Sunday, July 12, 2026
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Vivo के दो मिलिट्री ग्रेड फोन 6500mAh बैटरी एवं 50MP कैमरा के साथ लॉन्च

नई दिल्ली। अगर आप ऐसा स्मार्टफोन ढूंढ रहे हैं जो सिर्फ दिखने में ही नहीं बल्कि मजबूती और बैटरी में भी दमदार हो, तो Vivo ने आपके लिए नई Y सीरीज पेश कर दी है। कंपनी ने Vivo Y21 5G और Vivo Y11 5G को लॉन्च किया है।

आजकल फोन का गिरना, पानी के छींटे लगना या धूल से खराब होना आम बात हो गई है। ऐसे में Vivo ने इन दोनों स्मार्टफोन्स को IP65 रेटिंग और मिलिट्री ग्रेड ड्यूरेबिलिटी के साथ पेश किया है, जिससे ये फोन ज्यादा सुरक्षित और मजबूत बनते हैं।

सिर्फ मजबूती ही नहीं, इन फोन में 6500mAh की बड़ी बैटरी, 120Hz का स्मूद डिस्प्ले और 5G कनेक्टिविटी जैसे फीचर्स भी मिलते हैं।

Vivo Y21 5G की वेरियंटवाइज कीमत

  1. 4GB+128GB वेरिएंट की कीमत 18,999 रुपये
  2. 6GB+128GB वेरिएंट की कीमत 20,999 रुपये
  3. 8GB+128GB वेरिएंट की कीमत 22,999 रुपये

Vivo Y11 5G की कीमत
यह फोन दो वैरिएंट में पेश हुआ है। फोन के 4GB+64GB वेरिएंट की कीमत 14,999 रुपये है। वहीं इसके 4GB+128GB वेरिएंट की कीमत 16,999 रुपये है। ये दोनों डिवाइस Vivo इंडिया के ई-स्टोर, प्रमुख ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म और पार्टनर रिटेल स्टोर्स पर उपलब्ध होंगे।

Vivo Y21 5G और Y11 5G के स्पेसिफिकेशन

  • Vivo के ये दोनों स्मार्टफोन बजट 5G सेगमेंट में आते हैं, लेकिन फीचर्स के मामले में काफी एडवांस हैं। दोनों ही डिवाइस में IP65 डस्ट और वॉटर रेजिस्टेंस के साथ Military Grade शॉक रेसिस्टेंस दिया गया है, जिससे ये फोन रोजमर्रा के झटकों और गिरने से बच सकते हैं।
  • Vivo Y21 5G और Y11 5G में 6.74 इंच का बड़ा LCD डिस्प्ले मिलता है, जो 120Hz रिफ्रेश रेट के साथ आता है। इसके अलावा, फोन में 1200 nits तक की ब्राइटनेस मिलती है, जिससे धूप में भी स्क्रीन आसानी से देखी जा सकती है। डिजाइन की बात करें तो दोनों फोन स्लिम और प्रीमियम लुक के साथ आते हैं, साथ ही साइड फिंगरप्रिंट सेंसर भी दिया गया है।
  • इन दोनों स्मार्टफोन्स में MediaTek Dimensity 6300 प्रोसेसर दिया गया है, जो 5G सपोर्ट के साथ आता है। इसके साथ ही फोन Android 16 बेस्ड OriginOS 6 पर चलते हैं, जिससे यूजर को नया और स्मूद एक्सपीरियंस मिलता है।
  • अब बात करें कैमरे की, तो यहीं पर दोनों फोन अलग हो जाते हैं। Vivo Y21 5G में 50MP का प्राइमरी कैमरा मिलता है, जो अच्छी फोटो क्वालिटी देता है। वहीं Vivo Y11 5G में 13MP का कैमरा दिया गया है, जो बेसिक यूज के लिए ठीक है। दोनों फोन में 5MP का फ्रंट कैमरा मिलता है, जो वीडियो कॉल और सेल्फी के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है।
  • इन दोनों फोन की सबसे बड़ी ताकत है इनकी 6500mAh बैटरी। चार्जिंग की बात करें तो Vivo Y21 5G में 44W फास्ट चार्जिंग है तो वहीं Vivo Y11 5G में 15W चार्जिंग है।

पति-पत्नी के बीच किसी भी तरह का यौन संबंध अपराध नहीं: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट

भोपाल। मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने हाल ही में पत्नी-पत्नी के बीच विवाद के केस में एक अहम फैसला दिया है। अदालत ने कहा कि पति-पत्नी के बीच यौन संबंध, जिनमें ओरल या एनल सेक्स भी शामिल है, भारतीय दंड संहिता की धारा 377 के तहत ‘अप्राकृतिक अपराध’ के दायरे में नहीं आते हैं।

25 मार्च के आदेश में जस्टिस मिलिंद रमेश फड़के ने कहा कि यौन अपराधों से जुड़े कानूनी प्रावधानों के तहत पति-पत्नी के बीच ऐसे संबंधों पर भारतीय दंड संहिता की धारा 377 के तहत मुकदमा नहीं चलाया जा सकता।

बार एंड बेंच की एक रिपोर्ट के मुताबिक, कोर्ट ने यह टिप्पणी उस पति की याचिका को आंशिक रूप से स्वीकार करते हुए की, जिस पर पत्नी ने अप्राकृतक यौन संबंधों के आरोप लगाए हैं। महिला ने अपने पति के अलावा परिवार के अन्य सदस्यों जैसे सास, ससुर और ननद पर भी कई आरोप लगाए हैं।

महिला ने आरोप लगाया कि शादी के समय सोने के गहने और अन्य सामानों समेत 4 लाख मूल्य का दहेज दिया गया था। लेकिन बाद में पति के परिवार ने 6 लाख रुपये अतिरिक्त और बुलेट मोटरसाइकल की मांग की।

महिला ने ससुराल के लोगों पर प्रताड़ित करने का आरोप लगाते हुए यह भी दावा किया कि पत्नी उसे जबरन ऐसे सेक्सुअल ऐक्ट करने के लिए दबाव डालता था जिससे उसे बेहद पीड़ा से गुजरना पड़ता था।

इन आरोपों के आधार पर पुलिस ने आईपीसी की कई धाराओं में केस दर्ज किया जिसमें 377 (अप्राकृतिक अपराध) भी शामिल था। इसके बाद पति ने हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया और अपने व परिजनों के खिलाफ दर्ज केस को रद्द करने की मांग की।

पति के वकील ने दलील दी कि आरोप बढ़ा-चढ़ाकर लगाए गए हैं और गुजराता भत्ता की मांग के दौरान दिए गए बयानों से अलग हैं। उन्होंने आगे यह भी कहा कि पति-पत्नी के बीच यौन संबंधों में धारा 377 नहीं लगाई जा सकती है।

हाई कोर्ट ने आपराधिक कानून में 2013 के संशोधनों के बाद यौन अपराधों से संबंधित कानूनी स्थिति का परीक्षण किया। इन संशोधनों के तहत भारतीय दंड संहिता की धारा 375 में बलात्कार की परिभाषा का विस्तार किया गया, जिसमें विभिन्न प्रकार की के पेनिट्रेशन जैसे ओरल और एनल को भी शामिल किया गया।

हालांकि, अदालत ने कहा कि कानून में एक अपवाद है, जिसे आमतौर पर ‘वैवाहिक बलात्कार अपवाद’ कहा जाता है। यह कहता है कि यदि पत्नी नाबालिग नहीं है तो पति द्वारा पत्नी से बनाया गया संबंध बलात्कार नहीं है।

अदालत ने और क्या कहा
अदालत ने नवतेज सिंह जोहार बनाम यूनियन ऑफ इंडिया (2018) केस का संदर्भ देते हुए अदालत ने कहा, ‘आईपीसी की धारा 375 के अपवाद 2 के आलोक में पति और पत्नी (यदि नाबालिग ना हो) के बीच यौन संबंध बलात्कार नहीं है।’अदालत ने आगे कहा, ‘इस तरह के कृत्य बलात्कार की विस्तारित परिभाषा में आते हैं, लेकिन लेकिन विवाह के भीतर उन्हें अपवाद के रूप में छूट दी गई है।

इसलिए उन्हें अलग से भारतीय दंड संहिता की धारा 377 के तहत अभियोजित नहीं किया जा सकता।’ अदालत ने ऐसा कहते हुए पति के खिलाफ लगाए गए धारा 377 को रद्द कर दिया। अदालत ने ननद के खिलाफ आरोपों में दम नहीं देखते हुए उसके खिलाफ कार्रवाई पर भी रोक लगा दी। हालांकि, अदालत ने पति, ससुर और सास के खिलाफ अन्य आरोपों को खत्म करने से इनकार कर दिया।

भारत में किसी भी तरह के फ्यूल स्टॉक की कोई कमी नहीं, मोदी सरकार ने दोहराया

नई दिल्ली। सरकार ने गुरुवार को कहा कि भारत के पास लगभग 60 दिनों का फ्यूल स्टॉक मौजूद है और देश में पेट्रोल, डीजल या LPG की कोई कमी नहीं है। सरकार ने कमी की खबरों को “जानबूझकर फैलाया गया दुष्प्रचार” बताया, जिसका मकसद घबराहट में खरीद बढ़ाना है।

पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने कहा कि देशभर के सभी पेट्रोल पंप पर्याप्त रूप से स्टॉक से भरे हुए हैं और सामान्य रूप से काम कर रहे हैं। कहीं भी पेट्रोल या डीजल की राशनिंग नहीं की जा रही है।

मंत्रालय ने कहा कि भारत दुनिया का चौथा सबसे बड़ा रिफाइनर और पेट्रोलियम उत्पादों का पांचवां सबसे बड़ा निर्यातक है। देश ने घरेलू फ्यूल सप्लाई को संरचनात्मक रूप से सुरक्षित किया है और 150 से अधिक देशों को फ्यूल एक्सपोर्ट जारी रखा है। मंत्रालय ने बताया कि देश की सभी रिफाइनरियां 100 फीसदी से अधिक क्षमता पर चल रही हैं। अगले 60 दिनों के लिए कच्चे तेल की आपूर्ति पहले ही सुनिश्चित कर ली गई है। कोई सप्लाई गैप नहीं है।

74 दिनों की भंडारण क्षमता
मंत्रालय के अनुसार, भारत के पास कुल मिलाकर 74 दिनों की कच्चे तेल और फ्यूल स्टॉक क्षमता है। फिलहाल कुल स्टॉक कवरेज करीब 60 दिन का है (जिसमें कच्चा तेल, तैयार उत्पाद और भूमिगत रणनीतिक भंडार शामिल हैं), जबकि पश्चिम एशिया संकट का यह 27वां दिन है।

मंत्रालय ने कहा कि हर भारतीय नागरिक के लिए लगभग दो महीने की स्थिर आपूर्ति उपलब्ध है, चाहे वैश्विक स्थिति कैसी भी हो। अगले दो महीनों के लिए कच्चे तेल की खरीद पहले ही तय कर ली गई है, जिससे देश आने वाले कई महीनों तक सुरक्षित है।

आयात की जरूरत घटी
मंत्रालय की ओर से जारी बयान में स्पष्ट किया गया कि देश में एलपीजी की कोई कमी नहीं है। मंत्रालय के एलपीजी नियंत्रण आदेश के बाद घरेलू रिफाइनरियों का उत्पादन 40 फीसदी बढ़ाकर रोजाना करीब 50 TMT कर दिया गया है, जो कुल जरूरत (लगभग 80 TMT) का 60 फीसदी से ज्यादा है।

इससे आयात की जरूरत घटकर केवल 30 TMT रह गई है। यानी अब भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा खुद ही उत्पादन कर रहा है। घरेलू उत्पादन के अलावा 800 TMT एलपीजी की सप्लाई पहले ही सुनिश्चित की जा चुकी है, जो अमेरिका, रूस, ऑस्ट्रेलिया समेत कई देशों से आ रही है। यह सप्लाई देश के 22 TMT टर्मिनलों पर पहुंचेगी।

सरकार के अनुसार, लगभग एक महीने की एलपीजी सप्लाई पहले से तय है और लगातार नई खरीद भी की जा रही है। तेल कंपनियां रोजाना 50 लाख से ज्यादा सिलेंडर की डिलीवरी कर रही हैं। हालांकि, अफवाहों के चलते मांग बढ़कर 89 लाख सिलेंडर प्रतिदिन तक पहुंच गई थी, जो अब फिर घटकर 50 लाख के स्तर पर आ गई है। कालाबाजारी और जमाखोरी रोकने के लिए राज्यों के साथ मिलकर कमर्शियल सिलेंडरों का आवंटन 50 प्रतिशत तक बढ़ाया गया है।

PNG लॉन्ग टर्म स्ट्रैटेजी
सरकार ने कहा कि पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) को बढ़ावा देना पहले से चल रही योजना का हिस्सा है, न कि किसी संकट का जवाब। पीएनजी सस्ता, सेफ और क्लीन फ्यूल है। भारत रोजाना 191 mmscmd गैस की जरूरत में से 92 mmscmd खुद उत्पादन करता है।

2014 में 57 क्षेत्रों से बढ़कर अब 300 से ज्यादा क्षेत्रों में गैस डिस्ट्रिब्यूशन हो गया है। पीएनजी कनेक्शन 25 लाख से बढ़कर 1.5 करोड़ से ज्यादा हुआ है। सरकार ने साफ किया कि एलपीजी खत्म होने की वजह से पीएनजी को बढ़ावा नहीं दिया जा रहा, बल्कि यह बेहतर विकल्प है।

अफवाह फैलाने वालों पर होगी कार्रवाई
मंत्रालय ने स्पष्ट कहा कि भारत के भंडार खत्म होने या अपर्याप्त होने की बात पूरी तरह गलत है और इसे खारिज किया जाना चाहिए। होर्मुज जलडमरूमध्य के आसपास तनाव के बावजूद कच्चे तेल की आपूर्ति स्थिर बनी हुई है। वैकल्पिक स्रोतों से अधिक आपूर्ति करके किसी भी संभावित व्यवधान की भरपाई की जा रही है।

एलपीजी की आपूर्ति भी पर्याप्त है। घरेलू उत्पादन बढ़ाया गया है और आयात की जरूरत कम हुई है। कई देशों से अतिरिक्त खेप सुनिश्चित की गई है, जिससे आपूर्ति सुचारू बनी हुई है। सरकार ने चेतावनी दी कि सोशल मीडिया पर फैलाए जा रहे भ्रामक संदेश और झूठे दावे लोगों में अनावश्यक घबराहट पैदा कर रहे हैं। ऐसे मामलों में जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

मंत्रालय ने सोशल मीडिया पर फैल रही भ्रामक खबरों पर चिंता जताई है। कुछ लोग कतारों की तस्वीरें और विदेशों के वीडियो दिखाकर गलत संदेश फैला रहे हैं। लॉकडाउन और फ्यूल संकट की झूठी खबरें फैलाई जा रही हैं। सरकारी आदेशों को गलत तरीके से संकट का संकेत बताया जा रहा है।

सरकार ने कहा कि ऐसी गलत जानकारी फैलाना कानूनन अपराध है और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। सरकार ने लोगों से अपील की है कि वे केवल सरकारी आधिकारिक जानकारी पर ही भरोसा करें और अफवाहों से दूर रहें।

ईरान से एलपीजी लेकर चीन जा रहे टैंकर को भारत ने खरीदा, जानिए कैसे

नई दिल्ली। LPG Crisis In India: भारत ने कई साल बाद ईरान से एलपीजी का पहला टैंकर खरीदा है। यह टैंकर चीन जा रहा था लेकिन भारत ने इसे खरीद लिया। इसके जल्दी ही मैंगलोर पहुंचने की उम्मीद है। पश्चिमी देशों की पाबंदियों के कारण भारत ने 2019 में ईरान से तेल और गैस की खरीद बंद कर दी है। उससे पहले ईरान हमारे अहम सप्लायर्स में शामिल था। अमेरिका ने हाल में ईरानी तेल और गैस पर पाबंदियां हटाई हैं।

रॉयटर्स की एक रिपोर्ट में एलएसईजी के डेटा और इंडस्ट्री के सूत्रों के हवाले से यह दावा किया गया है। डेटा के मुताबिक यह टैंकर पहले चीन जा रहा था। सूत्रों के मुताबिक ईरानी एलपीजी को तीन सरकारी कंपनियां इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम साझा करेंगी।

इस कार्गो को एक ट्रेडर से खरीदा गया है और पेमेंट रुपये में किया जाएगा। सूत्रों ने यह भी कहा कि भारत ईरान से एलपीजी के और कार्गो खरीदने की संभावनाएं तलाश रहा है।

हालांकि शिपिंग मिनिस्ट्री में स्पेशल सेक्रेटरी राजेश कुमार सिन्हा ने कहा कि उन्हें ईरानी कार्गो खरीदे जाने के बारे में जानकारी नहीं है। इस बारे में तीन कंपनियों और ऑयल मिनिस्ट्री ने तत्काल कोई जवाब नहीं दिया। भारत दुनिया में एलपीजी का दूसरा सबसे बड़ा इम्पोर्टर है। लेकिन होर्मुज की खाड़ी से जहाजों की आवाजाही बंद होने के कारण देश में गैस की किल्लत हो गई है।

पिछले साल भारत में कुकिंग गैस की खपत 33.15 मिलियन टन रही थी। इसमें 60 फीसदी हिस्सा आयात का था। इसमें से करीब 90 फीसदी हिस्सा पश्चिम एशिया से आया था। भारत फारस की खाड़ी में फंसे हुए अपने जहाजों को धीरे-धीरे होर्मुज की खाड़ी से निकाल रहा है। हाल में चार एलपीजी टैंकर शिवालिक, नंदा देवी, पाइन गैस और जग वसंत भारत आए हैं। भारत साथ ही वहां फंसे अपने खाली जहाजों में एलपीजी लोड कर रहा है।

सरकार ने क्या कहा
इस बीच पेट्रोलियम मिनस्ट्री में जॉइंट सेक्रेकटरी सुजाता शर्मा ने कहा कि इस समय सरकार की प्राथमिकता हर घर में एलपीजी सिलेंडर और पीएनजी पहुंचाने की है। उन्होंने कहा कि हम एलपीजी के मामले में ज्यादातर आयात पर निर्भर हैं जबकि पीएनजी के मामले में आधा उत्पादन देश में होता है। इसलिए यह देश के हित में है कि हम एलपीजी से पीएनजी पर शिफ्ट हों। देश में 60 लाख उपभोक्ता ऐसे हैं जिन्हें जल्दी ही कनेक्शन मिल सकता है। उनके यहां नेटवर्क है लेकिन उन्होंने कनेक्शन नहीं लिया है।

पीएम मोदी दुनिया के सबसे लोकप्रिय नेता बने, जानें डोनाल्ड ट्रंप किस नंबर पर हैं

नई दिल्ली। Narendra Modi Most Popular Leader: अमेरिका की डेटा एनालिटिक्स फर्म ‘मॉर्निंग कंसल्ट’ के ताजा वैश्विक सर्वे में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक बार फिर दुनिया के सबसे लोकप्रिय लोकतांत्रिक नेता बनकर उभरे हैं। उन्हें 68% की मजबूत अप्रूवल रेटिंग के साथ पहला स्थान मिला है।

ग्लोबल लीडर अप्रूवल रेटिंग ट्रैकर के मुताबिक, यह आंकड़े 2 से 8 मार्च 2026 के बीच जुटाए गए डेटा पर आधारित हैं, जो विभिन्न देशों के वयस्कों के विचारों के 7 दिन के मूविंग एवरेज को दर्शाते हैं। रिपोर्ट में पीएम मोदी की लगातार बनी घरेलू लोकप्रियता और बढ़ती अंतरराष्ट्रीय पहचान को उनकी बढ़त का मुख्य कारण बताया गया है।

  • इस सर्वे में स्विट्जरलैंड के राष्ट्रपति गाय पार्मेलिन और दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति राष्ट्रपति ली जे-म्युंग 62% अप्रूवल रेटिंग के साथ संयुक्त रूप से दूसरे स्थान पर रहे।
  • वहीं, अन्य प्रमुख वैश्विक नेताओं की रेटिंग काफी पीछे रही। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को 39% और ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर को 24% अप्रूवल मिला।
  • फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों 17% अप्रूवल और 75% डिसअप्रूवल के साथ सूची में निचले पायदान पर रहे।

लगातार दूसरी बार टॉप पर पीएम मोदी
सर्वे के अनुसार, पीएम मोदीकी नेट अप्रूवल रेटिंग भी मजबूत बनी हुई है, जहां केवल 26% लोगों ने असहमति जताई है, जो अन्य नेताओं की तुलना में काफी कम है। यह लगातार दूसरी बार है जब पीएम मोदी इस सूची में शीर्ष पर हैं। इससे पहले जुलाई 2025 की रिपोर्ट में भी उन्हें 75% अप्रूवल रेटिंग के साथ सबसे लोकप्रिय नेता बताया गया था।

इंदिरा गांधी से लंबा कार्यकाल
प्रधानमंत्री मोदी ने मई 2024 में अपना तीसरा कार्यकाल शुरू किया, हाल ही में 4,079 दिन पूरे कर चुके हैं और इस तरह वे इंदिरा गांधी को पीछे छोड़ते हुए भारत के दूसरे सबसे लंबे समय तक लगातार सेवा देने वाले प्रधानमंत्री बन गए हैं। इस सूची में उनसे आगे केवल जवाहर लाल नेहरू हैं।

करणी सेना का महापड़ाव 29 को जयपुर में, पीले चावल बांटकर दिया आमंत्रण

कोटा। श्री राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना, कोटा द्वारा समाज में एकजुटता का संदेश देते हुए शहर में घर-घर जाकर “पीले चावल” वितरित कर महिलाओं को जयपुर में प्रस्तावित महापड़ाव में शामिल होने का आमंत्रण दिया गया।

जिला अध्यक्ष नीरू चौहान एवं अन्य पदाधिकारियों ने कहा कि समय पर पर्याप्त सुरक्षा नहीं मिलने के कारण सुखदेव सिंह गोगामेड़ी की जान गई। उन्होंने बताया कि करणी सेना देश के 24 राज्यों में सक्रिय है और न्याय की मांग को लेकर 29 मार्च को राजस्थान के प्रत्येक जिले से कार्यकर्ता जयपुर पहुंचकर मुख्यमंत्री आवास का घेराव करेंगे।

शहर अध्यक्ष हेमलता सिंह गहलोत ने कहा कि घटना को तीन वर्ष से अधिक समय बीत जाने के बावजूद दोषियों के खिलाफ ठोस कार्रवाई नहीं हो पाई है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ असामाजिक तत्व आज भी गोगामेड़ी के नाम का दुरुपयोग कर लोगों को धमकाने और रंगदारी मांगने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने एसआईटी जांच की मांग दोहराते हुए सरकार से शीघ्र कार्रवाई की अपील की।

प्रदेश उपाध्यक्ष मनजीत सिंह एवं जिला अध्यक्ष निर्भय सिंह ने कहा कि यदि 29 मार्च तक न्याय नहीं मिला तो जयपुर में बड़ा आंदोलन किया जाएगा। वहीं शहर अध्यक्ष संदीप सिंह बिट्टू ने सरकार को अल्टीमेटम देते हुए कहा कि छोटे अपराधियों की गिरफ्तारी के साथ-साथ मुख्य आरोपियों को भी जल्द पकड़कर निष्पक्ष जांच की जाए।

प्रदेश मीडिया प्रवक्ता दुष्यंत सिंह गहलोत ने बताया कि कोटा सहित जयपुर और पूरे राजस्थान में “पीले चावल” बांटकर समाज को संगठित किया जा रहा है। यह अभियान गोगामेड़ी हत्याकांड में त्वरित और सख्त कार्रवाई की मांग को लेकर चलाया जा रहा है।

कार्यक्रम में जिला अध्यक्ष नीरू चौहान, शहर अध्यक्ष हेमलता सिंह गहलोत, शहर सचिव हेमलता हाड़ा, जिला महासचिव रेनू चौहान, मीनू कंवर, शहर मीडिया प्रभारी मनीषा कंवर सहित कई महिलाएं एवं पदाधिकारी उपस्थित रहे।

स्टूडेंट्स डट कर मेहनत करें, अपनी कमियां सुधारें, सफलता जरूर मिलेगी: नितिन विजय

मोशन एजुकेशन के मेगा ओरिएंटेशन में हजारों छात्र-छात्राएं और अभिभावक हुए शामिल

कोटा। मोशन एजुकेशन के फाउंडर एवं एजुकेटर नितिन विजय ने कहा कि आईआईटी-जेईई और नीट जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं को लेकर छात्रों में धारणा है कि ये बेहद कठिन हैं, लेकिन हकीकत इससे थोड़ी अलग है। ये परीक्षाएं टफ नहीं, बल्कि डिफरेंट हैं।

द्रोणा-2 कैम्पस में बुधवार को आयोजित मेगा ओरिएंटेशन प्रोग्राम में हजारों छात्र-छात्राओं और अभिभावकों को संबोधित करते हुए उन्होंने तैयारी की रणनीति, मानसिकता और अनुशासन पर विस्तार से बात की।

कार्यक्रम में जेईई डिवीजन के ज्वाइंट डायरेक्टर रामरतन द्विवेदी, डिप्टी डायरेक्टर निखिल श्रीवास्तव और नीट डिवीजन के ज्वाइंट डायरेक्टर अमित वर्मा ने भी छात्रों को संबोधित किया। उन्होंने मोशन एजुकेशन की कोचिंग प्रणाली, सफलता के मंत्र और प्रभावी अध्ययन रणनीतियों की विस्तृत जानकारी दी।

नितिन विजय ने बताया कि बोर्ड, नीट और जेईई, तीनों की तैयारी का तरीका अलग होता है। बोर्ड परीक्षा में थ्योरी और कॉन्सेप्ट की समझ अहम होती है, जबकि प्रतियोगी परीक्षाओं में प्रैक्टिस, स्पीड और एक्यूरेसी निर्णायक भूमिका निभाते हैं।

उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि नीट में तीन घंटे में 180 सवाल हल करने होते हैं, यानी एक मिनट में एक सवाल। इसके लिए निरंतर अभ्यास और समय प्रबंधन जरूरी है। वहीं जेईई में प्रति प्रश्न समय अपेक्षाकृत अधिक मिलता है, लेकिन प्रश्नों का स्तर कठिन होता है।

उन्होंने साफ कहा कि हम किसी के चयन की गारंटी नहीं देते, क्योंकि सफलता का आधार छात्र का खुद का संकल्प, फोकस और निरंतर मेहनत होती है। मोटिवेशन बाहर से नहीं, भीतर से आता है। जब आप रोज का लक्ष्य पूरा करते हैं और टेस्ट में अच्छे अंक लाते हैं, तो वही आगे बढ़ने की ऊर्जा बनता है।

छात्रों को व्यावहारिक सलाह देते हुए नितिन विजय ने कहा कि 100 प्रतिशत क्लास अटेंड करना, नियमित टाइम टेबल बनाना, शॉर्ट नोट्स तैयार करना और लगातार रिवीजन करना सफलता की बुनियाद है।

उन्होंने विशेष रूप से पिछले वर्षों के प्रश्नपत्र हल करने, सभी टेस्ट देने और उनका विश्लेषण करने पर जोर दिया। कम अंक आने पर घबराने के बजाय अपनी कमजोरियों को पहचानकर उन्हें सुधारने की सलाह दी।

उन्होंने कहा कि सफल लोगों में एक समान गुण होता है कि वे अपनी कमियों को पहचानते हैं और उन पर लगातार काम करते हैं। मेहनत का कोई विकल्प नहीं है। अगर आप डटकर मेहनत करें और अपनी कमजोरियों को सुधार लें, तो सफलता निश्चित है।

मानसिक स्थिति को लेकर उन्होंने छात्रों को आगाह किया कि मन में शंका और नकारात्मक विचार ‘जूते में कंकर’ की तरह होते हैं, जो आगे बढ़ने नहीं देते। इसलिए चिंता करने के बजाय आत्मचिंतन करें और समाधान पर काम करें।

छात्र जीवन की छोटी-छोटी परेशानियों को लेकर भी उन्होंने स्पष्ट दृष्टिकोण रखा। उन्होंने कहा कि कई विद्यार्थी मेहनत और रोजमर्रा के संघर्ष को ही दुख मान लेते हैं-जैसे टेस्ट में कम अंक आना या हॉस्टल/मेस की छोटी समस्याएं। इन बातों में उलझने के बजाय पढ़ाई पर फोकस बनाए रखना जरूरी है। साथ ही ऐसे दोस्तों का चयन करें, जिनसे सकारात्मकता मिले और पढ़ाई का माहौल बने।

शिक्षकों के साथ संवाद को लेकर उन्होंने महत्वपूर्ण बात कही कि डॉक्टर तभी इलाज करता है जब मरीज सही लक्षण बताता है। उसी तरह शिक्षक भी तभी मदद कर पाएंगे, जब छात्र अपनी समस्या स्पष्ट रूप से बताएंगे। उन्होंने समझाया कि केवल “नंबर नहीं आ रहे” कहने से समाधान नहीं मिलता, बल्कि विषय और चैप्टर की सटीक समस्या बताने पर ही सही मार्गदर्शन संभव है।

कोटा–पटना एक्सप्रेस का प्रस्थान समय, मार्ग परिवर्तन एवं ठहराव कुछ स्टेशनों पर निरस्त

कोटा। रेल प्रशासन द्वारा कानपुर-लखनऊ खंड में अधोसंरचना कार्य के चलते कोटा से चलने वाली गाड़ी संख्या 13238 एवं 13240 कोटा–पटना एक्सप्रेस का दिनांक 01.04.2026 से 12.05.2026 तक कोटा से प्रस्थान समय 18.10 बजे की बजाय अब 22.10 बजे निर्धारित किया गया है।

वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक सौरभ जैन ने बताया कि उक्त अवधि में परिचालनिक आवश्यकताओं के कारण इन गाड़ियों के मार्ग में भी परिवर्तन किया गया है। गाड़ी संख्या 13238 एवं 13240 को अपने निर्धारित मार्ग की बजाय परिवर्तित मार्ग – वाया कानपुर सेंट्रल – प्रयागराज जंक्शन – मिर्जापुर – पं. दीन दयाल उपाध्याय जंक्शन होकर संचालित किया जाएगा।

इस दौरान दोनों गाड़ियों के कुछ स्टेशनों पर ठहराव अस्थायी रूप से निरस्त रहेंगे। गाड़ी संख्या 13238 के लिए उन्नाव जंक्शन, लखनऊ, अयोध्या कैंट, अयोध्या धाम जंक्शन, अकबरपुर जंक्शन, शाहगंज जंक्शन, जौनपुर जंक्शन एवं वाराणसी जंक्शन स्टेशनों पर ठहराव नहीं रहेगा। वहीं गाड़ी संख्या 13240 के लिए लखनऊ, महाराजा बिजली पासी (निहालगढ़), सुल्तानपुर जंक्शन एवं वाराणसी जंक्शन स्टेशनों पर ठहराव नहीं रहेगा।

रेल प्रशासन ने यात्रियों से अपील है की कि यात्रा से पूर्व रेलवे की आधिकारिक वेबसाइट www.enquiry.indianrail.gov.in अथवा एनटीईएस मोबाइल ऐप के माध्यम से गाड़ियों की अद्यतन जानकारी अवश्य प्राप्त करें।

दीपक मेहता बने द एसएसआई एसोसिएशन कोटा के अध्यक्ष, समीर सूद सचिव चुने

कोटा। द एसएसआई एसोसिएशन कोटा के वर्ष 2026-27 के लिए चुनाव बुधवार को सम्पन्न हुए। जिसमें अध्यक्ष दीपक मेहता समेत सभी पदों पर सर्वसम्मति से निर्वाचन हुआ। वर्तमान अध्यक्ष मनोज राठी के निर्देशन में आयोजित इस चुनावी प्रक्रिया में सचिव आशुतोष जैन एवं कोषाध्यक्ष दितिन गुप्ता का विशेष सहयोग रहा।

चुनाव का सफल संचालन मुख्य चुनाव अधिकारी मुकेश गुप्ता तथा चुनाव अधिकारी राजकुमार जैन एवं जम्बू कुमार जैन द्वारा किया गया। इस अवसर पर संस्थापक अध्यक्ष गोविन्द राम मित्तल सहित संस्था के कई पूर्व अध्यक्षों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराकर नई कार्यकारिणी का उत्साहवर्धन किया।

​मुख्य चुनाव अधिकारी मुकेश गुप्ता ने बताया कि चुनाव में दीपक मेहता को एसोसिएशन का 41वां अध्यक्ष चुना गया। उनके साथ समीर सूद को सचिव और राहुल जैन को कोषाध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

आगामी भविष्य को देखते हुए अंकुर गुप्ता को वर्ष 2027-28 के लिए ‘प्रेसिडेंट इलेक्ट’ घोषित किया गया है। संगठन को मजबूती देने के लिए 60 सदस्यीय सशक्त बोर्ड टीम का भी गठन किया गया है। जिसमें 12 उपाध्यक्ष, 4 संयुक्त सचिव, 3 संयुक्त कोषाध्यक्ष और 6 निदेशक शामिल हैं।

नवनिर्वाचित अध्यक्ष दीपक मेहता ने अपना विजन साझा करते हुए कहा कि 750 से अधिक सदस्यों वाला एसएसआई परिवार अब बिजनेस नेटवर्किंग और बिजनेस ग्रोथ पर विशेष ध्यान केंद्रित करेगा।

उन्होंने उद्योगों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के उपयोग और देश-विदेश के प्रमुख ट्रेड फेयर में सहभागिता को अपनी प्राथमिकता बताया। वहीं, सचिव समीर सूद ने कोटा स्टोन उद्योग को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने और कोषाध्यक्ष राहुल जैन ने औद्योगिक सुरक्षा एवं अनुपालन को और अधिक मजबूत करने का संकल्प दोहराया।

प्रवक्ता संजय गोयल ने बताया कि इस दौरान विभिन्न सरकारी विभागों के साथ बेहतर तालमेल बिठाने के लिए एक विस्तृत एलिएस कमेटी का गठन भी किया गया। यह समिति रीको, केईडीएल, जेवीवीएनएल, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, एमएसएमई जीएसटी, आयकर विभाग और कोटा कलेक्टर कार्यालय जैसे प्रमुख विभागों के साथ मिलकर काम करेगी।

Kota Mandi: MSP पर सरकारी खरीद से कोटा मंडी में गेहूं, चना, सरसों तेज बिकी

कोटा। Kota Mandi Price Today: भामाशाह अनाज मंडी में बुधवार को समर्थन मूल्य पर सरकारी खरीद से गेहूं 20 रुपए, चना 25 रुपए, सरसों 100 रुपए तेज बिकी। ऊंचे भाव पर लिवाली कमजोर रहने से सोयाबीन और धनिया 100 रुपये लुढ़क गया। लिवाली निकलने से लहसुन 500 रुपये ऊंचा बिका।

मंडी में सभी कृषि जिंसों की मिलाकर करीब डेढ़ लाख कट्टे और लहसुन की 5000 कट्टे की आवक रही। जिंसों के भाव रुपये प्रति क्विंटल इस प्रकार रहे-

गेहूं पुराने 2130 से 2350, गेहूं नया 2200 से 2525, ज्वार शंकर 1700 से 2300, ज्वार सफेद 2800 से 5000, बाजरा 1800 से 2050, मक्का लाल 1400 से 1800, मक्का सफेद 1600 से 2200, जौ नया 1900 से 2150 रुपये प्रति क्विंटल।

धान सुगन्धा 2800 से 3251, धान (1509) 3400 से 3900, धान (1847) 3200 से 3901, धान (1718-1885) 3900 से 4350, धान (पूसा-1) 3600 से 4050, धान (1401-1846) 3800 से 4150, धान दागी 1500 से 3400 रुपये प्रति क्विंटल।

सोयाबीन 5000 से 5550, सरसों 6000 से 6800, अलसी 6000 से 6900, तिल्ली 7000 से 8500 रुपये प्रति क्विंटल। मूंग 6000 से 6500, उड़द 4500 से 8150, चना देशी पुराना 4700 से 5051, चना मौसमी नया 5000 से 5250, चना पेप्सी 4800 से 5251, चना डंकी 3500 से 4500, चना काबुली 5500 से 7500, नया चना देशी 5000 से 5351 रुपये प्रति क्विंटल।

नया लहसुन 1500 से 11500, मैथी 4000 से 5500, मैथी नयी 5800 से 6100, धनिया बादामी पुराना 7500 से 9800, धनिया ईगल 10200 से 10800, धनिया नया 8500 से 10500, धनिया रंगदार 11000 से 16000 रुपये प्रति क्विंटल।