Thursday, April 23, 2026
Home Blog Page 4637

इंदौर मंडी : चना देसी और काबुली चने में गिरावट

इंदौर। स्थानीय संयोगितागंज अनाज मंडी में शुक्रवार को चना कांटा 25 रुपये, चना देसी 25 रुपये और काबुली के भाव में 200 रुपये (गुरुवार की तुलना में) प्रति क्विंटल की कमी दर्ज की गई। कारोबारियों के अनुमान के मुताबिक संयोगितागंज अनाज मंडी में शुक्रवार को सात हजार बोरी गेहूं की आवक हुई।

दलहन चना (कांटा) 4250 से 4275, चना (देसी) 4150 से 4175, डबल डॉलर 4500 से 4800, मसूर 4100 से 4125, हल्की 3750 से 3800, बटला (मटर) 4100 से 4150, मूंग 5800 से 5900, हल्की 5200 से 5400, तुअर निमाड़ी (अरहर) 5000 से 5400, महाराष्ट्र तुअर (अरहर) 5800 से 5850, उड़द 5100 से 5200, हल्की 4000 से 4200 रुपये प्रति क्विंटल।

दाल तुअर (अरहर) दाल सवा नंबर 6700 से 6900, तुअर दाल फूल 7100 से 7300, तुअर दाल बोल्ड 7500 से 7700, आयातित तुअर दाल 6200 से 6400चना दाल 5450 से 5650, आयातित चना दाल 5500 से 5200 मसूर दाल 5300 से 5400 मूंग दाल 7400 से 7600, मूंग मोगर 8150 से 8650 उड़द दाल 7100 से 7300, उड़द मोगर 7500 से 7700 रुपये प्रति क्विंटल।

अनाज गेहूं हल्का 1720 से 1820, गेहूं 147- 1870 से 2070, गेहूं लोकवन 1770 से 2070, गेहूं चंद्रौसी 3200 से 3300 रुपये प्रति क्विंटल। ज्वार हल्की 1800 से 1900, ज्वार संकर 2000 से 2100, ज्वार देसी 2500 से 3000, मक्का पीली 2100 से 2150, मक्का गजर 2000 से 2050 रुपये प्रति क्विंटल।

चावल बासमती 8500 से 9000, तिबार 7000 से 7500, दुबार 6000 से 6500, मिनी दुबार 5500 से 6000, मोगरा 3500 से 5000, बासमती सैला 5500 से 8500, कालीमूंछ 5900 से 6000, राजभोग 4900 से 5000, दूबराज 3500 से 4000, परमल 2500 से 2700, हंसा सैला 2400 से 2650, हंसा सफेद 2200 से 2400, पोहा 4200 से 4400 रुपये प्रति क्विंटल।

बढ़ते स्टॉक के कारण ग्वारगम वायदा कीमतों में गिरावट

नयी दिल्ली। हाजिर बाजार में कमजोरी के रुख के अनुरूप निवेशकों द्वारा अपने सौदों की कटान करने से शुक्रवार को वायदा कारोबार में ग्वारगम की कीमत 26 रुपये की गिरावट के साथ 8,607 रुपये प्रति पांच क्विन्टल रह गई।

एनसीडीईएक्स में ग्वारगम के जुलाई महीने में डिलीवरी वाले अनुबंध की कीमत 26 रुपये अथवा 0.03 प्रतिशत की गिरावट के साथ 8,607 रुपये प्रति पांच क्विन्टल रह गई जिसमें 58,565 लॉट के लिए कारोबार हुआ।

ग्वारगम के अगस्त महीने में डिलीवरी वाले अनुबंध की कीमत भी 22 रुपये अथवा 0.25 प्रतिशत की हानि के साथ 8,740 रुपये प्रति पांच क्विन्टल रह गई जिसमें 4,665 लॉट के लिए कारोबार हुआ। बाजार सूत्रों ने कहा कि ग्वारगम निर्माताओं की कमजोर मांग के मुकाबले स्टॉक में बढ़ोतरी होने के कारण ग्वारगम वायदा कीमतों में गिरावट आई।

जानिए, जेईई एडवांस्ड के टॉपर्स की सफलता का राज

डाउट क्लीयर किए बिना सोता नहीं था- कार्तिकेय गुप्ता
कोटा।
एलन कॅरियर इंस्टीट्यूट के क्लासरूम स्टूडेंट कार्तिकेय गुप्ता ने जेईई एडवांस्ड परीक्षा-2019 में ऑल इंडिया प्रथम रैंक प्राप्त की है। महाराष्ट्र के छोटे से कस्बे चंद्रपुर निवासी कार्तिकेय इससे पहले जेईई मेन परीक्षा में 100 पर्सेन्टाइल स्कोर कर ऑल इंडिया 18वीं रैंक की तथा महाराष्ट्र स्टेट का सैकंड टॉपर रहा। इसी वर्ष 12वीं कक्षा 93.7 प्रतिशत अंकों से उत्त्तीर्ण की।

कार्तिकेय ने बताया कि आईआईटी मुम्बई में सीएस ब्रांच मिलने को लेकर निश्चिंत था लेकिन, ऑल इंडिया टॉप करूंगा, ऐसा नहीं सोचा था। मैं वर्ष 2017 से एलन में अध्ययनरत हूं। स्टूडेंट का लक्ष्य होता है आईआईटी में जाना और फैकल्टीज का लक्ष्य होता है स्टूडेंट को जेईई में सफलता दिलाना। पढ़ाई के दौरान कोई भी डाउट्स हो, टीचर्स हमेशा मदद के लिए तैयार रहते थे।

नियमित कोचिंग क्लास के अलावा 6 से 7 घंटे का शेड्यूल बनाकर सेल्फ स्टडी करता था। खुद का एनालिसिस करने के लिए मॉक टेस्ट भी देता था। परफॉर्मेन्स में सुधार के लिए एलन में होने वाले वीकली टेस्ट भी रेगुलर देता था। मैं रोजाना पढ़ाई के दौरान जो डाउट्स आते थे, उन्हें उसी दिन क्लीयर करता था। डाउट क्लीयर करने के बाद ही मैं रात को सोता था।

सोशल मीडिया का इस्तेमाल नहीं करता
मैं स्टूडेंट्स से कहना चाहूंगा कि लक्ष्य प्राप्ति के लिए शांत दिमाग रखकर तैयारी करें। आपका मुकाबला खुद से है। पढ़ाई को एंजॉय करें। जो भी विषय पढ़े, उसे मन से पढ़ें। सबसे मुख्य बात है टीचर्स की गाइडलाइंस को फॉलो करना। रेगुलर क्लास के बाद डेली का होमवर्क कम्पलीट करें। बेहतर होगा कि रोजाना की पढाई के लिए प्लानिंग करें। प्रत्येक दो घंटे के बाद खुद को रिलैक्स करें। सोशल मीडिया का इस्तेमाल नहीं करता।

सफलता का कोई शॉर्ट कट नहीं होता -निशांत अभंगी
जेईई एडवांस्ड में ऑल इंडिया छठी रैंक प्राप्त करने वाले एलन कॅरियर इंस्टीट्यूट के क्लासरूम स्टूडेंट निशांत अभंगी को यह सफलता रेगुलर स्टडी से मिली है। गुजरात के राजकोट निवासी निशांत इससे पूर्व जेईई मेन्स में ऑल इंडिया छठी रैंक हासिल कर राजस्थान स्टेट टॉपर रह चुका है। मुझे यह सफलता रेगुलर स्टडी से मिली है। सक्सेस के लिए हार्डवर्क जरूरी है। क्योंकि सक्सेस का कोई शॉर्ट कट नहीं होता।

रोजाना क्लासरूम में जो पढ़ाया जाता था, उस पर फोकस करते हुए टॉपिक्स को रिवाइज करता था। एक ही क्वेश्चंस को विभिन्न तरीकों से बार-बार सॉल्व कर प्रेक्टिस करता था। दो साल कोटा रहकर पढ़ाई कर चुके निशांत ने बताया कि यहां आकर लाइफ बदल जाती है। मैं वर्ष 2017 में कोटा आया था। पढ़ने वाले स्टूडेंट के लिए यहां सब कुछ है। टीचर्स बहुत अच्छे हैं, एजुकेशन फैसेलिटी बहुत है, माहौल बहुत अच्छा है।

जेईई का पेपर हर बार नयापन लिए होता है। इसलिए प्रश्नों की जितनी ज्यादा प्रेक्टिस की जाए, उतना ही कम है। मुझे खुद पर विश्वास था कि मैं कर सकता हूं। एलन में जो पढ़ाया, उसे रिवाइज करता गया। जेइई में फिजिक्स व कैमेस्ट्री के लिए एनसीईआरटी बेस्ड सिलेबस पर फोकस किया था। इसी वर्ष 12वीं कक्षा 97.8 प्रतिशत अंकों से उत्त्तीर्ण की है।

मैं इससे पूर्व राष्ट्रपति पुरस्कार प्राप्त कर चुका हूं। आईजेएसओ, एपीएचओ व आईपीएचओ में गोल्ड मेडल प्राप्त कर चुका हूं और 11वीं कक्षा से एपीएचओ में भारत के लिए गोल्ड मेडल लाने वाले पहले विद्यार्थी हूं।

पहले कमजोर थी, अब स्ट्रॉंग हो गई मैथ्सकौस्तुभ दिघे
एलन कॅरियर इंस्टीट्यूट के क्लासरूम स्टूडेंट कौस्तुभ दिघे ने जेईई एडवांस्ड में ऑल इंडिया 7वीं रैंक हासिल की है। कौस्तुभ जेईई मेन्स में ऑल इंडिया 55 रैंक प्राप्त कर चुका है। जेईई की तैयारी के साथ कौस्तुभ ने इसी वर्ष 12वीं कक्षा 97 प्रतिशत अंकों से उत्त्तीर्ण की है। हाल ही में जारी आईपीएचओ के परिणाम में कौस्तुभ का चयन इजरायल में होने जा रहे फाइनल राउण्ड के लिए हुआ है। जिसमें कौस्तुभ भारत की ओर से प्रतिनिधित्व करेगा। इसके अलावा केवीपीवाय कवालिफाइड है।

कौस्तुभ ने बताया कि मैंने वर्ष 2017 में एलन कॅरियर इंस्टीट्यूट कोटा में एडमिशन लिया था। यहां आने से पहले मेरी मैथेमेटिक्स काफी कमजोर थी लेकिन फैकल्टीज के सहयोग से मैथ्स को लेकर जो मन में डर था, वो दूर हो गया। कौस्तुभ ने बताया कि कोटा स्टूडेंट्स के लिए बहुत सपोर्टिव है। यहां पढ़ाई करने के लिए सब कुछ है।

अच्छे स्टूडेंट्स का साथ और बेस्ट टीचर्स यहां है। यही कारण है कि हम हमेशा एग्जाम के लिए तैयार रहते हैं। जो भी क्लासरूम में पढाया गया उसमें जेईई एडवांस्ड का सिलेबस भी पूरी तरह कवर हो गया। स्मार्ट फोन था लेकिन, सोशल मीडिया का इस्तेमाल कभी नहीं किया।

JEE Advanced-2019 Result : टॉप 10 में एलन के 3 स्टूडेंट्स

कार्तिकेय गुप्ता रैंक-1, निशांत अभंगी रैंक-6, कौस्तुभ धिगे रैंक-7, आदित्य बडोला रैंक-11

कोटा। देश की सबसे प्रतिष्ठित इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा जेईई-एडवांस्ड का परिणाम आईआईटी रूडकी द्वारा जारी कर दिया गया। एलन के क्लासरूम कोचिंग स्टूडेंट कार्तिकेय गुप्ता ने आल इंडिया टॉप किया है।

संस्था के निदेशक बृजेश माहेश्वरी ने बताया कि दो साल से एलन कॅरियर इंस्टीट्यूट के क्लासरूम प्रोग्राम के छात्र कार्तिकेय गुप्ता ने टॉप-10 में रैंक 1 दी है। कार्तिकेय दो साल से एलन कॅरियर इंस्टीट्यूट के क्लासरूम स्टूडेंट हैं। एलन क्लासरूम प्रोग्राम से यह तीसरी बार रैंक-1 है। इससे पहले एलन क्लासरूम स्टूडेंट चित्रांग मूर्दिया ने 2014 में और अमन बंसल ने 2016 में आल इंडिया टॉप कर चुके हैं।

इस वर्ष के एलन के परिणाम बहुत उत्साहजनक रहे हैं। सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट में आल इंडिया रैंक-1 पर एलन स्टूडेंट नलिन खंडेलवाल रहे, इसके साथ ही अरूणांग्शु भट्टाचार्य ने जिपमेर में टॉप किया। इसके साथ ही एलन कॅरियर के ही क्लासरूम प्रोग्राम के छात्र निशांत अभंगी ने आल इंडिया रैंक 6 तथा कौस्तुभ धिगे ने रैंक 7 तथा आदित्य बडोला ने रैंक 11 प्राप्त की है। एलन के सम्बित बेहरा ने एससी कैटेगिरी में रैंक 1 प्राप्त की है।

सात में से तीन जोन टॉपर एलन से
माहेश्वरी ने बताया कि आईआईटी के सात जोन में तीन जोन टॉपर एलन से रहे। इसमें आईआईटी मुम्बई जोन में कार्तिकेय गुप्ता, खड़गपुर जोन में गुड़िपटे अनिकेत एवं आईआईटी रूडकी जोन से जयेश सिंगला ने टॉप किया है।

माहेश्वरी ने बताया कि आईआईटी रूड़की द्वारा 27 मई को दो पारियों में यह परीक्षा देश के 155 परीक्षा शहरों में आयोजित करवाई गई। जारी किए गए परिणामों में काउंसलिंग के लिए क्वालीफाइड विद्यार्थी ही 23 आईआईटी की 11279 सीटों पर प्रवेश ले सकेंगे। इस वर्ष जेईई-एडवांस्ड परीक्षा कुल 372 अंकों की हुई थी, जिसमें पेपर-1 एवं पेपर-2 दोनों ही 186-186 अंकों के थे।

केन्द्रीय कर्मचारियों का कैंटीन भत्ता हुआ दोगुना, 7 साल बाद लिया फैसला

नई दिल्ली। करीब 7 साल बाद केन्द्रीय कर्मचारियों के लिए केन्द्र सरकार ने कैंटीन भत्ता में बढ़ोतरी करने का फैसला लिया है। अब पहले से मिल रहे भत्ते में दोगुना की वृद्धि की गई है। इसके साथ ही यह भी तय किया गया है कि जब भी महंगाई भत्ता की वृद्धि 50 फीसदी तक होगी तो कैंटीन भत्ता में भी 25 फीसदी की वृद्धि की जाएगी। यह वृद्धि 1 जनवरी 2017 से लागू मानी जाएगी। अब कर्मचारियों को 750-1050 रुपए कैंटीन भत्ता हर महीने मिला करेगी।

पेंशन को कैसे करें खर्च, सरकार देगी सलाह
सरकारी कर्मचारियों के रिटायर होने पर उन्हें जो राशि मिलती है उसका कई अवसर पर ढ़ंग से उपयोग नहीं कर पाते हैं। कभी-कभी वे उचित तरीके से निवेशन नहीं कर पाते हैं। इस वजह से अब सरकार पेंशन के पैसे को खर्च व निवेश संबंधित सलाह देगी। सरकार विशेषज्ञों के माध्यम से कर्मचारियों को बताएगी कि किस रकम को कहां खर्च किरा जजाएगा। इसके लिए कार्मिक विभाग विशेषज्ञों की नियुक्ति करेगा।

चौतरफा बिकवाली से सेंसेक्स 289 अंक फिसला, निफ्टी 11,850 से नीचे

नई दिल्ली। वैश्विक संकेतों से निवेशकों में छाई चौतरफा बिकवाली के कारण भारतीय शेयर बाजार शुक्रवार को लगातार दूसरे दिन गिरावट के साथ बंद हुए। बंबई स्टॉक एक्सचेंज का 30 शेयरों का संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 289 अंकों की गिरावट के साथ 39,452 अंकों पर और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का 50 शेयरों का संवेदी सूचकांक निफ्टी 90 अंकों की गिरावट के साथ 11,850 अंकों के स्तर से गिरकर 11,823 अंकों पर बंद हुआ। सेंसेक्स में बैंकिंग सेक्टर के शेयरों में सबसे ज्यादा 462 अंकों की गिरावट दर्ज की गई।

भारत की ओर से 29 अमेरिकी उत्पादों पर इंपोर्ट टैरिफ लगाने के संकेतों से निवेशकों में घबराहट का माहौल दिखा। इस कारण निवेशकों ने जमकर बिकवाली की। इसका असर यह दिखा कि अधिकांस सेक्टोरियल इंडेक्स गिरावट के साथ लाल निशान में बंद हुए। सेंसेक्स में सबसे ज्यादा गिरावट बैंकिंग सेक्टर में दिखी। बैंकिंग सेक्टर के शेयर 462 अंकों की गिरावट के साथ 34,352 अंकों पर बंद हुए। इसके अलावा ऑटो सेक्टर में 191, हेल्थकेयर सेक्टर में 108, कंज्यूमर ड्यूरेबल सेक्टर में 167 अंकों की गिरावट दर्ज की गई।

ये रहा निफ्टी का हाल
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज के निफ्टी में भी सेंसेक्स जैसा हाल रहा। निफ्टी में सभी सेक्टोरियल इंडेक्स गिरावट के साथ लाल निशान में बंद हुए। निफ्टी में सबसे ज्यादा 2.24 फीसदी की गिरावट मीडिया सेक्टर के शेयरों में दर्ज की गई। इसके अलावा रियल्टी सेक्टर में 2.10 फीसदी, प्राइवेट बैंक 1.36 फीसदी, एफएमसीजी सेक्टर 1.28 फीसदी की गिरावट के साथ बंद हुए।

मई में थोक मुद्रास्फीति दो साल के निचले स्तर 2.45 % पर पहुंची

नई दिल्ली। थोक मूल्य पर आधारित महंगाई मई में पिछले 22 महीने के निचले स्तर पर गिरकर 2.45 प्रतिशत पर रही। थोक महंगाई में गिरावट की प्रमुख वजह खाद्य सामग्री, ईंधन और बिजली की दरों का कम होना है। थोक मूल्य सूचकांक आधारित मुद्रास्फीति के आधिकारिक आंकड़े शुक्रवार को जारी किए गए।

आंकड़े बताते हैं कि जुलाई 2017 से लगभग 22 महीने बाद थोक मुद्रास्फीति का यह सबसे निचला स्तर है। जुलाई 2017 में इसकी दर मात्र 1.88 प्रतिशत थी। अप्रैल 2019 में यह 3.07 प्रतिशत रही, जबकि मई 2018 में यह 4.78 प्रतिशत थी।

खाद्य वस्तुओं में थोक मुद्रास्फीति का स्तर 6.99 प्रतिशत रहा, जबकि अप्रैल में यह 7.37 प्रतिशत था। हालांकि महीने के दौरान प्याज की कीमतों में बढ़ोतरी देखी गई और इसकी मुद्रास्फीति की दर 15.89 प्रतिशत रही।

सब्जियों की थोक मुद्रास्फीति इस दौरान नरम पड़कर 33.15 प्रतिशत रही जबकि अप्रैल में यह 40.65 प्रतिशत थी। आलू की थोक मुद्रास्फीति मई में घटकर शून्य से 23.36 प्रतिशत नीचे रही जबकि अप्रैल में यह शून्य से 17.15 प्रतिशत नीचे थी।

ईंधन एवं बिजली क्षेत्र में मुद्रास्फीति की दर घटकर 0.98 प्रतिशत रही जो पिछले महीने 3.84 प्रतिशत थी। विनिर्मित वस्तुओं की कीमतों में भी कमी देखी गई है। मई में इसकी मुद्रास्फीति दर 1.28 प्रतिशत रही जो अप्रैल में 1.72 प्रतिशत थी।

मार्च की थोक मुद्रास्फीति के संशोधित आंकड़े भी जारी किए गए हैं। मार्च की संशोधित मुद्रास्फीति 3.10 प्रतिशत रही जबकि अनुमानित अस्थायी आंकड़ों में यह 3.18 प्रतिशत थी। इस हफ्ते की शुरुआत में खुदरा मुद्रास्फीति के आंकड़े भी जारी किए गए थे।

मई में उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई) आधारित खुदरा मुद्रास्फीति सात महीने के उच्च स्तर यानी 3.05 प्रतिशत पर रही थी। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) अपनी मौद्रिक नीति को तय करने में खुदरा मुद्रास्फीति के आंकड़ों पर भी गौर करता है।

6 जून को जारी मौद्रिक समीक्षा में केंद्रीय बैंक ने नीतिगत ब्याज दर या रीपो रेट को घटाकर 5.75 प्रतिशत कर दिया था जो पहले छह प्रतिशत थी। रिजर्व बैंक ने 2019-20 की पहली छमाही में मुद्रास्फीति 3 से 3.1 प्रतिशत रहने का अनुमान लगाया है।

JEE Advanced Result 2019 घोषित, कार्तिकेय गुप्ता बने टॉपर

नई दिल्ली। जेईई एडवांस्ड के परिणाम की घोषणा कर दी गई है। आईआईटी रूड़की ने जेईई एडवांस्ड की आधिकारिक वेबसाइट पर इसकी सूचना दे दी है। साथ ही लिंक भी जारी किया है। JEE Advanced Result 2019 में कार्तिकेय गुप्ता टॉपर बने हैं। इस बार जेईई एडवांस्ड पेपर-1 और पेपर-2 दोनों मिलाकर कुल 1,61,319 अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल हुए थे। इनमें से 38,705 अभ्यर्थी सफल हुए हैं। इनमें से 5356 छात्राएं हैं।

कार्तिकेय गुप्ता महाराष्ट्र के बल्लारपुर के रहने वाले हैं। उन्होंने 372 में से 346 अंक हासिल किए हैं। जेईई एडवांस्ड में टॉपर बने कार्तिकेय गुप्ता को ज्वाइंट एंट्रेंस एग्जामिनेशन (JEE) मेन में 18वीं रैंक मिली थी। वहीं छात्राओं में तेलंगाना की शबनम सहाय ने टॉप किया है। 372 में से 308 अंक पाकर शबनम ने जनरल मेरिट लिस्ट में 10वीं रैंक हासिल की है।

अभ्यर्थियों को ऑनलाइन पोर्टल के अलावा रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर टेक्स्ट मैसेज के जरिये भी परिणाम बताए जाएंगे। हालांकि किसी भी अभ्यर्थी को अलग से पोस्ट द्वारा कोई रैंक-कार्ड नहीं भेजा जाएगा। बता दें कि इस बार जेईई एडवांस्ड का आयोजन 27 मई 2019 को दो पालियों में किया गया था। आईआईटीज ने ज्वाइंट एडमिशन बोर्ड 2019 के मार्गदर्शन में परीक्षा आयोजित की थी। करीब 1.73 लाख अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल हुए थे। जबकि देश के विभिन्न आईआईटीज में सीटों की संख्या करीब 11279 है।

जोनल टॉपर्स

जोन   टॉपर   रैंक
आईआईटी बॉम्बे गुप्ता कार्तिकेय चंद्रेश 01
आईआईटी दिल्लीहिमांशु गौरव सिंह 02
आईआईटी गुवाहाटी   प्रदीप्ता पराग बोरा 28
आईआईटी कानपुरध्रुव अरोड़ा24
आईआईटी खड़गपुर  गुडीपति अनिकेत29
आईआईटी हैदराबाद  गिल्लेल्ला आकाश रेड्डी04
आईआईटी रूड़कीजयेश सिंगला17

कैटेगरी टॉपर्स

कैटेगरीनामरैंकशहर
जेनरलकार्तिकेय गुप्ता01बल्लारपुर
जेनरलहिमांशु गौरव सिंह02इलाहाबाद
जेनरलअर्चित बूबना03नई दिल्ली
जेनरल-ईडब्ल्यूएसचंद्रशेखर एसएस हेथहाव्या01माधापुर
ओबीसी एनसीएलहिमांशु गौरव सिंह01इलाहाबाद
एससीसंबित बेहरा01भुवनेश्वर
एसटीपीयूष राज01जयपुर
जनरल-पीडब्ल्यूडीसुमित जैन01सतना
जेनरल-ईडब्ल्यूएस-पीडब्ल्यूडीदसारी राजेश01गांधीनगर
ओबीसी-एनसीएल-पीडब्ल्यूडीवेदांत दीपक01नागपुर
एससी-पीडब्ल्यूडीआर्यन कुमार01कानपुर
एसटी-पीडब्ल्यूडीधनंजय सपावत01कोटा

ऐसे डाउनलोड कर सकेंगे अपना परिणाम

  • परिणाम जारी होने के बाद जेईई एडवांस्ड की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं।
  • होम पेज पर आपको रिजल्ट की लिंक मिलेगी।
  • यहां क्लिक करते ही नया पेज खुलेगा। इस पेज पर मांगी गई जानकारी दर्ज करें।
  • सबमिट करते ही आपका परिणाम आपके सामने होगा।
  • इसे डाउनलोड कर एक प्रिंट आगे की प्रक्रिया के लिए सुरक्षित रख लें।

40 लाख तक टर्नओवर वाले व्यापारियों को नहीं मिलेगी पेंशन, जानिए क्यों

नई दिल्ली। केंद्र में दूसरी बार सत्ता संभालने के बाद मोदी सरकार ने अपना चुनावी वादा पूरा करते हुए पहली कैबिनेट बैठक में छोटे व्यापारियों और दुकानदारों के लिए पेंशन स्कीम की घोषणा की थी। इसके स्कीम के तहत 60 साल की उम्र पार कर चुके व्यापारियों, दुकानदारों को हर महीने 3000 रुपए की पेंशन दी जाएगी। लेकिन इस स्कीम का फायदा ज्यादा व्यापारियों को मिलता नहीं दिख रहा है। इसकी राह में कई सरकारी नियम आड़े आ रहे हैं।

सरकार के अनुसार, 1.5 करोड़ रुपए तक का सालाना टर्नओवर वाले जीएसटी में पंजीकृत व्यापारियों-दुकानदारों को ही इसका लाभ मिलेगा, जबकि सरकार ने 40 लाख तक के जीएसटी टर्नओवर वालों को जीएसटी रजिस्ट्रेशन से छूट दे रखी है। इस पेंशन स्कीम का लाभ लेने के लिए व्यापारियों और दुकानदारों को अपना जीएसटी नंबर भी देना होगा।

ऐसे में जब 40 लाख तक के टर्नओवर व्यापारियों को जीएसटी रजिस्ट्रेशन से छूट प्राप्त है तो उन्हें पेंशन स्कीम का फायदा कैसे मिलेगा। आपको बता दें कि 10 जनवरी को आयोजित बैठक में जीएसटी काउंसिल ने रजिस्ट्रेशन से छूट की सीमा को बढ़ाकर 20 लाख से 40 लाख रुपए कर दिया था। यह फैसला 1 अप्रैल से लागू हो गया है।

1.5 करोड़ तक सालाना जीएसटी टर्नओवर वालों को मिलेगा लाभ
सरकार के अनुसार, इस योजना का लाभ उन सभी छोटे दुकानदारों और सेल्फ एंप्लॉयड पर्सन्स को मिलेगा जिनका सालाना जीएसटी टर्नओवर 1.5 करोड़ रुपए से कम और आयु 18-40 साल के बीच है।

यह योजना पूरी तरह से स्व घोषित पद्धति पर आधारित है और इसका लाभ लेने के लिए आधार नंबर और बैंक खाता के अलावा अन्य किसी कागजात की जरूरत नहीं है। इस योजना के तहत छोटे कारोबारी देशभर में फैले 3.25 कॉमन सर्विस सेंटर पर खुद पंजीकरण करा सकते हैं। सरकार ने दावा किया है कि इस स्कीम से देश के करीब 3 करोड़ छोटे व्यापारियों-दुकानदारों को लाभ मिलेगा।

ऐसे मिलेगा पेंशन स्कीम का फायदा
बयान के अनुसार, इस योजना में जितना योगदान कारोबारी करेंगे, उतना ही केंद्र सरकार करेगा। उदाहरण के लिए यदि कोई व्यापारी 29 साल की उम्र में 100 रुपए प्रति माह का योगदान करता है तो केंद्र सरकार भी उसके पेंशन खाते में हर महीने 100 रुपए का अंशदान देगी। आपको बता दें कि चुनाव प्रचार के दौरान पीएम मोदी ने छोटे कारोबारियों को बुढ़ापे में उनके सम्मान और आर्थिक स्थिति को मजबूत बनाए रखने के लिए पेंशन स्कीम की आवश्यकता पर बल दिया था।

व्यापारियों ने की नियमों में बदलाव की मांग
पेंशन स्कीम को लेकर धीरे-धीरे नियम सामने आ रहे हैं। इनमें कई नियम ऐसे में जिनसे बड़ी संख्या में व्यापारियों-दुकानदारों को इस पेंशन स्कीम का लाभ नहीं मिलेगा। जीएसटी रजिस्ट्रेशन नंबर देने का नियम भी ऐसा ही नियम है। व्यापारी संगठनों का कहना है कि देश में बड़ी संख्या में ऐसे छोटे व्यापारी-दुकानदार हैं जिनका सालाना कारोबार 40 लाख रुपए से कम है। इस कारण उन्होंने जीएसटी में रजिस्ट्रेशन भी नहीं कराया है। व्यापारी संगठनों का कहना है कि जब छोटे व्यापारियों-दुकानदारों के पास जीएसटी रजिस्ट्रेशन नंबर ही नहीं है तो वे पेंशन के लिए आवेदन कैसे करेंगे।

पेंशन स्कीम का फायदा तुरंत दिया जाए
व्यापारी संगठनों का कहना है कि सरकार की स्कीम के अनुसार, इस स्कीम का फायदा 18 से 40 साल की उम्र के व्यापारियों को 60 साल की उम्र पार करने के बाद मिलेगा। ऐसे में यदि कोई व्यापारी 40 साल की उम्र में इस स्कीम में शामिल होता है तो उसे कम से कम 20 साल बाद पेंशन मिलेगी। व्यापारिक संगठनों के अनुसार, महंगाई को देखते हुए 20 साल बाद 3000 रुपए की वैल्यू आज के 300 रुपए के बराबर होगी। ऐसे में इस स्कीम का व्यापारियों को कोई फायदा नहीं होगा। व्यापारी संगठनों ने पेंशन स्कीम का फायदा तुरंत देने की मांग की है।

40 साल की उम्र पार कर चुके व्यापारियों को भी मिले लाभ
कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) पेंशन स्कीम में उम्र सीमा पर सवाल उठा चुका है। कैट का कहना है कि इस पेंशन स्कीम में 40 साल की उम्र पार कर चुके छोटे व्यापारियों-दुकानदारों के लिए कोई व्यवस्था नहीं की गई है, जबकि ऐसे व्यापारियों-दुकानदारों की संख्या 4 करोड़ है। इसमें 3 करोड़ से ज्यादा व्यापारी ऐसे हैं जिनकी उम्र 60 साल के पार है। ऐसे में सभी व्यापारियों को इस पेंशन स्कीम में शामिल किया जाए।

पेट्रोल-डीजल की कीमतों में गिरावट, दिल्ली में पेट्रोल 17 पैसे सस्ता

नई दिल्ली। कच्चे तेल में बढ़ोतरी के बावजूद भारतीय तेल बाजार में इसका उल्टा असर देखने को मिल रहा है। इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन ने शुक्रवार को लगातार दूसरे दिन पेट्रोल डीजल की कीमतों में गिरावट की है। पेट्रोल की कीमतों में 17 से 18 पैसे की कमी की गई है वहीं डीजल की कीमतों में 16 से 17 पैसे की गिरावट की गई है।

राजधानी दिल्ली में 17 पैसे की गिरावट के साथ पेट्रोल 70.18 रुपए प्रति लीटर बिक रहा है जबकि डीजल 16 पैसे की कमी के चलते 64.17 रुपए प्रति लीटर बिक रहा है। कोलकाता में 17 पैसे की कमी के चलते पेट्रोल 72.44 रुपए प्रति लीटर बिक रहा है जबकि 16 पैसे की कमी के चलते डीजल 66.09 रुपए प्रति लीटर बिक रहा है।

मुंबई में पेट्रोल 16 पैसे की कमी के चलते 75.88 रुपए प्रति लीटर बिक रहा है, जबकि 17 पैसे की कमी के चलते डीजल 67.28 रुपए प्रति लीटर बिक रहा है। चेन्नई में 18 पैसे की कमी के चलते पेट्रोल 72.90 रुपए प्रति लीटर बिक रहा है, जबकि 17 पैसे की कमी के चलते डीजल 67.88 रुपए प्रति लीटर बिक रहा है।

अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में शुक्रवार को बढ़ोतरी दर्ज की गई है। 0.15 फीसदी की बढ़ोतरी के साथ डबल्यूटीआई क्रूड 52.36 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा है। वहीं, 0.47 फीसदी की बढ़ोतरी के साथ ब्रेंट क्रूड 61.60 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा है।