नई दिल्ली। Fennel prices: चालू सीजन के दौरान देश में सौंफ की पैदावार में कमी आने के कारण इस वर्ष मंडियों में सौंफ की आवक आशानुरूप नहीं बढ़ी। कुल उत्पादन का अधिकांश माल मंडियों में आ जाने के कारण वर्तमान में आवक घटनी शुरू हो गई है।
उल्लेखनीय है कि सौंफ के प्रमुख उत्पादक राज्य गुजरात, राजस्थान के अलावा अन्य क्षेत्रों में सौंफ की बिजाई 85/86 हजार हेक्टेयर पर की गई थी। जबकि गत वर्ष बिजाई का क्षेत्रफल 92/93 हजार हेक्टेयर का रहा था।
प्राप्त जानकारी के अनुसार प्रमुख उत्पादक राज्य गुजरात में इस वर्ष सौंफ की बिजाई 38 हजार हेक्टेयर पर की गई जबकि गत वर्ष बिजाई का क्षेत्रफल 45 हजार हेक्टेयर का रहा था। राजस्थान में बिजाई गत वर्ष के 38 हजार हेक्टेयर के समान रही।
जबकि मध्य प्रदेश एवं उत्तर प्रदेश में बिजाई गत वर्ष के 8.50 हजार हेक्टेयर के मुकाबले 9 हजार हेक्टेयर पर की गई। राजस्थान को छोड़कर अन्य क्षेत्रों में फसल की स्थिति अच्छी रही। लेकिन मार्च माह में हुई बेमौसमी बारिश से राजस्थान में फसल को 10/15 प्रतिशत तक नुकसान हुआ था।
व्यापारियों का कहना है कि बिजाई क्षेत्रफल में कमी आने एवं बिजाई के पश्चात मौसम प्रतिकूल होने के कारण इस वर्ष सौंफ उत्पादन में गिरावट आने के समाचार है। उल्लेखनीय है कि गत वर्ष देश में सौंफ का उत्पादन लगभग 19 लाख बोरी (प्रत्येक बोरी 55 किलो) का माना गया था जोकि चालू सीजन में घटकर 18 लाख बोरी तक सिमट जाने के अनुमान लगाए जा रहे है।
उत्पादक केन्द्रों की मंडियों में सौंफ की दैनिक आवक घटनी शुरू हो गई है। प्रमुख उत्पादक राज्य गुजरात की ऊंझा मंडी में आवक घटकर 5/6 हजार बोरी की रह गई है जबकि राजस्थान की मेडता, नागौर मंडी में आवक 2/3 हजार बोरी की रह गई है। सूत्रों का कहना है कि गुजरात में कुल उत्पादन का 65/70 प्रतिशत माल मंडियों में आ चुका है। जबकि राजस्थान का 50/60 प्रतिशत माल आ चुका है।

