कोटा। श्रमण संस्कृति संस्थान, सांगानेर के तत्वावधान में विज्ञान नगर स्थित दिगंबर जैन मंदिर में आयोजित नौ दिवसीय श्रमण संस्कृति शिविर का सम्मान समारोह धर्मशाला प्रांगण में उत्साहपूर्वक सम्पन्न हुआ। समारोह में शिविर प्रतिभागियों को सम्मानित करते हुए आध्यात्मिक शिक्षा और संस्कारों के महत्व पर विशेष बल दिया गया।
संस्था अध्यक्ष राजमल पाटौदी ने कहा कि इस प्रकार के संस्कार शिविर केवल धार्मिक अध्ययन तक सीमित नहीं होते, बल्कि श्रावकों में शुद्ध उपयोग, आत्मानुशासन और आध्यात्मिक जागरूकता का विकास करते हैं।
उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन समाज में संस्कारों की प्रगाढ़ता और नैतिक मूल्यों की मजबूती का आधार बनते हैं। महामंत्री अनिल जैन ने बताया कि शिविर 9 दिवससीय शिविर में लगभग डेढ़ सौ श्रावकों ने विभिन्न धार्मिक एवं सांस्कृतिक विद्याओं का अध्ययन किया।
समारोह का संचालन पंडित खुशाल जैन शास्त्री, सांगानेर ने किया, जबकि मंगलाचरण पंडित सौरभ शास्त्री द्वारा प्रस्तुत किया गया। कार्यक्रम का विशेष आकर्षण बच्चों और प्रतिभागियों द्वारा प्रस्तुत अनुभव कथन रहे। कियान जैन, रेणुका जैन और परम जैन के अनुभवों को उपस्थित जनों ने सराहना के साथ सुना।
शिविर संयोजक सीताराम जैन ने प्रतियोगी परिणामों की घोषणा करते हुए बताया कि शिविर की टॉपर इंदिरा ठौरा रहीं। पुरुष वर्ग में सीताराम जैन प्रथम, इंद्र कुमार जैन द्वितीय तथा पारसमल जैन तृतीय स्थान पर रहे। ब
च्चों के वर्ग में नित्यम और परम ने प्रथम, ओजस और आदित्य ने द्वितीय तथा वंदीत और राजस ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। महिला वर्ग में श्वेता जैन प्रथम, रेणुका जैन द्वितीय और बीना जैन तृतीय रहीं।
सभी विजेताओं को प्रमाण-पत्र और पुरस्कार प्रदान किए गए, जबकि सभी परीक्षार्थियों को सांत्वना पुरस्कार देकर प्रोत्साहित किया गया। पुरस्कार वितरण में विजय-नेहा पाटनी, राजेंद्र-अनीता पाटनी तथा चंद्रप्रकाश-मंजू बंसल का विशेष सहयोग रहा।
समारोह में रितेश सेठी, अमित जैन, चीकू, देवेंद्र गंगवाल, अनिल बाकलीवाल, प्रेमचंद, बाहुबली, बाबूलाल जैन रेबारपुरा, अनिल ठौरा और मुकेश खटोड़ सहित बड़ी संख्या में समाजजन उपस्थित रहे।

