Import: महंगाई कंट्रोल करने के लिए खाद्य तेलों के आयात पर इंपोर्ट ड्यूटी घटाई

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नई दिल्ली। Import duty reduced: त्यौहारी सीजन के दौरान कीमतों में आने वाली तेजी पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से केन्द्र सरकार ने क्रूड पाम तेल एवं क्रूड सोयाबीन तेल पर आयात शुल्क को 10 प्रतिशत से घटाकर 5 प्रतिशत तथा रिफाइंड खाद्य तेलों पर सीमा शुल्क को 32.5 प्रतिशत से घटाकर 27.5 प्रतिशत निर्धारित कर दिया है।

खाद्य तेलों पर आयात शुल्क में कटौती की उम्मीद पहले से ही की जा रही थी। जहां तक क्रूड सूरजमुखी तेल की बात है तो इस पर आयात शुल्क को 10 प्रतिशत से घटाकर शून्य कर दिया गया है। इसी तरह रिफाइंड सूरजमुखी तेल पर लागू 32.5 प्रतिशत के आयात शुल्क को 10 प्रतिशत बिंदु घटाकर 22.5 प्रतिशत नियत किया गया है। एक आधिकारिक अधिसूचना में कहा गया है कि खाद्य तेलों पर आयात शुल्क के स्तर में हुआ यह बदलाव आज यानी 24 सितम्बर से प्रभावी माना जाएगा।

उल्लेखनीय है कि कुछ दिन पूर्व उद्योग संगठनों ने केन्द्रीय खाद्य सचिव से मुलाकात करके खाद्य तेलों के स्टॉक का विवरण दिया था और घरेलू तथा वैश्विक बाजार मूल्य में आने वाले परिवर्तन से उन्हें अवगत करवाया था। उसी समय से लग रहा था कि सरकार कभी भी खाद्य तेलों पर आयात शुल्क में कटौती की घोषणा कर सकती है। अंततः यह घोषणा 23 सितम्बर की देर रात को कर दी गई।

थोक मूल्य सूचकांक पर आधारित खाद्य महंगाई अगस्त 2026 में उछलकर 7.1 प्रतिशत पर पहुंच गई जो 20 माह का सबसे ऊंचा स्तर था। जुलाई में महंगाई दर 6.6 प्रतिशत रही थी। खाद्य महंगाई में वृद्धि का कारण चीन, मसाला, दूध, फल एवं सब्जियों के साथ-साथ खाद्य तेल की कीमतों में हुआ इजाफा भी माना गया।