Thursday, April 23, 2026
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CBSE: कॉपी जांच में मिली गड़बड़ी, दोबारा चेकिंग में 100 में से 100 नंबर

फरीदाबाद। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) 12वीं कक्षा की उत्तर पुस्तिका जांचने में चूक का मामला सामने आया है। दोबारा कॉपी जंचवाने के बाद जिले में पहला स्थान प्राप्त करने वाली बल्लभगढ़ की अज्जी कॉलोनी निवासी तनीषा बंसल के गणित में 2 नंबर बढ़ गए, जिसके बाद उनके 100 नंबर हो गए। वह ऑल इंडिया लेवल पर तीसरे पर और हरियाणा में दूसरे स्थान पर आ गई हैं। इसी तरह स्प्रिंग फील्ड कॉलोनी निवासी यशिता मलिक को इकोनॉमिक्स में 79 अंक मिले थे, जो दोबारा कॉपी जंचवाने के बाद बढ़कर 95 हो गए हैं।

ऋषि मलिक ने बताया कि उनकी बेटी यशिता मलिक के पास कॉमर्स है और उसके 12वीं कक्षा के सभी पेपर अच्छे हुए थे। दो मई को परीक्षा परिणाम आया। सभी विषयों में अच्छे अंक आए थे, लेकिन इकोनॉमिक्स में 79 नंबर ही मिले, जबकि यशिता को विश्वास था कि उनका पेपर बहुत अच्छा हुआ है और कम नंबर नहीं आ सकते।

यशिता के कहने पर चार मई को फीस जमा करा कर उत्तर पुस्तिका जांच की कार्रवाई शुरू कर दी। ऑनलाइन उत्तर पुस्तिका मंगाई, जिसमें कई उत्तर ऐसे थे, जो सही थे, लेकिन उनमें नंबर कम थे। इसके चलते सभी 10 उत्तरों की जांच कराई। जिसके बाद अंक 79 से बढ़कर 95 हो गए।

जिले में पहला स्थान प्राप्त करने वाली बल्लभगढ़ की अज्जी कॉलोनी निवासी तनीषा बंसल के साथ भी ऐसा हुआ है। उत्तर पुस्तिका निरीक्षक ने गणित में दो अंक कम दिए थे। गणित में 98 अंक होने की वजह से वह ऑल इंडिया टॉपर सूची में शामिल होने से वंचित रह गई थीं।

उन्होंने उत्तर पुस्तिका की जांच कराई, तो दो अंक बढ़ गए और वह ऑल इंडिया लेवल पर तीसरे स्थान पर पहुंच गईं, जबकि हरियाणा में दूसरे स्थान पर काबिज हुईं। दो सवालों में तनीषा के 1-1 नंबर बढ़े हैं। पहले उन्हें कुल 497 नंबर मिले थे, जो अब बढ़कर 499 हो गए हैं।

आईएमए का देशव्यापी बंद आज, शाम को निकालेंगे कैंडल मार्च

कोटा। बंगाल में डाॅक्टर्स पर हो रहे सुनियोजित हमलों के विरोध में आईएमए के देशव्यापी सांकेतिक बन्द के आह्वान पर कोटा एवं आसपास के क्षेत्र में सोमवार को प्रातः 6 बजे से मंगलवार प्रातः 6 बजे तक सभी प्राइवेट एवं सरकारी आउटडोर सेवाएं स्थगित रहेंगी। आईएमए के अध्यक्ष डाॅ. एस सान्याल तथा सचिव केके डंग ने बताया कि इस दौरान इमरजेन्सी सेवाएं यथावत् रहेंगी, इन्हें बंद से अलग रखा गया है।

शहर के सभी चिकित्सक सुबह 10 बजे आईएमए हाॅल नयापुरा पर एकत्र होंगे। जहां टीमें गठित करके क्लोजर सुनिश्चित करने के लिए विभिन्न अस्पतालों, नर्सिंग होम और क्लीनिकों का दौरा करेंगे। इसी दिन शाम को 6.30 बजे मैत्री अस्पताल झालावाड़ रोड के सामने कैंडल मार्च का आर्याजन भी किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि हमारी मुख्य मांग है, चिकित्सक व चिकित्सा कर्मियों को अपने कार्य स्थान पर समुचित सुरक्षा मुहैया कराने के लिए केन्द्रीय सरकार पूरे देश में एक समान चिकित्सक सुरक्षा कानून लाए और सम्पूर्ण देश के सभी प्रान्तों एवं केन्द्र शासित प्रदेशों में लागू करने के लिए आदेश जारी करे।

अन्यथा कतिपय असामाजिक तत्वों के कारण बने इस भय के वातावरण में एक सामान्य चिकित्सक के मानस में गम्भीर रोगी को अपने कार्य स्थान पर सुविधा न देकर आगे और आगे रैफर करने की प्रवृत्ति घर करती जा रही है। जो आम जनता के लिए नुकसानदेह हो सकता है।

विभिन्न संगठनों ने दिया समर्थन
चिकित्सकों के आन्दोलन को सामाजिक संगठनों की ओर से भी समर्थन मिलने लगा है। कोटा में सिख समाज की तरफ से बाबा लक्खा सिंह ने ऑस्ट्रेलिया से डॉ केवल डंग सचिव आईएमए को फोन पर बताया कि सिख समाज कोलकाता में डॉक्टर के खिलाफ हुईं हिंसात्मक कार्यवाही की घोर निंदा करता है। उन्होंने कहा कि चिकित्सक मरीज को बचाने के लिए हर सम्भव प्रयास करता है।

डाॅक्टर कभी भी नहीं चाहता की उसके इलाज के दौरान रोगी का बुरा हो। सिख समाज हमेशा सच्चाई का पक्षधर रहा है और सच्चाई के हक में हमेशा सहयोग देता रहेगा। रोटरी क्लब कोटा सेन्ट्रज के अध्यक्ष कपिल टूटेजा, सचिव अंकित तिलानी, जैन सोशल ग्रुप कोटा के अध्यक्ष पंकज सेठी, सचिव अनुराग जैन, सिंधु सोशल सर्किल की ओर से किशन रतनानी ने भी आन्दोलन को सर्तन दिया है।

इसके अलावा आईएमए की महिला विंग, सेवारत चिकित्सक, रेजिडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन, कोटा ऑर्थोपेडिक सोसाइटी, कोटा ऑप्थल्मोलॉजी सोसाइटी, इण्डियन डेंटल एसोसिएशन काॅग्स, मेडिकल स्टूडेंट एसोसिएशन, इन्टर्न एसोसिएशन, सीनियर रेजिडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन ने भी समर्थन किया है।

जैविक खेती: कम खर्च में मुनाफे का सौदा

कोटा। भारतीय किसान संघ कोटा संभाग की ओर से रविवार को सरस्वती विद्या मंदिर सुल्तानपुर में जैविक खेती पर अभ्यास वर्ग का आयोजन किया गया। जिसमें पद्मश्री से सम्मानित हाॅर्टिकल्चर बोर्ड नई दिल्ली के सदस्य हुकुम पाटीदार के द्वारा जैविक खेती का लाइव प्रशिक्षण दिया गया।

भारतीय किसान संघ के प्रान्त जैविक प्रमुख तथा भारत सरकार के द्वारा सम्मानित मोतीसिंह रावत ने पोली हाऊस में जैविक खेती के बारे में विचार रखे। इस दौरान कोटा, बूंदी, बारां और झालावाड़ के किसानों ने प्रशिक्षण प्राप्त किया।

हुकुमचन्द पाटीदार ने अभ्यास वर्ग में जैविक खेती का प्रशिक्षण देते हुए कहा कि 2030 तक कृषि में व्यापक परिवर्तन नहीं किए तो देश की 45 प्रतिशत आबादी कैंसर की शिकार होगी। किसानों के लिए वैज्ञानिक शोध होने चाहिए, लेकिन अब हमें उपज को बढाने की आवश्यकता नहीं है।

हमारी उपज विश्व मानकों के अनुसार हो
उन्होंने कहा कि किसानों को रिसर्च और अनुसंधान किसानों को स्वयं करने होंगे। जिससे किसानों की उपज की गुणवत्ता में वृद्धि हो सके। जब तक हमारी उपज विश्व मानकों के अनुसार नहीं होगी, तब तक उपज के बेहतर दाम मिलना मुश्किल है। देश के वैज्ञानिक शोध भी अब इसी दिशा में होने चाहिए।

हुकुमचन्द पाटीदार ने अभ्यास वर्ग में जैविक खेती का प्रशिक्षण देते हुए कहा कि 2030 तक कृषि में व्यापक परिवर्तन नहीं किए तो देश की 45 प्रतिशत आबादी कैंसर की शिकार होगी। किसानों के लिए वैज्ञानिक शोध होने चाहिए, लेकिन अब हमें उपज को बढाने की आवश्यकता नहीं है।

कहा कि किसानों को रिसर्च और अनुसंधान किसानों को स्वयं करने होंगे। जिससे किसानों की उपज की गुणवत्ता में वृद्धि हो सके। जब तक हमारी उपज विश्व मानकों के अनुसार नहीं होगी, तब तक उपज के बेहतर दाम मिलना मुश्किल है। देश के वैज्ञानिक शोध भी अब इसी दिशा में होने चाहिए।

पाटीदार ने कहा कि हमारे पशुधन को निरुपयोगी बनाकर आर्थिक रूप से कमर तोड़ने का कुचक्र रचा गया है। आज 1 किलो गेहूं पर 32 रुपए का खर्च आ रहा है। 25 फीसदी मुनाफे समेत 40 रुपए किलो बिकने पर ही किसानों को फायदा हो सकता है। ऐसे में, खेती को मुनाफे में लाने के लिए हमें खर्च में कटौती करनी होगी। जो केवल जैविक खेती के द्वारा ही संभव है।

बीज से बाजार तक किसानों का अधिकार हो
खेती से 1 किलो गेहूं पर केवल 10 रुपए का खर्च आएगा। उन्होंने कहा कि बीज से बाजार तक किसानों का अधिकार होना चाहिए। आज देश में गरीबों को दो रुपए किलो के गेहूं के नाम पर जहर का स्प्रे किया गया और सल्फास में सुरक्षित रखा गया गेहूं बांटा जा रहा है।

मोतीलाल रावत ने कहा कि जहरीली खेती ने पर्यावरण, हवा, पानी और धरती को प्रदूषित करने का काम किया है। अब आवश्यकता प्रदूषण मुक्त कृषि को बढावा देने की है। हमें पर्यावरण फ्रेंडली कृषि करके देश के स्वास्थ्य के साथ अपना मुनाफा भी बढाना होगा।

कृषि वैज्ञानिक पवन कुमार टांक ने कहा कि कृषि को बाजार पर आधारित नहीं होना चाहिए। कृषि जितनी अधिक खेत पर आधारित होगी, उतना ही मुनाफा अधिक होगा। खेती की सारी आवश्यकताएं बीज से लेकर बाजार तक खेत पर ही पूरी होनी चाहिए। प्रान्त संगठन मंत्री हेमराज ने कहा कि जैविक खेती को बिना गाय के कर पाना संभव नहीं है। संभागीय उपाध्यक्ष जगदीश खाती ने आभार प्रकट किया।

इस दौरान कोटा जिलाध्यक्ष गिर्राज चौधरी, प्रान्त संगठन मंत्री हेमराज, जिला संघचालक डालचंद नागर, कोटा संभाग के उपाध्यक्ष जगदीश खाती, प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य मोहनलाल नागर, पा्रन्त महामंत्री जगदीश कलमंडा, प्रान्त मंत्री शंकरलाल धाकड़, संभाग मंत्री प्रहलाद नागर, संभाग मीडिया प्रभारी आशीष मेहता, संभाग के युवा सदस्य हरिसिंह समेत कईं लोग उपस्थित रहे।

एक देश, एक चुनाव पर पीएम मोदी ने बुलाई सर्वदलीय बैठक

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नई दिल्ली। पीएम नरेंद्र मोदी ने एक देश, एक चुनाव के मुद्दे पर चर्चा के लिए संसद भवन में सभी दलों के राष्ट्रीय अध्यक्षों की मीटिंग बुलाई है। यह मीटिंग 19 जून को होगी। संसदीय कार्यमंत्री प्रह्लाद जोशी ने बताया कि पीएम मोदी इस बैठक में एक देश, एक चुनाव और महात्मा गांधी की 150वीं जयंती से जुड़े कार्यक्रमों को लेकर चर्चा करेंगे। इसके अलावा पीएम मोदी ने 20 जून को लोकसभा और राज्यसभा के सभी सांसदों की मीटिंग भी बुलाई है। जोशी ने कहा कि पीएम मोदी संसद में टीम स्पिरिट पैदा करना चाहते हैं।

मोदी 30 जून को करेंगे ‘मन की बात’, मांगे सुझाव
रविवार को सरकार की ओर से बुलाई गई सर्वदलीय मीटिंग को लेकर प्रह्लाद जोशी ने कहा कि हमें विपक्षी दलों के साथ ही सहयोगियों से भी सुझाव मिले हैं। मीटिंग के दौरान पीएम मोदी ने कहा कि इस बार संसद में कई नए चेहरे आए हैं और उनकी ओर से आने वाले विचारों को शामिल किया जाना चाहिए। 19 जून को होनी वाली बैठक में पीएम नरेंद्र मोदी भी मौजूद रहेंगे।

सर्वदलीय बैठक के बाद जोशी ने कहा कि वर्ष 2022 में भारत की आजादी के 75 साल पूरे होने जा रहे हैं। इसके अलावा इस साल महात्मा गांधी का 150वां जयंती वर्ष मनाया जा रहा है। इस संबंध में आयोजनों के बारे में चर्चा करने तथा जिलों से संबंधित मुद्दों पर विचार विमर्श करने के लिए भी प्रधानमंत्री मोदी ने बैठक बुलाई है। गौरतलब है कि सोमवार से संसद का बजट सत्र शुरू हो रहा है।

बता दें कि संसद का बजट सत्र 17 जून से शुरू हो रहा है और 17 जुलाई तक चलेगा। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमन 4 जुलाई को आर्थिक समीक्षा पेश करेंगी और 5 जुलाई को बजट पेश किया जाएगा।

आ रही Honda e इलेक्ट्रिक कार, एक बार चार्ज पर चलेगी 200 किमी

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नई दिल्ली।जापान की कार कंपनी Honda नई इलेक्ट्रिक कार Honda e लाने की तैयारी में है। यह होंडा की पहली इलेक्ट्रिक कार होगी, जिसे कंपनी के डेडिकेटेड इलेक्ट्रिक वीइकल प्लैटफॉर्म पर बनाया जाएगा। होंडा ने इस कॉम्पैक्ट इलेक्ट्रिक कार के प्लैटफॉर्म के बारे में जानकारी शेयर की है, जिससे इसके मोटर और रेंज और चार्जिंग समेत काफी डीटेल सामने आ गए हैं।

होंडा-ई के प्लैटफॉर्म को शहरों के हिसाब से डिवेलप किया गया है। कार के बेहतर बैलेंस के लिए इसका वेट डिस्ट्रिब्यूशन 50:50 के रेश्यो में रखा गया है और बैटरियों को कार के फ्लोर के नीचे दिया गया है। कार के रियर एक्सेल पर इलेक्ट्रिक मोटर दिया गया है, जो पीछे वाले पहियों को पावर देता है यानी यह कार रियर वील ड्राइव है।

होंडा-ई में सभी चारों वील्ज पर अलग-अलग सस्पेंशन दिए गए हैं। वजन कम रखने के लिए सस्पेंशन के कम्पोनेंट्स हल्के ऐल्युमिनियम से बने हैं। इलेक्ट्रिक कार का चार्जिंग पोर्ट बोनट में है। इसके साथ एक ग्लास पैनल दिया गया है, जो बैटरी की चार्जिंग स्थिति बताता है।

होंडा की इस कॉम्पैक्ट इलेक्ट्रिक कार में वाटर-कूल्ड 35.5 kWh का बैटरी पैक दिया है। कंपनी का दावा है कि एक बार फुल चार्ज होने पर यह कार 200 किलोमीटर का रेंज देगी यानी इतनी दूरी तय करेगी। बैटरी को टाइप 2 AC कनेक्शन या CCS2 DC रैपिड चार्जर से चार्ज किया जा सकता है। रैपिड चार्जर से इसकी 80 पर्सेंट बैटरी 30 मिनट में चार्ज हो जाएगी।

होंडा ई को इस साल के अंत तक इंटरनैशनल मार्केट में लॉन्च किया जाएगा। इस इलेक्ट्रिक कार की डिलिवरी साल 2020 में शुरू होगी। यूके, जर्मनी, फ्रांस और नॉर्वे के लिए इसकी बुकिंग भी शुरू हो गई है।

विदेशी संकेतों और मानसून की प्रगति से तय होगी बाजार की चाल

नई दिल्ली। भारतीय शेयर बाजार की चाल इस सप्ताह विदेशी संकेतों और प्रमुख घरेलू कारकों से तय होगी। भू-राजनीतिक तनाव और प्रमुख वैश्विक आर्थिक आंकड़ों का बाजार पर असर देखने को मिलेगा। खासतौर से अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के दाम और डॉलर के मुकाबले रुपए की चाल से शेयर बाजार को दिशा मिलेगी।

संसद का बजट सत्र भी करेगा प्रभावित
सोमवार से संसद का बजट सत्र आरंभ हो रहा है। देश में नई सरकार के गठन के बाद संसद के सत्र के आरंभ होने पर बाजार राजनीतिक गतिविधियों को घरेलू शेयर बाजार पर असर देखने को मिलेगा। फिलहाल मानसून की प्रगति पर निवेशकों की नजर टिकी हुई है। गौरतलब है कि इस साल मानसून एक सप्ताह विलंब से आया है।

इसके अलावा, बाजार की नजर विदेशी पोर्टफोलियों निवेशकों (एफपीआई) और घरेलू संस्थागत निवेशकों के निवेश रुझान पर भी बाजार की नजर होगी। पिछले सप्ताह खाड़ी क्षेत्र में तेल वाहक दो जहाजों पर हमले के बाद भू-राजनीतिक तनाव बढ़ गया है। वहीं, अमेरिका-चीन व्यापारिक तनाव से दुनियाभर के शेयर बाजारों में पिछले सप्ताह मंदी का माहौल रहा जिसका असर भारतीय शेयर बाजार पर भी दिखा।

फेडरल ओपन मार्केट कमेटी की बैठक मंगलवार से
उधर, अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व की फेडरल ओपन मार्केट कमेटी की बैठक मंगलवार से शुरू हो रही है और बैठक के नतीजों की घोषणा बुधवार को हो सकती है। फेडरल रिजर्व की बैठक के नतीजे से बाजार को दिशा मिल सकती है।

इसके अलावा, अमेरिका में आईएचएस फ्लैश मार्किट यूएस कंपोजिट पीएमआई और आईएचएस फ्लैश मार्किट यूएस सर्विसेज पीएमआई के जून महीने के आंकड़े शुक्रवार को जारी हो सकते हैं। वहीं, बैंक ऑफ जापान और बैंक ऑफ इंग्लैंड गुरुवार को अपने नीतिगत फैसलों की घोषणा करने वाले हैं।

गुरुवार को एमपीसी की बैठक का ब्यौरा आएगा
भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) की मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) की पिछले दिनों हुई बैठक के ब्योरे (मिनट्स) भी गुरुवार को जारी हो सकते हैं। आरबीआई ने चालू वित्त वर्ष की दूसरी द्विमासिक मौद्रिक समीक्षा बैठक में प्रमुख ब्याज दर (रेपो रेट) में 25 आधार अंकों की कटौती कर इसे छह फीसदी से घटाकर 5.75 फीसदी कर दिया था।

भारत आया कंप्यूटर का ‘बाप’, वजन 150 किग्रा, डेढ़ दिन में करेगा 15 दिन का काम

जयपुर। आर्टिफिशल इंटेलिजेंस में दुनिया का सबसे शक्तिशाली सुपरकंप्यूटर डीजीएक्स-2 भारत में भी आ गया है। इसे जोधपुर स्थित भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) में लगाया गया है। इससे देश में आर्टिफिशिल इंटेलिजेंस प्रशिक्षण गतिविधियों को बल मिलने की उम्मीद है। आईआईटी जोधपुर में कंप्यूटर साइंस विभाग के अध्यक्ष डॉ. गौरव हरित ने कहा, ‘यह दुनिया में अपनी तरह का सबसे तेज और आर्टिफिशल इंटेलिजेंस ऐप्लिकेशंस के लिए सबसे शक्तिशाली सुपरकंप्यूटर है जो भारत में पहली बार आया है। इसे यहां एक विशेष प्रयोगशाला में लगाया गया है।”

डॉ. हरित ने कहा कि लगभग 2.50 करोड़ रुपये की लागत वाले इस कंप्यूटर की क्षमता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इसमें 16 विशेष जीपीयू कार्ड लगे हैं और प्रत्येक की क्षमता 32 जीबी की है। इसकी रैम 512 जीबी की है। उन्होंने कहा कि आम कंप्यूटर की क्षमता केवल 150 से 200 वाट होती है जबकि इस सुपरकंप्यूटर की क्षमता 10 किलोवाट की है। इससे एआई के बड़े ऐप्लिकेशन के प्रशिक्षण में मदद मिलेगी।

हर कंप्यूटर प्रोग्राम डेटा विश्लेषण पर आधारित होता है और यह विश्लेषण इस सुपरकंप्यूटर में बहुत तेजी से होगा। कंप्यूटर में लगे 32 जीबी क्षमता के 16जीपीयू कार्ड इसे क्षमता के लिहाज से खास बना देते हैं और इसका परफॉर्मेंस काफी बढ़ जाता है। देश में इस समय आईआईएससी बेंगलुरू सहित कुछ संस्थानों में डीजीएक्स-1 सुपरकंप्यूटर मौजूद हैं। डीजीएक्स-2 सुपरकंप्यूटर पहली बार देश में आया है और इसकी क्षमता पहले वाले वर्जन से लगभग दोगुनी है।

मोटे तौर पर समझें तो डीजीएक्स-1 से जिस काम को करने में 15 दिन लगते हैं, उस काम को डीजीएक्स-2 सिर्फ डेढ़ दिन में कर देगा। लगभग 150 kg वजन वाले इस कंप्यूटर की इंटरनल स्टोरेज 30 टीबी है। आईआईटी जोधपुर व अमेरिकी सुपरकंप्यूटर कंपनी Nvidia के बीच एआई क्षेत्र में अनुसंधान के लिए दो साल का समझौता हुआ है। यह कंप्यूटर उसी करार के तहत यहां लाया गया है।

Redmi K20 Pro का टीजर रिलीज, जानिए स्पेसिफिकेशन्स

नई दिल्ली।चीन की स्मार्टफोन बनाने वाली कंपनी शाओमी ने हाल ही में ऐलान किया था कि वह अपने अगले फ्लैगशिप रेडमी के20 सीरीज को जल्द ही भारत में लॉन्च करेगा। इस घोषणा के बाद से ही यूजर्स में इस सीरीज के फोन को लेकर काफी एक्साइटमेंट है। यूजर्स की इस एक्साइटमेंट और बढ़ाते हुए कंपनी ने ट्विटर पर एक टीजर रिलीज किया है जिसमें अपकमिंग रेडमी के20 प्रो को दुनिया का सबसे फास्ट स्मार्टफोन बताया गया है।

शेयर किए गए टीजर में शाओमी रेडमी ने वनप्लस पर चुटकी भी ली है। गौरतलब है कि हाल में लॉन्च वनप्लस 7 प्रो को कंपनी ने अब तक का सबसे तेज फोन बताया था। इसी के जवाब में शाओमी ने वनप्लस पर चुटकी लेते हुए कहा कि कुछ खुशियां ज्यादा दिन तक नहीं रहतीं। इस ट्वीट में रेडमी ने एक इमेज को भी शेयर किया है जिसमें रेडमी के20 प्रो को दुनिया का सबसे तेज फोन बताया गया है।

शाओमी इस फोन को कब तक लॉन्च करेगा इस बारे में अभी कोई जानकारी नहीं दी गई है। हालांकि, शाओमी इंडिया के मैनेजिंग डायरेक्टर मनु कुमार जैन ने पिछले हफ्ते ट्वीट कर बताया था रेडमी के20 और रेडमी के20 प्रो अगले 6 हफ्तों में भारत में लॉन्च होंगे। इस ट्वीट के बाद से अब यह लगभग तय है कि शाओमी रेडमी के दोनों फोन जुलाई के मध्य तक लॉन्च हो जाएंगे।

रेडमी के20 प्रो के संभावित स्पेसिफिकेशन्स
चीन में रेडमी के20 प्रो 6जीबी+64जीबी, 6जीबी+128जीबी और 8जीबी+256जीबी वेरियंट में लॉन्चट किया गया है। फोन 1080X2340 पिक्सल रेजॉलूशन के साथ 6.39 इंच के फुल एचडी AMOLED डिस्प्ले के साथ आता है। फोन में इन-डिस्प्ले फिंगरप्रिंट सेंसर दिया गया है। ऐंड्रॉयड 9 पाई पर बेस्ड MIUI पर काम करने वाले इस फोन में स्नैपड्रैगन 855 एसओसी प्रोसेसर दिया गया है।

फटॉग्रफी के लिए फोन में ट्रिपल रियर कैमरा सेटअप मौजूद है। यहां 48 मेगापिक्सल के प्राइमरी सेंसर के साथ 13 मेगापिक्सल का सेकंडरी सेंसर और 8 मेगापिक्सल का टर्शियरी सेंसर दिया गया है। सेल्फी के लिए फोन में 20 मेगापिक्सल का पॉप-अप कैमरा दिया गया है।

रेडमी के20 प्रो की संभावित कीमत
कीमत की बात करें तो भारत में यह किस प्राइस टैग के साथ आएगा इस बारे में अभी कुछ नहीं कहा जा सकता। हालांकि, चीन में इस फोन का 6जीबी रैम+64जीबी स्टोरेज वेरियंट 2,499 युआन (करीब 25,200 रुपये), 6जीबी रैम+128जीबी स्टोरेज 2,599 युआन (करीब 26,200 रुपये) और 8जीबी रैम+256जीबी स्टोरेज 2,999 युआन (करीब 30,200 रुपये) में आता है।

आयकर विभाग से हुई बड़ी चूक, ITR -2 भरने में आ रही दिक्क्त

नई दिल्ली। यदि आप शेयरों की खरीद फरोख्त बार-बार करते हैं तो आपको इस साल इनकम टैक्स रिटर्न फाइल (ITR) करने में दिक्कत आ सकती है। वजह है वित्त वर्ष 2018-19 में आपको हुआ लांग टर्म कैपिटल गेन (एलटीसीजी)। आईटीआर फार्म में इसकी जानकारी आपको देनी होगी।

इसके लिए आईटीआर फॉर्म में अलग-अलग ट्रांजेक्शन की जगह केवल एक कंसोल‍िडेटेड फ‍िगर बतानी है जिसमें गलती होने की गुंजाइश है। आयकर विभाग की इस चूक को विशेषज्ञों ने पकड़ा है। उन्होंने सलाह दी है कि रिटर्न भरने में जल्दबाजी न करें। संभवत: आयकर विभाग आईटीआर फार्म में सुधार कर देगा जिसके बाद आप रिटर्न दाखिल करेंगे तो गलती नहीं होगी।

शेयर की एलटीसीजी की गणना करना मुश्किल
रियल एस्टेट, गोल्ड और डेट इंवेस्टमेंट जैसे अन्य एसेट के उलट शेयरों में निवेश पर एलटीसीजी कैलकुलेट करना थोड़ा जटिल है। इसके पीछे कारण ग्रैंडफादरिंग का क्लॉज है। सभी ट्रांजेक्शन के कुल मूल्य को मिलाकर उसे फाइल करने में गलती होने की आशंका रहती है। इक्विटी पर STCG (शॉर्ट-टर्म कैपिटल गेंस) समेत सभी अन्य एसेट के लिए आईटीआर फॉर्म अपने आप कैपिटल गेंस कैलकुलेट कर देता है। जै

से ही खरीदने और बेचने का मूल्य डाला जाता है अपने आप यह आंकड़ा निकल आता है। जबकि शेयरों पर एलटीसीजी के मामले में खरीद मूल्य निकालने की जरूरत पड़ती है। इसे शेयर के उचित बाजार मूल्य (FMV) और असली खरीद मूल्य के बाद कैपिटल गेंस के आधार पर निकाला जाता है। उस मामले में कोई समस्या नहीं होगी अगर केवल एक शेयर बेचा गया है। कारण है कि तब वैल्यू दर्ज करते ही कैपिटल गेंस का ब्योरा आ जाएगा। लेकिन, कई शेयर बेचे हैं तो हर एक शेयर का FMV और बिक्री मूल्य अलग-अलग होगा।

गलती की वजह गणना का तरीका
चार्टर्ड अकाउंटेंट हरिगोपाल पाटीदार कहते हैं ऐसे मामले में जहां एफएमवी कुछ शेयरों के खरीद मूल्य से ज्यादा है, जबकि अन्य शेयर के खरीद मूल्य से कम है, तो समेकित आंकड़े कैलकुलेशन में गड़बड़ी पैदा कर सकते हैं। यह गड़बड़ी केवल इक्विटी पर एलटीसीजी फाइल करने के लिए बने सेक्शन में है।

इक्विटी निवेश पर एसटीसीजी के लिए कोई व्यक्ति हर एक ट्रांजेक्शन का अलग-अलग विवरण दर्ज कर सकता है। यही बात प्रॉपर्टी पर एसटीसीजी और एलटीसीजी के मामले में भी लागू है। बॉन्ड और डिबेंचर पर एलटीसीजी के लिए भी कंसोलिडेटेड फिगर की जरूरत होती है। लेकिन, इसमें गलती की गुंजाइश नहीं है। कारण है कि इसमें बेची गई यूनिट के बिक्री मूल्य और खरीद के असली मूल्य के आधार पर कैलकुलेशन किया जाता है।

आयकर विभाग को सुधारना चाहिए गलती
एक्सपर्ट कहते हैं कि टैक्स फाइलिंग शुरू होने से पहले आयकर विभाग को इस गलती को सुधार लेना चाहिए। पाटीदार सलाह देते हैं कि टैक्स फाइल करने वालों को हड़बड़ी नहीं मचानी चाहिए। कारण है कि आईटीआर-2 फॉर्म में बदलाव होने की संभावना है।

यह होता है एलटीसीजी और एसटीसीजी
इक्विटी म्यूचुअल फंड में निवेश की अवधि अगर एक साल से ज्यादा है तो उसे लॉन्ग टर्म इंवेस्टमेंट कहा जाता है। किसी एक वित्त वर्ष में एक लाख रुपये से ज्यादा के लॉन्ग-टर्म कैपिटल गेंस (LTCG) पर 10 फीसदी की दर से टैक्स लगता है। निवेश की अवधि एक साल से कम होने पर उसे शॉर्ट-टर्म इंवेस्टमेंट कहा जाएगा। जबकि इस तरह के निवेश से हुए गेंस को शॉर्ट-टर्म कैपिटलग गेंस (STCG) कहते हैं। STCG पर 15 फीसदी टैक्स लगता है। यह भी पढ़ें : बच्चे की उम्र 15 साल हो जाने पर फिर से कराना होती है बायोमेट्रिक पहचान

नीट उत्तीर्ण छात्रों की आनलाइन काउंसलिंग कल से

जयपुर। राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET)-2019 उत्तीर्ण करने वाले उम्मीदवारों की राजस्थान-एमबीबीएस/बीडीएस-2019 में प्रवेश के लिए आनलाइन काउंसलिंग सोमवार से होगी। राज्य सरकार ने इस बारे में एक अधिसूचना जारी की है।

अनुसार राजस्थान के सभी सरकारी व निजी मेडिकल /डेन्टल कॉलेजों में ऑनलाईन काउंसलिंग 17 जून को शुरू होगी। काउन्सिलिंग से संबधी जानकारी rajneetug2019.rajasthan.gov.in और education.rajasthan.gov.in/medicaleducation पर उपलब्ध होगी।

इसके अनुसार मेडिकल व डेन्टल कॉलेजों में सीट पाने के लिए पात्र आवेदक वे हैं जिनके सामान्य श्रेणी में 50 परसेंटाइल व 720 में से 134 स्कोर हो, सामान्य दिव्यांगजन के 45 परसेंटाइल व 720 में से 120 स्कोर हो और अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति/अन्य पिछड़ा वर्ग के दिव्यांगजन के 40 परसेंटाइल व 720 में से 107 स्कोर हो।