नई दिल्ली। होर्मुज स्ट्रेट के रास्ते तेल की सप्लाई में अभी भी बाधा है। इसके कारण इराक अब खरीदारों को देश से कच्चा तेल (क्रूड) लेने पर भारी डिस्काउंट दे रहा है।
इराक ने उन खरीदारों के लिए कीमतों में भारी कटौती की है जिनके पास इस महीने लोड होने वाले कच्चे तेल के कार्गो के लिए लंबी अवधि के अनुबंध यानी टर्म कॉन्ट्रैक्ट हैं।
हांलांकि, इसमें एक पेंच है। वह यह है कि तेल टर्मिनलों से तेल लेने के लिए इन शिपमेंट को अभी भी होर्मुज स्ट्रेट से होकर गुजरना होगा। ये टर्मिनल फारस की खाड़ी (पर्शियन गल्फ) के काफी अंदर स्थित हैं। यह ऐसे समय में हो रहा है जब क्षेत्रीय तनाव काफी बढ़ा हुआ है।
ब्लूमबर्ग के अनुसार, सरकारी तेल मार्केटिंग कंपनी SOMO की ओर से 3 मई को जारी एक दस्तावेज के मुताबिक, ओपेक का यह सदस्य देश अपने बेंचमार्क ‘बसरा मीडियम’ ग्रेड पर प्रति बैरल 33.40 डॉलर तक की भारी छूट दे रहा है। इस नोटिस में महीने के दौरान अलग-अलग समय-सीमाओं पर लागू होने वाली छूट के अलग-अलग स्तरों का ब्योरा दिया गया है।
जहाजों की आवाजाही पर नजर रखने वाले डेटा से पता चलता है कि अप्रैल में इराक के दक्षिणी बसरा बंदरगाह से केवल दो टैंकरों ने कच्चा तेल लोड किया। यह मार्च के 12 टैंकरों की तुलना में भारी गिरावट है। खाली जहाजों को होर्मुज के रास्ते खाड़ी में प्रवेश करने में काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा था।
सामान्य परिस्थितियों में यह बंदरगाह महीने में 80 तक लोडिंग का काम संभालता है। हालांकि, इराक तुर्की के रास्ते एक पाइपलाइन के जरिए तेल का निर्यात जारी रखे हुए है। लेकिन, इसकी मात्रा समुद्री मार्ग से होने वाले शिपमेंट की तुलना में काफी कम है
तेल की सप्लाई है बाधित
- फरवरी के अंत में संघर्ष बढ़ने के बाद से होर्मुज स्ट्रेट के रास्ते शिपिंग बुरी तरह प्रभावित हुई है।
- सोमवार को अमेरिका-ईरान के बीच फिर से हुई झड़पों ने चार हफ्ते के संघर्ष-विराम की स्थिरता को लेकर नई चिंताएं पैदा कर दी हैं।
- इराक ने पहले उत्पादन में कटौती करने का कदम उठाया था।
- कारण था कि जब खाड़ी से निर्यात बाधित हुआ तो तेल भंडारण सुविधाएं तेजी से भर गई थीं।

