कोटा। कोटा विश्वविद्यालय के भूगोल विभाग द्वारा राजस्थान भूगोलवेत्ता परिषद् (RGA) के 52वें राष्ट्रीय अधिवेशन के अंतर्गत आयोजित होने वाली राष्ट्रीय संगोष्ठी के ब्रोशर का गुरुवार को विमोचन किया गया। यह संगोष्ठी 17 से 19 सितंबर तक विश्वविद्यालय परिसर में ‘विकसित भारत 2047’ विकसित भारत की रूपरेखा एक भौगोलिक दृष्टिकोण विषय पर आयोजित की जाएगी।
ब्रोशर का विमोचन विश्वविद्यालय के माननीय कुलगुरु प्रो. भगवती प्रसाद सारस्वत के आतिथ्य किया गया। इस अवसर पर कुलगुरु प्रो. सारस्वत ने कहा कि विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को प्राप्त करने में भूगोल विषय की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।
प्राकृतिक संसाधनों के संतुलित उपयोग, क्षेत्रीय विकास, पर्यावरणीय संरक्षण तथा सतत विकास की योजनाओं को प्रभावी बनाने में भौगोलिक अध्ययन निर्णायक योगदान देता है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की राष्ट्रीय संगोष्ठियां शोध एवं नवाचार को बढ़ावा देने के साथ-साथ नीति निर्माण के लिए भी उपयोगी सुझाव प्रदान करती हैं।
इस अवसर पर राष्ट्रीय संगोष्ठी के समन्वयक प्रो. जेपी शर्मा, सह-समन्वयक डॉ. केआर चौधरी, आयोजन सचिव डॉ. जितेश जोशी, प्रो. एमजेए खान, प्रो. प्रज्ञा धीर, डॉ. प्रमोद कुमार एवं नितेश गौतम सहित भूगोल विभाग के संकाय सदस्य उपस्थित रहे।
संगोष्ठी में देश-विदेश के लगभग 500 भूगोलवेत्ता, शोधकर्ता एवं विषय-विशेषज्ञ भाग लेंगे। तीन दिवसीय आयोजन में भारत को वर्ष 2047 तक विकसित राष्ट्र बनाने की दिशा में भौगोलिक कारकों, प्राकृतिक एवं मानव संसाधनों के प्रबंधन, क्षेत्रीय असमानताओं, सतत विकास तथा समावेशी विकास की रणनीतियों पर व्यापक चर्चा और विचार-विमर्श किया जाएगा।
आयोजकों के अनुसार राष्ट्रीय संगोष्ठी में प्रो. अमरेंद्र नाथ भट्टाचार्य एवं प्रो. मोहिउद्दीन शेख की स्मृति में दो विशेष व्याख्यान आयोजित किए जाएंगे। इसके अलावा लगभग 15 तकनीकी सत्रों में विषय एवं उप-विषयों पर शोधपत्र प्रस्तुत किए जाएंगे।
संगोष्ठी में भाग लेने के इच्छुक शोधार्थियों, विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं भूगोलवेत्ताओं के लिए पंजीकरण की अंतिम तिथि 30 अगस्त निर्धारित की गई है। इच्छुक प्रतिभागी गूगल फॉर्म के माध्यम से ऑनलाइन पंजीकरण कर सकते हैं, जिसका लिंक कोटा विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर उपलब्ध है।

