‘पद्मावत’ देखने के बयान से पलटे कालवी, कहा-नहीं देखेंगे फिल्म, विरोध जारी

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नई दिल्ली। राजपूत करणी सेना के अध्यक्ष लोकेंद्र सिंह कालवी ‘पद्मावत’ फिल्म देखने के अपने बयान से अब पलटते नजर आ रहे हैं। सोमवार को यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ से मुलाकात के बाद कालवी ने कहा था कि उन्हें संजय लीला भंसाली की फिल्म देखने के लिए पत्र मिला है।

उन्होंने कहा था कि वह पद्मावत देखने के लिए तैयार हैं, पर भंसाली ने अभी फिल्म देखने की तारीख नहीं बताई है, लेकिन मंगलवार को कालवी अपने बयान से पलट गए और फिल्म देखने से साफ इनकार कर दिया। उधर, विश्व हिंदू परिषद (वीएचपी) के अंतरराष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष प्रवीण तोगड़िया के फिल्म पद्मावत को लेकर विरोध के बाद हार्दिक पटेल भी फिल्म की रिलीज पर रोक के समर्थन में उतर गए हैं।

खबर है कि पाटीदार अनामत आंदोलन समिति के मुखिया हार्दिक पटेल ने गुजरात के सीएम विजय रुपाणी को पत्र लिखकर रिलीज पर रोक लगाने की बात कही है।कालवी ने एक निजी चैनल से बातचीत में कहा, ‘भंसाली ग्रुप का पत्र आया था, लेकिन वह धोखा था, साजिश थी। वह चाहता था कि हम फिल्म देखने से इनकार कर दें।

भंसाली फिल्म दिखाना नहीं चाह रहे हैं। मैं आज पोरबंदर जा रहा हूं। सेंसर बोर्ड ने भी 3 लोगों को फिल्म दिखाई थी, 6 लोगों को नहीं।’ कालवी ने भंसाली को धमकी भी दी और कहा कि अगर वह फिल्म रिलीज करेंगे तो उन्हें गंभीर परिणाम भुगतना होगा।पद्मावत दिखाने के लिए भंसाली के पत्र पर प्रतिक्रिया देते हुए कालवी ने कल कहा था, ‘हां, उनकी तरफ से पत्र आया है। पर, वह एक धोखा है। तमाशा बनाने के लिए है।

फिल्म देखने के लिए बुलाया है लेकिन तारीख नहीं बताई है। मैं तो फिल्म देखने के लिए भी तैयार हूं। मैं चाहता हूं कि मीडिया भी साथ चले। लेकिन भंसाली से अपील है कि वह मजाक न बनाएं। इससे पहले वह मीडिया को बुलाकर फिल्म नहीं दिखाए। इस बार ऐसा नहीं होना चाहिए। वह तारीख बताएं, मैं फिल्म देखूंगा।’

लखनऊ में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान चेतावनी भरे अंदाज में कालवी ने कहा था, ‘हम कहते कम हैं करते ज्यादा हैं, हमारा यह संकल्प है कि देशभर में फिल्म लगने नहीं देंगे।’ साथ ही करणी सेना के अध्यक्ष ने कहा कि उन्होंने फिल्म देखने वाली कमिटी से पद्मावत पर बैन लगाने को कहा था। लिहाजा सेंसर बोर्ड को जनभावनाओं का सम्मान करना चाहिए।

कालवी ने आज कहा कि राज्य सरकारें इस फिल्म की रिलीज को लेकर ज्यादा चिंतित है। उनका कहना है कि फिल्म की रिलीज से राज्यों में कानून-व्यवस्था की समस्या पैदा हो सकती है। गुजरात में मल्टिप्लैक्स वालों ने फिल्म दिखाने से इनकार कर दिया है। उन्होंने कहा, ‘मैं चाहता हूं की जनता इसपर फैसला करे।

सिनेमाघर वाले इस फिल्म को दिखाने से इनकार कर दे।’ बता दें कि करणी सेना के समर्थक कई राज्यों में पद्मावत के विरोध में प्रदर्शन, तोड़फोड़ और सड़क जाम कर रहे हैं। बता दें कि संजय लीला भंसाली की फिल्म पद्मावत पूरे देश में शुक्रवार को रिलीज हो रही है।

 फिल्म को लेकर चार प्रदेशों के बैन के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का आदेश भी आ चुका है। बावजूद इसके इस फिल्म के खिलाफ विरोध के स्वर नहीं थम रहे हैं। कई जगहों पर करणी सेना का हिंसक प्रदर्शन जारी है। गौरतलब है कि पद्मावत की रिलीज रोकने के लिए राजस्थान और मध्य प्रदेश की ओर से दी गई पुनर्विचार याचिका पर आज सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई भी होनी है।