नीट पेपर लीक में गिरफ्तार शिक्षिका 6 दिन की पुलिस हिरासत में

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नई दिल्ली। देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट यूजी 2026 को लेकर विवाद लगातार बढ़ता जा रहा है। दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने पुणे की शिक्षिका मनीषा संजय हवलदार को 6 दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया है।

केंद्रीय जांच ब्यूरो यानी सीबीआई ने अदालत से कहा कि मामले में सिर्फ एक व्यक्ति नहीं बल्कि पूरे नेटवर्क की जांच की जा रही है। एजेंसी का मानना है कि इस मामले में कई और लोगों की भूमिका सामने आ सकती है।

सीबीआई ने अदालत में कहा कि आरोपी से लगातार पूछताछ जरूरी है ताकि यह पता लगाया जा सके कि प्रश्नपत्र किस स्तर से बाहर आया और किन लोगों तक पहुंचाया गया।

आज अदालत में पेशी के दौरान सीबीआई ने कहा कि मामले की तह तक पहुंचने के लिए आरोपी से लगातार पूछताछ जरूरी है। एजेंसी ने अदालत को बताया कि यह मामला सिर्फ पेपर लीक तक सीमित नहीं हो सकता बल्कि इसके पीछे संगठित नेटवर्क होने की आशंका है।

सीबीआई अब कॉल रिकॉर्ड, डिजिटल चैट, दस्तावेज और आरोपियों के बीच संपर्क की जांच कर रही है। अदालत ने जांच की जरूरत को देखते हुए मनीषा हवलदार को 6 दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया।

कौन हैं मनीषा हवलदार
मनीषा हवलदार महाराष्ट्र के पुणे स्थित सेठ हीरालाल सराफ प्रशाला कॉलेज में प्रवक्ता के तौर पर काम कर रही थीं। जांच एजेंसी के अनुसार वे एनटीए द्वारा बनाए गए उस पैनल का हिस्सा थीं जो नीट यूजी 2026 परीक्षा प्रक्रिया से जुड़ा हुआ था। इसी वजह से उन्हें फिजिक्स के प्रश्नों तक पहुंच मिली हुई थी। सीबीआई का आरोप है कि अप्रैल 2026 के दौरान उन्होंने फिजिक्स के कई सवाल सह-आरोपी मनीषा मांधरे के साथ साझा किए थे। जांच में यह भी दावा किया गया है कि साझा किए गए सवाल बाद में असली नीट यूजी 2026 परीक्षा में पूछे गए प्रश्नों से मेल खाते पाए गए।

1992 से संस्था से जुड़ी थीं
एक रिपोर्ट के मुताबिक कॉलेज के सेक्रेटरी सतीश गवली ने बताया कि मनीषा हवलदार 1992 से संस्था से जुड़ी हुई थीं। शुरुआत में वे जूनियर कॉलेज स्तर पर फिजिक्स पढ़ाती थीं। बाद में उन्होंने स्कूल स्तर की जिम्मेदारियां भी संभालीं और 2024 में हेडमिस्ट्रेस बनीं। गवली के मुताबिक 2024 के बाद वे सिर्फ 9वीं और 10वीं कक्षा को पढ़ा रही थीं। उनके पास एमएससी और बीएड की डिग्री है। संस्था का कहना है कि उन्हें इस बात की कोई जानकारी नहीं थी कि मनीषा हवलदार नीट परीक्षा के प्रश्न तैयार करने की प्रक्रिया से जुड़ी हुई थीं क्योंकि यह पूरी प्रक्रिया बेहद गोपनीय होती है। संस्था ने यह भी कहा कि इस खबर के सामने आने के बाद सभी लोग हैरान हैं।

जून 2026 में होने वाली थी रिटायरमेंट
कॉलेज प्रशासन के अनुसार मनीषा हवलदार जून 2026 में रिटायर होने वाली थीं। हालांकि अब जांच पूरी होने तक उन्हें निलंबित कर दिया गया है। कॉलेज प्रबंधन का कहना है कि वे अनुशासनप्रिय शिक्षिका मानी जाती थीं और छात्र-छात्राओं के साथ अभिभावक भी उनका सम्मान करते थे। संस्था ने यह भी कहा कि उन्हें इस बात की जानकारी नहीं है कि वे किसी निजी कोचिंग से जुड़ी थीं या नहीं।

पहले भी हो चुकी है गिरफ्तारी
इस मामले में सह-आरोपी मनीषा मांधरे को पहले ही 16 मई 2026 को गिरफ्तार किया जा चुका है। जांच एजेंसियां दोनों आरोपियों के बीच बातचीत और परीक्षा से जुड़े दस्तावेजों की पड़ताल कर रही हैं। सीबीआई यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि प्रश्न आखिर किस स्तर से बाहर आए और उन्हें किन-किन छात्रों या लोगों तक पहुंचाया गया।

कैसे खुला नीट पेपर लीक का मामला
नीट यूजी 2026 पेपर लीक का मामला तब सामने आया जब शिक्षा मंत्रालय के उच्च शिक्षा विभाग को परीक्षा में गड़बड़ी की शिकायतें मिलीं। छात्रों ने दावा किया था कि कुछ “गेस पेपर” में दिए गए सवाल असली परीक्षा के सवालों से मिल रहे हैं। इसके बाद 12 मई 2026 को सीबीआई ने आधिकारिक तौर पर मामला दर्ज किया। शिक्षा मंत्री ने 15 मई की प्रेस ब्रीफिंग में बताया था कि 7 मई तक एनटीए के शिकायत पोर्टल पर कई शिकायतें पहुंच चुकी थीं। शुरुआती जांच में गंभीर अनियमितताओं के संकेत मिलने के बाद 3 मई को हुई परीक्षा को 12 मई को रद्द कर दिया गया।