नई दिल्ली। भारत ने शनिवार को ईरान के राजदूत मोहम्मद फतेह अली को तलब किया। आज दोपहर दो भारतीय जहाजों को हॉर्मुज स्ट्रेट में ईरानी रेवोल्यूशनरी गार्ड्स की फायरिंग के बाद रास्ता बदलना पड़ा था।
इनमें एक सुपरटैंकर भी शामिल था, जो इराकी तेल ले जा रहा था। एसोसिएटेड प्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, टैंकरट्रैकर्स.कॉम ने यह जानकारी दी। ईरानी रेवोल्यूशनरी गार्ड्स ने इन जहाजों पर फायरिंग की, जिसके बाद वे मुड़ गए।
सूत्रों के मुताबिक, विदेश मंत्रालय ने इस घटना पर राजदूत के सामने जोरदार विरोध दर्ज कराया। हालांकि, विदेश मंत्रालय की ओर से अभी तक इस बारे में कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
गौरतलब है कि ईरान ने आज होर्मुज को बंद करने का ऐलान किया था। ईरान का आरोप था कि अमेरिका सीजफायर का उल्लंघन कर रहा है इसलिए 24 घंटे के भीतर उसने अपने फैसले को बदला है।
ईरान ने हॉर्मुज स्ट्रेट को कुछ देर के लिए खोलने के फैसले को पलट दिया। अमेरिका की ओर से ईरानी बंदरगाहों पर लगाए गए ब्लॉकेड को जारी रखने के बीच ईरान ने जहाजों पर फायरिंग शुरू कर दी।
ईरान के संयुक्त सैन्य कमांड ने शनिवार को कहा कि स्ट्रेट अब पहले जैसी स्थिति में लौट आया है और उस पर सख्त निगरानी रखी जा रही है। उन्होंने साफ किया कि जब तक अमेरिका का ब्लॉकेड जारी रहेगा, तब तक यहां आवाजाही सीमित रहेगी।
यूनाइटेड किंगडम मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशंस (UKMTO) ने बताया कि ईरानी रेवोल्यूशनरी गार्ड के गनबोट्स ने एक टैंकर पर फायरिंग की। एक अलग कंटेनर जहाज पर अज्ञात प्रोजेक्टाइल से हमला हुआ, जिसमें माल को नुकसान पहुंचा।
बता दें कि हॉर्मुज स्ट्रेट दुनिया के करीब एक-पांचवें तेल के परिवहन का रास्ता है। यहां की अनिश्चितता से ग्लोबल एनर्जी मार्केट में चिंता बढ़ गई है। अमेरिका और ईरान दोनों पक्ष अब अगले हफ्ते के बीच में खत्म होने वाले सीजफायर को बढ़ाने के लिए बातचीत करने की कोशिश कर रहे हैं।

