नई दिल्ली। Wheat Price: प्रमुख उत्पादक राज्यों की महत्वपूर्ण थोक मंडियों में गेहूं का भाव घटकर न्यूनतम समर्थन मूल्य से नीचे आने के कारण किसान काफी चिंतित, परेशान और नाराज हैं। इसे देखते हुए केन्द्र सरकार ने एहतियाती कदम उठाते हुए जून के निर्यात कोटे में 25 लाख टन की अतिरिक्त बढ़ोत्तरी करने का निर्णय लिया है।
इसके साथ गेहूं का कुल निर्यात कोटा बढ़कर 50 लाख टन पर पहुंच जाएगा। मालूम हो कि सरकार 10 लाख टन गेहूं उत्पादों का निर्यात कोटा पहले ही घोषित कर चुकी है। इससे गेहूं का बाजार भाव कुछ सुधरने के आसार हैं।
हालांकि उच्च स्तरीय अंतर मंत्रालयी समिति द्वारा गेहूं के निर्यात कोटे में दोगुनी बढ़ोत्तरी करने के प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान की जा चुकी है लेकिन विदेश व्यापार महानिदेशालय (डीजीएफटी) की औपचारिक अधिसूचना अभी लंबित है।
समझा जाता है कि यह अधिसूचना शीघ्र ही जारी की जा सकती है। उच्च पदस्थ सूत्रों के अनुसार उत्पादन की मौजूद स्थिति, स्टॉक की उपलब्धता और कीमतों की प्रवृति का व्यापक आंकलन करने के बाद यह निर्णय लिया गया है।
उल्लेखनीय है कि वर्ष 2022 में घरेलू बाजार भाव उछलने के बाद सरकार ने गेहूं एवं इसके मूल्य संवर्धित उत्पादों के व्यापारिक निर्यात पर प्रतिबंध लगा दिया था जबकि सरकारी स्तर पर कुछ देशों को इसका शिपमेंट होता रहा।
केन्द्रीय खाद्य मंत्रालय द्वारा 20 अप्रैल को जारी एक बयान में कहा गया है कि सरकार ने 25 लाख टन गेहूं का अतिरिक्त निर्यात कोटा मंजूर किया है ताकि किसानों को उसके उत्पाद का लाभप्रद मूल्य हासिल हो सके। देश में गेहूं का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है।
रिकॉर्ड उत्पादन का अनुमान
कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के अनुसार, वर्ष 2025-26 में गेहूं उत्पादन का अनुमान 1202 लाख मीट्रिक टन लगाया गया है। अगर यह अनुमान सही साबित होता है, तो देश में गेहूं का पर्याप्त भंडार रहेगा। इसी मजबूत उत्पादन स्थिति को देखते हुए सरकार ने अतिरिक्त निर्यात को मंजूरी दी है।

