Tuesday, July 14, 2026
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आवक की कमी से ग्वार 200 रुपये क्विंटल तेज

कोटा। भामाशाह अनाज मंडी में बुधवार को लहसुन की आवक 3000 हजार कट्टे की रही । माल की कुल आवक 50000 हजार बोरी की रही । कमजोर उठाव से धान सुगन्धा 100 रुपये, धनिया 150 रुपये, चना 100 रुपये, उड़द 100 रुपये प्रति क्विंटल मन्दा बिका।  आवक की कमी से ग्वार 200  रुपये प्रति क्विंटल तेज रहा।

गेहूं मिल 1500से 1560 लोकवान 1600 से 1650 पीडी 1600 से 1650 टुकडी 1600से 1655 रुपये प्रति क्विंटल। धान सुगंधा 2100 से 2525 पूसा-1 2500 से 2700 पूसा- 4 (1121) 2500 से 3150 धान (1509) 2000 से 2801 रुपये प्रति क्विंटल।

सोयाबीन 2400 से 3025 सरसो 3200 से 3600 तिल्ली 7000 से 8400  रुपये प्रति क्विंटल। मैथी 2000 से 3160 धनिया बादामी 4400 से4600 ईगल 4700 से 4950 रंगदार 5000 से 5500 रुपये प्रति क्विंटल।

मूंग 3300 से 4400 उडद 2400 से 3700 चना 3400 से 3850 चना काबुली 7000 से 10500 रुपये प्रति क्विंटल। चना पेपसी 3600 से 4000 चना मौसमी 360 से 4000 मसूर 3000 से 3600 रुपये प्रति क्विंटल।

ग्वार 2500से 3650 मक्का नई 1000 से 1250 जौ 1100 से 1200 ज्वार 1300 से 2400 रुपये प्रति क्विंटल।। लहसुन 800 से 3200 रुपये प्रति क्विंटल।

रीट्स और इनविट्स अब ज्यादा अट्रैक्टिव होंगे, सेबी ने बदले नियम

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नई दिल्ली। स्टॉक मार्केट रेग्युलेटर सेबी ने रीट्स और इनविट्स को इन्वेस्टर्स के लिए ज्यादा आकर्षक बनाने की दिशा में कदम बढ़ा दिए हैं। सेबी ने बुधवार को नए नॉर्म्स नोटिफाई कर दिए, जिससे लचीले नियमों के माध्यम से इन ट्रस्ट्स के लिए डेट सिक्युरिटीज जारी करके फंड जुटाना आसान हो जाएगा।
 
लिस्टेड रीट्स और इनविट्स को होगा फायदा
इससे उन रियल एस्टेट इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट्स (रीट्स) और इन्फ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट्स (इनविट्स) को फायदा होगा, जो स्टॉक एक्सचेंजेस में लिस्टेड हैं। सेबी द्वारा अपनी वेबसाइट पर पोस्ट किए गए नोटिफिकेशन के मुताबिक, सेबी ने ऐसे ट्रस्ट्स की ग्रोथ को आसान बनाने के लिए रीट्स और इनविट्स के रेग्युलेशंस में भी संशोधन किया है।

डेट सिक्युरिटीज जारी कर सकेंगे रीट्स-इनविट्स
रेग्युलेटर के मुताबिक रीट्स और इनविट्स, ‘जिनकी यूनिट्स एक मान्यता प्राप्त स्टॉक एक्सचेंज पर लिस्ट हैं, वे बोर्ड द्वारा उल्लिखित प्रक्रिया के तहत डेट सिक्युरिटीज जारी कर सकते हैं और उन डेट सिक्युरिटीज को मान्यता प्राप्त स्टॉक एक्सचेंज में लिस्ट कराया जाएगा।’

बदली वैल्युअर की परिभाषा
सेबी ने कहा कि डेट सिक्युरिटीज का मतलब नॉन कन्वर्टिबल डेट सिक्युरिटीज होता है, जिसे ऋणग्रस्तता की स्थिति माना जाता है या पैदा होती है और इसमें डिबेंचर्स, बॉन्ड्स और इनविस्ट्स व रीट की तरह सेबी के पास रजिस्टर्ड कॉर्पोरेट या ट्रस्ट की सिक्युरिटीज शामिल होती हैं।

हालांकि इसमें सरकार द्वारा जारी बॉन्ड्स, सिक्युरिटी रिसीट्स और सिक्युरिटाइज्ड डेट इंस्ट्रुमेंट्स शामिल होते हैं। सेबी ने रीट्स और इनविट्स दोनों के लिए वैल्युअर की परिभाषा में भी संशोधन किया है।
 
पब्लिक इश्यूज में भाग ले सकेंगे ये ट्रस्ट
रीट्स के मामले में सेबी ने रजिस्टर्ड एनबीएफसी, शिड्यूल्ड कमर्शियल बैंक और इंटरनेशन मल्टीलेटरल फाइनेंशियल इंस्टीट्यूशंस जैसे स्ट्रैटेजिक इन्वेस्टर्स को ऐसे ट्रस्ट्स के पब्लिक इश्यूज में भाग लेने की अनुमति दे दी है। ऐसे इन्वेस्टर्स को इनविट्स में भाग लेने के लिए पहले से अनुमति है।

अब रीट को इसके तहत एक मात्र एसेट की जरूरत होगी, जिसके लिए अभी तक दो प्रोजेक्ट्स की शर्त थी। ऐसा इनविट्स के समान है। सेबी ने रीट्स को उल्लिखित होल्डिंग कंपनी को कर्ज देने की अनुमति भी दे दी है।

तीन हफ्तों की ऊंचाई पर सोना, जानिए क्या रहे दाम

नई दिल्ली, कोटा । सोने ने एक बार फिर से 30,000 के स्तर को पार कर लिया है। बुधवार के कारोबार में दिल्ली सर्राफा बाजार में सोना 100 रुपए की तेजी के साथ 30,075 रुपए प्रति 10 ग्राम पर आ गया है। यह सोने का बीते तीन हफ्तों का उच्चतम स्तर है।

सोने में आए इस उछाल की प्रमुख वजह मजबूत वैश्विक संकेत और स्थानीय जौहरियों की ओर से हो रही लगातार खरीदारी को बताया गया है। वहीं चांदी की कीमतों में भी तेज उछाल देखने को मिला है।

आज दिन के कारोबार में चांदी 380 रुपए के उछाल के साथ 39.250 रुपए प्रतिकिलोग्राम के स्तर पर आ गई है। इसकी प्रमुख वजह औद्योगिक इकाइयों और सिक्का निर्माताओं की ओर से तेज उठान रही है।

वहीं बुलियन ट्रेडर्स का मानना है कि मजबूत वैश्विक संकेतों को चलते निवेशकों का सेंटिमेंट मजबूत बना हुआ है, जिसकी वजह से यह तीन हफ्तों के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया है। इसे कमजोर होते डॉलर से भी समर्थन मिला है।

वैश्विक स्तर पर सिंगापुर में सोना 0.14 फीसद के उछाल के साथ 1,284.80 डॉलर प्रति औंस और चांदी 0.27 फीसद के उछाल के साथ 16.57 डॉलर प्रति औंस के स्तर पर आ गई है। इसके अलावा, बाजार में घरेलू ज्वैलर्स की ओर से लगातार खरीदारी के कारण भी कीमतों में समर्थन मिला है।

दिल्ली में 99.9 फीसद और 99.5 फीसद शुद्धता वाला सोना 100 फीसद उछलकर 30,075 रुपए और 29,925 रुपए के स्तर पर पहुंच गया है। वहीं गिन्नी भी 100 रुपए के उछाल के साथ 24,700 आठ ग्राम प्रति पीस रहे हैं।

कोटा सर्राफा
चांदी 39000 रुपये प्रति किलोग्राम। 
सोना केटबरी 30050 रुपये प्रति दस ग्राम, सोना 35050 रुपये प्रति तोला। 
सोना शुद्ध 30200 रुपये प्रति दस ग्राम, सोना 35220 रुपये प्रति तोला। 

सेंसेक्स 98.80 अंक और निफ्टी 40.75 अंक फिसला

नई दिल्ली। बुधवार को बंबई स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) के सेंसेक्स में 98.80 अंक की गिरावट आई और यह 0.29 प्रतिशत गिरकर 33,911.81 पर बंद हुआ। दूसरी ओर, नैशनल स्‍टॉक एक्‍सचेंज (एनएसई) के सूचकांक में भी आज के कारोबार में गिरावट आई और यह 40.75 अंक या 0.39 प्रतिशत गिरकर 10,490.75 पर बंद हुआ।

मंगलवार को बंबई स्टॉक एक्सचेंज के सेंसेक्स में 70.31 अंक की बढ़ोतरी हुई और यह 0.21 प्रतिशत बढ़कर 34,010.61 के स्तर पर बंद हुआ। वहीं, नैशनल स्‍टॉक एक्‍सचेंज में भी इसी तरह का रुख रहा और यह 38.50 अंक या 0.37 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ 10,531.50 के सर्वोच्च स्‍तर पर बंद हुआ।

अप्रैल में रिजर्व बैंक के नीतिगत दरों में 0.25% की कटौती की संभावना

नयी दिल्ली। भारतीय रिजर्व बैंक अप्रैल में नीतिगत दरों में 0.25 प्रतिशत की कटौती कर सकता है। इससे कर्ज की दरों को कम करने का संकेत मिलेगा। एक रिपोर्ट में यह अनुमान लगाया गया है। इसमें कहा गया है कि अर्थव्यवस्था को रफ्तार देने के लिए कर्ज पर ब्याज दरों में कमी जरूरी है।

बैंक आफ अमेरिका मेरिल लिंच (बोफाएमल) की रिपोर्ट में कहा गया है कि मुद्रास्फीति का जोखिम अब अपने चरम को छू चुका है। उपभोक्ता मूल्य सूचकांक आधारित मुद्रास्फीति दिसंबर, 2017 में 5.2 प्रतिशत पर रहेगी, लेकिन 2018 की पहली छमाही में यह नरम पड़कर 4.5 प्रतिशत पर आ जाएगी।

इसके अलावा आस्ट्रेलिया के मौसम ब्यूरो ने ला नीना की भविष्यवाणी की है, जिससे अगले साल दक्षिण पश्चिम मानसून मजबूत होगा। इससे मुद्रास्फीतिक दबाव पर अंकुश लगेगा। बोफाएमल के शोध नोट में कहा गया है कि रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) अप्रैल में नीतिगत दरों में चौथाई प्रतिशत की कटौती करेगी।

रिपोर्ट में इस बात पर हैरानी जताई गई कि एमपीसी ने छह दिसंबर को यथास्थिति कायम रखी। यदि उस समय नीतिगत दरों में कटौती होती तो व्यस्त औद्योगिक सीजन से पहले कर्ज की दरें कम हो सकती थीं। केंद्रीय बैंक ने चालू वित्त वर्ष की पांचवीं द्विमासिक समीक्षा में रेपो दर को छह प्रतिशत तथा रिवर्स रेपो दर को 5.75 प्रतिशत पर कायम रखा था।

BSNL ने लॉन्च किया 499 रुपये में Detel D1 फीचर फोन

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नई दिल्ली। रिलायंस जियो और एयरटेल के सस्ते फोन को टक्कर देने के लिए अब BSNL ने भी महज 499 रुपये में Detel D1 फीचर फोन लॉन्च किया है। भारत संचार निगम लिमिटेड (BSNL) ने दिल्ली की मोबाइल निर्माता कंपनी डीटल के साथ साझेदारी कर इसे पेश किया है।

क्या हैं ऑफर्स
कंपनी का दावा है कि Detel D1 सबसे सस्ता फीचर फोन है। इस फोन पर किए जाने वाले पहले रिचार्ज की वैधता 365 दिनों की है। इस समझौते के तहत यूजर्स को 103 रुपये का टॉक टाइम भी मिलेगा। इसमें BSNL से BSNL पर कॉल की दर 15 पैसे प्रति मिनट जबकि अन्य किसी नेटवर्क पर कॉल की दर 40 पैसा प्रति मिनट है।

क्या हैं Detel D1 के फीचर्स
इस फीचर फोन में 1.44-इंच की मोनोक्रोम डिस्प्ले दी गई है। फिजिकल कीपैड के साथ इस सिंगल सिम फोन में 650mAh की बैटरी लगी है। इसके अलावा इसमें टॉर्च लाइट, फोनबुक और एफएम रेडियो जैसे फीचर्स भी दिए गए हैं।

बीएसएनएल के एक प्रवक्ता ने लॉन्च के मौके पर कहा, ‘हम अपने ग्राहकों को सस्ती और कुशल सेवाएं देने के लिए प्रतिबद्ध हैं। हमारा लक्ष्य पूरे देश में अपनी पहुंच को और मजबूत करना है। इसलिए इस साझेदारी के साथ हम मोबाइल फोन खरीदने की चाह रखने वाले लोगों की जरूरत को पूरा करना चाहते हैं।’

बता दें कि हाल ही में बीएसएनएल ने माइक्रोमैक्स के साथ साझेदारी कर ‘भारत 1’ 4G फीचर फोन भी लॉन्च किया था। इस फोन की कीमत 2,200 रुपये है। यह फोन 22 भारतीय भाषाओं को सपॉर्ट करता है।

भारत 1 में एक 2.4 इंच का QVGA डिस्प्ले है। इसमें क्वालकॉम स्नैपड्रैगन 205 प्रोसेसर है, 512MB रैम है और 4GB का इंटरनल स्टोरेज है। इसमें 2000mAh बैटरी दी गई है। इस 4G VoLTE फोन में 2MP प्राइमरी और VGA सेल्फी कैमरा है।

चार दिन बाद शुरू हुई संसद, कुलभूषण जाधव के मुद्दे पर लोकसभा में हंगामा

नई दिल्ली । छुट्टी के बाद आज फिर से संसद का कामकाज शुरू हो गया है। सत्र शुरू होते ही राज्यसभा और लोकसभा में जमकर हंगामा हुआ। जहां राज्यसभा में केंद्रीय मंत्री अनंत कुमार हेगड़े की संविधान पर की गई टिप्पणी को लेकर हंगामा हुआ तो लोकसभा में पाकिस्तान में कुलभूषण जाधव के मुद़दे पर विपक्ष ने सरकार को घेरा।

 शुक्रवार को संसद हंगामे के बाद 26 दिसंबर तक के लिए स्थगित कर दी गई थी। संसद में पहले ही विपक्ष मांग कर रहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह पर की गई टिप्पणी के लिए माफी मांगे। इस मांग पर संसद का कामकाज पहले ही ठप पड़ा हुआ है।

जाधव के अपमान को लेकर हल्ला 
सुबह 11 बजे लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन ने जैसे ही प्रश्नकाल आरंभ कराया, वैसे ही शिवसेना के कुछ सदस्यों ने ‘पाकिस्तान मुर्दाबाद के नारे लगाये जिनका साथ भाजपा के कुछ सदस्यों ने भी दिया। ये सदस्य कुलभूषण जाधव की मां और पत्नी के साथ पाकिस्तान में दुर्व्यवहार की खबरों की पृष्ठभूमि में नारेबाजी कर रहे थे।

नारेबाजी इतनी बढ़ गई थी कि विदेश मंत्री सुषमा स्वराज को कहना पड़ा कि वह कल यानी गुरुवार को सदन में अपना बयान देंगी। जाधव से अलग लोकसभा में केंद्रीय मंत्री अनंत कुमार हेगड़े द्वारा पिछले दिनों दिये गये कथित विवादित बयान के विरोध में कांग्रेस के सदस्यों ने नारेबाजी की।

इसके कारण सदन की बैठक शुरू होने के कुछ ही समय बाद दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई। कांग्रेस के सदस्यों ने प्रश्नकाल शुरू होते ही आसन के समीप आकर हेगड़े के बयान के विरोध में नारेबाजी शुरू कर दी। विपक्षी सांसद ‘मंत्री को बर्खास्त करो के नारे लगा रहे थे। राजद के जयप्रकाश नारायण यादव भी कांग्रेस सदस्यों के साथ नारेबाजी में शामिल थे। 

अनंत कुमार के बयान पर भी हंगामा
उधर,  तेलंगाना से टीआरएस के सदस्य अपने राज्य में अलग उच्च न्यायालय की मांग को लेकर आसन के समीप आकर नारे लगा रहे थे। लोकसभा अध्यक्ष ने हंगामे के बीच ही प्रश्नकाल चलाने का प्रयास किया और ‘मेंटर इंडिया अभियान से संबंधित सदस्यों के प्रश्न पर केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह ने जवाब भी दिया। हालांकि हंगामा थमता नहीं देखकर अध्यक्ष ने कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दी। 

गौरतलब है कि खबरों के अनुसार, भाजपा नेता और केंद्रीय कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्री हेगड़े ने हाल ही में कर्नाटक के कोप्पल जिले में एक समारोह में कथित तौर पर कहा था कि जो लोग खुद को धर्मनिरपेक्ष और बुद्धिजीवी मानते हैं उनकी अपनी कोई पहचान नहीं होती और वे अपनी जड़ों से अनजान होते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि बीजेपी संविधान को बदलने के लिए सत्ता में आई है। इस बयान को लेकर विवाद उत्पन्न हो गया है।

स्वच्छता सेस का 25% हिस्सा कोष तक नहीं पहुंचा : CAG

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नई दिल्ली। स्वच्छ भारत सेस का सही इस्तेमाल नहीं हो रहा! बीते 2 वर्षों के दौरान सरकार ने स्वच्छ भारत सेस के रूप में 16,400 करोड़ रुपये से ज्यादा जुटाए जो स्वच्छता स्कीमों में लगाए जाने थे। सीएजी की एक रिपोर्ट के मुताबिक, इस रकम का करीब चौथाई हिस्सा स्वच्छता कोष से बाहर है।

सभी सेवाओं पर लगाए गए 0.5 फीसदी सेस के जरिए इकट्ठा किया गया सारा फंड राष्ट्रीय स्वच्छता कोष में जमा होना चाहिए लेकिन इकट्ठा रकम में से 4,000 करोड़ रुपयों की राशि अब तक इस कोष में नहीं पहुंची है। सीएजी ने बताया कि बीते दो वर्षों में कुल कलेक्शन का 75 फीसदी हिस्सा यानी 12,400 करोड़ रुपये ही राष्ट्रीय सुरक्षा कोष में पहुंचे हैं और उनका इस्तेमाल किया गया है।

सीएजी के एक अधिकारी ने बताया, ‘नियमों के मुताबिक राष्ट्रीय स्वच्छता कोष का वितरण 80:20 के अनुपात में किया जाना है, यानी स्वच्छ भारत मिशन(ग्रामीण) पर कोष का 80 फीसदी हिस्सा खर्च होगा, जबकि 20 फीसदी हिस्सा शहरों की स्वच्छता पर खर्च किया जाएगा। हालांकि पेयजल व स्वच्छता मंत्रालय ने सारा फंड ग्रामीण इलाकों पर खर्च कर दिया और शहरी इलाकों के लिए कोई फंड नहीं छोड़ा।’

नैशनल ऑडिटर ने कहा कि इसी तरह का अनुभव अन्य सेस के मामलों में भी दिखा। 6 अन्य प्रमुख सेस के मामलों में भी ऐसे ही आंकड़े मिलते हैं। साल 2016-17 में 6 सेसों से कुल कलेक्शन 4 लाख करोड़ रहा और एकत्र की गई 1.81 लाख करोड़ रुपयों की राशि का इस्तेमाल नहीं किया गया। यह रकम सरकार के कन्सॉलिडेटेड फंड से ट्रांसफर नहीं हुई और इसका इस्तेमाल तय योजना के क्रियान्वयन में नहीं किया जा सका।

बीते सप्ताह संसद में सीएजी ने एक रिपोर्ट भी पेश की थी और फंड के बारे में जानकारी दी थी। विपक्षी पार्टियां पहले ही सेस से कलेक्ट हुई राशि का उचित इस्तेमाल न किए जाने को लेकर सवाल उठा चुकी हैं। विपक्षी पार्टियां इस बाबत सरकार से स्पष्टीकरण की मांग कर रही थीं, पार्टियों का कहना था कि अगर करदाताओं के पैसे का इस्तेमाल नहीं हो रहा तो उनपर बेवजह बोझ क्यों डाला जा रहा है।

सीएजी ने यह भी कहा कि 2006-2007 से 2016-17 के बीच वसूले गए एजुकेशन सेस से इकट्ठा की गई राशि को ट्रांसफर नहीं किया गया, ना ही ऐसी स्कीमें या योजनाएं तय की गईं जिनपर इनका इस्तेमाल होना हो, इसे जमा करने के लिए कोई कोष भी निश्चित नहीं किया गया। सेस द्वारा इकट्ठा की गई राशि कन्सॉलिडेटेड फंड ऑफ इंडिया के पास रही, जिसका इस्तेमाल सरकार के सामान्य खर्च के लिए होता रहा।

1986 में सरकार ने रिसर्च ऐंड डिवेलपमेंट सेस की शुरुआत की थी, जो आयातित टेक्नॉलजी पर लगाया जाना था। इस सेस से जुटाई गई राशि का इस्तेमाल देश में विकसित टेक्नॉलजी को प्रोत्साहन में किया जाना था। इस सेस के जरिए 1996-97 से 2016-17 के बीच 7,885 करोड़ रुपये इकट्ठा किए गए, जबकि खर्च महज 607 करोड़ रुपयों की राशि हुई।

ऑडिटर ने सेंट्रल रोड फंड (सीआरएफ) के तहत इकट्ठा किए गए सेस की भी जांच की। इस जांच में ऑडिटर ने पाया कि 2010-11 से 2016-17 के बीच 2.43 लाख करोड़ रुपये कलेक्ट किए गए, जिसमें से महज 1.95 लाख करोड़ रुपये की राशि सीआरएफ को ट्रांसफर की गई।

जयराम ठाकुर हिमाचल के 14वें CM बने, मोदी-शाह रहे मौजूद

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शिमला/नई दिल्ली । जयराम ठाकुर ने बुधवार को हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। सीएम के अलावा कुल 11 मंत्रियों ने शपथ ली। इनमें से दो ने संस्कृत में शपथ ली।इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बीजेपी प्रेसिडेंट अमित शाह भी मौजूद थे। बता दें कि बीते 65 साल में हिमाचल प्रदेश में केवल 6 शख्स ही सीएम बने हैं। इनके नाम हैं- यशवंत सिंह परमार, ठाकुर रामलाल, शांता कुमार, प्रेम कुमार धूमल, वीरभद्र सिंह और जयराम ठाकुर।

एक नजर
11:56 AM- डॉक्टर राजीव सैजल ने मंत्री पद की शपथ ली। तीसरी बार विधायक बने। पेशे से डॉक्टर हैं। बीजेपी के दलित नेता हैं। सोलन जिले की कसौली सीट से जीते हैं।
11:54 AM- गोविंद सिंह ठाकुर ने मंत्री पद की शपथ ली। संस्कृत में शपथ लेने वाले दूसरे मंत्री। मनाली से विधायक हैं। तीसरी बार इसी सीट से जीते। पहली बार मंत्री बने। पिता भी मंत्री रह चुके हैं।
11:52 AM- विक्रम सिंह ने मंत्री पद की शपथ ली। हिमाचल में राजपूत समाज के बड़े नेता हैं। कांगड़ा जसवां-प्रागपुर सीट से जीते हैं। बीजेपी युवा मोर्चा के अध्यक्ष रह चुके हैं। तीसरी बार विधायक चुने गए हैं।
11:50 AM- वीरेंद्र कंवर ने मंत्री पद की शपथ ली। ऊना जिले की कुटलैहड़ सीट से विधायक बने हैं। चार बार पहले भी विधायक रह चुके हैं। संघ और एबीवीपी के सक्रिय सदस्य रहे हैं।
11:48 AM- विपिन सिंह परमार ने मंत्री पद की शपथ ली। कांगड़ा की सुहल सीट से विधायक हैं। तीसरी बार चुनाव जीते हैं। संघ और एबीवीपी से जुड़े रहे हैं। ग्रेजुएट हैं।
11:46 AM- रामलाल मार्कंडा ने मंत्री पद की शपथ ली। पहले भी मंत्री रहे। आदिवासी कोटे से आते हैं। लाहौल स्पीति से तीसरी बार विधायक बने हैं।
11:43 AM- सरवीन चौधरी ने मंत्री पद की शपथ ली। चौथी बार विधायक बनीं। पहले भी मंत्री रह चुकी हैं। कांगड़ा जिले की शाहपुर सीट से विधायक हैं।
11:40 AM- अनिल शर्मा ने कैबिनेट मंत्री पद की शपथ ली। चौथी बार विधायक बने। वीरभद्र सरकार में मंत्री थी। कांग्रेस से बीजेपी में आए। राज्यसभा सांसद रह चुके हैं। कांग्रेस के बड़े नेता रहे सुखराम के बेटे हैं। सलमान खान की बहन अर्पिता के ससुर हैं।
11:38 AM- सुरेश भारद्वाज ने मंत्री पद की शपथ ली। शिमला शहर से विधायक हैं। चौथी बार जीते। संस्कृत में शपथ ली। बीजेपी के बड़े ब्राह्मण नेता माने जाते हैं। लॉ ग्रेजुएट हैं।
11:35 AM-किशन कपूर ने कैबिनेट मंत्री पद की शपथ ली। धर्मशाला से विधायक हैं। दो बार पहले भी मंत्री रहे। पांचवी बार विधायक बने हैं।
11:30 AM- महेंद्र सिंह ठाकुर ने कैबिनेट मंत्री के रूप में शपथ ली। मंडी की धर्मपुर सीट से लगातार सातवीं बार चुने गए हैं। दो बार हिमाचल सरकार में मंत्री रह चुके हैं।
11:28 AM- जयराम ठाकुर ने सीएम पद की शपथ ली। मंडी जिले के रहने वाले हैं और राजपूत कम्युनिटी से आते हैं। पांचवी बार विधायक चुने गए हैं। 1998 में पहली बार विधायक बने थे। आरएसएस और एबीवीपी से जुड़े रहे हैं। बीजेपी की स्टेट यूनिट के चीफ भी रह चुके हैं।

हिमाचल के 14वें सीएम हैं ठाकुर
– जयराम ठाकुर हिमाचल प्रदेश के 14वें सीएम हैं। बीजेपी ने असेंबली इलेक्शन में प्रेम कुमार धूमल को सीएम कैंडिडेट बनाया था, लेकिन वो चुनाव हार गए।
– शिमला में इससे पहले किसी भी मुख्यमंत्री के शपथ ग्रहण के लिए इतना बड़ा इंतजाम कभी नहीं किया गया है। प्रधानमंत्री और अन्य राज्यों के सीएम-डिप्टी सीएम केंद्रीय मंत्रियों को लाने के लिए 325 गाड़ियों का इंतजाम किया गया।

ये हुए शामिल
– शपथ ग्रहण समारोह में मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, छत्तीसगढ़ के डाॅ. रमन सिंह, यूपी के योगी आदित्यनाथ, महाराष्ट्र के सीएम देवेंद्र फडणवीस, राजस्थान की सीएम वसुंधरा राजे, गुजरात के सीएम विजय रुपाणी, हरियाणा के सीएम मनोहर लाल खट्टर, उत्तराखंड के सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत, झारखंड के रघुवार दास, असम के सीएम सर्वानंद सोनोवाल भी पहुंचे।