सांस्कृतिक कार्यक्रम का ताली बजा पीएम मोदी और चीनी राष्ट्रपति शी ने की सराहना

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चेन्नई। शोर मंदिर के प्रागंण में पीएम नरेंद्र मोदी और तीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने सांस्कृतिक कार्यक्रमों का लुत्फ उठाया। कार्यक्रम की शुरुआत नृत्य के परिचय से अंग्रेजी और चीनी भाषा में हुई। इसके बाद भरतनाट्यम के आरंभ में किया जानेवाला अलारिप्पू पेश किया गया। कार्यक्रम के दौरान पीएम मोदी और चीनी राष्ट्रपति दोनों को ही देखकर लग रहा था कि दोनों शीर्ष नेता नृत्य-संगीत का खूब आनंद ले रहे हैं।

अलारिप्पू और पुरापड्डू की प्रस्तुति ने बांधा समा
अलारिप्पू यह एक प्रकार से भगवान, शिक्षक और दर्शकों के सम्मान में किया जानेवाला नमस्कार होता है। इस दौरान पीएम मोदी की अंगुलियां भी थिरकती हुई नजर आईं। इलके बाद कथकली के आरंभ में किया जानेवाला पुरापड्डू पेश किया गया। इसी नृत्य में खास शैली मोहिनीअट्टम को भी शामिल किा गया। पुरापड्डू में मुख्य तौर पर संगीत के साथ भावों का अभिनय होता है।

नृत्य के जरिए सबके लिए समृद्धि और सुख की कामना
स्वागतम… सुस्वागतम गीत बोल पर कलाकारों ने पुरापड्डू नृत्य पेश किया। 4 मिनट तक चले नृत्य कार्यक्रम में सभी को प्रणाम करने के साथ सबके सौभाग्य और मंगल की कामना की गई। इसके बाद रामायण पर आधारित सेतुबंधन पर नृत्य पेश किया गया। रुक्मणि देवी ने 1970 के दौर में 6 खंडों की श्रृंखला में इस नृत्य का निर्देशन किया गया है। महापट्टाभिषेकम दृश्य से पेश किया गया नृत्य। सुग्रीव और हनुमान के द्वारा सेतु निर्माण का दृश्य पेश किया गया। नृत्य प्रदर्शन के दौरान अनुवादक ने कुछ पीएम मोदी और चीन के राष्ट्रपति से कुछ चर्चा की और दोनों ने काफी ध्यान से इस बात को सुना।

कबीर के भजन पर भी पेश किया गया नृत्य
इसके बाद भजो रे भैया राम गोविंद हरे पर कलाकारों ने नृत्य पेश किया। 16वीं शताब्दी में कबीर ने इस भजन की रचना की थी। 6 मिनट के इस भजन अवधि के दौरान कलाकारों के नृत्य ने समा बांध दिया। इस दौरान कलाकारों की मुद्रा, भाव-भंगिमा सब ताल और लय के अनुरूप नजर आ रहे थे। भजो रे भैया को पीएम मोदी भी गुनगुनाते हुए नजर आए।

6 मिनट का तिल्लाना नृत्य, शांति-सदभाव का संदेश
तिल्लाना नृत्य 6 मिनट के लिए पेश किया गया। नृत्य शांति निलव वेंडवू से लिया गया। यह नृत्य शांति और सद्भाव के संदेश को बढ़ाने के लिए पेश किया जाता है। इसके बाद 2 मिनट के लिए निलव प्रार्थना पर प्रस्तुति दी गई। यह नृत्य पूरे विश्व समाज के कल्याण और शांति की भावना के लिए था। कार्यक्रम समाप्त होने पर पीएम मोदी और चीनी राष्ट्रपति ने खड़े होकर ताली बजाई और सभी कलाकारों का अभिवादन किया।