Thursday, April 23, 2026
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चलती ट्रेनों में यात्रियों की मसाज का प्रस्ताव पश्चिम रेलवे ने वापस लिया

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नई दिल्ली। पश्चिम रेलवे ने मध्यप्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर से चलने वाली 39 रेलगाड़ियों में सफर के दौरान यात्रियों को मालिश की सुविधा देकर अतिरिक्त राजस्व कमाने के प्रस्ताव को वापस लेने का फैसला किया है। रेलवे के इस प्रस्ताव को समाज के विभिन्न तबकों के लोगों ने आपत्तिजनक बताते हुए इसपर सवाल उठाए थे।

पश्चिम रेलवे ने फैसले की घोषणा करते हुए कहा, ‘रतलाम मंडल ने इंदौर से चलने वाली 39 ट्रेनों में यात्रियों को मालिश की सुविधा देने का प्रस्ताव तैयार किया था, लेकिन जैसे ही यह उच्च अधिकारियों के पास पहुंचा, इसे वापस लेने का फैसला किया गया। पश्चिम रेलवे अपने उपभोक्ताओं के सुझावों का आदर करता है और उनपर कदम उठाते हुए समय-समय पर उन्हें लागू भी किया गया है।’

दरअसल, पश्चिम रेलवे की इस योजना पर क्षेत्रीय भाजपा सांसद शंकर लालवानी के बाद लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन ने भी सवाल उठाए थे। लोकसभा अध्यक्ष ने इस सिलसिले में रेल मंत्री पीयूष गोयल को शुक्रवार को पत्र लिखा था। महाजन ने पत्र में पूछा, ‘इस प्रकार की (मालिश) सुविधा के लिए चलती रेलगाड़ी में किस तरह की व्यवस्था की जाएगी, क्योंकि इससे यात्रियों विशेषकर महिलाओं की सुरक्षा एवं सहजता के संबंध में कुछ प्रश्न हो सकते हैं।’

महाजन से पहले, इंदौर क्षेत्र के नवनिर्वाचित भाजपा सांसद शंकर लालवानी भी मसाज योजना पर रेल मंत्री को पत्र लिख चुके हैं। लालवानी ने गोयल को 10 जून को लिखे पत्र में ‘भारतीय संस्कृति के मानकों’ का हवाला देते हुए रेलवे की प्रस्तावित मालिश सेवा को ‘स्तरहीन’ बताया था। इसके साथ ही, उनसे अनुरोध किया था कि वह इस योजना को लेकर जनमानस की भावनाओं के मुताबिक पुनर्विचार करें।

चलती ट्रेनों में सुबह छह से रात 10 बजे के बीच यात्रियों के पूरे शरीर की नहीं, बल्कि सिर और पैर जैसे अंगों की मालिश करने की योजना बनाई गई थी। इस सेवा के बदले यात्रियों से 100 रुपये, 200 रुपये और 300 रुपये की तीन अलग-अलग पैकेज श्रेणियों में शुल्क लेने का प्रस्ताव था। इस सेवा से पश्चिम रेलवे ने सालाना 20 लाख रुपये आमदनी की उम्मीद जताई थी।

सरसों की खरीद को लेकर भारतीय किसान संघ ने सरकार को आड़े हाथों लिया

कोटा। समर्थन मूल्य पर सरसों की खरीद को लेकर भारतीय किसान संघ ने सरकार को आड़े हाथों लिया है। भारतीय किसान संघ के जिलाध्यक्ष गिरिराज चौधरी ने कहा कि जिले में सरकार की अकर्मण्यता के कारण से किसानों को नुकसान उठाना पड़ा है। किसानों से रजिस्ट्रेशन के नाम पर लम्बी प्रक्रिया कराई गई, लेकिन उनकी उपज को खरीदने के लिए कोई तत्परता नहीं दिखाई गई।

भारतीय किसान संघ की ओर से बार बार सरकार को ज्ञापन के माध्यम से चेताया गया, लेकिन सरकार और राजफेड के अधिकारी अकर्मण्य बने रहे। भारतीय किसान संघ के कार्यकर्ता जयपुर पहुंचकर अधिकारियोें से मिले थे, तो खरीद की गति कुछ दिन के लिए बढाई गई थी, लेकिन फिर से सरकार की ओर से गति को कम कर दिया गया। जिससे किसानों की सरसों खरीद केन्द्रों पर विक्रय होने से रह गई।

भारतीय किसान संघ के संभागीय सह प्रचार प्रमुख और मीडिया प्रभारी आशीष मेहता ने कहा कि संभाग के कोटा, बूंदी, बारां और झालावाड़ में कमोबेश किसानों के साथ छलावा किया गया। किसानों की 8 लाख मीट्रिक टन सरसों को खरीदने का लक्ष्य रखा गया था। जिसकी ऐवज में केवल 4 लाख मीट्रिक टन सरसों की खरीद ही कर पाए।

मेहता ने कहा कि आधा समय तो सरकारी सिस्टम के कारण ही खराब हो गया। पहले तो काफी मशक्कत करने के बाद रजिस्ट्रेशन हुए और फिर खरीद भी काफी देरी से शुरू की गई। भारतीय किसान संघ ने गति बढाने की चेतावनी दी थी, लेकिन शुरू से ही काफी कम संख्या में मैसेज जारी किए गए। अब किसानों की सरसों और चना रजिस्ट्रेशन के बावजूद भी नहीं बिक सका है। ऐसे में भारतीय किसान संघ ने सरकार से रजिस्ट्रेशन करा चुके किसानों की उपज की खरीद करने की मांग की है।

जैविक खेती पर अभ्यास वर्ग
भारतीय किसान संघ कोटा संभाग की ओर से 16 जून को प्रातः 8 बजे से सरस्वती विद्या मंदिर सुल्तानपुर में जैविक खेती पर अभ्यास वर्ग का आयोजन किया जाएगा। सह प्रचार प्रमुख तथा मीडिया प्रभारी आशीष मेहता ने बताया कि जिसमें पद्मश्री से सम्मानित हुकुम पाटीदार द्वारा जैविक खेती का लाइव प्रशिक्षण दिया जाएगा। वहीं भारतीय किसान संघ के प्रान्त जैविक प्रमुख तथा भारत सरकार के द्वारा सम्मानित मोतीसिंह रावत भी उपस्थित रहेंगे। इस दौरान कोटा, बूंदी, बारां और झालावाड़ के किसान अभ्यास वर्ग में पहुचेंगे।

सकारात्मक सोच से ही जीवन में खुशियां संभव -टंडन

कोटा। इंडियन सोसाइटी फॉर ट्रेनिंग एंड डवलपमेंट के स्वर्ण जयन्ती वर्ष के उपलक्ष्य में कोटा चैप्टर और इंस्टीट्यूट ऑफ़ इंजीनियर्स के सयुंक्त तत्वावधान में टेक्नोलॉजी ऑफ़ हैप्पीनेस विषय पर सेमिनार का आयोजन किया गया।

मुख्य वक्ता कोटा चैप्टर के पूर्व चेयरमैन के एम टंडन ने कहा कि ख़ुशी सब लोगों के जीवन का लक्ष्य है। किन्तु ख़ुशी लक्ष्य नहीं है एक जीवनभर की यात्रा है। सुख दुःख इस जीवन की फ्रीक्वेंसी या आवृति में आने वाले सिग्नल हैं, जो क्षणिक हैं ।

हर व्यक्ति उतना खुश रह सकता है, जितना वो चाहता है । खुद को खुश रहने का दायित्व हम पर है। इसके लिए कुछ न कुछ करने योग्य होना चाहिए । लोगों से रिश्ते प्रगाढ़ होने चाहिए और सोच सकारात्मक होनी चाहिए । कोई सामाजिक सरोकार हो तो प्रसन्नता कई गुना बढ सकती है।

टंडन ने बताया की खुश व्यक्ति स्वयं को भूल जाता है और दूसरों के लिए समर्पित हो जाता है। दुखी व्यक्ति इसके विपरीत आत्मकेंद्रित हो करअवसाद में चला जाता है । जीवन भर की ख़ुशी की यात्रा हँसते -गाते बिताते रहें । आर्ट ऑफ़ लिविंग की ट्रेनर उषा बर्धवा ने विभिन्न प्राणायाम और मेडिटेशन के माध्यम से खुश रहने का आसान तरीका है।

सुदर्शन क्रिया को अपनी दिनचर्या में शामिल कर हम खुश रहने के साथ साथ उर्जावान भी रह सकते है। सचिव डॉ अमित राठौर ने धन्यवाद दिया और डॉ अनपूर्णभार्गव ने संचालन किया । अशोक सक्सेना नरेन्द्र शुकला और सीकेएस परमार ने अपने विचार रखे | चैप्टर की चेयरपरसन अनिता चौहान ने बताया कि चैप्टर द्वारा फ्राइडे शेयरिंग सेशन का निशुल्क आयोजन होगा, जो समाज के सभी वर्गों के प्रशिक्षण एवं विकास में सहयोगी होगा।

5 लाख करोड़ की इकॉनमी का लक्ष्य चुनौती, मिलकर पूरा करेंगे: पीएम मोदी

नई दिल्ली। भारत को साल 2024 तक 5 लाख करोड़ की अर्थव्यवस्था बनाने का लक्ष्य बड़ी चुनौती है, लेकिन इसे हासिल किया जा सकता है। यह बात प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नीति आयोग की बैठक में कही है। नीति आयोग की गवर्निंग काउंसिल की पांचवीं बैठक दिल्ली में हो रही है। इस बैठक में पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी और तेलंगाना के सीएम के चंद्रशेखर राव को छोड़कर सभी राज्यों के मुख्यमंत्री मौजूद थे।

इस बैठक में पीएम नरेंद्र मोदी ने अपनी सरकार के मंत्र ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास’ पर भी जोर दिया। पीएम ने हाल के लोकसभा चुनाव को दुनिया का सबसे बड़ा लोकतांत्रिक अभ्यास बताते हुए कहा कि अब यह सही समय है कि देश का हर नागरिक भारत के विकास के लिए काम करे।

पीएम ने कहा कि अब हम ऐसे सिस्टम की तरफ बढ़ रहे हैं, जिसमें परफॉर्मेंस, पारदर्शिता और डिलीवरी पर ज्यादा जोर है। नीतियों को जमीन पर उतारना बेहद जरूरी है। पीएम ने कहा, ‘मैं गवर्निंग काउंसिल से अपील करता हूं कि वे ऐसा तंत्र बनाने में मदद करें, जिसमें लोगों का भरोसा भी हो।’

पीएम ने गरीबी, बेरोजगारी, सूखा, बाढ़, प्रदूषण, भ्रष्टाचार और हिंसा के खिलाफ मिलकर लड़ने को कहा है। पीएम मोदी ने कहा कि 2024 तक भारत को 5 लाख करोड़ रुपये की अर्थव्यवस्था बनाने का लक्ष्य चुनौतीपूर्ण है, लेकिन इसे निश्चित तौर पर हासिल किया जा सकता है। पीएम ने इस संबंध में राज्यों से जिला स्तर से जीडीपी बढ़ाने के लिए टारगेट सेट करने को कहा है।

देश के कई हिस्सों में सूखे की समस्या पर भी गवर्निंग काउंसिल में पीएम मोदी ने मिलकर काम करने को कहा है। पीएम ने कहा कि हाल ही में बनाया गया जल शक्ति मंत्रालय इसके लिए एक खाका तैयार करेगा। राज्य भी अपने स्तर पर जल संरक्षण और प्रबंधन को लेकर योजना बनाएं।

प्रधानमंत्री ने नीति आयोग का पुनर्गठन किया
प्रधानमंत्री ने 6 जून को ही नीति आयोग का पुनर्गठन किया था। राजीव कुमार आयोग के दोबारा उपाध्यक्ष बनाए गए। इसके अलावा वीके सारस्वत, वीके पॉल और रमेश चंद को फिर से सदस्य चुना गया। गृह मंत्री अमित शाह पदेन सदस्य हैं। शाह के अलावा राजनाथ सिंह, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर पदेन सदस्य के तौर पर शामिल हैं। योजना आयोग के स्थान पर 1 जनवरी 2015 को नीति आयोग का गठन किया गया था।

इंदौर मंडी : उपलब्धता की कमी से उड़द महंगी

इंदौर। स्थानीय संयोगितागंज अनाज मंडी में शनिवार को चना कांटा 50 रुपये, चना देसी 50 रुपये, मसूर 25 रुपये और मूंग के भाव में 200 रुपये (शुक्रवार की तुलना में) प्रति क्विंटल की कमी दर्ज की गई। उपलब्धता की कमी से उड़द 100 रुपये प्रति क्विंटल महंगी बिकी।कारोबारियों के अनुमान के मुताबिक संयोगितागंज अनाज मंडी में शनिवार को तीन हजार बोरी गेहूं की आवक हुई।

दलहन चना (कांटा) 4200 से 4225, चना (देसी) 4100 से 4125, डबल डॉलर 4500 से 4800, मसूर 4075 से 4100, हल्की 3650 से 3700, बटला (मटर) 4100 से 4150, मूंग 5600 से 5700, हल्की 5000 से 5300, तुअर निमाड़ी (अरहर) 5000 से 5300, महाराष्ट्र तुअर (अरहर) 5800 से 5850, उड़द 5100 से 5300, हल्की 4000 से 4100 रुपये प्रति क्विंटल।

दाल तुअर (अरहर) दाल सवा नंबर 7000 से 7200, तुअर दाल फूल 7400 से 7600, तुअर दाल बोल्ड 7800 से 8000, आयातित तुअर दाल 6200 से 6400चना दाल 5450 से 5650, आयातित चना दाल 5500 से 5200 मसूर दाल 5300 से 5400 मूंग दाल 7400 से 7600, मूंग मोगर 8200 से 8400 उड़द दाल 7200 से 7400, उड़द मोगर 7600 से 7800 रुपये प्रति क्विंटल।

अनाज गेहूं हल्का 1720 से 1820, गेहूं 147- 1870 से 2070, गेहूं लोकवन 1770 से 2070, गेहूं चंद्रौसी 3200 से 3300 रुपये प्रति क्विंटल। ज्वार हल्की 1800 से 1900, ज्वार संकर 2000 से 2100, ज्वार देसी 2500 से 3000, मक्का पीली 2100 से 2150, मक्का गजर 2000 से 2050 रुपये प्रति क्विंटल।

चावल बासमती 8500 से 9000, तिबार 7000 से 7500, दुबार 6000 से 6500, मिनी दुबार 5500 से 6000, मोगरा 3500 से 5000, बासमती सैला 5500 से 8500, कालीमूंछ 5900 से 6000, राजभोग 4900 से 5000, दूबराज 3500 से 4000, परमल 2500 से 2700, हंसा सैला 2400 से 2650, हंसा सफेद 2200 से 2400, पोहा 4200 से 4400 रुपये प्रति क्विंटल।
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OnePlus 7 स्मार्टफोन फ्री में पाएं, जानिए क्या है तरीका

नई दिल्ली। OnePlus 7 खरीदने की सोच रहे हैं, लेकिन बजट कम है तो परेशान होने की जरूरत नहीं है। एक तरीका है जिससे आप इस शानदार फोन को फ्री में पा सकते हैं। ऐमजॉन ऐलेक्सा यूजर्स को फ्री में वनप्लस जीतने का मौका दिया जा रहा है। इसे पाने के लिए आपको ऐलेक्सा स्किल्स डाउनलोड करके कुछ सवालों के जवाब देने होंगे। जवाब सही होने पर मुफ्त में यह फोन आपका हो सकता है।

दरअसल, हाल ही में कंंपनी ने ऐमजॉन ऐलेक्सा के लिए वनप्लस 7 सीरीज की एक डेडिकेटेड स्किल का ऐलान किया है। वनप्लस ऐलेक्सा स्किल को ऐमजॉन एको प्लस, एको स्पॉट, एको डॉट और एको शो जैसे किसी भी ऐलेक्सा स्किल्ड डिवाइस के जरिए ऐक्सेस किया जा सकेगा।

इतना ही नहीं, वनप्लस ऐलेक्सा स्किल को स्मार्ट स्पीकर्स के अलावा ऐलेक्सा ऐप से भी ऐक्सेस किया जा सकता है, जो कि ऐंड्रॉयड और iOS दोनों पर ही उपलब्ध है। ऐलेक्सा स्किल इनेबल होने के बाद यूजर्स वॉइस कमांड के जरिए वनप्लस से इनट्रैक्ट करके सवालों के जवाब दे पाएंगे। इसके तहत हर दिन आपसे 3 सवाल पूछे जाएंगे और जो भी 30 जून तक पूछे गए सभी सवालों में से 7 के सही जवाब देगा उसे कंपनी की तरफ से गिफ्ट दिए जाएंगे।

इन गिफ्ट्स में वनप्लस 7 फोन और वनप्स 7 सीरीज की जर्सी जैसे गिफ्ट शामिल हैं। 32,999 रुपये की शुरुआती कीमत में लॉन्च किए गए इस फोन के साथ आपको एक साल का फ्री स्क्रीन रिप्लेसमेंट भी दिया जाएगा। ऐसे में अगर आप भी इस फोन को जीतना चाहते हैं तो जानें इसका पूरा तरीका…

  • सबसे पहले यूजर्स को ऐलेक्सा ऐप के जरिए वनप्लस स्किल को इनेबल करना होगा।
  • इसके बाद यूजर्स ‘ऐलेक्सा, ओपन वनप्लस’ प्रॉम्प्ट के साथ वनप्लस स्किल ओपन कर सकेंगे।
  • अब ऐलेक्सा आपको ‘स्टार्ट द क्विज’ कहने के लिए कहेगा। इसके साथ ही आप क्विज में भाग लेने के हकदार हो पाएंगे।

OnePlus 7 की खूबियां: वनप्लस 7 स्मार्टफोन में 6.41 इंच का फुल एचडी प्लस ऑप्टिक ऐमोलेड डिस्प्ले दिया गया है, जिसका ऑस्पेक्ट रेशियो 1080×2340 पिक्सल है। फोन में कॉर्निंग गोरिला ग्लास 6 प्रोटेक्शन दिया गया है। ऐंड्रॉयड 9 पाई बेस्ड oxygenOS ओएस पर चलने वाले इस फोन में ऑक्टा-कोर क्वॉलकॉम स्नैपड्रैगन 855 प्रोसेसर है।

बात की जाए कैमरे की तो फोन में 2 रियर कैमरे दिए गए हैं, जिसमें से एक 48 मेगापिक्सल सोनी IMX586 सेंसर और 5 मेगापिक्सल डेफ्थ सेंसर दिया है। सेल्फी के लिए इसमें प्रो वेरियंट की तरह ही 16 मेगापिक्सल का Sony IMX471 सेंसर दिया गया है। फोन में कंपनी ने 3,700mAh की बैटरी दी है जो 20W फास्ट चार्जिंग सपॉर्ट करती है। कंपनी ने इसके दो वेरियंट 6GB रैम / 128GB इंटरनल स्टोरेज और 8GB रैम/256 GB स्टोरेज वेरियंट पेश किया है।

टाटा अल्ट्रॉज का ऑफिशल टीजर जारी, बलेनो को देगी टक्कर

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नई दिल्ली। टाटा मोटर्स की पहली प्रीमियम हैचबैक टाटा अल्ट्रॉज जल्द ही भारतीय बाजार में लॉन्च होने वाली है। कंपनी ने इस बारे में कोई ऑफिशल डेट नहीं बताई है पर माना जा रहा है कुछ ही महीनों में यह कार भारत में लॉन्च कर दी जाएगी। कंपनी ने इस प्रीमियम हैचबैक का ऑफिशल टीजर लॉन्च किया है। टीजर विडियो में यह कार टेस्ट ट्रैक पर ड्राइव करते हुए देखी जा सकती है। भारत में इस कार की टक्कर मारुति सुजुकी बलेनो, टोयोटा ग्लैंजा और होंडा जैज जैसी कारों से होगी।

इस कार का प्रॉडक्शन रेडी मॉडल जेनेवा मोटर शो में नजर आया था। इस कार कैमोफ्लॉज्ड वर्जन भारत में भी देखा जा चुका है। टाटा अल्ट्रॉज में दो पेट्रोल इंजन और एक डीजल इंजन मिलेगा। इसके बेस वेरियंट्स में टाटा टियागो वाला 1.2-लीटर पेट्रोल इंजन होगा, जो 85hp का पावर जनरेट करता है।

अल्ट्रॉज में दिया जाने वाला यह इंजन टियागो से कुछ ज्यादा पावर जनरेट करेगा। ऐसा अल्ट्रॉज के वजन की वजह से माना जा रहा है, क्योंकि टियागो की तुलना में इस प्रीमियम हैचबैक का वजन करीब 15 किलोग्राम कम है। अल्ट्रॉज के टॉप वेरियंट्स में नेक्सॉन वाला 1.2-लीटर टर्बो-पेट्रोल इंजन और 1.5-लीटर डीजल इंजन होगा।

हालांकि, अल्ट्रॉज में इन दोनों इंजन का पावर और टॉर्क आउटपुट नेक्सॉन की तुलना में कम होगा। 1.2-लीटर वाला पेट्रोल इंजन अल्ट्रॉज में 102hp पावर और 140Nm टॉर्क आउटपुट के साथ आने की संभावना है, जबकि नेक्सॉन में यह इंजन 110hp का पावर और 170Nm टॉर्क जनरेट करता है। डीजल इंजन 90hp पावर के साथ आ सकता है, जो नेक्सॉन से 20hp कम होगा।

माना जा रहा है कि हल्की होने के चलते कम पावर आउटपुट के बावजूद अल्ट्रॉज अपने सेगमेंट में दमदार परफॉर्मेंस वाली कार होगी। टाटा अल्ट्रॉज का वजन कंपनी की नेक्सॉन एसयूवी से करीब 200 किलोग्राम कम है। इस प्रीमियम हैचबैक को इस साल की दूसरी छमाही में लॉन्च किया जाएगा। शुरुआती कीमत 5.5 लाख रुपये के आसपास रहने की संभावना है।

मारुति ने लॉन्च की सीएनजी वाली ऑल्टो, कीमत 4.11 लाख से शुरू

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नई दिल्ली।Maruti Suzuki ने दो महीने पहले नई Alto लॉन्च की थी। अब कंपनी ने इसका CNG मॉडल भी बाजार में उतार दिया है। नई ऑल्टो के दो वेरियंट LXi और LXi (O) में सीएनजी का ऑप्शन मिलेगा। इनकी कीमत (एक्स शोरूम दिल्ली) क्रमश: 4.11 लाख और 4.14 लाख रुपये है। यह कीमतें इन दोनों वेरियंट्स के पेट्रोल इंजन वाले मॉडल से 60 हजार रुपये ज्यादा है।

मारुति सुजुकी ने सीएनजी वाली नई ऑल्टो की टेक्निकल डीटेल्स की जानकारी नहीं दी है। फीचर्स की बात करें, तो ऑल्टो के पेट्रोल और सीएनजी मॉडल में कोई अंतर नहीं है। दोनों में पावर स्टीयरिंग, एसी, फ्रंट पावर विंडो, सिल्वर इंटीरियर एक्सेंट्स, रिट्रैक्टेबल रियर सीटबेल्ट्स, रियर चाइल्ड लॉक, रिमोट बूट व फ्यूल लिड ओपनर और बॉडी कलर में हैंडल व मिरर्स मिलते हैं। LXi (O) में को-ड्राइवर एयरबैग भी उपलब्ध है।

बता दें कि नई ऑल्टो आने वाले नए सेफ्टी, एमिशन और क्रैश टेस्ट नॉर्म्स के अनुरूप है। इसमें 796cc का बीएस6 इंजन दिया गया है। यह इंजन 5-स्पीड मैन्युअल ट्रांसमिशन से लैस है। नई ऑल्टो की शुरुआती कीमत 2.94 लाख रुपये है। मार्केट में इसकी टक्कर रेनॉ क्विड और दैटसन रेडी-गो जैसी कारों से है।

तीन घंटे से ज्यादा ATM खाली रहेगा तो लगेगी बैंक पर पेनल्टी

नई दिल्ली।अक्सर देखने में आता है कि लोग बैंक के एटीएम से कैश निकालने जाते हैं, लेकिन एटीएम खाली मिलता है। एक के बाद एक कई एटीएम में भटकने पर भी पैसा नहीं मिलता। कई बार तो एटीएम में कई-कई दिन नो-कैश के बोर्ड टंगे मिलते हैं। लोगों की समस्याओं को देखते हुए रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (आरबीआई) ने इस मामले में कड़ा रुख अपनाने का फैसला किया है।

आरबीआई ने बैंकों से कहा है कि कोई भी एटीएम तीन घंटे से ज्यादा खाली न रहे। अगर किसी एटीएम में कैश खत्म हो जाए तो बैंकों को तीन घंटे के भीतर उस एटीएम में नोट भरने होंगे। सूत्रों के अनुसार, ऐसा न करने पर बैंकों पर जुर्माना भी लगाया जाएगा।

बैंकिंग सेक्टर के एक्सपर्ट्स का मानना है कि एटीएम में कैश भरने में बैंक कई बार लापरवाही बरतते हैं। हालांकि, बैंकों के उच्चाधिकारियों का कहना है कि फिलहाल एटीएम में कैश का फ्लो सही चल रहा है। पिछले दिनों एटीएम में कैश न होने की जो शिकायतें आई थीं, उसका मुख्य कारण वजह बैंकों के पास पर्याप्त मात्रा में कैश न होना था।

फेडरेशन ऑफ एटीएम इंडस्ट्रीज का कहना है कि आरबीआई ने बैंकों से एटीएम अपग्रेड करने को कहा है। इससे बैंकों का खर्चा बढ़ा है। एटीएम ऑपरेट की लागत बढ़ने से भी बैंकों ने कई एटीएम बंद कर रखे हैं।

एटीएम में लगा सेंसर बता देता है, कितना कैश बाकी है
किसी एटीएम में कैश है या नहीं, बैंकों को इसकी जानकारी मिलती रहती है। यही नहीं, एटीएम में कितना कैश बचा है और कितनी देर में वह खाली हो सकता है, इसका अंदाजा भी बैंकों को रियल टाइम बेसिस पर लगता रहता है। दरअसल, एटीएम में ऐसे सेंसर लगते होते हैं जो बताते हैं कि कैश ट्रे में कितने नोट हैं। नोटों की मात्रा से बैंकों का पता चलता रहता है कि कितने वक्त में नोट भरने की जरूरत पड़ेगी।