को ध्यान से सुनने के बाद उनकी कुछ मुश्किलों को सही पाया गया है।मसलन, डीलरों को रोजाना रात में कीमत बदलने के लिए कर्मचारियों को रखना पड़ता। इस वजह से यह फैसला किया गया है कि अब रात्रि के 12 बजे के स्थान पर सुबह छह बजे पेट्रोल व डीजल की कीमतें बदली जाएंगी।

सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में होने वाली थोड़ी-बहुत कमी होती है तो उसका फायदा भी ग्र्राहकों को मिले।इसके साथ ही तेल कंपनियों को कहा गया है कि वे सभी पेट्रोल पंपों को स्वचालित बनाने का काम भी तेजी से शुरू करें। तेल कंपनियों को पेट्रोल व डीजल के उत्पादन से लेकर उसे ग्र्राहकों को बेचने की पूरी प्रक्रिया को स्वचालित करने को कहा गया है।

देश की सबसे बड़ी तेल कंपनी इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन ने पूरी प्रक्रिया को निर्बाध तरीके से लागू करने के लिए चौबीस घंटे का कंट्रोल रूम बनाने का एलान किया है। कंपनी पूरे देश में कुल 87 कंट्रोल रूम बनाएगी।कंपनी यह सुनिश्चित कर रही है कि पेट्रोल पंपों को किसी तरह की इंवेंट्री की हानि न हो।इसके लिए 24 घंटे के भीतर डिपो से 25 हजार डीलरों तक पेट्रोल व डीजल पहुंचाने की तैयारी पूरी कर ली गई है। 

सेनेटरी नैपकिन जीएसटी फ्री करने के लिए महिलाओं ने भेजे पोस्ट कार्ड

कोटा| महिलाओं के स्वास्थ्य से संबंधित सेनेटरी नैपकिन पर 12 प्रतिशत कर लगाए जाने के विरोध में बुधवार को सोसाइटी हैज ईव इंटरनेशनल ट्रस्ट एवं वुमन वेलफेयर आर्गेनाइजेशन ऑफ वर्ल्ड की ओर से जीएसटी फ्री करने के लिए कार्ड लेखन अभियान शुरू किया गया।यह पोस्टकार्ड महिलाएं केंद्र सरकार को भेज रही हैं। 

ट्रस्टी निधि प्रजापति ने बताया की इस अभियान में अब तक 1300 पोस्ट कार्ड लिखे जा चुके हैं। महिलाओं ने सेनेटरी नैपकिंस पर टैक्स हटाने के साथ साथ शराब पर भारी टैक्स लगाने की अपील की है। उन्होंने बताया कि गुरुवार को वित्त मंत्री और केंद्रीय मंत्री महिला बाल विकास मंत्री के नाम पर कलेक्टर और एडीएम सिटी को ज्ञापन दिया जाएगा।